C M NEWS: राष्ट्रीय पोषण माह-2025 में प्राप्त द्वितीय स्थान पर मुख्यमंत्री ने दी बधाई

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राष्ट्रीय पोषण माह-2025 में राजस्थान को देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त होने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि जनसहभागिता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की निष्ठा, मेहनत और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है। यह कीर्तिमान सम्पूर्ण प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पोषण के क्षेत्र में सुधार हेतु नवाचार किए गए हैं, जिसके तहत पोषण माह— 2025 में जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता, गृह भ्रमण, पौष्टिक आहार वितरण, मातृ और शिशु स्वास्थ्य परामर्श के लिए व्यापक गतिविधियां आयोजित की गईं। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा सहयोगियों और स्थानीय संगठनों का उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार सुपोषित राजस्थान की दिशा में प्रभावी कदमों के लिए सतत् प्रयासरत रहेगी।

Medical College News: प्रदेश में अब मेडिकल काॅलेजों में मैनेजमेंट सीटों के नाम पर नहीं होगी अधिक फीस की वसूली

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चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि पूर्व में कुछ निजी मेडिकल काॅलेजों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूलने की शिकायतें मिली थी। इसके बाद राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के हित में फीस वसूली के नियमों में पूर्ण पारदर्शिता रखने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस्लामिक एकेडमी ऑफ एजुकेशन बनाम कर्नाटक राज्य मामले में दिए गए निर्णय की अनुपालना में यह आदेश जारी किया गया है। जिसमें निजी शैक्षणिक संस्थानों में शुल्क निर्धारण और प्रवेश प्रक्रिया को विनियमित करने पर जोर दिया गया है। आदेश के अनुसार राज्य स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा निर्धारित शुल्क संरचना का पालन सभी मेडिकल काॅलेजों के लिए अनिवार्य है। कुछ काॅलेज 15 प्रतिशत सीटों को मैनेजमेंट सीट्स बताकर कर रहे थे अतिरिक्त वसूली— चिकित्सा शिक्षा सचिव ने बताया कि यह आदेश मुख्य रूप से निजी चिकित्सा महाविद्यालयों द्वारा अनाधिकृत रूप से अतिरिक्त शुल्क वसूली की शिकायतों के आधार पर जारी किया गया है। विशेष रूप से यूजी काउंसलिंग बोर्ड की वेबसाइट पर कुछ निजी कॉलेजों द्वारा 15 प्रतिशत सीटों को मैनेजमेंट सीट्स बताकर अतिरिक्त शुल्क प्रदर्शित किया जा रहा है, जो शुल्क नियामक समिति द्वारा अधिकृत नहीं है। यह सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की अवहेलना है, जिसमें शिक्षा को लाभकारी व्यवसाय बनाने पर रोक लगाई गई है। शिकायतों और निरीक्षणों से सामने आई स्थिति— कई मामलों में विद्यार्थियों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूल करने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। राज्य सरकार को प्राप्त शिकायतों और निरीक्षणों से पता चला कि कुछ संस्थाएं व्यावसायीकरण की प्रवृत्ति अपनाकर विद्यार्थियों का शोषण कर रही हैं, जो संवैधानिक मूल्यों के विरूद्ध है। इस आदेश से ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सकेगी। आदेश के अनुसार निजी चिकित्सा महाविद्यालयों को अनुमोदित शुल्क संरचना का पालन करना होगा। सभी निजी चिकित्सा महाविद्यालयों और डेंटल महाविद्यालयों को समिति द्वारा निर्धारित शुल्क संरचना के अनुसार ही विद्यार्थियों से शुल्क वसूल करना होगा। ज्यादा शुल्क लिया तो ब्याज सहित लौटाना होगा, संबद्धता हो सकती है समाप्त— चिकित्सा शिक्षा सचिव ने बताया कि किसी भी संस्था द्वाराअनुमोदित शुल्क से अधिक कोई अन्य शुल्क वसूला जाता है तो प्रभावित विद्यार्थियों को 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ शुल्क वापस किया जाएगा। नियमों का अनुपालन न करने पर संस्था की संबद्धता आरयूएचएस और एमएमयू से समाप्त की जा सकती है, अतिरिक्त शुल्क काॅलेज की संपत्तियों से वसूल किया जाएगा और प्रभावित विद्यार्थियों को अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में स्थानांतरित किया जाएगा। ऐसी संस्थाओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। इसकी जानकारी एनएमसी और डीसीआई को भी दी जाएगी। संबद्धता समाप्त होने पर विद्यार्थियों के शुल्क और वित्तीय भार की वसूली संबंधित संस्था से की जाएगी। आदेश से फीस वसूली में आएगी पारदर्शिता, चिकित्सा शिक्षा होगी बेहतर— राज्य सरकार के इस आदेश से विद्यार्थियों से अनुचित फीस वसूली पर प्रभावी रोकथाम लगेगी। साथ ही, चिकित्सा शिक्षा अधिक सुलभ और किफायती बनेगी। इससे मेरिट आधारित प्रवेश प्रक्रिया मजबूत होगी और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, व्यावसायीकरण पर रोक लगेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। चिकित्सा शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान करने वाले योग्य डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी। ईमानदार संस्थाओं को समान प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा। चिकित्सा शिक्षा सचिव ने कहा है कि विद्यार्थी और अभिभावक प्रवेश से पहले शुल्क की आधिकारिक सूची की जांच कर लें और कोई अनियमितता पाएं तो तुरंत चिकित्सा शिक्षा विभाग या शुल्क निर्धारण समिति से शिकायत करें।

High Court News: राजस्थान आवासन मंडल की भूमि पर बसी 87 अवैध कॉलोनियां नहीं होगी नियमित —हाईकोर्ट

सावधान यदि आप जयपुर सहित किसी भी शहर में अपना घर बनाने के लिये प्लॉट लेने की सोच रहे हैं तो भूमाफियाओं के चुंगल से आपको बचना होगा। ये भूमाफिया लोगों को फंसा कर सरकारी भूमि पर अधिकारियों से मिलीभगत कर अवैध कॉलोनियों का सर्जन कर देते हैं। वैसे जयपुर जैसे शहर में ये आम बात है। लेकिन इस तरह का मामला सांगानेर क्षेत्र में देखने को मिला है। यहां राजस्थान आवासन मंडल की भूमि पर भूमाफियाओं ने अधिकारियों से मिलकर 87 अवैध कॉलोनियां बसा दी। मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। सरकार 87 अवैध कॉलोनियों को नियमित करना चाहती है। लेकिन 20 अगस्त 2025 को हाईकोर्ट ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को कैसे नियमित किया जा सकता है और कोर्ट ने अवैध निर्माण को नियमित करने के राज्य सरकार के प्रयासों पर रोक लगा दी, वहीं सभी अवैध निर्माण हटाकर आठ सप्ताह में रिपोर्ट तलब की। कोर्ट ने दोषी अधिकरियों के खिलाफ कार्रवाई करने को भी निर्देश दिये। वहीं हाईकोर्ट में पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि इन अवैध कालोनियों में कई रसूखदारों के प्लाॅट हैं। उनके दबाव में राज्य सरकार इन्हे नियतित करना चाहती है। मामले को लेकर राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की लेकिन सुप्रीम कोर्ट नाराजगी व्यक्त करते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर दखल करने से मना कर दिया और कहा कि वे अपना पक्ष हाईकोर्ट में ही रखे। वहीं सुप्रीम कोर्ट का ये रूख देखते हुए राजस्थान सरकार ने अपील वापस लेने की इच्छा जताई है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायाधीश संदीप मेहता की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने सरकार से स्पष्ट तौर पर कहा कि इस मामले में जो भी कहना है, हाईकोर्ट में कहें सुप्रीम कोर्ट अंतरिम आदेश पर दखल नहीं करेगा। आपको बतादें कि पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि राजस्थान सरकार ने 12 मार्च 2025 को सांगानेर की उन कॉलोनियो को नियमित करने का आदेश जारी किया, जो आवासन मंडल के लिए अवाप्त जमीन पर अवैध रूप से बसाई गई है। याचिका के अनुसार ये 87 कालोनियां बी-2 बाईपास से सांगानेर के बीच के क्षेत्र में बसी हैं। इस भूमि के लिए आवासन मंडल की ओर से काश्तकारों को भुगतान किया जा चुका। लेकिन अधिकारियों ने भूमाफियाओं से मिलीभगत कर यहां कब्जे करवा दिए और अब नियमन करवाया जा रहा है।

Rajasthan News: 2047 तक राजस्थान बनेगा विकसित राज्य, महिलाओं की रहेगी 60 प्रतिशत भागीदारी

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार विकसित राजस्थान/2047 के संकल्प को लेकर कार्य कर रही है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विकसित राजस्थान/2047 विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है। युवा, महिला, किसान और गरीब को ध्यान में रखते हुए यह दस्तावेज विकसित भारत/2047 की आंकाक्षाओं के अनुरूप राजस्थान का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित करेगा। गत अगस्त माह में सम्पन्न हुई राज्य मंत्रिमंडल की सभा में इस विजन डॉक्यूमेंट का अनुमोदन कर दिया गया था। कृषि, उद्योग, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा बनेंगे विकास का प्रमुख आधार — विजन डॉक्यूमेंट के अनुसार कृषि, उद्योग, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा को प्रमुख आधार बनाया है। वहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर बनाने की परिकल्पना की गई है। इस प्लान के मुताबिक प्रदेश में विकसित देशों की तर्ज पर सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही, शत-प्रतिशत साक्षरता, सुलभ स्वास्थ्य, सतत जल प्रबंधन, स्मार्ट शहरीकरण, पर्यावरण संरक्षण, युवा व महिला सशक्तीकरण के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में योजनाबद्ध रूप से कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष 2047 के दूरगामी लक्ष्य को हासिल करने के लिए चरणबद्ध रूप से विकास की रूपरेखा बनाई है। इसके लिए वर्ष 2030, 2035 और 2040 के मध्यावधि लक्ष्य भी तय किए गए हैं। इस प्रकार विभिन्न चरणों में आकार लेते हुए राज्य के विकास की तस्वीर पूर्ण होगी। 4 थीम और 13 सेक्टर्स पर आधारित है विजन डॉक्यूमेंट — विकास के इस दस्तावेज को प्रमुख रूप से 4 थीम्स और 13 सेक्टर्स में बांटा गया है। पहली थीम जन कल्याण एवं सामाजिक सशक्तीकरण पर आधारित है, जिसमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण को शामिल किया गया है। दूसरी थीम त्वरित विकास, समृद्धि व रोजगार सृजन पर आधारित है। जिसमें उद्योग, खनन और आर्थिक वृद्धि के साथ ही, पर्यटन व सांस्कृतिक विकास को जोड़ा गया है। डॉक्यूमेंट की तीसरी थीम भविष्य उन्मुख राजस्थान, आधारभूत अवसंरचना और सतत विकास पर आधारित है। इसमें आधारभूत विकास, जल सुरक्षा व अनुकूलता और पर्यावरण स्थायित्व व जलवायु अनुकूलता जैसे सेक्टर्स को समाहित किया गया है। इसका चौथा विषय नीति, वित्त और शासन के विजन को समेटे हुए हैं, जिसमें ग्रामीण और शहरी विकास, प्रभावी शासन व्यवस्था, सार्वजनिक सेवाएं और वित्तीय प्रबंधन व आर्थिक नीति को जोड़ा गया है। विकसित देशों के पैरामीटर्स पर तय किए विकास लक्ष्य — विजन डॉक्यूमेंट में राज्य के विकास लक्ष्य का आधार दुनिया के विकसित देशों के विभिन्न क्षेत्रों में हासिल पैरामीटर्स को माना गया है। उदाहरण के लिए जर्मनी का क्षेत्रफल और वहां की जनसंख्या राजस्थान के लगभग बराबर है। यदि जर्मनी के सकल राज्य मूल्य वर्धन में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी देखी जाए तो 2024 में वहां यह 19.7 प्रतिशत रही। राजस्थान ने भी वर्ष 2047 तक आर्थिक विकास को और अधिक गति देने के लिए राज्य के सकल राज्य मूल्य वर्धन में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। स्वास्थ्य एवं कल्याण के क्षेत्र की बात करें तो राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक प्रदेश के नागरिकों की जीवन प्रत्याशा 77 वर्ष तक पहुंचाना और शिशु मृत्यु दर प्रति 1 हजार शिशुओं पर 10 से नीचे लेकर आना है। इसी प्रकार शिक्षा प्रणाली को आधुनिक रूप देते हुए राज्य के प्रत्येक स्कूल में 100 प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और विद्यालय को कम्प्यूटर युक्त स्मार्ट विद्यालय में विकसित करना है। कार्यस्थलों पर महिलाओं की भागीदारी की जाएगी 60 प्रतिशत से अधिक — राज्य सरकार सामाजिक सशक्तीकरण और समावेशन के लिए महिलाओं, युवाओं व वंचित समुदायों पर केन्द्रित नीतियों को आधार बनाते हुए राज्य को सामाजिक रूप से सशक्त राज्य बनाने की योजना पर कार्य कर रही है। पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर महिलाएं भी राज्य के विकास में अपना योगदान दे सकें, इसके लिए कार्यस्थलों पर महिलाओं की भागीदारी 60 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य तय किया गया है। राजस्थान में पर्यटन क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार हमारी प्राचीन धरोहरों के संरक्षण के साथ ही, प्रदेश को वैश्विक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए कार्य कर रही है। सरकार की मंशा है कि देश में पर्यटकों के आवागमन में राज्य की भागीदारी 15 प्रतिशत कर राजस्थान को पर्यटन क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाए। इन सभी लक्ष्यों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों द्वारा कार्ययोजना तैयार की गई है। कार्ययोजना का वित्तीय आवश्यकताओं के अनुसार हर वर्ष आंकलन किया जाएगा और सतत मॉनिटरिंग और मूल्यांकन कर फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा। इससे हर विभाग की तय लक्ष्य के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित होगी और विकास कार्य निर्बाध रूप से संपन्न हो सकेंगे।

Pension News: प्रदेश में पारिवारिक पेंशन में हुआ बदलाव, हर छह माह में देना होगा प्रमाणपत्र

प्रदेश में वित्त विभाग ने राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 में संशोधन किया है। संशोधन के अनुसार अब सरकारी कर्मचारियों के निधन के बाद मिलने वाली पारिवारिक पेंशन का दुरुपयोग नहीं होगा और पात्र व्यक्ति को सुलभ लाभ पहुंचेगा। यह नई व्यवस्था प्रदेश में 2025 से लागू हो गई है। ये है नई पेंशन व्यवस्था:— पेंशन की नई व्यवस्था के अनुसार 12,500 की मासिक आय वाले अविवाहित पुत्रों और पुत्रियों को दी मिलेगी। वहीं दिव्यांगों को लाभ देते हुए सरकार ने अविवाहित की पत्रता को समाप्त कर दिया है। अब मानसिक या शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को विवाह करने के बाद भी पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलता रहेगा। लेकिन उनकी मासिक आय महंगाई राहत सहित 8,850 रुपये होनी चाहिये। मासीक आय बढ़ने पर ऐसे दिव्यांगों को पारिवारिक पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। इस नई व्यवस्था की खास बात यह है कि सभी पारिवारिक पेंशन भोगियों को हर छ: माह में अपनी वैवाहिक स्थिति और मासिक आय का प्रमाण—पत्र देना अनिवार्य होगा। प्रमाण—पत्र नहीं देने की स्थिति में सरकार द्वारा पारिवारिक पेंशन रोक दी जायेगी।

Nagar Nigam News: जयपुर शहर 10 नवंबर से अधिकारियों के हवाले

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राजधानी जयपुर की दोनों नगर निगमों का कार्यकाल 9 नवंबर 2025 खत्म हो जाएगा। चुनाव होने तक निगमों की बागडोर अधिकारियों के हवाले रहेगी। सम्भावना है कि बागडोर संभालने की जिम्मेदारी संभागीय आयुक्त को दी जा सकती है। अधिकारिक आदेश आने वाले दिनों में जारी होने की संभावना है। जब तक नई शहरी सरकार का गठन नहीं होगा तब तक जनहित के कार्य कुछ जटिल होने की संभावना है। क्योंकि जो कार्य पार्षदों के द्वारा होता था वो कार्य अब सांसद, विधायक या राजपत्रित अधिकारियों के माध्यम से हो पायेगा। ऐसे में सुलभ कार्य और सरल व्यवस्था के आमजन को चुनाव होने तक का इंतजार करना होगा।

Rajasthan News: सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स तैयार, आवंटन के लिये 24 अक्टूबर से होगें ऑनलाइन आवेदन शुरू

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औद्योगिक क्षेत्र सीतापुरा में रीको द्वारा 4,167 वर्गमीटर पर फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स (Plug & Play) का निर्माण किया गया है। रीको की राज्य में यह इस तरह की पहली परियोजना है। जिसमें उद्यमियों को लाइसेंस फीस पर मॉड्यूल्स का ऑनलाइन आवंटन होगा जिसका मुख्य उद्देश्य उद्यमियों को शीघ्र इकाई की स्थापना के लिये रेडी टू मूव मॉडयूल्स उपलब्ध कराना है। इस योजना की अनुमानित लागत 25 करोड़ रूपये है। इसमें से भारत सरकार द्वारा एमएसई-सीडीपी योजना के अन्तर्गत कुल 10.23 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया गया। इस फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स में मॉड्यूल के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यालय, बैंक, प्रशिक्षण कक्ष, सभा कक्ष और कैंटीन, मालवाहक व यात्री लिफ्ट जैसी सुविधाओं का निर्माण किया गया है। बिल्डिंग में कुल 33 मॉड्यूल (भूतल-3, प्रथम-10, द्वितीय-10 और तृतीय-10) का निर्मित किये गये है, जिनमें सभी में पेन्ट्री की सुविधा हेतु निर्मित क्षेत्रफल भी बनाया गया है। रीको द्वारा फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्पलेक्स (Plug & Play) में रेडी टू मूव मॉडयूल्स सुविधा के अंतर्गत सूक्ष्म उद्योगों जिनका टर्नओवर 05 करोड़ से अधिक ना हो, को गारमेन्ट एण्ड अपैरल उद्योग के लिए विभिन्न क्षेत्रफल 1236 से 1566 वर्गफीट का बिल्टअप स्पेस उपलब्ध करवाया जायेगा, जिससे वे अपना उद्योग तत्काल शुरू कर सकेंगे। इस कॉम्पलेक्स में सूक्ष्म उद्यमियों को रूपये 18/- प्रति वर्गफीट से लाइसेंस फीस के आधार पर मॉड्यूल्स को ई-बिडिंग के माध्यम से प्राप्त दरों पर लाईसेंस आधार पर 01 से 07 वर्ष की अवधि के लिये आवंटित किया जावेगा। इसके लिये रीको ने पृथक से एक पोर्टल भी बनाया है, जिसे दिनांक 24.10.2025 से प्रारम्भ किया जा रहा है। इस पोर्टल पर SSO ID के माध्यम से इच्छुक उद्यमी दिनांक 24.10.2025 से 03.11.2025 को सायं 06.00 बजे तक ईएमडी राशि जमा करवाकर दिनांक 04.11.2025 को प्रातः 10 बजे से सायं 05 बजे तक ई-बिडिंग में भाग लेकर रेडी टू मूव मॉड्यूल प्राप्त कर सकते है। प्रथम चरण में प्रथम तल से तृतीय तल पर निर्मित कुल 30 मॉड्यूल्स का लाईसेंस आधार पर गारमेन्ट एण्ड अपैरल उद्योग के उद्यमियों को आवंटन किया जाना प्रस्तावित है। इन 30 मॉड्यूल्स में से 06 मॉड्यूल्स विभिन्न श्रेणी जैसेः महिला, अनुसूचित जाति/जन जाति, भूतपूर्व सैनिक, विशेष योग्यजन के लिये आरक्षित हैं। इस योजना के तहत मॉड्यूल्स के आवंटन से संबंधित नियम एवं शर्ते, ईएमडी विवरण, रजिस्ट्रेशन से संबंधित जानकारी रीको की वेबसाइट riico.rajasthan.gov.in अथवा www.riico.co.in भी उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिये रीको की हैल्पलाइन नंबर 0141-4593250 या रीको सीतापुरा इकाई कार्यालय के फोन नंबर 0141-2770208 या ईमेल sitapura@riico.co.in पर संपर्क किया जा सकता है।

IPS NEWS: सचिन मित्तल बने जयपुर पुलिस कमिश्नर

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प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद भजनलाल सरकार ने अवकाश के दिन बुधवार को भारतीय पुलिस सेवा के 34 अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है। वहीं जयपुर को भी नया पुलिस आयुक्त मिल गया है। इसकी जिम्मेदारी सचिन मित्तल को सौपी है। तबादला सूची के अनुसार जयपुर महानिदेशक (स्पेशल ऑपरेशंस) का नया पद भी सृजित किया है। इसकी जिम्मेदारी आनंद श्रीवास्तव को दी है और कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जेल और गृह रक्षा की जिम्मेदारी अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल सौंपी है। वहीं कानून-व्यवस्था को संभालने के लिये संजय कुमार अग्रवाल को नियुक्त किया है और भ्रष्टाचार को रोकने के लिये सरकार ने गोविंद गुप्ता पर भरोसा किया है। ट्रैफिक व्यवस्था में अनिल पालीवाल, जेलों से अपराध को रोकने के लिए अशोक कुमार राठौड़, उग्रवाद निरोधक के लिये दिनेश एमएन, पुलिस अपराध शाखा की जिम्मेदारी हवासिंह घुमरिया, पुलिस अकादमी का जिम्मा संजीव कुमार नर्जरी, पुलिस सतर्कता के लिये एस सैंगाथिर, पुलिस महानिरीक्षक जयपुर रेंज के लिये एचजी राघवेंद्र सुहासा और आईजी एसीबी के लिये सत्येंद्र कुमार को जिम्मा दिया गया है।

Congress News: प्रदेश कांग्रेस में 50 जिलाध्यक्षों के लिये 3000 नेताओं की दावादारी

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राजस्थान कांग्रेस संगठन में 50 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिये 3000 नेताओं ने दावादारी की है। जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिये 24 अक्टूबर को दिल्ली हाईकमान ने सभा आहूत की है। बताया जा रहा है कि सभा के दौरान राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल राजस्थान के सभी पर्यवेक्षकों से अलग—अलग बात करेगें। सभा में राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट भी भाग लेगें। उपरोक्त सभी नेताओं की रायशुमारी से ही जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पर निर्णय लिया जायेगा। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार एक जिलाध्यक्ष के लिये छह नामों की संभावित सूची तैयार की है। सूची में चयन की पत्रता के लिये संगठनात्मक सक्रियता, पार्टी निष्ठा और स्थानीय पकड़ को प्राथमिकता दी है। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि नए जिलाध्यक्षों को अब पहले से अधिक अधिकार दिए जाएंगे। मजे की बात ये है कि इस बार जिलाध्यक्ष बनने की दौड़ में कई विधायक, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता भी अपना भाग्य आजमा रहे है। आपको बतादें कि जिलाध्यक्षों के चयन के लिये प्रदेश के सभी जिलों में खूब टंटे हुए हैं और खुल कर गुटबाजी सामने आई थी। अब देखना यह कि हुई टंटा बाजी के बीच किस—किस नेता का भाग्य जोर मारता है। सूत्रों का यह भी कहना है कि जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद प्रदेश अध्यक्ष का भी निर्णय किया जायेगा। प्रदेश अध्यक्ष के नामों में सबसे उपर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली नाम बताया जा रहा है।

Road Accident: गंगापुर सिटी में सड़क हादसे से 3 लोगों हुई मौत

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गंगापुर सिटी-सवाई माधोपुर सड़क मार्ग पर मंगलवार शाम सड़क हादसा हो गया। हादसा इताना जबरदस्त था कि मौके पर ही तीन लोगों की मृत्यु हो गई और दोनो वाहन पूरी तरह चकना चूर हो गये। हादसा कार और एक टेंपो में आमने-सामने भिड़ंत होने हुआ।। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा ओवरटेक के कारण हुआ था। दोना वाहनो की टक्कर की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य किया। इस दौरान लोगों ने घायलों को वाहनों से निकालकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के अनुसार तीन लोगों घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं छह अन्य गंभीर रूप से घायल होना बताया है। घायलों को गंगापुर सिटी के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। दूसरी और गंभीर घायलों पांच लोगों को जयपुर रेफर किया गया। घायलों में मोहन (23), फूल कंवर (40), प्रदीप (30), बच्चन गुर्जर (45) और मकसूद (18) शामिल है। वहीं बने सिंह मीणा (40) का इलाज गंगापुर सिटी में जारी है। जिन लोगों की घटना स्थल पर मौत हुई उनमें गिर्राज मीणा (55) राम कल्याण गुर्जर और मानसिंह गुर्जर (45) नाम की पहचान हुई है। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और उनके परिजनों को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां अक्सर तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग हादसे होते हैं। वहीं भारी वाहनों की अवैध रफ्तार पर नियंत्रण नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।