C M NEWS: गौ संरक्षण के कार्यों में भामाशाहों को प्रोत्साहित करें —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पंजीकृत गोशालाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोशालाओं में पानी-चारा सहित आवश्यक व्यवस्थाओं की सघन ऑडिट करते हुए बेहतर प्रबंधन और संचालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री शुक्रवार को गोपालन और कृषि विभाग की संयुक्त समीक्षा की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी ‘आदर्श गोशालाएं’ बनाने के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य करें। गोशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के क्रम में गौ-काष्ठ मशीनों का संचालन सहित नवीन तकनीकों का समावेश किया जाए। आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में गौ उत्पादों की महत्ता के बारे में गोशाला समितियों को जागरूक करें। श्री शर्मा ने कहा कि गोशालाओं के प्रबंधन और संचालन में संबंधित समिति की जिम्मेदारी तय की जाए। समिति की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और आवश्यक सुधार के लिए प्रभावी योजना बनाई जाए। उन्होंने गोशालाओं के संचालन में भामाशाहों और आमजन के सहयोग को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, ताकि व्यापक स्तर पर गौ सेवा के कार्य हो सके। वहीं श्री शर्मा ने रबी सीजन में यूरिया और डीएपी की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। जिला कलक्टर्स कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों और ब्लॉकों को चिन्हित कर प्रदेश भर में प्राथमिकता के साथ पूर्ण पारदर्शिता से डीएपी व यूरिया का वितरण सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कृषि और सहकारिता विभाग को उर्वरकों का वितरण ग्रामीण सहकारी समितियों द्वारा प्राथमिकता से कराने के संबंध में योजना बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इस संबंध में आगामी वर्ष मई-जून में एक कार्यक्रम भी आयोजित जाए। उन्होंने जैविक खेती के संबंध में किसानों के प्रशिक्षण के लिए कार्ययोजना बनाने के लिए भी निर्देशित किया। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान में एग्रीकल्चर हब बनने की पूर्ण क्षमता है। अधिकारी प्रदेश की गुणवत्तापूर्ण उपज की देश-विदेश में व्यापक स्तर पर मार्केटिंग की योजना बनाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना के अंतर्गत मिनी बीज किटों की वितरण प्रणाली प्रबंधन को और पारदर्शी बनाने के भी निर्देश दिए।

RBSC: बोर्ड परीक्षाओं का टाइम टेबल घोषित, 12 फरवरी से शुरू होगी परीक्षा

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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं का टाइम टेबल घोषित कर दिया है। 10वीं की परीक्षा 12 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित होगी। वहीं 12वीं की परीक्षा 12 फरवरी से 11 मार्च तक परीक्षा होगी। परीक्षा में कुल 19 लाख 86 हजार 422 परीक्षार्थी भाग लेंगे। बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि इन परीक्षओं के दौरान करीब 6 अवकाश रहेंगे। जिसमें चार रविवार और दो अवकाश होली और धुलण्डी के रहेंगे। परीक्षा में सैकण्ड़री के 10 लाख 68 हजार 610, सीनियर सैकण्ड़री के 9 लाख 5 हजार 872 परीक्षार्थी शामिल है। वरिष्ठ उपाध्याय के 4123 और प्रवेशिका के 7817 परीक्षार्थी है। कुल 6193 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सचिव ने बताया कि सुरक्षा को लेकर पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। प्रश्न पत्र पुलिस थानों और चौकियों में रखे जाएंगे। सेंटर्स पर नकल न हो इसे लेकर सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। साथ ही वीडियोग्राफी भी होगी। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के सफल आयोजन के लिए राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त परीक्षा समिति की समीक्षा शासन सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुणाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। शिक्षा संकुल में आयोजित समीक्षा में गृह विभाग, शिक्षा विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित प्रमुख बिन्दुओं, कानून व्यवस्था, प्रश्न-पत्रों के सुरक्षित वितरण व उनकी परीक्षा केन्द्रों पर सुरक्षा, जिला स्तरीय परीक्षा संचालन समितियों का गठन व परीक्षा संचालन के लिए रेस्मा कानून आदि बिन्दुओं पर चर्चा की गई। इसके साथ ही अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए विशेष व्यवस्थाओं पर बात की गई। यह रहेगा टाइम टेबल— गुरूवार 12 फरवरी को अंग्रेजी, शनिवार 14 फरवरी को ऑटोमोटिव/सौदर्य एवं स्वास्थ्य/स्वास्थ्य देखभाल/सूचना प्रौद्योगिकी व सूचना प्रौद्योगिकी की समर्पित सेवाएं (आईटी एण्ड आईटीज), फुटकर बिकी/ट्यूरिज्म एण्ड हॉस्पिटैलिटी/निजी सुरक्षा/अपैरल मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग/इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड हार्डवेयर/कृषि/प्लम्बर/टेलिकॉम/बैंकिंग फाईनेंशियल सर्विस एण्ड इन्श्योरेंस/कन्स्ट्रक्शन/फूड प्रोसेसिंग, मंगलवार 17 फरवरी को सामाजिक विज्ञान, गुरूवार 19 फरवरी को हिंदी, शनिवार 21 फरवरी को विज्ञान, मंगलवार 24 फरवरी को गणित, गुरूवार 26 फरवरी को संस्कृतम् (प्रथम प्रश्न पत्रम), शुक्रवार 27 फरवरी को तृतीय भाषा संस्कृत/उर्दू/गुजराती/सिन्धी/पंजाबी, शनिवार 28 फरवरी को संस्कृतम् (द्वितीय प्रश्न पत्रम) की परीक्षा होगी। वहीं गुरूवार 12 फरवरी को मनोविज्ञान, शुक्रवार 13 फरवरी को अंग्रेजी अनिवार्य, शनिवार 14 फरवरी को लोक प्रशासन, सोमवार 16 फरवरी को भूगोल/लेखाशास्त्र/भौतिक विज्ञान, मंगलवार 17 फरवरी को कम्प्यूटर विज्ञान/इन्फोरमेटिक्स प्रेक्टिसेस, बुधवार 18 फरवरी को संस्कृत साहित्य/संस्कृत वाङ्मय, गुरूवार 19 फरवरी को पर्यावरण विज्ञान, शुक्रवार 20 फरवरी को हिंदी अनिवार्य, शनिवार 21 फरवरी को दर्शन शास्त्र/सामान्य विज्ञान, सोमवार 23 फरवरी को राजनीति विज्ञान/भूविज्ञान/कृषि विज्ञान, मंगलवार 24 फरवरी को चित्रकला, बुधवार 25 फरवरी को गणित, गुरूवार 26 फरवरी को अंग्रेजी साहित्य/टंकण लिपि (हिन्दी), शुक्रवार 27 फरवरी को ऋग्वेद/शुक्ल यजुर्वेद/कृष्ण यजुर्वेद/सामवेद/अथर्ववेद/न्याय दर्शन/वेदान्त दर्शन/मीमांसा दर्शन/जैन दर्शन/निम्बार्क दर्शन/वल्लम दर्शन/सामान्य दर्शन/रामानन्द दर्शन/व्याकरण शास्त्र/साहित्य शास्त्र/पुराणेतिहास/धर्मशास्त्र/ज्योतिष शास्त्र/सामुद्रिक शास्त्र/वास्तुविज्ञान/पीरोहित्य शास्त्र, शनिवार 28 फरवरी को अर्थशास्त्र/शीप लिपि-हिन्दी/शीघ्र लिपि अंग्रेजी/कृषि जीव विज्ञान/जीव विज्ञान, बुधवार 4 मार्च को इतिहास/व्यवसाय अध्ययन/कृषि रसायन विज्ञान/रसायन विज्ञान, गुरूवार 5 मार्च को कंठसंगीत/नृत्य कथक/वाद्य संगीत (तबला), (पखावज), (सितार), (सरोद), (वायलिन). (दिलरुबा), (बांसुरी), (गिटार), शुक्रवार 6 मार्च को ऑटोमोटिव/सौदर्य एवं स्वास्थ्य/स्वास्थ्य देखभाल/सूचना प्रौद्योगिकी व सूचना प्रौद्योगिकी की समर्पित सेवाएँ (आईटी एण्ड आईटीज)/फुटकर बिकी/ट्यूरिज्म एण्ड हॉस्पिटैलिटी (टेबल एण्ड ट्यूरिज्म)/अपैरल मेड-अप्स एण्ड होम फर्निशिंग/इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड हार्डवेयर (इलैक्टि्रकल एण्ड इलेक्ट्रोनिक्स)/कृषि (सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली)/प्लम्बर/टेलीकॉम/बैंकिंग फाईनेशियल सर्विस एण्ड इन्श्योरेंस/कन्स्ट्रक्शन/फूड प्रोसेसिंग, शनिवार 7 मार्च को समाजशास्त्र, सोमवार 9 मार्च को गृह विज्ञान, मंगलवार 10 मार्च को हिन्दी साहित्य/उर्दू साहित्य/सिन्धी साहित्य/गुजराती साहित्य/पंजाबी साहित्य/राजस्थानी साहित्य/फारसी/प्राकृत भाषा/टंकण लिपि (अंग्रेजी), बुधवार 11 मार्च को शारीरिक शिक्षा की परीक्षा होगी। गुरूवार 12 फरवरी को अंग्रेजी, शनिवार 14 फरवरी को ऑटोमोटिव/सौंदर्य एवं स्वास्थ्य/स्वास्थ्य देखभाल/सूचना प्रौद्योगिकी व सूचना प्रौद्योगिकी की समर्पित सेवाऎं (आईटी एण्ड आईटीज), फुटकर बिक्री/ट्यूरिज्म एण्ड हॉस्पिटैलिटी/निजी सुरक्षा/अपैरल मेड-अप्स एण्ड होम फर्निशिंग/इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड हार्डवेयर/कृषि/प्लम्बर/टेलीकॉम/बैंकिंग फाईनेंशियल सर्विस एण्ड इन्श्योरेंस/कन्स्ट्रक्शन/फूड प्रोसेसिंग, मंगलवार 17 फरवरी को सामाजिक विज्ञान, गुरूवार 19 फरवरी को हिन्दी अनिवार्य, शनिवार 21 फरवरी को विज्ञान, मंगलवार 24 फरवरी को गणित की परीक्षा होगी। उच्च माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व्यावसायिक मूक बधिर (CWSN) परीक्षा वर्ष 2026- का टाइम टेबल इस प्रकार से होगा। शुक्रवार 13 फरवरी को अंग्रेजी अनिवार्य, शनिवार 14 फरवरी को लोक प्रशासन, सोमवार 16 फरवरी को भूगोल, शुक्रवार 20 फरवरी को हिन्दी अनिवार्य, सोमवार 23 फरवरी को राजनीतिक विज्ञान, मंगलवार 24 फरवरी को चित्रकला, बुधवार 4 मार्च को इतिहास, शुक्रवार 6 मार्च को ऑटोमोटिव/सौंदर्य एवं स्वास्थ्य/स्वास्थ्य देखभाल/सूचना प्रौद्योगिकी व सूचना प्रौद्योगिकी की समर्पित सेवाऎं (आईटी एण्ड आईटीज)/फुटकर बिक्री/ट्यूरिज्म एण्ड हॉस्पिटैलिटी (ट्रेवल एण्ड ट्यूरिज्म)/अपैरल मेड-अप्स एण्ड होम फर्निशिंग/इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड हार्डवेयर (इलैक्टि्रकल एण्ड इलेक्ट्रोनिक्स)/कृषि (सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली)/प्लम्बर/टेलीकॉम/बैंकिंग फाईनेंशियल सर्विस एण्ड इंश्योरेन्स/कन्स्ट्रक्शन/फूड प्रोसेसिंग, शनिवार 7 मार्च को समाज शास्त्र, सोमवार 9 मार्च को गृह विज्ञान, मंगलवार 10 मार्च को हिन्दी साहित्य की परीक्षा होगी।

C M NEWS: विकसित राजस्थान 2047 में आधी आबादी की महत्वपूर्ण भूमिका —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आधी आबादी के सशक्तीकरण से ही समग्र विकास का सपना पूरा किया जा सकता है। हमारी सरकार ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से महिला उत्थान के लिए निरंतर निर्णय ले रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प को साकार करने में हमारी आधी आबादी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। श्री शर्मा ने राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत शुक्रवार को धौलपुर के पचगांव में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी शक्ति का सदैव सम्मान रहा है। शास्त्रों में भी कहा गया है, जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की नारी शक्ति को सम्मान और गरिमा देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने नारी शक्ति को राष्ट्रीय प्रगति का आधार बनाया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने वाली नीतियां लागू की हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत पिछले 11 वर्षों में 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए हैं। साथ ही, जल जीवन मिशन के तहत 13 लाख 59 हजार ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से समाज में बालिकाओं के प्रति भेदभाव की मानसिकता को समाप्त करने का काम किया है। इसी तरह उज्जवला योजना, सुकन्या समृद्धि, लखपति दीदी तथा महिलाओं के जन धन खाते खोलने जैसी योजनाओं से महिलाओं का आर्थिक भविष्य सुरक्षित हुआ है। धौलपुर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए ठोस कदम- मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने धौलपुर जिले के विकास के लिए अनेक कार्य किए हैं। धौलपुर में 1 लाख 62 हजार महिलाओं को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाए हैं। साथ ही, जिले की 30 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी योजना से लाभान्वित हुई हैं। उन्होंने कहा कि जिले में राजकीय महाविद्यालय सैंपउ, सरमथुरा और राजकीय कन्या महाविद्यालय मरैना के भवनों का निर्माण, डेढ़ लाख विद्यार्थियों को निशुल्क यूनिफॉर्म तथा जल जीवन मिशन के तहत लगभग 58 हजार नल कनेक्शन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में 717 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 5 हजार 663 आवासों का निर्माण प्रगतिरत है। इसी तरह पार्वती नदी पर संजापुरी आश्रम के पास एनीकट का निर्माण, पार्वती मुख्य नहर एवं माकरा ब्रांच का जीर्णाेद्धार, मचकुंड धाम में सौंदर्यीकरण एवं विकास से संबंधित अनेक कार्य करवाए गए हैं। जिले में बुनियादी ढांचा, पेयजल, चिकित्सा, वन, ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। प्रदेशवासी दूसरे राज्यों में भी करा सकेंगे कैशलेस इलाज— कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तानांतरित की। श्री शर्मा ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 91 लाख पेंशनधारियों को 1100 करोड़ रुपये, पालनहार योजना के अंतर्गत 5 लाख 95 हजार लाभार्थियों को 103 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना के तहत 5 हजार विद्यार्थियों को 2.5 करोड़ रुपये और अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 1 लाख 55 हजार विद्यार्थियों को 15 करोड़ रुपये की राशि हस्तानांतरित की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राजस्थान महिला निधि द्वारा 5 हजार लखपति दीदी को 100 करोड़ रुपये की ऋण सहायता का चैक और लखपति दीदी, कृषि सखियों व पशु सखियों को टैबलेट का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्राओं को साइकिल एवं दिव्यांगजन को स्कूटी भी वितरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी का भी शुभारंभ किया। ऐसा करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है। इस योजना के तहत प्रदेश के लोग दूसरे राज्यों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे।

C M NEWS: पर्यावरण संरक्षण हमारे देश और प्रदेश की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रकृति के सम्मान की भारतीय संस्कृति की परंपराओं को राज्य सरकार ने अपनी नीतियों और अभियानों का प्रेरणास्रोत बनाया है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि पर्यावरण संरक्षण का व्यक्तिगत संकल्प लेते हुए वे राजस्थान को विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी बनाएं ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य मिले। श्री शर्मा गुरूवार को जयपुर में आयोजित हरियालो राजस्थान पर्यावरण कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारे देश और प्रदेश की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। हम नदियों, पर्वतों, वृक्षों, धरती, सूर्य को पूजते हैं क्योंकि जीवन की निरंतरता प्रकृति के संरक्षण पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में ‘खेजड़ली का बलिदान’ पर्यावरण संरक्षण का सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण और जल संकट जैसी गंभीर चुनौतियों के दृष्टिगत राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाया है। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के माध्यम से पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और जलाशयों की स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ा गया है। वहीं, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के माध्यम से प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ते हुए 14 हजार से अधिक ग्राउंड वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत दो वर्ष में लगभग बीस करोड़ पौधे लगाए गए हैं। श्री शर्मा ने कहा कि ग्रीन बजट जलवायु परिवर्तन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। क्लाइमेट एक्शन प्लान-2030 और क्लीन और ग्रीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए प्रदेश में सतत् वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों द्वारा मोबाइल वैन के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है।

C M NEWS: रबी सीजन में किसानों को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति हो सुनिश्चित —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में लिए गए निर्णयों से प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। वहीं किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी सीजन में किसानों को पर्याप्त और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। श्री शर्मा गुरूवार को विद्युत आपूर्ति के संबंध में आयोजित समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने राज्य में विद्युत आपूर्ति में आ रही समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिम्मेदार कार्मिकों की फील्ड विजिट में वृद्धि के लिए निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में बिजली की मांग के अनुरूप विद्युत उत्पादन का संतुलन बनाने की स्थायी कार्ययोजना तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि और वितरण तंत्र को मजबूत बनाने के लिए योजना के अनुरूप कार्य किया जाए। उन्होंने ऊर्जा विभाग को प्रदेश में बैटरी स्टोरेज के साथ ही सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए नवीन क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संचालन में प्रगति लाने के लिए भी निर्देशित किया।

C S NEWS: देश की जरुरत के 30 प्रतिशत रॉकफॉस्फेट के भण्डार राजस्थान में —मुख्य सचिव

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मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान स्टेट माइंस और मिनरल्स (आरएसएमएम) की माइंस में खनिज उत्पादन बढ़ाने और आकर्षक विपणन के निर्देश दिए हैं। आरएसएमएम द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में नवंबर माह तक 43 लाख 15 हजार टन रॉक फॉस्फेट, लिग्नाइट, जिप्सम और लाइमस्टोन उपलब्ध कराया जा चुका है। मुख्य सचिव ने कहा कि खेती में उपयोगी रॉक फॉस्फेट के भण्डार समूचे देश में राजस्थान में ही उपलब्ध है। ऐसे में आयात निर्भरता कम करने और डीएपी और एसएसपी उत्पादक संस्थाओं की रॉक फॉस्फेट जरुरतों की पूर्ति के योजनाबद्ध प्रयास किये जाएं। उन्होंने कहा कि रॉक फॉस्फेट और जिप्सम का उत्पादन बढ़ाकर खेती के संवर्धन और विकास में आरएसएमएम महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। मुख्य सचिव गुरुवार को सचिवालय में आरएसएमएम की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि आरएसएसएम द्वारा प्रदेश में रॉक फॉस्फेट, लिग्नाइट, जिप्सम और लाइमस्टोन का खनन किया जा रहा है। देश की जरुरत के 30 प्रतिशत रॉकफॉस्फेट के भण्डार राजस्थान में है। बीकानेर, बाड़मेर और नागौर में जिप्सम के भण्डार है। बीकानेर में आरएसएमएम द्वारा जिप्सम का खनन किया जा रहा है। ऐसे में जिप्सम के खनन और उपलब्धता से भी मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में योगदान दिया जा सकता है। लाइमस्टोन और लिग्नाइट के उत्पादन को भी बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने खनिज खनन में नवीनतम तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इससे मिनरल्स की छीजत कम होगी और सतत् खनन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने खनन कार्य में स्टेंडर्ड सुरक्षा मानकों की पालना करने, उत्पादकता और लाभदायकता को बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने ऑडिट करवाकर वार्षिक साधारण सभा आयोजित कराने के निर्देश भी दिए। प्रमुख सचिव, माइंस श्री टी. रविकान्त ने बताया कि आरएसएमएम की उदयपुर के झामरकोटड़ा में रॉक फॉस्फेट, बाड़मेर और नागौर में लिग्नाइट, जैसलमेर के सानू में एसएमएस ग्रेड लाइमस्टोन व सफेद सीमेंट और नागौर में केमिकल ग्रेड लाइमस्टोन की माइंस है। बीकानेर के ढ़ाणी अब्दुल्लाह, बलार और लारेवाला में जिप्सम का खनन किया जा रहा है। विविधिकरण के तहत जैसलमेर में 106.3 मेगावाट का विंड पावर प्लांट संचालित किया जा रहा है। श्री रविकान्त ने कहा कि आरएसएमएम को खनन कार्य के साथ ही विपणन व्यवस्था को भी प्रभावी बनाना होगा ताकि आरएसएमएम के कारोबार और लाभदायकता में बढ़ोतरी हो सके।

Rajasthan News: श्रम विभाग ने श्रमिकों से की ठगों से सतर्क रहने की अपील

श्रम विभाग ने श्रमिकों से सतर्क रहने की अपील की है। संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त विश्वेश्वर चौधरी ने बताया कि भवन और अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण मण्डल के कुछ लाभार्थियों से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि कतिपय असामाजिक तत्व स्वयं को श्रम विभाग का अधिकारी अथवा निरीक्षक बताकर फोन के माध्यम से श्रमिकों से संपर्क कर रहे हैं। ये व्यक्ति पंजीयन कराने अथवा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन पत्रों को उनके पक्ष में स्वीकृत कराने का झांसा देकर अवैध रूप से धनराशि की मांग कर रहे हैं। श्री चौधरी ने स्पष्ट किया कि श्रम विभाग का कोई भी अधिकारी या निरीक्षक किसी भी योजना के आवेदन पत्र को स्वीकृत कराने के लिए न तो फोन करता है और न ही किसी प्रकार के व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से आश्वासन देता है। सभी योजनाओं की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं नियमानुसार निर्धारित है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों और हितधारकों को इस प्रकार के किसी भी प्रलोभन या बहकावे में नहीं आना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति श्रम विभाग का नाम लेकर फोन या अन्य माध्यम से धनराशि की मांग करता है, तो उसे गंभीरता से लें और यथाशीघ्र इसकी शिकायत नजदीकी पुलिस थाने में दर्ज कराएं, ताकि ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जा सके। संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त ने सभी श्रमिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही पंजीयन और योजनाओं से संबंधित आवेदन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित विभाग अथवा पुलिस को दें।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरूवार को जवाहर कला केन्द्र में सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने देश-प्रदेश की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाई गई विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन कर उत्पादों के बारे में जानकारी ली और उनके हुनर की प्रशंसा की। इस अवसर पर श्री शर्मा ने लखपति दीदी और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से आत्मीयता के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सशक्त हो रही हैं जिससे ग्रामीण व्यवस्था का विस्तार हो रहा है। वे अपना घर संभालने के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस मेला इस बात का प्रमाण है कि जब सही नीति, सशक्त संस्थागत ढांचा और प्रभावी क्रियान्वयन एक साथ आते हैं तो ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थायी और समावेशी परिवर्तन संभव होता है। यह मेला आत्मनिर्भर राजस्थान-आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का प्रतीक भी है। उल्लेखनीय है कि 4 जनवरी तक चलने वाले इस सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले में ग्रामीण भारत की समृद्ध परंपराआों, शिल्प कौशल और कलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस मेले में राजस्थान सहित 24 राज्यों की लगभग 300 स्टॉल्स लगाई गई हैं। इनमें देश के विभिन्न हिस्सों की ग्रामीण परंपरा, लोक कला, लोक शिल्प, वस्त्र परंपराएं, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है।

C M NEWS: दो वर्ष पहले जनता ने हमें सेवा के लिए चुना था —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि दो वर्ष पहले जनता ने हमें सेवा के लिए चुना था। हमारे ये दो साल जनकल्याण और प्रदेश के विकास को समर्पित रहे हैं। जनसेवा को सर्वोपरि मानते हुए हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण और उत्थान के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इन दो वर्ष में हुए विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए विकास रथ सभी विधानसभाओं में संचालित हो रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे उसमें उपलब्ध सुझाव पेटिका में राज्य के विकास से संबंधित अपने सुझाव दें, जिससे आगामी समय में उन कार्यों को पूरा किया जा सके। श्री शर्मा बुधवार को आहोर (जालोर) में ग्रामीण एवं शहरी समस्या समाधान शिविर व जालोर जिले के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। आज जालोर में 338 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इसकेे तहत केशवाना के राजकीय कृषि महाविद्यालय और रानीवाड़ा, चित्तलवाना व सांचौर के राजकीय महाविद्यालयों के भवनों और हेमागुढ़ा में 33/11 केवी सब स्टेशन और प्रधानमंत्री कुसुम योजना के कंपोनेंट सी के तहत 8 सौर ऊर्जा संयंत्रों का लोकार्पण किया गया। साथ ही, 237 करोड़ रुपये से अधिक राशि के सड़क उन्नयन सहित विभिन्न विकास कार्यों की भी नींव रखी गई है। इनमें प्रधानमंत्री कुसुम योजना-ए के तहत जिले में 19 सौर ऊर्जा संयंत्रों तथा कंवला में 33/11 केवी सबस्टेशन के भी निर्माण शामिल हैं।

Rajasthan News: राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी बनी तकनीक और ज्ञान का प्रभावी मंच

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राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जवाहर कला केंद्र में चार दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी “नव उत्थान–नई पहचान, बढ़ता राजस्थान–हमारा राजस्थान” का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी के तीसरे दिन बुधवार को भी आमजन विशेषकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्रदर्शनी में प्रतिदिन आयोजित किए जा रहे विशेष सत्रों और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं व नीतियों से संबंधित साहित्य के माध्यम से नागरिकों को जागरूक एवं शिक्षित किया जा रहा है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित चिलेक्स् प्रश्नोत्तरी और एआई पैनल क्विज़ ने आगंतुकों में विशेष आकर्षण पैदा किया, जिससे यह प्रदर्शनी तकनीक और ज्ञान का प्रभावी मंच बनकर उभरी है। प्रदर्शनी में लगाई गई विभिन्न विभागों की स्टॉल्स के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों व उत्पादों को मॉडल और आकर्षक प्रस्तुतियों के जरिए आमजन के समक्ष प्रदर्शित किया जा रहा है। इन स्टॉल्स पर विभागों से संबंधित नवाचारों एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। विशेष सत्रों (DIPR DIALOGUES) से बढ़ रही आमजन में जागरूकता— तीसरे दिन आयोजित विशेष सत्रों की श्रृंखला में राजस्थान पुलिस द्वारा विकसित राजकॉप सिटिजन ऐप की जानकारी साझा की गई। सत्र में बताया गया कि यह ऐप किस प्रकार आपात स्थिति में नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराता है। ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करने, एफआईआर की स्थिति जानने, गुम या चोरी हुए मोबाइल एवं वाहनों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह ऐप राज्य में स्मार्ट पुलिसिंग एवं नागरिक-पुलिस सहभागिता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।