Bijali News: मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना में यहां करें आवेदन

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C M NEWS: गरीब को गणेश मानकर सेवक के रूप में कार्य कर रही राज्य सरकार -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार गरीब को गणेश मानकर सेवक के रूप में कार्य कर रही है। हमारा नैतिक दायित्व है कि हम सरकार का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखें। हमारी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में बजट दिया और हर विधानसभा क्षेत्र में विकास रथ के माध्यम से विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता तक पहुंचा रही है। श्री शर्मा मंगलवार को बीकानेर के लूणकरणसर में ग्रामीण समस्या समाधान शिविर और बीकानेर जिले के विकास कार्यों के लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने दो वर्षों में प्रदेश में सुशासन, जनकल्याण और चहुंमुखी विकास के लिए ऐसे अभूतपूर्व कदम उठाए हैं, जो ऐतिहासिक होने के साथ ही समृद्ध और विकसित राजस्थान की एक सशक्त बुनियाद भी हैं। समस्याओं के समाधान के लिए आमजन के द्वार पर पहुंच रही सरकार— श्री शर्मा ने कहा कि जनसेवा के भाव के साथ ग्रामीण एवं शहरी समस्या समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर 17 सितंबर से प्रदेश भर में एक महीने तक ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों का आयोजन किया था। इन शिविरों में प्रशासन को आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए उनके द्वार तक लाया जा रहा है। शहरी शिविरों के जरिए जन्म, मृत्यु, विवाह पंजीकरण, फायर एनओसी, ट्रेड लाइसेंस और सीवर कनेक्शन से जुडे़ कार्यों से लेकर आवास पट्टे, नामांतरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने संबंधी कार्य भी करवाए जा रहे हैं। वहीं, ग्रामीण समस्या समाधान शिविरों में सहमति विभाजन, नामांतरण एवं रास्ते खुलवाने जैसे कार्य करवाए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि आमजन इन शिविरों का पूरा लाभ उठाएं। किसान, युवा, महिला और गरीब के उत्थान के लिए उठाए कदम— मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने किसान, युवा, महिला और गरीब के उत्थान के लिए कई कदम उठाए हैं। हमने किसानों के लिए सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया गया है तथा चरणबद्ध रूप से इसे 12 हजार रुपये किया जाएगा। इसी तरह हमारी सरकार ने इन दो वर्षों में युवाओं के लिए सरकारी सेवाओं में अवसर बढ़ाते हुए लगभग 92 हजार नियुक्तियां प्रदान की है तथा 1 लाख 56 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन है। वहीं, प्रदेश में 12 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाने से लेकर 10 लाख 51 हजार साइकिलें और करीब 40 हजार स्कूटियां वितरण एवं लाडो प्रोत्साहन योजना की पहली किस्त से 4 लाख 60 हजार बालिकाओं को लाभांवित करने का काम किया गया है। श्री शर्मा ने कहा कि हाल ही में हमने 5 दिसम्बर को गंग नहर शताब्दी समारोह पर गंग नहर प्रणाली को नई मजबूती देने के लिए 1 हजार 717 करोड़ रुपये के कार्यों का शुभारंभ किया। ये कार्य नहरी क्षेत्र के किसानों के जीवन में नई समृद्धि लेकर आएंगे। हमारी सरकार ने 647 करोड़ रुपये से फिरोजपुर फीडर का पुनर्निर्माण और आईजीएनपी की नहरों के जीर्णाेद्धार एवं पक्के खालों के लिए 3400 करोड़ का बजट दिया है। इसी तरह पूर्वी राजस्थान के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना समझौता किया और इसे धरातल पर उतारने के लिए 26 हजार करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी कर चुके हैं। शेखावाटी के लिए यमुना जल समझौता का मार्ग प्रशस्त करते हुए डीपीआर तैयार करवाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। हमने 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति करना प्रारंभ कर दिया है तथा वर्ष 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा है।

C M NEWS: राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर सोमवार को जवाहर कला केंद्र में आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों की स्टॉल्स पर जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं, विभिन्न जनोपयोगी उपकरणों और उत्पादों, नवाचारों व उपलब्धियों का अवलोकन किया। श्री शर्मा ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की स्टॉल पर लगाए गए डिजिटल सेल्फी पॉइंट पर सेल्फी भी क्लिक करवाई। साथ ही, उन्होंने स्टॉल पर एआई इंटरएक्टिव पैनल के माध्यम से संचालित प्रश्नोत्तरी क्विज में भी भाग लिया। वहीं, गृह विभाग की स्टॉल पर पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री को विभाग के नवाचारों से संबंधित जानकारी दी। श्री शर्मा ने राजकॉप ऐप के माध्यम से शिकायतों के प्रभावी निस्तारण पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की स्टॉल पर जयपुर डिस्कॉम के प्रजेन्टेेशन के जरिए ग्रिड डिजिटलाइजेशन की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम कुसुम योजना और पीएम सूर्य घर योजना डबल इंजन सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं। इनके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभांवित किया जाए। उन्होंने स्वायत्त शासन विभाग की स्टॉल पर शहर के सीवरेज के मैनहॉल की सफाई के लिए रोबोटिक मशीन की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। श्री शर्मा ने नगरीय विकास और आवासन मंडल के स्टॉल्स पर राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की ओर से विभिन्न आय वर्गों के लिए हनुमानगढ़ एवं भिवाड़ी में नवीन आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से जगतपुरा सेंट्रल स्पाइन योजना ब्लॉक-जी के प्रतीकात्मक रूप से 3 काश्तकारों (कुल 20 लाभान्वित खातेदार) को मौके पर ही पट्टे वितरित किए। साथ ही, उन्होंने जेडीए की डिजिटल मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने ‘‘नव उत्थान-नई पहचान, बढ़ता राजस्थान-हमारा राजस्थान‘‘ का संदेश देती विकास प्रदर्शनी में राज्य सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों, योजनाओं से संबंधित प्रकाशन, विकास कार्यों के मॉडल, फोटो-वीडियो पैनल सहित महत्वपूर्ण सामग्री का अवलोकन किया। उन्होंने उपयोगी सूचनाओं से सुसज्जित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी की सराहना की तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को योजनाओं की प्रति जागरूक किया जाए, जिससे विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति की ओर तेजी से आगे बढ़ा जा सके।

C M NEWS: राजस्थान का हर नागरिक निरोगी, स्वस्थ और खुशहाल हो —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान का हर नागरिक निरोगी, स्वस्थ और खुशहाल हो, इस संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार ‘स्वस्थ राजस्थान’ के लक्ष्य पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैै। इसके अंतर्गत प्रदेश में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का ढांचा तैयार करने के साथ ही गांव-ढाणियों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच को सुगम बनाया जा रहा है। श्री शर्मा सोमवार को राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आरयूएचएस चिकित्सालय परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय आरोग्य शिविर, रक्तदान शिविर और विभिन्न कार्यक्रमों के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होेंने कहा कि राज्य सरकार ने दो वर्ष सेवा और समर्पण के साथ कार्य किया है। इन दो वर्षों में सुशासन की स्थापना, विकास को गति देने और प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए राज्य सरकार ने हर निर्णय, हर प्रयास, हर योजना के केंद्र में जनता को ही रखा। आरयूएचएस में क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शुभारंभ- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातें दी गई हैं। आरयूएचएस में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से युक्त क्रिटिकल केयर ब्लॉक प्रदेशवासियों को समर्पित किया जा रहा है। यह ब्लॉक 20 करोड़ रुपये की लागत से बना है, जिसमें आईसीयू बेड, इमरजेंसी के लिए विशेष बेड, एडवांस्ड वेंटिलेटर सिस्टम, मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर और डायलिसिस आदि सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में मेडिकल कॉलेजों से लेकर सब सेंटर तक आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें 30 वर्ष से अधिक आयु के हर व्यक्ति की बीएमआई, बीपी, शुगर और कॉमन कैंसर आदि की जांच कर उचित उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोग्य शिविर में आने वाले रोगियों को निःशुल्क दवा और जांच उपलब्ध है। रक्तदान अनगिनत जीवन बचाने का संकल्प- मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है। जिन्होंने रक्तदान जैसा महादान कर अनगिनत जीवन बचाने का संकल्प लिया है, वे सभी अभिनंदन के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के जिला मुख्यालय तथा तहसील स्तर पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। श्री शर्मा ने मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हील इन राजस्थान पॉलिसी, 2025 का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रदेश को कम लागत वाले विश्वसनीय और सुलभ मेडिकल वैल्यू ट्रैवल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डेढ़ लाख दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं उपकरण- श्री शर्मा ने कहा कि केन्द्र और राज्य की डबल इंजन की सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ही विशेष योग्यजनों को विकलांग नहीं, दिव्यांग कहकर उनका सम्मान बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में दिव्यांगजनों को व्हील चेयर और उपकरणों का वितरण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने अपने दो बजट में डेढ़ लाख दिव्यांगजनों को 20 हजार रुपये तक के कृत्रिम अंग एवं उपकरण उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है, जिसे हम तेजी से पूरा कर रहे हैं। निशुल्क जांचों के लिए हब और स्पोक मॉडल प्रारंभ- मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत निःशुल्क जांचों के लिए हब एवं स्पोक मॉडल लागू किया जा रहा है। इसके तहत राजकीय चिकित्सालयों में मरीजों को ट्रोपोनिन, कैंसर मार्कर, बायोप्सी, विटामिन्स, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, हेपेटाइटिस और थायराइड जैसी 100 से अधिक विशिष्ट जांचें निशुल्क उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में 42 मदर लैब, 137 हब लैब एवं 1 हजार 333 स्पोक चिह्नित किए गए हैं। आज 11 मदर लैब व 400 स्पोक का शुभारंभ किया जा रहा है। इस मॉडल में सैंपल कलेक्शन से लेकर रिपोर्टिंग तक सभी कार्यों का रेकॉर्ड ऑनलाइन रखा जाएगा और मरीजों को घर बैठे ऑनलाइन रिपोर्ट मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से मुक्त करने हेतु एफसीएम इंजेक्शन अभियान प्रारंभ किया है। साथ ही, सभी राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की आंखों की जांच और उन्हें निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराने के लिए कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों में थैलेसीमिया और सिकल सेल बीमारी की जांच भी की जाएंगी।

C M NEWS: जनधन के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधायक निधि में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित खबरों पर चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि किसी भी लोकसेवक द्वारा भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। दोषी पाए जाने पर ऐसे किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह व्यक्ति कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति पूर्णतः जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। जनधन के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मुख्य सतर्कता आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह) भास्कर सावंत की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित कर इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। समिति में शासन सचिव पंचायती राज जोगाराम, शासन सचिव वित्त (बजट) राजन विशाल को सदस्य और विशिष्ट शासन सचिव गृह विभाग मनीष गोयल को सदस्य सचिव बनाया गया है। यह समिति 15 दिन में जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेगी। जांच प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर खींवसर, हिण्डौन और बयाना विधानसभा क्षेत्रों के विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमएलए-लैड) खातों को फ्रीज कर दिया गया है। अब तक अभिशंषा किए गए और स्वीकृत समस्त कार्यों का क्रियान्वयन व भुगतान की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकारी मुख्य सचेतक द्वारा यह प्रकरण संबंधित विधायकों के विरुद्ध जांच हेतु विधानसभा की सदाचार समिति के समक्ष रखने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को भी प्रेषित कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी इस प्रकरण पर संज्ञान लिया है।

Rajasthan News: प्रदेश में 11 अधिनियमों से हटाए गए कारावास के प्रावधान

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राज्य सरकार ने शुक्रवार को राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश-2025 के संबंध में गजट नोटिफिकेशन जारी किया। इस अध्यादेश के माध्यम से 11 विभिन्न अधिनियमों में मामूली उल्लंघन या तकनीकी गलती के लिए कारावास जैसे आपराधिक दण्ड हटा कर उनके स्थान पर पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। उल्लेखनीय है कि गत 3 दिसंबर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमण्डल की सभा में इन अध्यादेश का अनुमोदन किया गया था। भारत सरकार के जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम-2023 की तर्ज पर राज्य में भी राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश- 2025 का प्रारूप तैयार किया गया है। इससे ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलने के साथ ही मुकदमेबाजी में भी कमी आएगी। इन 11 अधिनियमों से हटाये आपराधिक प्रावधान:— राजस्थान वन अधिनियम-1953, राजस्थान अभिधृति अधिनियम-1955, राजस्थान नौचालन विनियमन अधिनियम-1956, राजस्थान भाण्डागार अधिनियम-1958, राजस्थान राज्य सहायता (उद्योग) अधिनियम-1961, राजस्थान विद्युत (शुल्क) अधिनियम-1962, राजस्थान साहूकार अधिनियम-1963, राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम-1989, राजस्थान स्टाम्प अधिनियम-1998, राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009, राजस्थान जल प्रदाय और मलवहन बोर्ड अधिनियम-2018 शामिल हैं। पहले राजस्थान वन अधिनियम-1953 में धारा 26 (1) (ए) में वन भूमि में मवेशी चराने पर अब तक 6 माह तक कारावास या 500 रुपए तक जुर्माने अथवा दोनों दण्ड का प्रावधान था। संशोधन के बाद अब इस उल्लंघन पर जुर्माना ही लगाया जाएगा, कारावास का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। वन को हुए नुकसान के लिए वन अधिकारी द्वारा नियमानुसार निर्धारित क्षतिपूर्ति भी देनी होगी। इस संशोधन से उन आदिवासियों और ग्रामीणों को लाभ होगा जो अनजाने में मवेशी चराते हुए वन भूमि में प्रवेश कर जाते हैं। इसी प्रकार राजस्थान राज्य सहायता (उद्योग) अधिनियम-1961 में सहायता प्राप्त करने वाले उद्योग के प्रभारी पर मामूली प्रक्रियात्मक अपराधों, जैसे बहीखाते, खाते या अन्य दस्तावेज निरीक्षण के लिए प्रस्तुत न करने पर कारावास का प्रावधान था। इन आपराधिक प्रावधानों को अब अधिनियम से हटा कर अर्थदण्ड तक सीमित किया गया है। वहीं जयपुर वाटर सप्लाय एण्ड सीवरेज बोर्ड अधिनियम-2018 में जल की बर्बादी, दुरुपयोग, गैर-घरेलू कार्यों के लिए उपयोग, बोर्ड की सीवरेज लाइन में रुकावट डालने, बिना लिखित अनुमति सीवरलाइन से कनेक्शन जोड़ने जैसे कृत्यों पर कारावास का प्रावधान था, जिसे हटाते हुए अर्थदण्ड के प्रावधान तक सीमित किया गया है।

Rajasthan News: राजीविका ने महिलाओं को दी ऑर्गैनिक वर्मी–कम्पोस्ट मशीन की सौगा

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राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) द्वारा शु​क्रवार को स्थित मोती डूंगरी मंदिर परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजीविका द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नगर निगम जयपुर और राजीविका के संयुक्त प्रयास से स्वयं सहायता समूह (SHG) महिलाओं को ऑर्गैनिक वर्मी–कम्पोस्ट मशीन प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती श्रेया गुहा और स्टेट मिशन डायरेक्टर श्रीमती नेहा गिरि ने मशीन का शुभारंभ किया और पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का मंगल आरंभ हुआ। मशीन के माध्यम से मंदिरों, सामुदायिक स्थलों और बाजार क्षेत्रों से एकत्रित पुष्प सामग्री का पुनः उपयोग करते हुए उच्च गुणवत्ता वाला जैविक वर्मी–कम्पोस्ट तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय किसानों और बागवानी समूहों को पर्यावरण-अनुकूल व रसायनमुक्त खाद प्राप्त होगी। वहीं महिलाओं की आजीविका, उद्यमशीलता, कौशल-विकास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक पहचान को नई शक्ति मिलेगी और गांव स्तर पर रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

Rajasthan News: प्रदेश में डीबीटी वाउचर योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन आवेदन 31 दिसंबर तक

राज्य सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना के वर्ष 2025-26 हेतु आवेदन प्रक्रिया जारी है। विभाग के उपनिदेशक जितेंद्र सेठी ने बताया कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना सरकारी शैक्षणिक संस्थानों एवं कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में नियमित रूप से अध्ययनरत विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इच्छुक विद्यार्थी अपनी SSO ID के माध्यम से sso.rajasthan.gov.in और sjms.rajasthan.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है, जिससे विद्यार्थी सरलता से निर्धारित अवधि में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे विभाग ने पात्र विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पूर्व आवेदन कर योजना का लाभ अवश्य उठाएं।

Rajasthan News: फलोदी में बौखलाई शिक्षिका ने प्रधानाध्यापक को मारा थप्पड़

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फलोदी जिले के पलीना गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में कार्यरत एक शिक्षिका ने प्रधानाध्यापक को थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ मारने कारण प्रधानाध्यापक द्वारा शिक्षिका को रिलीव नहीं करना बताया जा रहा है। इस घटना से शिक्षा मन्दिर की गरिमा तार—तार हो गई। वहीं शिक्षिका की इस हरकत को देखते हुए ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ दिया और ग्रामीण शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस और आऊ के सीबीईओ सुनील कुमार चौधरी ने ग्रामीणों को समझाया और कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया। मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षिका फलोदी में प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहती थी। उसने जिला शिक्षा अधिकारी से 5 दिसंबर 2025 को आदेश भी निकलवाया था। लेकिन प्रधानाध्यापक ने शिक्षिका को रिलीव नहीं करने की बात कही, तो उन्होंने विरोध किया और उच्चस्तर पर 9 दिसंबर को आदेश निरस्त कर दिया गया। फिर दो बाद शिक्षिका स्कूल आई और गुस्से में प्रधानाध्यापक को थप्पड़ मार दिए। थप्पड़ की घटना से प्रधानाध्यापक पुरखाराम जाट आहत है।

C M NEWS: नई राजस्थान पर्यटन नीति एक दूरदर्शी दस्तावेज -मुख्यमंत्री

राजस्थान सरकार ने बुधवार को प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर राज्य की महत्वाकांक्षी राजस्थान पर्यटन नीति–2025 औपचारिक रूप से जारी की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीतापुरा स्थित जेईसीसी परिसर में आयोजित पर्यटन सत्र के दौरान इस नीति का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति राजस्थान के पर्यटन विकास को नई दिशा देने वाला एक दूरदर्शी दस्तावेज़ है, जो राज्य को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई पर्यटन नीति निवेश, नवाचार, रोजगार और सामुदायिक सहभागिता को नई गति देगी। यह नीति विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों और हितधारकों से इस नीति को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन नीति की अनुपालना हेतु एक समर्पित नीति कार्यान्वयन इकाई स्थापित की जाएगी ताकि पर्यटन नीति में उल्लेखित सभी बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। राज्य सरकार ने पर्यटन परियोजनाओं को तेजी से गति देने के लिए पीपीपी मॉडल और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को केंद्र में रखा है। सभी अनुमतियों के लिए सिंगल वेब पोर्टल, पर्यटन व्यवसायों की ग्रेडिंग और गतिविधि निगरानी के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। पर्यटन व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष राजस्थान पर्यटन पुरस्कार दिए जाएंगे। विद्यार्थियों को पर्यटन कोर्स व कौशल कार्यक्रमों के लिए स्कॉलरशिप व पर्यटन उद्यमों को ट्रेनिंग–स्किल इंसेंटिव उपलब्ध कराया जाएगा।