C M NEWS: सरकार ने अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के 14 दोषी कार्मिकों प्रदान की अभियोजन स्वीकृति

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प्रदेश में जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के दोषी कार्मिकों के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 14 प्रकरणों में कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही और 2 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति का अनुमोदन किया है। 4 प्रकरणों में सेवानिवृत अधिकारियों की रोकी पेंशन— अभियोजन स्वीकृति के लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करते हुए 2 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं सेवारत अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के 8 प्रकरणों में वार्षिक वेतन वृद्धियां रोकने का निर्णय किया गया है और सेवानिवृत्त अधिकारियों के चार प्रकरणों में पेंशन राशि रोकने का दंड दिया गया है। एक अन्य प्रकरण में नियम 34-सीसीए के अंतर्गत प्रस्तुत अपील को खारिज करते हुए पूर्व में प्रदत्त दंड को यथावत रखा गया है। वहीं, सीसीए नियम-23 के अन्तर्गत प्रस्तुत अपील में राहत देते हुए परिनिंदा तक सीमित किया गया है।

Rajasthan News: विलायती बबूल के राज्यव्यापी उन्मूलन की तैयारी में राज्य सरकार

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प्रदेश में विलायती बबूल उन्मूलन के लिए सरकार व्यापक कार्ययोजना बना रही है। मामले में आज पंचायती राज के सभागार में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विभिन्न विभागों के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े मंत्री दिलावर ने कहा कि प्रदेश से विलायती बबूल के प्रभावी और स्थायी उन्मूलन के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। वन और राजस्व विभागों द्वारा एक स्पष्ट और पारदर्शी दिशा-निर्देश जारी होने के बाद प्रदेश के प्रत्येक गांव में अभियान के रूप में विलायती बबूल के उन्मूलन का कार्य निर्बाध रूप से प्रारंभ किया जाएगा। वहीं दोनो विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक आदेश शीघ्र जारी किया जाए ताकि इस पौधे की कटाई के लिए बार-बार अनुमति लेने की आवश्यकता समाप्त हो और किसी प्रकार की वैधानिक बाधा न उत्पन्न हो। श्री दिलावर ने बताया कि विलायती बबूल एक आक्रामक विदेशी प्रजाति है, जो प्रदेश की ग्रामीण भूमि, चारागाहों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। इसकी गहरी जड़ें (लगभग 30 फीट तक) और अत्यधिक जल सोखने की क्षमता (15 मीटर तक) भूजल स्तर में गिरावट और मृदा की उर्वरता में कमी का कारण बन रही हैं। इसके कारण देशी पौधों की प्रजातियाँ भी नष्ट हो रही हैं। उन्होने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से एक व्यवस्थित और सक्रिय अभियान के रूप में विलायती बबूल का उन्मूलन करने की दिशा में कार्य करें। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कटाई के दौरान अन्य उपयोगी वृक्षों को कोई क्षति न पहुंचे। विलायती बबूल के कोयले के परिवहन में आने वाली प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए परिवहन की अनुमति प्रणाली को सरल बनाया जाए। श्री दिलावर ने सुझाव दिया कि इस पौधे के पुनः उगने की प्रवृत्ति को देखते हुए राज्य सरकार को इसके उन्मूलन के लिए तीन से चार वर्ष की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करनी होगी।

JDA NEWS: जेडीए ने अवैध कॉलोनी को किया ध्वस्त

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जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जोन-13 में निजी खातेदारी कृषि भूमि पर बसाई जा रही नवीन अवैध कॉलोनी वैषाली नगर के शेष रहे अवैध निर्माण के विरूद्ध पूर्णतः ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। उप महानिरीक्षक राहुल कोटोकी ने बताया कि जोन-13 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित आगरा रोड़ ग्राम सिंदोली, सावरियां रोड़, जिला जयपुर में निजी खातेदारी कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के और बिना भू रूपान्तरण करवायें भूमि को समतल कर बसाई जा रही नवीन अवैध कॉलोनी वैशाली नगर के विरूद्ध कल दिनांक 14.10.2025 ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू की गई थी, उक्त अवैध कॉलोनी की शेष रही मिट्टी-ग्रेवल सड़के व अन्य अवैध निर्माण को आज प्रवर्तन प्रकोष्ठ द्वारा जोन-13 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा 03 जेसीबी मषीनों व मजदूरों की सहायता से प्रारिम्भक स्तर पर ही ध्वस्त कर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल किया गया। उक्त कार्यवाही मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन आदर्ष चौधरी के पर्यवेक्षण में उपनियंत्रक प्रवर्तन-द्वितीय, प्रवर्तन अधिकारी जोन-13 और प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड और जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।

RHB NEWS: राज्य सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, सम्मानजनक जीवन देना है —मंत्री झाबर सिंह खर्रा

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राजस्थान हाउसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित समृद्धि अपार्टमेंट, जयपुर के 159 पात्र आवंटियों को बुधवार को उनके आवंटन पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर नगरीय विकास और आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने लाभार्थियों को उनके सपनों के घर के दस्तावेज़ सौंपे। यह आयोजन प्रताप नगर स्थित मण्डल के वृत प्रथम कार्यालय में चल रहे “शहरी सेवा शिविर 2025” अभियान के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में जनसेवा को त्वरित, पारदर्शी और सुलभ बनाना है। मंत्री श्री खर्रा ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि हर परिवार को सम्मानजनक जीवन देना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में “हर सर को छत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री श्री खर्रा ने सभी 159 आवंटियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत और आत्मनिर्भर जीवन की नींव हैं। वहीं आवासन अध्यक्ष देबाशीष पृष्टि ने कहा कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने अपनी योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि “समृद्धि अपार्टमेंट” परियोजना आम नागरिकों को किफायती दरों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवास प्रदान करने का सफल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बोर्ड अब पारंपरिक निर्माण से आगे बढ़कर तकनीकी नवाचार और नागरिक सुविधा केंद्रित परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी समय में बोर्ड द्वारा राज्यभर में कई नई आवासीय परियोजनाएँ प्रारंभ की जाएँगी। आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने बताया की समृद्धि आवासीय योजना में प्रति फ्लैट की कीमत 35 लाख अनुमानित थी लेकिन मण्डल ने उसी उच्च गुणवत्ता के साथ प्रत्येक फ्लैट 31 लाख में दिया है। मण्डल भविष्य में भी विभिन्न आय वर्ग के लिए इसी तरह किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाले आवास उपलब्ध करवाता रहेगा ।

C M NEWS: मुख्यमंत्री पहुंचे जैसलमेर बस दुखांतिका पर जताया गहरा शोक

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जैसलमेर में बस में आग लगने से हुई दुर्घटना पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। हृदयविदारक घटना की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री विशेष विमान से जयपुर से जैसलमेर पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने थईयात आर्मी एरिया में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त बस का निरीक्षण भी किया। इस दौरान श्री शर्मा ने आर्मी के अधिकारियों, जवानों और स्थानीय नागरिकों को बचाव व राहत कार्यों के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया और कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार परिजनों के साथ खड़ी हैं। घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराएं— श्री शर्मा जोधपुर पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी अस्पताल में बर्न यूनिट में भर्ती घायलों की कुशलक्षेम पूछी और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मुख्यमंत्री ने घायलों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढ़स बंधाया। उन्होंने घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से प्रत्येक मरीज की चिकित्सकीय रिपोर्ट, जलन का प्रतिशत, उपचार पद्धति और आवश्यक संसाधनों की जानकारी विस्तार से प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर बर्न स्पेशलिस्ट टीमों को तत्काल बुलाया जाए। वहीं श्री शर्मा ने बर्न यूनिट में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट, इंटेंसिव केयर बेड्स और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता की जानकारी भी ली। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों को निर्देश दिया कि हर मरीज के लिए विशेष चिकित्सकीय निगरानी दल (डेडिकेटेड डॉक्टर और नर्स) तैनात किया जाए ताकि 24 घंटे मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घायल के परिजन को अस्पताल में ठहरने, भोजन व अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

C M NEWS: सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार करने में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार करने में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में है। राज्य सरकार सहकारी समितियों को सशक्त कर ग्रामीणों की आय बढ़ाने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को बेहतर बाजार के अवसर सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित नवीन को-ऑपरेटिव अधिनियम से सहकारिता आंदोलन और अधिक समावेशी बनेगा व सहकारी सोसायटियों में प्रक्रियाओं के सरलीकरण, पारदर्शिता एवं जवाबदेहिता को बढ़ावा मिलेगा। श्री शर्मा मंगलवार को नए को-ऑपरेटिव कोड के संबंध में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन के हित में सहकारी कानून को अधिक प्रासंगिक बनाने के लिए नवीन सहकारी कोड लाने जा रही है। इस संबंध में अधिकारियों ने महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल इत्यादि राज्यों के सहकारी कानूनों के प्रभावी प्रावधानों का समावेश नए सहकारिता कोड में किया है, जिससे सहकारी संस्थाएं सशक्त हो सके। सतत् विकास में सहकारी समितियों की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण— श्री शर्मा ने कहा कि सतत् विकास में सहकारी समितियों की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश में सहकारिता को सभी के लिए सुलभ बनाया जाए, ताकि लोगों को सशक्त होने के अधिक से अधिक अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि इस नवीन को-ऑपरेटिव कोड में सहकारी समितियां अपने कार्यक्षेत्र के बाहर स्वयं की दुकानों अथवा आउटलेट खोलकर सीधे अपने उत्पाद बेच सकेगी। साथ ही, ऑडिट को मजबूत करने के लिए सोसायटी द्वारा समय पर ऑडिट रिपोर्ट को विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा। जिससे आमजन को भी इसकी जानकारी समय से मिल सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नवीन को-ऑपरेटिव कोड में वे समस्त प्रावधान जोड़े जाएं, जिससे सहकारी समितियों को पारदर्शी एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके। इस दौरान नवीन को-ऑपरेटिव कोड में सहकारी सोसायटियों की परिभाषा को स्पष्ट करने, पंजीयन एवं उपनियम संशोधन की समय-सीमा घटाने, पात्र व्यक्तियों की सदस्यता सुनिश्चित करने, समितियों के प्रबंधन में अधिक से अधिक लोकतांत्रिक नेतृत्व को विकसित करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने सहित विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं विभिन्न क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने सहकारी समितियों के उपनियमों में संशोधन संबंधी सुझाव दिए।

Mines News: नीलाम खानों के शीघ्र परिचालन के प्रति केन्द्र व राज्य सरकार गंभीर -मुख्य सचिव

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मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि नीलाम खानों को शीघ्र परिचालन में लाने को लेकर केन्द्र और राज्य सरकार गंभीर है। इसके लिए संबंधित विभागों द्वारा पर्यावरण अनुमति सहित आवश्यक अनुमतियां नियमानुसार प्राथमिकता से जारी की जाए। उन्होंने कहा भारत सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर केपिटल इंवेस्टमेंट योजना के तहत राज्य में इस वर्ष 10 मेजर मिनरल खानें परिचालन में आने पर राज्य को 300 करोड़ रु. का अनुदान केन्द्र सरकार द्वारा दिया जाएगा। वहीं भारत सरकार की इस योजना के साथ ही नीलाम खानों के शीघ्र परिचालन में आने से प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। श्री पंत मंगलवार को सचिवालय के चिंतन कक्ष में पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा पेंडिंग ईसी के संबंध में संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, खान, सेक, सीया और संबंधित स्टेक होल्डर्स की कार्यशाला, ओरियंटेशन या प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर ईसी से संबंधित एसओपी की जानकारी देते हुए सभी औपचारिकताओं के प्रति जागरुक किया जाए ताकि ईसी जारी करने में अनावश्यक देरी ना हो सके। उन्होंने वृक्षारोपण सहित खानधारकों के लिए जारी आवश्यक कानून कायदों की पालना सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने बजरी खानों की भी प्राथमिकता से ईसी जारी करने को कहा ताकि आमजन को राहत मिल सके। उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव वन व पर्यावरण के स्तर पर मासिक समीक्षा पर जोर दिया ताकि कार्य में गति आ सके। संवाद के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण आनन्द कुमार ने कहा कि सेक, सीया और खान विभाग को बेहतर तालमेल बनाते हुए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई जाएं ताकि नीलाम खानों में खनन कार्य आरंभ हो सके। वहीं प्रमुख शासन सचिव खान टी. रविकान्त ने बताया कि राज्य को इस साल कम से कम दस खाने परिचालन में लानी है। इनमें से दो खाने परिचालन में है और 8 खानों को जल्द से जल्द परिचालन में लाने के लिए ईसी जारी कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने सीया से व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए नीलाम खानों को पर्यावरण स्वीकृतियां जारी कराने की आवश्यकता प्रतिपादित की। श्री रविकान्त ने बताया कि 10 खाने परिचालन में आते ही राजस्थान को केन्द्रीय सहायता योजना के तहत 300 करोड़ रुपये इंसेन्टिव के रुप में प्राप्त होंगे और प्रदेश में खनन क्षेत्र में निवेश, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और सरकारी खजानें में राजस्व की बढ़ोतरी हो सकेगी।

Agricultural News: प्रदेश में दलहन-तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीद 18 अक्टूबर से

प्रदेश में मूंग, मूंगफली, उड़द और सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए राज्य में 18 अक्टूबर से ऑनलाइन पंजीयन होगा। सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने बताया कि किसान अपने जन आधार कार्ड और ऑनलाइन गिरदावरी से ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकता है। श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले में मूंग खरीद हेतु ऑनलाइन पंजीकरण 27 सितम्बर से ही प्रारम्भ कर दिये गए थे। श्री दक ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा मूंग का समर्थन मूल्य 8,768 रुपये, उड़द का 7,800 रुपये, मूंगफली का 7,263 रुपये एवं सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5,328 रुपये प्रति क्विंटल एफ.ए.क्यू. श्रेणी घोषित किया गया है। समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन की खरीद हेतु पीएसएस गाइडलाइन के अनुसार केन्द्र सरकार को अंडरटेकिंग भिजवाये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। केन्द्र सरकार से खरीफ-2025 के अंतर्गत दलहन-तिलहन की खरीद हेतु जिन्सवार लक्ष्य प्राप्त होने के साथ ही खरीद प्रारम्भ कर दी जाएगी। खरीद से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के लिए राजफेड के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होने बताया कि ऑनलाइन पंजीयन के लिए किसान को जनआधार कार्ड नम्बर और खसरा गिरदावरी की ऑनलाइन प्रति पंजीयन फॉर्म के साथ अपलोड करनी होगी। बिना गिरदावरी के पंजीयन करवाने वाले किसान का पंजीयन समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए मान्य नहीं होगा। बटाईदार की स्थिति में पंजीकरण के समय भूमि मालिक के प्रमाणीकरण हेतु ओटीपी भेजा जाएगा और सत्यापन के पश्चात ही पंजीकरण पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि ई-मित्र केन्द्र भी समर्थन मूल्य योजना में किसानों का पंजीयन राजफेड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पूर्ण सावधानी से करें। गलत और तहसील के बाहर के किसानों का पंजीयन करने पर ई-मित्र संचालकों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं ऑनलाइन पंजीकरण ई-मित्र के माध्यम से प्रातः 9 बजे से सायं 7 बजे तक किये जा सकेंगे। किसान पंजीकरण से पूर्व अपना बैंक खाता जनआधार कार्ड में आवश्यक रूप से संशोधन करवा लें जिससे ऑनलाइन भुगतान के समय उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए राजफेड मुख्यालय में हेल्प लाइन नम्बर 1800-180-6001 स्थापित किया गया है।

Rajasthan News: प्रदेश को मिली 9,300 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एवं कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में 9 हजार 300 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया। श्री शाह नवीन आपराधिक कानूनों पर आयोजित राज्य स्तरीय 6 दिवसीय प्रदर्शनी ’नव विधान-न्याय की नई पहचान’ के उद्घाटन के लिए जयपुर आए थे। केन्द्रीय गृहमंत्री ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के तहत प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से 4 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउण्ड ब्रेकिंग की। उन्होंने प्रदेश के लगभग 40 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म के लिए 240 करोड़ रुपये एवं दुग्ध उत्पादकों को दूध सब्सिडी के 364 करोड़ रुपये की राशि का हस्तान्तरण किया। उन्होंने 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत रजिस्ट्रेशन का शुभारम्भ भी किया। उन्होंने प्रदेश के दूरदर्शी विकास की संकल्पना को समर्पित ‘विकसित राजस्थान-2047 कार्ययोजना’ का विमोचन भी किया। इन कार्यों का हुआ लोकार्पणः- -भुसावर बाईपास एवं सड़क निर्माण के 436.54 करोड़ रू. के 20 कार्य। -पशु चिकित्सा उपकेन्द्र एवं पशु चिकित्सालयों के 1108.57 करोड़ रू. के 57 कार्य। -खारा पानी एक्वाकल्चर प्रयोगशाला चूरू के 1.40 करोड़ रू. के कार्य। -बीमा भवन, उप पंजीयक एवं उप महानिरीक्षक कार्यालय, जयपुर के भवनों के निर्माण के 179.69 करोड़ रू. के 3 कार्य। -अभीम योजना के तहत ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिटों के भवन निर्माण के 615.81 करोड़ रू. के 12 कार्य। -15वां वित्त आयोग के तहत उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण के 723.10 करोड़ रू. के 21 कार्य। -एनआरएचएम के तहत ड्रग वेयर हाउस एवं लैक्टेशन मैनेजमेन्ट युनिट, चित्तौड़गढ़ के भवनों के 158.60 करोड़ रू. के 2 कार्य। -वन स्टॉप सेन्टर भवनों के 73.62 करोड़ रू. के 2 कार्य। -राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, भोपालगढ़ (जोधपुर) के भवन निर्माण के 667.65 करोड़ रू. के कार्य। -डाइट, राजकीय माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों के भवनों के निर्माण के 25.40 करोड़ रू. के 9 कार्य। -राजकीय आयुर्वेद औषधालयों के भवनों के निर्माण के 350.00 करोड़ रू. के 12 कार्य। -राजकीय होम्योपैथिक औषधालय भवनों के निर्माण के 32.44 करोड़ रू. के 2 कार्य। -जल जीवन मिशन के तहत पेयजल परियोजनाओं के 236.75 करोड़ रू. के 3 कार्य। -स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत कोटा शहर के इन्द्र विहार एवं राजीव गांधी नगर की जलवितरण प्रणाली के सुदृढीकरण के 12.55 करोड़ रू. के कार्य। -लव कुश वाटिका, जोरमा, उदयपुर के 136.96 करोड़ रू. के कार्य। -सिन्थेटिक एथलेटिक ट्रेक के निर्माण के 38.83 करोड़ रू. के 4 कार्य। -अकादमी भवन, इन्डोर हॉल एवं जिम हॉल भवन निर्माण के 23.00 करोड़ रू. के 6 कार्य। -मिनी एवं इंडोर स्टेडियम के निर्माण के 9.00 करोड़ रू. के 2 कार्य। -सेक्टर-22, प्रताप नगर आवासीय योजना, जयपुर में मध्यम आय वर्ग-अ समृद्धि अपार्टमेन्ट-प्रथम एवं द्वितीय के निर्माण के 25.21 करोड़ रू. के 3 कार्य।का -लघुवन उपज प्रशिक्षण केंद्र, उदयपुर एवं राजकीय जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास, बिलिया बडगामा (सागवाडा) के भवन निर्माण के 4.55 करोड़ रू. के 2 कार्य -देवनारायण योजना के तहत आवासीय विद्यालय एवं छात्रावासों के भवनों के निर्माण के 22.49 करोड़ रू. के 3 कार्य। -नर्सिंग कॉलेज, बूंदी के भवन निर्माण के 18.63 करोड़ रू. के कार्य। -अल्पसंख्यक बालक/बालिका छात्रावासों के भवन निर्माण के 14.35 करोड़ रू. के 6 कार्य। -अल्पसंख्यक बालक/बालिका आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण के 71.62 करोड़ रू. के 5 कार्य। -कॉमन सर्विस सेंटर के भवन निर्माण के 3.68 करोड़ रू. के 2 कार्य। -राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, टपूकड़ा के नवीन भवन के 28.50 करोड़ रू. के कार्य। -पंचायत समिति, ग्राम पंचायत कार्यालय, अंबेडकर भवन, सामुदायिक केन्द्र एवं नाली निर्माण के 2.86 करोड़ रू. के 5 कार्य। -बायोगैस प्लांट स्थापना गौशाला उदयपुर एवं पाली के 81 लाख रू. के 2 कार्य। -विद्यालय भवनों, कक्षा कक्षों, पुस्ताकलयों, प्रयोगशाला एवं विविध निर्माण के 8.54 करोड़़ रू. के 19 कार्य। -डूंगरपुर में नवीन जिला कारागृह के निर्माण के 13.47 करोड़़ रू. के कार्य। -अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, वृत्ताधिकारी कार्यालय, पुलिस थाना एवं पुलिस चौकी निर्माण के 7.82 करोड़़ रू. के 7 कार्य। -एनिकट निर्माण एवं मरम्मत के 26.96 करोड़ रू. के 4 कार्य। -कमांड क्षेत्र में पक्के जलमार्ग का निर्माण एवं अर्थूना डिस्ट्रीब्यूटरी और इसकी प्रणालियों का पुनर्वास और नवीनीकरण के 73.99 करोड़ रू. के 3 कार्य। -राजकीय महाविद्यालय, कन्या महाविद्यालय एवं कृषि महाविद्यालय के 160.82 करोड़़ रू. के 30 कार्य। -जगतपुरा जोन में डामर सड़क, सी. सी. सड़क निर्माण एवं अलवर के कटी घाटी स्थित गौरव पथ पर प्रवेश द्वार के 4.87 करोड़ रू. के 8 कार्य। -33/11 के.वी. जी.एस.एस. निर्माण के 128.98 करोड़ रू. के 58 कार्य। -प्रधानमंत्री कुसुम योजना – ए एवं सी के अंतर्गत सोलर संयत्रों की स्थापना के 1029.44 करोड़ रू. के 161 कार्य। -220 केवी जीएसएस कारोली एवं रायला और संबंधित लाइन निर्माण के 117.52 करोड़ रू. के 2 कार्य। -132 केवी जीएसएस व संबंधित लाइन निर्माण के 258.02 करोड़ रू. के 7 कार्य। इन कार्यों का हुआ शिलान्यासः- -जवाई पुलिया, सिरोही का जीर्णोद्धार एवं विभिन्न सड़क निर्माण, चौड़ाईकरण एवं सुदृढ़ीकरण के 1405.00 करोड़ रू. के 67 कार्य। -राजस्थान ग्रामीण जल प्रदाय एंव फ्लोरोसिस मिटिगेशन परियोजना फेज-2 नर्मदा नहर आधारित वृहद पेयजल परियोजना (सीपी 02) हेतु 1039.98 करोड़ के कार्य। -प्रधानमंत्री कुसुम योजना के रू. 805.38 करोड़ के 172 कार्य। -220 केवी के 5 जीएसएस, 132 केवी के 10 जीएसएस व संबंधित लाइनों के 961.18 करोड़ रू. के कार्य। -जल जीवन मिशन के अन्तर्गत नागौर लिफ्ट परियोजना प्रथम चरण में पमिं्पग मशीनरी तथा 179 ग्रामों एवं 1001 ढाणियों को घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने हेतु 404.41 करोड़ रू. के 3 कार्य। -अमृत 2.0 योजनान्तर्गत शहरी पेयजल योजना के 196.00 करोड़ रू. के 12 कार्य। -जिला अस्पताल, चूरू एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चिकित्सा स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण के 172.57 करोड़ रू. के 15 कार्य। -सालासर में सहायक अभियन्ता कार्यालय के भवन निर्माण एवं 33 केवी जीएसएस के 127.86 करोड़ रू. के 46 कार्य। -सोलर आधारित फव्वारा पद्धति से सिंचाई सुविधा हेतु 165.81 करोड़ रू. के 3 कार्य। -15 वें वित्त आयोग के तहत् चिकित्सा स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण के 108.99 करोड़ रू. के 74 कार्य। -राज्य मद से चिकित्सा स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण के 54.40 करोड़ रू. के 18 कार्य। -राजकीय आईटीआई के भवन निर्माण के 37.16 करोड़ रू. के 4 कार्य। -राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के भवन निर्माण के 80.15 करोड़ रू. के 54 कार्य। -जल जीवन मिशन आपणी योजना फेज-प्रथम एवं सरदारशहर के 60 ग्रामों के संवर्धन मय पुनर्गठन का कार्य पैकेज-4 (चूरू-बिसाउ फीडर) हेतु 99.77 करोड़ रू. के कार्य। -पेयजल सप्लाई पाइप लाइन एवं उच्च जलाशय निर्माण के 39.20 करोड़ रू. के 8 कार्य। -जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जल योजना के 77.20 करोड़ रू. के 44 कार्य। -ग्रामीण जल योजना जघीना (भरतपुर), झीरी, ब्लॉक सरमथुरा (धौलपुर) एवं ग्राम नेहड़ाई देवा पोहरा जेठवई किशनघाट (जैसलमेर) के 58.63 करोड़ रू. के 3 कार्य। -एमएनआईटी फैकल्टी आवासीय योजना, जयपुर के 124 एचआईजी आवासों के भवन निर्माण के 91.58 करोड़ रू. के कार्य। -प्रताप नगर, सांगानेर में सामुदायिक केन्द्रों के भवन निर्माण के 5.00 करोड़ रू. के 2 कार्य। -जनजाति एकलव्य आवासीय विद्यालय, खारडा, जिला- पाली के भवन निर्माण का 15.15 करोड़ रू. का कार्य। -जनजाति बालक/बालिका आश्रम छात्रावास के भवन निर्माण के 9.09 करोड़ रू. के 3 कार्य। -देवनारायण बालक/बालिका आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण के 56.85 करोड़ रू. के 3 कार्य। -पर्यटक स्थल, आमेर एवं आसपास सुविधाओं के विस्तार हेतु 16.86 करोड़ रू. के 7 कार्य। -चित्तौड़गढ, अजमेर, डीडवाना, करौली एवं जोधपुर में पैनोरमा निर्माण के 20 करोड़ रूपये के 5 कार्य। -राजकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण 93.70 करोड़ रू. के 17 कार्य। -तालाब, एनीकट, नहर आदि के निर्माण, मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के 105.59 करोड़ रू. के 25 कार्य। -वृत्ताधिकारी कार्यालय, पुलिस थाना एवं 100 क्षमता की महिला बैरिक के भवन निर्माण के 9.31 करोड़ रू. के 3 कार्य। -सवाई माधोपुर जिले में विविध निर्माण के 15 लाख रू. के 3 कार्य। -राजकीय नवीन पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के निर्माण के 27.00 करोड़ रू. के 3 कार्य। -नाबार्ड द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सुरेवाला, हनुमानगढ़ के भवन निर्माण के 5.36 करोड़ रू. के कार्य। -जैसलमेर जिले के पशु चिकित्सा उपकेन्द्र, सियाम्बर एवं पशु चिकित्सालय, रातडिया के 57 लाख रू. के 2 कार्य।

Rajasthan News: प्रदेश में नव विधान: न्याय की नई पहचान’ का हुआ उद्घाटन

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को जेईसीसी सीतापुरा में नए आपराधिक कानूनों पर आधारित भव्य प्रदर्शनी ’नव विधान: न्याय की नई पहचान’ का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी का गहनता से अवलोकन कर पूरी प्रक्रिया का लाइव डेमो देखा और इसकी सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा भी उपस्थित रहे। प्रदर्शनी में न्यायिक प्रक्रिया को 3 चरणों के अन्तर्गत 10 जोन और मॉडल में लाइव डेमो के माध्यम से दिखाया गया है, जिससे आगंतुकों को अपराध की सूचना से लेकर अंतिम न्यायिक निर्णय तक की जानकारी विस्तृत रूप से उपलब्ध हो रही है। प्रदर्शनी का अवलोकन कर कोई भी व्यक्ति आसानी से समझ सकता है कि नए कानूनों से न्याय प्रक्रिया कैसे त्वरित, सरल, सुलभ और पारदर्शी हुई है तथा प्रत्येक स्तर पर संबंधित विभाग कैसे कार्य करते हैं। प्रदर्शनी के प्रथम चरण में शिकायत और जांच की प्रक्रिया को दर्शाया गया है, जिसके अन्तर्गत कंट्रोल रूम, सीन ऑफ क्राइम और पुलिस स्टेशन के मॉडल शामिल हैं। वैज्ञानिक और कानूनी सत्यापन के दूसरे चरण में हॉस्पिटल, एफ.एस.एल. और पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ऑफिस की कार्यप्रणाली को प्रदर्शित किया गया है। वहीं तीसरे चरण में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, प्रिजन और हाई कोर्ट के साथ नए आपराधिक कानूनों का संक्षिप्त विवरण शामिल है। इस प्रदर्शनी का ले-आउट ‘न्याय प्रथम’ के सिद्धांत पर केंद्रित है। वहीं प्रदर्शनी में नवीन कानूनों के अंतर्गत किये गए प्रावधानों से आपराधिक न्याय प्रणाली में हुए सकारात्मक परिवर्तनों के बारे में रोचक तरीके से समझाया गया है। इसमें अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, पीड़ित केंद्रित प्रावधान, त्वरित न्याय, प्रौद्योगिकी का उपयोग, ई-साक्ष्य, ई-सम्मन, ई-प्रोसिक्यूशन, साइबर अपराध नियंत्रण, औपनिवेशिक कानूनों का अंत आदि बिन्दु शामिल किये गए हैं। राज्य में नवीन कानूनों के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही और प्रगति के साथ ही सफलता की कहानियों को भी इसमें प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में दर्शाया गया है कि नवीन कानूनों में तकनीक के उपयोग का व्यापक समावेश किए जाने से समय और श्रम की बचत हो रही है, प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण होने से त्वरित न्याय सुलभ हो रहा है तथा अपराधियों के लिए भी सुधारात्मक प्रावधान किए जाने से उन्हें फिर से मुख्यधारा में आने का अवसर मिल रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने इससे पूर्व एफ.एस.एल. के 56 वाहनों और महिला सुरक्षा पेट्रोलिंग के लिए 100 स्कूटी एवं मोटरसाइकिलों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना भी किया।