इंटरनेट सेवाएं संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निवासियों के स्वतंत्र भाषण के अधिकार का एक हिस्सा हैं :— मणिपुर हाईकोर्ट

मणिपुर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दोहराया कि सरकार पूरे राज्य में चल रहे मोबाइल इंटरनेट प्रतिबंध को जारी नहीं रख सकती, क्योंकि इंटरनेट सेवाएं संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निवासियों के स्वतंत्र भाषण के अधिकार का एक हिस्सा हैं। अदालत राज्यव्यापी इंटरनेट प्रतिबंध को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

कोर्ट ने कहा, “यदि हिंसा प्रभावित क्षेत्र में किसी व्यक्ति को शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता हो तो वह कहां जाएगा और किसके पास जाएगा? जिन क्षेत्रों में आप कहते हैं कि वे हिंसा से प्रभावित हैं, वहां के लोगों को न्याय कैसे मिलेगा? उन्हें न्याय कैसे मिलेगा? न्याय तक पहुंच सिर्फ एक नारा नहीं है. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक नागरिक को न्याय तक पहुंच मिले। अन्यथा वे इस तक कैसे पहुंच पाएंगे?” न्यायालय ने निष्कर्ष में कहा कि वर्तमान मुकदमा प्रतिकूल नहीं था और याचिकाकर्ता राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर नहीं करना चाहते थे, लेकिन मणिपुरी लोगों के अधिकारों की चिंताओं को ध्यान में रखना होगा। कोर्ट ने मणिपुर के हिंसा से अप्रभावित क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं की बहाली से संबंधित अपने आदेशों पर राज्य से विस्तृत स्थिति रिपोर्ट मांगी।

News  by LiveLaw News Network & Edited by G O News

दूध के साथ बासी रोटी खाने से शुगर जड़ के खत्म हो जाता है

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शुगर को ठीक करने में बासी रोटी आप के लिये वरदान साबित हो सकती है। आयुर्वेद के अनुसार यदि आप शुगर के मरीज हो तो आपको अपनी दिनचर्या में बासी रोटियों का उपयोग करना चाहिये।

वैध टीसी त्रिवेदी के अनुसार गेहू की बासी रोटियों में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। साथ ही इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स मात्रा भी काफी कम होती है जो इसे शुगर के मरीजों के लिए एक सुपाच्य भोजन बनता है। दुसरी ओर इसके उपयोग से पाचन क्रिया सहित, ब्लड प्रेशर और वजन को भी नियंत्रण किया जा सकता है।
श्री त्रिवेदी का कहना है कि बासी रोटियां आपको कई रोगों से बचा सकती है। गेहू की बासी रोटियां नाश्ते के लिए पूरी तरह से एक सुरक्षित और स्वस्थ विकल्प है। ये बाजार में मिलने वाले रेडी-टू-मेक ओट्स और पोहा जैसे खाद्य पदार्थों से कहीं बेहतर है।

त्रिवेदी ने कहा कि बासी रोटी को खाने के लिए रोटी को गर्म नहीं करना चाहिए बल्कि ठन्डे दूध में रोटी को टुकड़े—टुकड़े करके डाल दे और दस से पन्द्रह मिनट बाद इसे खाना चाहिए। वहीं आप शुगर के मरीज नहीं है तो इसमें मीठा भी मिला सकते है। उन्होने कहा कि ये भोजन स्वादिष्ट, पौष्टिक और अनेक रोगो को दूर रखने की दवा भी है। क्योकि इस में गेहू के सभी गुण मौजूद होते है। बासी रोटी 12 से 15 घंटे पुरानी होनी चाहिए, ज्यादा पुरानी रोटी सेहत के लिए नुकसानकारक भी हो सकती है।

श्री त्रिवेदी ने यह भी बताया कि बासी रोटी पाचन सम्बन्धी समस्याएं दूर करने में फायदा करती है। यदि आपका पेट अधिकतर खराब रहता है और पाचन से जुडी कोई न कोई समस्या है तो आपके लिए बासी रोटी का सेवन करना वरदान साबित हो सकता है। उन्होने कहा कि आयुर्वेद में कहा है कि रात का भोजन बिलकुल हल्का करना चहिये। पेट की समस्याओ से पीड़ित व्यक्ति के लिए सबसे हल्का रात का भोजन ठंडे दूध में बासी रोटी मिलाकर खाना चाहिय।
श्री त्रिवेदी आगे बताया कि सुबह कलेवा में ठंडे दूध के साथ बासी रोटी खाना हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे रक्तचाप को नियंत्रण किया जा सकता है।
उन्होने यह भी बताया कि शरीर का सामान्य तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है। ठंडा दूध और बासी रोटी शरीर के तापमान को समान्य बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाये तो शरीर के कई अंगो को नुकसान पहुंचा सकता है। बुखार में रोगी को ठंडे दूध के साथ बासी रोटी मिला कर खिलाना से फायदा होता है और शरीर का तापमान सामान्य करने में सहायता करता है।

श्री त्रिवेदी ने कहा कि मोटे तौर पर आपको बतादें कि शुगर में रोगी को कई बीमरिओं से लड़ना होता है जैसे कब्ज, एसिडिटी, भूख न लगना जैसे पाचन सम्बन्धी समस्याओ, हाई ब्लड प्रेशर, वजन का बढ़ना आदि। लेकिन बासी रोटी का सेवन करने से इन समस्याओ को जड़ से दूर किया जा सकता है।

विद्याधर नगर के लोग जानना चाहते है, दीया की अग्नि परीक्षा को

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प्रदेश में आज विधानसभा चुनाव के लिये नामांकन का तीसरा दिन है। प्रदेश में शुभ मुर्हूत और शुभ चौघड़िये में प्रत्याशियों का नामांकन दाखिल करने का दौर जारी है। राजधानी जयपुर में भी विद्याधर नगर क्षेत्र से प्रत्याशी दीया कुमारी ने भी अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।
नामांकन से पहले दीया कुमारी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रदेश में राम राज्य की स्थापना करने की जरूरत है और होनी भी चाहिए। भगवान करें कि आपकी मुराद पूरी हो। आगे उन्होने कहा कि मैं पहले सवाई माधोपुर से विधायक रही, फिर राजसमंद से सांसद हूं। 10 साल से राजनीति में हूं और मुझे लगता है मैंने अग्नि परीक्षा भी दी है।
लेकिन विद्याधर नगर विधानसभा की जनता दीया से, ये जानना चाहती है कि सवाई माधोपुर और राजसमंद में उन्होने राम राज्य की स्थापना की है क्या? अगर की है तो जनता को बताएं और नहीं की है तो यहां इस तरह की बातों का क्या मतलब है। जनता यह भी जानना चाहती है कि उन्हे कैसे लगा कि उन्होने अग्नि परीक्षा कहां और कैसे दी। क्योंकि जनता कहती है कि पूरे संसार में अग्नि परीक्षा केवल एक ने हीं दी है और वो है जगत जननी सीता मैया।
उन्होने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि भरतपुर, उदयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग की जनता की सेवा करने के बाद अब जयपुर की जनता की सेवा करने का मौका दिया है और मैं जयपुर की ही बेटी हूं। जनता दीया से ये भी जानना चाहती है कि जब वो जयपुर की ही बेटी है, तो 30 जनवरी 1971 से अब तक जयपुर की जनता की सेवा क्यों नहीं की? क्योंकि 52 सालों में आपको कई अवसर मिले होंगे। जो अब अपको अपने कार्यकर्ताओं से कहनी पड़ रही है।
विद्याधर नगर विधानसभा की जनता को राम राज्य की स्थापना, आप द्वारा दी गई अग्नि परीक्षा और भरतपुर, उदयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग की जनता की सेवा करने के किस्से सुनने और जानने का प्रचंड इंतजार है।

मैं खुद मुख्यमंत्री हूं, तब भी सभी फैसले मेरी मर्जी से नहीं हो सकते?

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 4 दिन बाद आज दिल्ली से जयपुर लौटे हैं विशेष विमान से। दिल्ली में टिकट वितरण की खीचड़ी पकाके, अपने लवाजमें के साथ। और वे एयरपोर्ट पर ही संचार माध्यमों के जरीये जनता को संदेश देते है कि मैं खुद मुख्यमंत्री हूं, तब भी सभी फैसले मेरी मर्जी से नहीं हो सकते? तो सवाल ये है कि आखिर जनता और प्रदेश के सभी फैसले किस की मर्जी से होगें। यदि फैसलों में आपकी मर्जी नहीं चलती है, तो आप लवाजमें के साथ दिल्ली क्यों जाते हो। ये सवाल मेरा नहीं प्रदेश की 12 करोड़ जनता का है। ये सवाल हर वो मतदाता का है जो आपकी पार्टी के उम्मीदवार को विधानसभा 2023 में मतदान करेगा।
आपने तो तपाक से कह दिया कि सभी फैसले मेरी मर्जी से नहीं हो सकते? जब फैसले लेने की घड़ी आयेगी तो, आप तो जनता को कह देंगे कि मैंने तो चुनाव से पहले ही कह दिया था कि सभी फैसले मेरी मर्जी से नहीं हो सकते? तो फिर बात वहीं आयेगी की इसकी गारंटी कौन लेगा। क्योंकि आप हि कहते हो कि गारंटियों की चर्चा देशभर में है।
आपने ने तो संचार माध्यमों के जरीये कह दिया कि पहली बार राजस्थान की इन योजनाओं की बात उड़ीसा, तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी है। हमने इस बार पशुओं के उपचार और दवाईयां फ्री की। लेकिन आपने ये गारंटी नहीं दी कि जब बिजली कंपनियों का घाटा बढेगा तो कौन भुगतान करेगा।
आपने तो यह भी कह दिया कि आबूधाबी से आए एक परिवार के सदस्यों ने मुझे कहा कि हम केवल आपको वोट देने के लिए यहां आए हैं। लेकिन जो जनता प्रदेश में स्थाई निवास करती है उनके सर्वांगीण विकास की गारंटी कौन लेगा?
एसे में आपका ये कहना, जनता चाहती है सरकार दुबारा रिपीट हो, क्या ये बेमानी नहीं है।
आप अपनी पार्टी की सच्चाई जानते हो, जो कि जगजाहिर है और फिर भी आप कहते हो हमारी पार्टी में ऐसा कोई विरोध नहीं हुआ, जैसा धमाल बीजेपी में हुआ। ये बातें अपने आप को धोका देना है।

पश्चिम लौटा पूरब में, पूरब खो गया पश्चिम में

अशोक शर्मा
भारत के 75 प्रतिशत लोग पश्चिम का अंधानुकरण करके अपने रिश्तों को खो चुके हैं जबकि पश्चिम के लोग इन्हीं रिश्तों के अभाव में खोखली हो गई अपनी जिंदगी को पुनः प्राणवान करने की कोशिश में रिश्तों को सहलाना शुरु कर चुके हैं। वे अब इन्हीं रिश्तों में ज़िन्दगी का रस खोजते हुए उनसे तेजी से जुड रहे हैं। विश्व का सर्वाधिक भौतिकवादी देश अमेरिका के युवा अब अपने माता-पिता से जुडने लगे हैं, उन्हें उनका साथ अच्छा लगने लगा है। जिस संरक्षण का उनके जीवन में अभाव था वह अब माता-पिता के सानिध्य से खत्म होने लगा है। उन्हें अब लगने लगा है कि एक वही हैं जो उन्हें हर किस्म की परेशानी में संभाल सकते हैं। यह बेहद आश्चर्य की बात है कि वहां के 94 प्रतिशत युवा अब रोज अपने माता-पिता को अपनी लोकेशन्स शेयर करते हैं। इस बहाने वे नियमित उनसे बात भी कर लेते हैं और एक सुकून भी महसूस करने लगे हैं। ज़िन्दगी में और क्या चाहिए, बस यही, जिसके लिए वे बरसों तरसते रहे, इसीलिए अब पश्चिम पूरब की तरफ लौट रहा है। पूरब अर्थात भारत। भारत अर्थात रिश्तों के रसमय संसार का अमृत-कुंड। आज अमेरिका रिश्तों के जिस अतुलनीय एहसास को जीने के लिए लालायित है, वह भारत की ही देन है।
आज से 45-50 साल पहले फिल्म कलाकार मनोज कुमार ने अपनी फिल्म ” पूरब और पश्चिम ” में रिश्तों के इसी स्पन्दन को छूआ था। कितनी अजीब बात है कि वे भारत की खुशबू को समेट कर ले गए और हम उनकी जूठन को अपनी जिंदगी में उतार लाए। गांवों की बात छोड़ दें तो भारत के शहरों में ज़िन्दगी टू-रूम सेट में सिमट कर रह गई है। जहां मियां बीवी और उनके एक या दो बच्चे बस यही है उनकी जिंदगी। बच्चों के बाप के जीवन में उसके अपने माता-पिता के लिए अब कोई जगह नहीं। न घर में, और न ही दिल में। अभी दो दिन पहले ही यूपी के जागरण अखबार में लुधियाना की ऐसी ही घटना प्रकाशित हुई जिसमें एक वकील अंकुर वर्मा को अपनी असहाय वृद्ध मां से बुरी तरह मारपीट करने पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अंकुर वर्मा के साथ उसकी पत्नी सुधा वर्मा एवं नाबालिग पोते करिश्मा के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया क्योंकि वे भी उस वृद्धा से मारपीट करते थे। अंकुर वर्मा के इस जघन्य अपराध पर बार एसोसिएशन ऑफ लुधियाना ने उसे बार की सदस्यता से निलंबित कर दिया। 85 वर्षीय मां के शरीर पर मारपीट करने के स्पष्ट निशान पाए गए। ये तो हाल ही का मामला है, देश में ऐसे अनेकों मामले हैं जो आए दिन अखबारों की सुर्खियां बनते हैं।
दस-पंद्रह दिन पहले मैंने अपने ऐसे ही एक ब्लॉग में लिखा था कि कनाडा में रह रहे एक बेटे ने लखनऊ में मर गए अपने पिता की मुखाग्नि क्रिया में आनलाइन कंडोलेंस दी। मृत बाप बरसों से अकेला रह रहा था। उसका शरीर कई बीमारियों से ग्रस्त था। उसे नियमित रूप से एक सहारे की जरूरत थी, लेकिन कोई नहीं था। अपने बेटे को देखने और उसकी आवाज सुनने को वह तरसता रहता था। और इसी उम्मीद में नाउम्मीदी ने उसकी जान ले ली। उसका अंतिम संस्कार भी उसकी बेटी और दामाद ने किया।
ये है आधुनिकता की दौड़ में जी रहे हमारे कुछ भारतीयों की हकीकत। कई करोड़पति घरानों के वृद्ध, वृध्दाश्रम में बेटे के इंतजार में तड़प-तड़प कर मर गए। कुछ बुजुर्गो की हकीकत तो इतनी दर्दनाक रही कि उनका अंतिम क्रियाकर्म भी वृद्धाश्रम के लोगों ने किया, और तो और यहां तक कि उनके अस्थि कलश तक लेने कोई नहीं आया।
भारत में इस समय 60 साल पार वृद्धों की संख्या 10 करोड से अधिक है। संयुक्त राष्ट्र के नेशनल पोपुलेशन फंड के अनुसार 2061 तक भारत में वृद्धों की संख्या 42.5 करोड हो जाएगी। विश्व में एक मात्र यही ऐसा देश है जहां वृद्धों की स्थिति सबसे दयनीय है और वह भी उनकी अपनी औलादों के कारण। खास कर शहरों में। यहां शहरों की खुदगर्ज आधुनिक जीवन शैली ने वृद्धों को जिंदा लाश बना कर रख दिया है। जहां उनके दिल के दर्द और मौत से उनके खून के रिश्तों को भी कोई सरोकार नहीं रहा। एक साल पहले मैंने अपने ब्लॉग में ऐसी ही अनेक सच्चाइयों का जिक्र करते हुए लिखा था कि अपने जमाने के मशहूर फिल्म अभिनेता प्रदीप कुमार कोलकाता के खैराती अस्पताल में भर्ती थे, जिनका इलाज उनके एक प्रशंसक ने कराया था। यही नहीं उनकी मृत्यु पर उनके क्रियाकर्म की व्यवस्था भी उसी ने की थी। यह समाचार तब की कुछ फिल्म पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ था।

सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े बोल

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े बोल, सोशल मीडिया में उन्होने कहा है कि सिर्फ 24 घन्टे में 1 लाख+ रजिस्ट्रेशन हेतु बहुत-बहुत धन्यवाद राजस्थान। आपका यह विश्वास ही हमारी प्रेरणा है।

गहलोत के पास उपलब्ध आंकडो के अनुसार ये बात सही भी हो सकती है। लेकिन उन्हे ये भी पता है कि आंकडे कैसे और कौन बनाता है। उन्हे शायद ये भी पता होगा कि भाजपा ने भी कुछ इसी तरह के आंकड़ो से अपने आपको सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने की घोषणा की थी। लेकिन परिणाम 2018 में हुए आम चुनावों में क्या आया, शायद ये बताने की जरूरत नहीं है।
वैसे भी गारंटी कहां जाती है, वो सब आप सभी सयानों को पता है। जनता इतनी भी नहीं है जितना आप लोग समझते हो। ये सब जानती है।
गहलोत साहब ये बात सही है कि जानवर को कांकड़े और सरकार को आंकड़े पसंद है। लेकिन यहां आंकड़ो से नहीं वोट से काम चलता है। इस बात का पता 3 दिसंबर 2023 को चलेगा कि कितने लोगों ने 7 गारंटी को रजिस्ट्रेशन किया है।

सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के दफ्तर पर आयकर विभाग की छानबीन

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सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के ठिकाने पर आयकर विभाग की टीम पहुंची। संचार माध्यमों के अनुसार उदयपुर में आंजना के दफ्तर पर चार गाड़ियों में करीब 8 से 10 लोग पहुंचे। ये लोग आयकर विभाग की टीम के बताये गये है। आईटी विभाग टीम मंत्री के दफ्तर में छानबीन कर रही हैं। लेकिन यह कार्रवाई किस मामले में की जा रही है, इसकी ठोस जानकारी अभी नहीं मिली है। मामला आज दोपहर 2 बजे के बाद का है। जानकारी के अनुसार दफ्तर का ताला बंद कर छानबीन की कार्यवाही की जा रही है। संचार माध्यमों का कहना है कि उदयपुर में आंजना के दफ्तर पर पहुंचने से पहले आयकर विभाग की टीम ने पुणे में छानबीन की थी। वहीं मंत्री आंजना अभी उदयपुर में नहीं हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो सका है कि पुणे में छानबीन कहां और किसके यहां की गई।

चूरू जिले में सड़क हादसा एक की मौत

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चूरू जिले के गांव कालूसर के पास आज शाम सवारियों से भरी हुई एक बस असंतुलित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे में एक सवारी की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए। पुलिस ने स्थानिय लोगों की सहायता से हादसे में गंभीर घायलों को राजकीय अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस की जानकारी के अनुसार लाखाऊ निवासी राकेश पुत्र गिरधारी लाल जांगिड़ उम्र 36 साल, सरदारशहर के वार्ड 6 निवासी गोविंद पुत्र सोहनलाल प्रजापत, फोगा निवासी भीखाराम पुत्र हीरालाल शर्मा, वार्ड 22 निवासी अनवर बाना पत्नी यासीन खान, वार्ड 16 निवासी रितु पत्नी ललित जांगिड और मीरा देवी पत्नी जगदीश जांगिड़ हादसे में घायल हुए है। वहीं मृतक जयप्रकाश मेघवाल के शव को पुलिस ने राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।

सत्ता में वापसी के लिये कांग्रेस ने लगाया गोबर पर दाव

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राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2023 मतदान में अब कुछ ही दिन शेष रहे है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी ने जनता को लुभाने के लिये गोबर पर दाव लगाया है। अपको बता दें कि सत्ता हांसिल करने के लिये मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के लोगों को सात गारंटियां दी हैं।
गहलोत ने कहा है कि राजस्‍थान में कांग्रेस की सरकार बनती है तो इन गारंटियों को पूरा किया जाएगा। इन सात गारंटियों में 15 लाख तक की मुफ्त बीमा सहायता, सरकारी कॉलेज के पहले साल फ्री लैपटॉप या टैबलेट, सरकारी कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम, हर विद्यार्थी के लिए अंग्रेज़ी माध्यमिक शिक्षा की गारंटी, 2 रुपये प्रति किलो गोबर की खरीदी, परिवार की महिला मुखिया को 10,000 रुपये प्रति वर्ष और 1.04 करोड़ परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलिंडर देने की प्रमुख गारंटी दी है।
उपरोक्त गारंटियों में गोबर की ख​रीदी नई गारंटी है जबकी अन्य गारंटी प्रदेश में पहले से ही लागू है। कांग्रेस पार्टी ने इन गारंटियों के जरिये महिला और युवाओं को लुभाने का प्रयास किया है। अब देखना ये है कि ​कितने लोग गहलोत और कांग्रेस के झांसे में आते है और 3 दिसंबर को ऊंट किस करवट बैठता है।

प्रदेश में राजफैड ने 49 पदों पर निकाली भर्ती, ऑनलाइन आवेदन 17 नवंबर 2023 तक

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Rajasthan State Co-Operative Marketing Federation Ltd. Jaipur(RAJFED)
के लिये राजस्थान कॉ-ऑपरेटिव रिक्रूटमेंट बोर्ड ने 49 विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन फॉर्म 17 नवंबर 2023 तक भर सकते हैं। राजफैड भर्ती 2023 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर Post wise pay-scales and details of other emoluments are available in the detailed advertisement on the board’s website https://rajcrb.rajasthan.gov.in, Cooperative Department Website https://rajsahakar.rajasthan.gov.in and RAJFED Website https://rajfed.in. से ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।