PHED:- पानी की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी -जलदाय मंत्री

    

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल विभाग मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने जिला कलेक्टर सभागार जोधपुर में कहा कि प्रदेश में प्रत्येक क्षेत्र में आमजन तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अवैध कनेक्शनों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी अभियान चलाकर जांच करवाएं और इन कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से हटाये। उन्होंने कहा कि पानी की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा प्रयास हो कि पानी की छीजत और चोरी रोक कर अंतिम छोर तक सुचारू रूप से जलापूर्ति हो।

श्री चौधरी ने कहा कि अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए पानी की छीजत रोकने पर विशेष ध्यान देने के साथ ही आवश्यकतानुसार परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजे। राज्य सरकार उन पर गुणावगुण के आधार पर निर्णय लेगी।

मंत्री ने बताया कि जलदाय विभाग से संबंधित निविदाओं एवं कार्याे में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, कहीं भी अनियमितता या लापरवाही सामने आई तो सरकार एक्शन लेगी। उन्होंने कहा कि विभाग के उच्च अधिकारी भी परियोजनाओं एवं जल प्रदाय कार्याे का नियमित निरीक्षण करें। अधूरा कार्य छोड़ने वाली कॉन्ट्रेक्ट फर्माे पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी फर्माे की जांच कर इनके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही करें।

RPSC:— नई भर्ती का विज्ञापन जारी आवेदन 5 अप्रेल तक

राजस्थान लोक सेवा आयोग सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में जनसंपर्क अधिकारी के 6 पद और कृषि विभाग में कृषि अधिकारी के 25 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है। शैक्षणिक योग्यता, वर्गवार वर्गीकरण, आवेदन प्रक्रिया व अधिक जानकारी के लिये आयोग की वेबसाइट अवलोकन करें।

आयोग सचिव ने बताया कि जनसंपर्क अधिकारी के पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 5 मार्च से 3 अप्रेल 2024 की रात्रि 12 बजे तक एवं कृषि अधिकारी के पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 7 मार्च से 5 अप्रेल 2024 की रात्रि 12 बजे तक किए जा सकेंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उक्त भर्तियों की परीक्षा तिथि व स्थान के संबंध में यथासमय सूचित कर दिया जाएगा।

भू-रूपांतरण सहित समस्त लंबित राजस्व प्रकरणों का त्वरित निस्तारण हो -जिला कलक्टर

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जयपुर के कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने जिले में भू-आवंटन, औद्योगिक प्रयोजनार्थ भू-संपरिवर्तन, नामान्तरण, सीमाज्ञान, कुर्रेजात, पत्थरगढ़ी एवं सहित सभी तरह के लम्बित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कुर्रेजात के मामलों को भी त्वरित गति से निस्तारित करने के निर्देश दिये, ताकि आमजन को जल्द से जल्द राहत प्रदान की जा सके।

उन्होने जिले में राजस्व अधिकारी भू-रूपांतरण सहित राजस्व से संबंधित सभी प्रकार के प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने कहा। ताकि आमजन को जल्द से जल्द राहत मिल सके।  कलक्टर ने कहा सभी राजस्व अधिकारी 31 मार्च तक अपने न्यायालय में दर्ज राजस्व प्रकरणों में कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित करें एवं लक्ष्य हासिल करने के लिए सप्ताह में कम से कम तीन दिन कोर्ट लेकर ज्यादा से ज्यादा दावों की सुनवाई करें।

उन्होंने अधिकारियों को रबी की फसल की जल्द से जल्द गिरदावरी करवाने एवं राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों का निस्तारण कर आमजन को राहत देने के निर्देश। बैठक में कलक्टर ने राजस्व अधिकारियों को जाति प्रमाण पत्र एवं मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए प्रक्रिया का सरलीकरण के निर्देश दिये। साथ ही, उन्होंने कहा कि पेंशन संबंधी प्रकरणों का भी निस्तारण त्वरित गति से करने के लिए राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया।

गिरता भू-जल स्तर चिंता का विषय —डॉ. समित शर्मा

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प्रदेश में जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में अटल भूजल योजना के तहत एक दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन हुआ। आयोजन की अध्यक्षता करते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने कहा कि प्रदेश में गिरता भूजल स्तर चिंता का विषय है। जल संचयन सहित अन्य विधियों से भूजल स्तर में सुधार करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए अटल भूजल योजना मील का पत्थर साबित होगी लेकिन इसके लिए योजना के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्यों को हासिल करना होगा।

उन्होंने कहा कि राजस्थान के 17 जिलों के 38 ब्लॉक, 1132 ग्राम पंचायत में क्रियान्वित की जा रही अटल भूजल योजना के माध्यम से जन सहभागिता से गिरते हुए भूजल स्तर की रोकथाम हेतु सकारात्मक परिणाम लाने की आवश्यकता है।

श्री शर्मा ने योजना के माध्यम से जल मांग एवं जल आपूर्ति आधारित कार्यों को समय पर पूर्ण किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया। सभी सहभागी विभागों से आग्रह किया गया कि योजनान्तर्गत इस वित्तीय वर्ष एवं आगामी अवधि में प्रोत्साहन राशि का पूर्ण उपयोग एवं कन्वर्जेन्स राशि के कार्यों को पूर्ण कर अन्य राज्यों की तुलना में राज्य की स्थिति को बेहतर बनाए जाने हेतु अथक प्रयास करें।

आयोजन में राज्य और जिला नोडल अधिकारियों, राज्य, जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाईयों के अधिकारी और विषय विशेषज्ञ, अटल भूजल योजना के 38 ब्लॉकों से ग्रामीण जल स्वच्छता समिति के सदस्यगणों, जिला क्रियान्वयन इकाई व भूजल विभाग के अधिकारी सहित लगभग 750 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

सौ दिवसीय कार्ययोजना और बजट घोषणाओं की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सौ दिवसीय कार्ययोजना में शामिल सभी बिंदुओं और लेखानुदान 2024-25 की घोषणाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए नियमित रूप से माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आगामी गर्मी के मौसम के लिए बिजली, पानी एवं चिकित्सा संबंधी कंटिन्जेंसी प्लान विभागीय एवं जिला स्तर पर समय रहते तैयार कर लिए जाएं ताकि आमजन को परेशानी का सामना नहीं करना पडे़।

श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में सौ दिवसीय कार्ययोजना में शामिल बिन्दुओं, बजट घोषणाओं सहित अन्य घोषणाओं की क्रियान्विति को लेकर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेशकों को अधिकाधिक आकर्षित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के नियमों का सरलीकरण किया जाए। उन्होंने उद्यमियों को औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए भूमि, बिजली एवं पानी सहित विभिन्न सुविधाएं एवं स्वीकृतियां प्रदान करने में लगने वाले समय को कम करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संभाग स्तर पर खेल सुविधाओं को विकसित किया जाए ताकि मिशन ओलंपिक-2028 के लिए युवाओं को प्रतिस्पर्धी माहौल और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध करवाये जा सकें। उन्होंने विश्वविद्यालयों में भी खेल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया।

उन्होने ने कहा कि सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी लेकर आवश्यकतानुसार भर्ती प्रक्रिया का कलेण्डर बनाया जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों की भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी एवं सुचारू ढंग से आयोजित कराने के लिए पुलिस, कार्मिक एवं संबंधित विभाग के  उच्चस्तरीय अधिकारियों की कमेटी के गठन के निर्देश दिए। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में खेल कोटे के तहत दी जाने वाली नियुक्तियों में नियमों के स्पष्टीकरण हेतु खेल विभाग व कार्मिक विभाग को उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा के साथ ही स्कूल शिक्षा में भी कौशल विकास को जोड़ा जाए ताकि युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान किये जा सके। उन्होंने कहा कि मिड-डे-मील योजना में भोजन की गुणवत्ता की जांच करने एवं कार्यालयों में शौचालय आदि स्वच्छता संबंधी बिंदुओं की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक को अपनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के निस्तारण के संबंध में संभागीय आयुक्त के स्तर पर प्रगति रिपोर्ट तैयार करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन प्रकरणों के निस्तारण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा एवं लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

श्री शर्मा ने एंटी रोमियो स्क्वायड के गठन के कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण हेतु भयमुक्त वातावरण बनाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने लाडली सुरक्षा योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सार्वजनिक स्थलों, बालिका छात्रावासों एवं नारी निकेतन परिसरों में सीसीटीवी कैमरे शीघ्र लगवाने के भी निर्देश प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने बृज चैरासी परिक्रमा मार्ग में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना में घरों पर सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए अधिकाधिक प्रचार-प्रसार किया जाए।

ईआरसीपी के लिये मुख्यमंत्री का पूर्वी राजस्थान दौरा जारी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान बरसों से पानी की कमी से जूझता आ रहा है। इसलिए प्रदेशवासी इसके महत्व से भली-भांति परिचित हैं। ऐसी स्थिति में पूर्वी राजस्थान की प्यास बुझाने वाली संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना प्रदेश को पानी के मामले में समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

श्री शर्मा ने पूर्वी राजस्थान दौरे के दूसरे दिन सवाई माधोपुर, दौसा और टोंक सहित विभिन्न जिलों में आयोजित आभार एवं स्वागत सभाओं को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को पानी के मामले में समृद्ध बनाने के लिए हमने इसका बजट 37 हजार करोड़ रूपये से बढ़ाकर 45 हजार करोड़ कर दिया है। उन्होने कहा कि हमारी सरकार मजदूर, युवा, महिला और किसानों की सरकार है। हमने मात्र दो महीने के कार्यकाल में ही संकल्प पत्र के वादों को पूरा करना प्रारम्भ कर दिया है। राज्य सरकार 70 हजार सरकारी पदों पर भर्ती कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाएगी। साथ ही उनके कौशल में वृद्धि कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा दिलाने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। यदि आवश्यकता हुई तो ऐसे मामलों की सीबीआई से भी जांच करवाई जाएगी। उन्होने कहा कि शक्ति और भक्ति की इस पावन धरा पर गुण्डाराज को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश को गैंगवार से मुक्त करने के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स गठित की गई है। साथ ही, राज्य सरकार ने 73 लाख परिवारों की महिलाओं को 450 रूपए में गैस सिलेण्डर, गेंहू की एमएसपी पर 125 रूपए का अतिरिक्त बोनस तथा किसान सम्मान निधि की राशि में 2 हजार रूपए की वृद्धि जैसे कई जनकल्याणकारी निर्णय लिए हैं।

देश में  01 जुलाई 2024 से लागू होगें तीन नये कानून

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देश में अब 01 जुलाई 2024 से तीन नये कानून लागू होगें। इससे आमजन को काफी राहत मिलने की संभावना है। देश में सरकारी कर्मचारीयों और न्यायाधीशों पर क्रिमिनल केस चलाने हेतु अनुमति लेने संबंधी प्रावधानों में बदलाव हुआ है। अब संबंधित कोर्ट जिसमें क्रिमिनल केस पेश होगा, उस कोर्ट का न्यायाधीश ही केस चलाने की अनुमति दे सकेगा। वहीं अब शासन की या उच्च न्यायालय‌ से अनुमति की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

लंबे समय तक लिव इन पार्टनर को साथ रखकर, शादी के मुगालते में रखकर सेक्स करते रहना अब कानून में अपराध घोषित, बलात्कार नहीं माना जायेगा लेकिन सजा कम से कम दस साल से लेकर आजीवन कारावास तक होगी। वहीं माब लीचिंग या भीड़ द्वारा किसी जुनून में की जाने वाली किसी की मारपीट या हत्या अब घोषित व परिभाषित अपराध होगा और सजा कम से कम 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक होगी ।

दूसारी और जाति, धर्म और वर्ग आदि के नाम पर किये जाने वाले उपद्रव अब घोषित व परिभाषित अपराध होंगें। वहीं जमानत के लिये अब कानून विधि और तरीकों को फिक्स किया है।  किसकी जमानत होगी और किसकी नहीं होगी अब 90% विधि नियत और परिभाषित होगी। नये कानून में जजों के विवेकाधीन और रहमो करम पर जमानतों के होने न होने का परिणाम 90% समाप्त हो गया है।

एफ आई आर दर्ज करने के कानून में भी बदलाव किया है। अब प्रत्येक एफ आई आर आनलाइन होगी और पब्लिक दर्ज करा सकेगी। अब एफ आई आर थाने में आये फरियादी की दर्ज करना भी पुलिस की बाध्यता होगी। देश में शून्य एफ आई आर प्रणाली लागू होगी। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अब भारत में कहीं भी किसी भी थाने में एफ आई आर दर्ज करा सकेगा।अब पहली बार कोई भी व्यक्ति जो एफ आई आर नही़ दर्ज करने से दुखी है वह सीधे ही एफ आई आर कोर्ट मे़ प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट को दे सकेगा और मजिस्ट्रेट उसे कोर्ट में एंट्री कर सीधे संबंधित थाने को फारवर्ड करेगा। ऐसी प्रत्येक एफ आई आर तुरंत दर्ज करना पुलिस की ड्यूटी होगी, अन्यथा उसे बर्खास्त कर दिया जायेगा और संबंधित कानून में गिरफ्तार कर जेल भी भेजा जायेगा।

अब प्रत्सेक केस का फैसला 3 साल के भीतर सुनाना अनिवार्य होगा। चालान पेश करने, विवेचना करने की भी अवधियां फिक्स हुईं। प्रत्येक पुलिस अधिकारी, कोर्ट के अधिकारी, कर्मचारी और वकील का आनलाइन होना अब जरूरी रहेगा, प्रत्येक एफ आई आर, रोजनामचा, केस डायरी, विवेचना, प्रतिवेदन, चालान, कोर्ट की डेली प्रोसीडिंग्स, आर्डर शीटें, कार्यवाहियां और सुनवाई आनलाइन होंगीं। सभी प्रकार के कोर्ट केसेज और दस्तावेज शपथ पत्र (वीडियो ओथ रिकार्डिंग) आनलाइन कोर्ट पोर्टल पर आनलाइन वीडियो रिकार्डिंग से होंगें।

अब 01 जुलाई से वकील आनलाइन वीडियो कान्फ्रेंसिंग से अपने पक्षकार / गवाह सहित उपलब्ध होंगें और एक ही दिन वी सी के जरिये देश के अनेक कोर्ट अटेंड कर सकेंगें ।

मोबाईल फोन चोरी या खोने पर मोबाईल ब्लॉक करने की करें कार्यवाही

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मोबाईल फोन चोरी/खोने पर तुरंत CEIR पर मोबाईल ब्लॉक करने की कार्यवाही करें। CEIR पर मोबाईल ब्लॉक करने हेतु निम्न steps अपनाये।

1.सबसे पहले मोबाईल खोने/चोरी होने पर मिसिंग/प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराये।

2.मिसिंग रिपोर्ट url – https://www.police.rajasthan.gov.in पर lost articles report  पर जाकर ऑनलाईन भी दर्ज करवाई जा सकती हैं।

3.खोये/चोरी हुये मोबाईल नंबर की नई सिम मोबाईल सेवा प्रदाता कंपनी से प्राप्त करें और ओटीपी सुविधा प्रारंभ होने तक 24 घंटे इंतजार करें।

4.CEIR(https://www.ceir.gov.in)  के होमपेज पर जाकर Block Stolen/Lost Mobile ऑप्शन का चयन करें।

5.मोबाईल ब्लॉक फॉर्म step by step फिल करे।

6.मिसिंग/प्रथम सूचना रिपोर्ट, जो आपने पुलिस थाने या पुलिस वेब पोर्टल पर दर्ज करवाई है, की प्रति अपलोड करें।

7. मोबाइल ब्लॉक फॉर्म सबमिट करे और प्राप्त request id को सुरक्षित रखे।

8. जैसे ही खोया/चोरी हुआ मोबाईल फोन उपकरण नये मोबाईल नंबर के संपर्क में आयेगा, तो वह नम्बर traceability report में दर्ज हो जाएगा।

9. यह traceability report पुलिस को उपलब्ध होगी और आप भी request id से check imei request status के ऑप्शन जाकर देख सकते हैं।

10. मोबाइल ट्रेस होने पर संबंधित पुलिस थाने से संपर्क कर अपने मोबाईल की तलाश करवाकर प्राप्त करें।

11. खोया हुआ मोबाईल मिलने पर CEIR के होमपेज पर जाकर Un-Block Found Mobile ऑप्शन का चयन करें और मोबाईल को Un-Block  कर काम में लेवें।

रेलवे ने घटाया किराया, 50 किमी. यात्रा के लिए लगेंगे अब महज इतने रुपये, आदेश जारी

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नई दिल्ली रेलयात्रियों के लिए खुशखबरी है। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भारतीय रेलवे बोर्ड ने जनरल टिकट का किराया कम कर दिया है। अब जनरल टिकट लेकर 50 किलोमीटर सफर करने के लिए मात्र 10 रुपए किराया देना होगा। यह पहले 30 रुपए था। शुक्रवार को रेलवे बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से आदेश जारी कर दिया है। बताते चलें कि, कोरोना काल तक यही किराया था, लेकिन इसके बाद जब ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया, तो रेलवे ने किराया बढ़ाकर 10 से 30 रुपये कर दिया। रेलवे बोर्ड ने यूटीएस सिस्टम और यूटीएस एप में बदलाव करने का आदेश जारी कर दिया है। लोकल टिकट बुकिंग करने वाले आईआरसीटीसी के सॉफटवेयर में भी बदलाव आदेश जारी कर दिए गए हैं।
दैनिक रेलयात्रा में तीन गुना पैसा चुका रहे मजदूरों और दैनिक यात्रियों को भारतीय रेलवे बोर्ड के इस फैसले से बड़ा लाभ होने जा रहा है। अब 50 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले लोग मात्र 10 रुपए में आवाजाही कर सकेंगे। फिर चाहे जयपुर के रेलयात्री हों या भोपाल के। दिल्ली के रेलयात्री हों या फरीदाबाद के। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि 50 से हर 10 से 15 किलोमीटर तक यात्रा करने पर 5 रुपए बढ़ जाता है। इसका मतलब यह कि अब 30 रुपए में यात्री 90 किलोमीटर तक की यात्रा कर पाएंगे।
रेलवे ने कोरोना काल में लोकल ट्रेनों को एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में नामित कर दिया था। सामान्य ट्रेनों का संचालन भी बंद कर दिया गया था। इसके कारण इनका किराया 10 रुपए से बढ़कर 30 रुपए हो गया था। एक्सप्रेस ट्रेनों का सबसे कम किराया 30 रुपए है। अब फिर से इसे सामान्य कर दिया है, तो यह किराया कम हो गया है। इससे देश के लाखों दैनिक यात्रियों को लाभ होने जा रहा है। ट्रेनों की श्रेणी बदलने से अन्य यात्रियों को भी लाभ हो सकता है।

क्या मोदी जी से पहले भारत मृत था, क्या ये उपलब्धियां भूतों की देन हैं

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अभी कुछ दिनों पहले अमित शाह ने जयपुर मे कहा कि भले ही देश 1947 में आजाद हुआ लेकिन इसमें प्राण अब मोदी जी ने फूंके हैं। कभी-कभी ये राजनेता भी कितनी बेतुकी बातें कर जाते हैं। सन् 1947 से अब तक क्या भारत एक शव था ॽ या मोदी जी में भारत के ऋषि-मुनियों की तरह इतनी तप ताकत थी कि वे किसी भी मृत को जीवित कर सकते थे। इसे कहते हैं बहकना और देश का दुर्भाग्य कि एक-आध को छोड़ कर मौजूदा अखबार भी हूबहू वही छाप देते हैं जो ये नेता लोग किसी भी मंच से कह देते हैं। राजस्थान में एकमात्र राष्ट्रदूत समाचार-पत्र है जो किसी नेता की ख़बर को हूबहू नहीं छापता बाकी अमूमन सब लकीर के फकीर बने हुए हैं।
एक जमाना था जब नेता कुछ भी कहता अखबार उसके कहे को तुलनात्मक विवरण देकर प्रकाशित करते थे लेकिन अब कोई अखबार इतनी जहमत नहीं करता। क्योंकि अब लगभग सभी समाचार-पत्र सत्ता के सिर्फ पेम्पलेट हो गए हैं। अमित शाह ने जो कहा वह किसी ने लीड खबर बना कर छाप दिया तो किसी ने बेनर खबर छापी। बस हो गई पत्रकारिता। क्या भारत परमाणु हथियार सम्पन्न राष्ट्र भूत-प्रेतों के दौर में बना ॽ क्या मोदी जी से पहले सभी पार्टीज के पीएम मृत प्राय थे ॽ क्या भारत देश अब तक पाषाण था ॽ विडम्बना है इस देश की कि कोई कुछ भी बोल जाता है और अखबार वाले उसे वैसा ही छाप कर इतिश्री कर लेते हैं।
भारत में दूरसंचार क्रान्ति राजीव गांधी की देन है, भारत को डिजिटल इंडिया राजीव ने बनाया, टेलीमैटिक्स की स्थापना राजीव ने की। देश भर के हर शहर और गांव में दूरसंचार का जाल बिछाया, 18 साल की उम्र को मताधिकार दिलवाया, पंचायती राज राजीव की देन है। अयोध्या में विवादित स्थल का ताला खुलवाया, 1989 में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की इजाजत दी, राम मंदिर निर्माण की मांग भी सबसे पहले 1985 में महंत रघुवर दास जी ने की थी। देश में आईटी के उपयोग की शुरुआत राजीव ने की थी। ई-गवर्नेंस की नींव रखी थी। राजीव गांधी से पहले उनकी मां श्रीमती इंदिरा गांधी ने बांग्ला देश को स्वतंत्रता दिलाईं, देश में 20 सूत्रीय कार्यक्रम इन्दिरा गांधी की देन है। बैंकों का राष्ट्रीयकरण इन्दिरा गांधी ने ही किया था। 1974 में पोकरण परमाणु परीक्षण इन्दिरा गांधी की देन है। उस दौर के अख़बार टटोलें उनमें साफ लिखा है कि पोकरण परमाणु परीक्षण के लिए अमेरिका ने सख्त मनाही की थी लेकिन इंदिरा गांधी ने किसी की परवाह न करते हुए परमाणु परीक्षण कर दिया। तब से इंदिरा गांधी को आयरन लेडी कहा जाने लगा।उनके बाद नरसिंहराव सरकार ने देश को आर्थिक संकट से मुक्ति दिलाई। 10 भाषाओं में बात करने का माद्दा रखने वाले एक मात्र पीएम नरसिंहराव थे। इन्हें ही भारतीय आर्थिक सुधारों का जनक कहा गया है। अयोध्या बावरी मस्जिद ढहाए जाने की ताक़त भी नरसिंहराव ने ही दिखाई थी। ये सब उपलब्धियां इन्ही प्रधानमंत्रियों की देन है जबकि अमित शाह कहते हैं कि मोदी जी ने भारत में प्राण फूंके। वे तो यह भी कह सकते हैं कि भारत को आजादी भी मोदी जी के तप करने से मिली। भारतीय अर्थव्यवस्था में जबरदस्त बदलाव और सुधार कब आए, आर्यभट्ट, मंगल ग्रह, वायरलैस टेलीफोन, सुपर कम्प्यूटर कब आए, नैनो कार का निर्माण कब हुआ, दूध और मक्खन का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक भारत कब बना, रेल्वे का जबरदस्त नेटवर्क एयरपोर्ट काउंसलिंग इंटरनेशनल ने इंदिरा गांधी हवाईअड्डे को सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डे का खिताब कब और किसने दिया। कामरान की मिड डे मील योजना कब लागू हुई, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम विश्व के सबसे बडे कार्यक्रमों में से एक किसके समय में घोषित हुए और पंचवर्षीय योजनाएं कब बनी और कब लागू हुई।
आश्चर्य, घोर आश्चर्य कि लोग पढते कम हैं। इसीलिए जिसके मन में जो आया फेंक देता है। अंतरिक्ष अनुसंधान, इंटरनेट तकनीक, कृषि, भारी उद्योग, सिंचाई, ऊर्जा उत्पादन क्षमता किसके दौर में विकसित हुई, समुद्र विज्ञान किसके दौर में सुदृढ़ हुआ। अमित शाह की मानें तो मोदी जी के आने से पहले तो भारत मुर्दा था। उन्होंने आकर इसमें प्राण फूंके। काश, कुछ भी बोलने से पहले थोड़ा सोच लिया करें कि क्या बोल रहे हैं।