मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विकसित राजस्थान की यात्रा में हमारे प्रवासी समुदाय के योगदान का एक विस्तृत रोडमैप भी है। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी दिवस कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन और जल जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर आयोजित होने वाले सेक्टोरल सत्रों में प्रदेश के उभरते औद्योगिक परिदृश्य और निवेश की संभावनाओं पर गहन मंथन किया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि इन सत्रों के माध्यम से हर प्रवासी राजस्थानी अपने प्रदेश से जुड़ाव महसूस करें और ये इस रोडमैप को व्यवहारिक रूप देने का माध्यम बने। श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रवासी राजस्थानी दिवस की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी समुदाय के सम्मान में प्रदेश में पहली बार आगामी 10 दिसम्बर को प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन करने जा रही है, ऐसे में इस भव्य आयोजन का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह आयोजन हर एक प्रवासी तक पहुंचे और यह दुनियाभर में फैले हमारे भाई-बहनों को एक सूत्र में जोड़ने का ऐतिहासिक अवसर साबित हो।
सेक्टोरल सत्रों में विशेषज्ञ और प्रतिष्ठित संस्थान करेंगे संवाद —
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रवासी समुदाय को प्रदेश में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत करवाने और उनके सुझाव साझा करने के लिए विभिन्न विषयों पर सेक्टोरल सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में आईआईटी, आईआईएम, उद्योग समूहों, स्वास्थ्य संस्थानों व अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा संवाद किया जाएगा। शिक्षा संबंधी सत्र में बिरला संस्थान, आईआईएम, आईआईटी, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संयुक्त अरब अमीरात और स्वास्थ्य संबंधी सत्रों में यकृत और पित्त विज्ञान संस्थान के निदेशक व टाटा 1 एमजी के सीएफओ सहित कई विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। इसी तरह उद्योग सत्र में वेलस्पन इंडिया लिमिटेड एवं बोरोसिल रिन्यूएबल्स लिमिटेड, जल सत्र में ईकोलैब इंडिया, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स जैसे कई संस्थाओं एवं विशेषज्ञों के द्वारा संवाद किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को सेक्टोरल सत्रों के लिए आमंत्रित वक्ताओं, प्रतिभागियों की सूची को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।
श्री शर्मा ने कहा कि जयपुर के जेईसीसी में होने वाले इस आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वागत एवं प्रोटोकॉल से संबंधित तैयारियों की विस्तृत योजना समय पर लागू की जाए। साथ ही, कार्यक्रम के दौरान आतिथ्य, परिवहन, आवास, चिकित्सा एवं आपात सेवाओं की उपलब्धता के लिए जिम्मेदारियां तय की जाएं।