अजमेर के केकड़ी में हेड कांस्टेबल राजेश मीणा की गुंडइे का एक वीडियो संज्ञान में आया है। वीडियो में थड़ी पर खड़े युवक से मारपीट करने और उसके वाहन में तोड़फोड़ का नजारा साफ है। घटना का वीडियो सामने आने पर पुलिस ने हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। वहीं हेड कांस्टेबल मीणा का भी घटना के बाद सफाई देते हुए एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियों में हेड कांस्टेबल ने अपनी नौकरी के प्रति ईमानदारी की बात कही है। मीणा का आरोप है कि वो अपनी ड्यूटी कर रहा था और मेरे उपर अवैध खनन कर रहे लोगों को छोड़ने का दवाब आ रहा था। हेड कांस्टेबल ने क्षेत्रीय विधायक शत्रुघ्न गौतम और सदर थानाधिकारी पर अवैध खनन के आरोप में जब्त वाहन छोड़ने के लिए उस पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
दूसरी ओर ग्राम सापण्दा निवासी ओमप्रकाश गुर्जर ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस को बताया कि वह अपने रिश्तेदार को इलाज के लिए अस्पताल लाया था और इस दौरान वह अस्पताल के बाहर चाय पी रहा था, उसी समय हेड कांस्टेबल राजेश मीणा वहां आया। उसने बेवजह अभद्रता करते हुए मेरे और भतीजे राहुल के साथ हॉकी स्टिक से मारपीट की और हम दोनों को जबरन थाने ले जाकर वहां फिर से मारपीट की व भय पैदा करने के लिये रिवॉल्वर भी तानी। ओमप्रकाश गुर्जर की तहरीर पर हेड कांस्टेबल के खिलाफ केकड़ी सदर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
मामले में वंदिता राणा, एसपी,अजमेर का भी बयान सामने आया है। उन्होने कहा है कि आरोपी को नियमानुसार अपना पक्ष रखने का अधिकार है।
वहीं केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने भी इस घटना पर अपना पक्ष रखा है। विधायक ने अपने पक्ष में कहा है कि हेड कांस्टेबल ने नशे में सोमवार रात अस्पताल के बाहर उपद्रव फैलाया। आरोप बेबुनियाद हैं। जांच करके दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अब जांच का विषय यह है कि हेड कांस्टेबल कह रहे हैं वो बात सही है या विधायक गौतम का आरोप सही है। फिर एक और सवाल पैदा होता है की क्या सरकार निष्पक्ष जांच करायेगी या फिर अपनी पार्टी के विधायक को बचायेगी। महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि क्या राजस्थान पुलिस सत्यमेव जयते का अनुसारण करेगी।