ANTA NEWS: अंता विधानसभा उपचुनाव- 2025 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू

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भारत निर्वाचन आयोग ने अंता विधानसभा उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही अंता विधानसभा क्षेत्र में रिटर्निंग अधिकारी की ओर से सार्वजनिक सूचना जारी की गई है और उम्मीदवारों के लिए नामांकन की प्रक्रिया सोमवार 13 अक्टूबर से ही शुरू हो गई है। पहले दिन इंडियन नेशनल कांग्रेस की तरफ से प्रमोद जैन ने नामांकन पत्र दाखिल किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर है। नामांकन-पत्र अंता के रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से 3 बजे के बीच प्रस्तुत किए जा सकेंगे। रविवार 19 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को दीपावली का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण नामांकन दाखिल नहीं किए जा सकेंगे। नामांकन-पत्रों की संवीक्षा गुरूवार 23 अक्टूबर को होगी और नाम वापस लेने की आखिरी तारीख सोमवार 27 अक्टूबर तय की गई है। जारी अधिसूचना के अनुसार अंता विधानसभा क्षेत्र के लिए आवश्यक होने पर मतदान 11 नवम्बर को होगा। मतदान की प्रक्रिया सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे संपन्न होगी। 14 नवम्बर को मतों की गिनती की जाएगी। घोषित कार्यक्रम के अनुसार, उपचुनाव की समस्त प्रक्रिया 16 नवम्बर तक पूरी होगी। नामांकन के लिए आवश्यक- श्री महाजन ने बताया कि नामांकन के समय अभ्यर्थी सहित अधिकतम 5 व्यक्तियों को रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में प्रवेश की अनुमति होगी। कार्यालय परिसर के 100 मीटर की परिधि में एक अभ्यर्थी केवल 3 वाहनों के साथ प्रवेश कर सकेंगे। अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में पूर्ण भरा हुआ नामांकन-पत्र और शपथ-पत्र प्रस्तुत करेंगे। स्टेटिक सर्विलांस टीम और उडन दस्ते की तैनाती- मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री महाजन ने बताया कि अंता विधान सभा उपचुनाव-2025 की निगरानी के लिए 12 स्टेटिक सर्विलांस टीम और 12 उड़न दस्ते तैनात किए हैं। क्षेत्र में चेक पोस्टों का निर्माण कर दिया गया है, जहाँ SST(स्थैतिक निगरानी दल) दलों द्वारा वाहनों की सतत चौकिंग की जा रही है। उड़न दस्तों द्वारा भी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन एवं अवैध गतिविधियों की शिकायत पर तत्काल संबंधित स्थल पर जाकर कार्यवाही की जा रही है। व्यय अनुवीक्षण तंत्र द्वारा राजनैतिक दलो एवं अभ्यर्थीयों द्वारा चुनाव प्रचार एंव अन्य गतिविधियों पर किये जाने वाले समस्त व्यय पर सघन निगरानी रखी जा रही है। अब तक लगभग 35 लाख रूपए की जब्ती की जा चुकी है।

C M NEWS: मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश कर रहा है विकास —केन्द्रीय मंत्री अमित शाह

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 160 साल पुराने कानूनों को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लाए हैं। इन तीन नए कानूनों की पूर्ण क्रियान्विति से आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि ये नए कानून दण्ड के स्थान पर न्याय से प्रेरित है। इनसे नागरिकों को समय पर सुलभ तरीके से न्याय सुनिश्चित हो सकेगा। केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि लोकप्रिय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास को गति देने के लिए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अन्तर्गत बेहतरीन काम किया है। समिट में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हुए, जिनमें से तीन लाख करोड़ के एमओयू का कार्य पूर्व में धरातल पर शुरू हो चुका है। वहीं आज लगभग चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का भूमि पूजन हुआ है। श्री शाह ने कहा कि हम जो कहते हैं, वो करते हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इतने कम समय में 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू जमीन पर उतरे हैं। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। श्री शाह सोमवार को जेईसीसी, सीतापुरा में तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित ‘नव विधान – न्याय की नई पहचान‘ प्रदर्शनी के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नए कानून नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को सुलभ और सुगम बनाते है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय इन कानूनों की क्रियान्विति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि तीन नए कानूनों पर राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रदर्शनी का आवश्यक रूप से अवलोकन करें। राजस्थान में सजा दिलाने की दर बढ़ी, 60 प्रतिशत पहुंची— श्री शाह ने कहा कि तीन नए कानूनों के लागू होने के बाद राजस्थान में अपराधियों को सजा दिलाने की दर में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। एक वर्ष के समय में सजा दिलाने की दर 42 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत पहुंच गई है। इसे हम 90 प्रतिशत तक लेकर जाएंगें। ईज ऑफ जस्टिस में बड़ा परिवर्तन— केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ईज ऑफ लिविंग के लिए देश में कई परिवर्तन किए हैं और इन नए कानूनों के माध्यम से देशभर में ईज ऑफ जस्टिस में भी बड़ा परिवर्तन होगा। उन्होंने कहा कि इन कानूनों में महिलाओं, बच्चों के साथ-साथ ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। साथ ही, 7 साल से अधिक की सजा वाले अपराधों में फॉरेन्सिक जांच को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इनमें आतंकवाद, मॉब लिंचिंग, डिजिटल अपराध की पहली बार व्याख्या भी की गई है। दुनिया में सबसे आधुनिक होगी भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली — उन्होंने कहा कि तीन नए कानून 21वीं सदी के सबसे बड़े रिफॉर्म्स हैं। इनके पूर्ण क्रियान्वयन के बाद भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय प्रणाली होगी। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के लागू होने के बाद विभिन्न अपराधों में चार्जशीट दायर करने की दर 50 प्रतिशत पहुंच गई हैं जिसे हम 90 प्रतिशत तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के बाद जो भी एफआईआर दर्ज होगी उसमें तीन साल के भीतर न्याय भी सुनिश्चित होगा। किसान एनएएफईडी (नाफेड), एनसीसीएफ पर करे पंजीकरण, केन्द्र सरकार एमएसपी पर दलहन की करेगी खरीद श्री शाह ने आमजन से आह्वान किया कि वे दीपावली महोत्सव के दौरान अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं की खरीद करें। साथ ही, उन्होंने प्रदेश के किसानों से अपनी दलहन की फसलों पर एनएएफईडी (नाफेड) और एनसीसीएफ के माध्यम से पंजीकरण करने का आह्वान भी किया जिससे केन्द्र सरकार द्वारा उनकी दलहन को एमएसपी की दरों पर खरीदा जा सके। नए कानूनों में पीड़ितों के अधिकारों को प्राथमिकता — मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नए कानूनों से देश को औपनिवेशिक मानसिकता की बेड़ी से मुक्त किया। ये तीन नए कानून स्वतंत्र भारत के इतिहास में क्रांतिकारी कदम हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के अधिकारों को इन कानूनों में प्राथमिकता दी गई है जिससे पीड़ितों को त्वरित न्याय और सम्मान मिल सकेगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी इन कानूनों में विशेष प्रावधान किए गए हैं। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इन नए कानूनों को प्रभावी रूप से लागू करने के क्रम में पुलिस विभाग, न्यायिक अधिकारियों और प्रशासनिक तंत्र को इन नए कानूनों का व्यापक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में पुलिस व्यवस्था बन रही आधुनिक और सशक्त— मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने और अपराधियों पर ठोस कार्यवाही करने के क्रम में राज्य सरकार ने पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और सशक्त बनाने के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। हमने एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया है। साथ ही, 22 नए पुलिस थाने बनाये और 35 नई पुलिस चौकियों को खोलने की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि राज्य में 65 एंटी रोमियो स्क्वाड, तीन महिला बटालियन पद्मिनी, काली बाई, अमृता देवी, महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए 500 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट बनाई गई हैं। एक वर्ष से कम समय में 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर—श्री शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्तावों में 7 लाख करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट पर काम एक वर्ष से भी कम समय में शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगभग 92 हजार युवाओं को विभिन्न सरकारी पदों पर नियुक्ति दे चुकी है तथा लगभग 1 लाख 54 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है। उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश श्री संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि तीन नए आपराधिक न्याय कानूनों से भारतीय न्याय प्रणाली अधिक गतिशील एवं आधुनिक बनी है। राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा इन नए आपराधिक कानूनों के अन्तर्गत नियम और अधिसूचना जारी करके इनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। ये नए कानून केवल दण्ड देने के लिए नहीं, बल्कि समाज को राह दिखाने का माध्यम बनेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में लगाई जा रही प्रदर्शनी जन जन तक इन कानूनों की जानकारी पहुंचाने में उपयोगी साबित होगी। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि इन नए कानूनों से देश में न्याय प्रणाली दंड की अवधारणा से न्याय की अवधारणा की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान पुलिस इन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है।

free electricity News: प्रदेश में 150 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना में पंजीयन शुरू

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 150 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली योजना में विद्युत उपभोक्ताओं के पंजीयन के लिए विकसित पोर्टल का सोमवार को जेईसीसी में आयोजित कार्यक्रम में शुभारम्भ किया। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे। राजस्थान डिस्कॉम्स ने यह पोर्टल विकसित किया है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती और सुलभ सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जादाता बनाने की दिशा में यह योजना मुख्यमंत्री की अनूठी पहल है। वर्ष 2025-26 के बजट में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के लाभार्थियों को और अधिक लाभ देने की मंशा के उद्देश्य से पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के साथ लीवरेज करते हुए 150 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली योजना की महत्वपूर्ण घोषणा की थी। इस घोषणा की क्रियान्विति के प्रथम चरण में मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के रजिस्टर्ड उपभोक्ता https://www.energy.rajasthan.gov.in/Jvvnl, https://www.energy.rajasthan.gov.in/Jdvvnl, https://www.energy.rajasthan.gov.in/avvnl तथा वेबपोर्टल BijliMitra के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकते हैं। पोर्टल के शुभारंभ के पहले दिन शाम 7.30 बजे तक मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के 6,864 रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं ने 150 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना के अन्तर्गत स्वयं की छत पर रूफ टॉप सोलर लगाने की सहमति दर्ज कराई। इनमें जयपुर डिस्कॉम के 3570, अजमेर डिस्कॉम के 1975 तथा जोधपुर डिस्कॉम के 1319 उपभोक्ता हैं। पोर्टल के जरिए मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के रजिस्टर्ड उपभोक्ता अपने “के नम्बर” दर्ज करके 150 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना में ओटीपी के माध्यम से अपनी पात्रता की स्थिति जान सकेंगे। इस प्रक्रिया में मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के रजिस्टर्ड उपभोक्ता स्वयं की छत की उपलब्धता की जानकारी पोर्टल पर देंगे और स्वयं रूफ टॉप सोलर लगाने की सहमति देंगे। जिससे डिस्कॉम्स के पास यह विवरण दर्ज होगा कि उपभोक्ता अपने घर की छत पर स्वयं सोलर पैनल लगाने के इच्छुक हैं। इसके बाद यह पात्र उपभोक्ता पीएम सूर्यघर पोर्टल पर रजिस्टर्ड वेन्डरों के माध्यम से स्वयं की छत पर रूफ टॉप सोलर लगवाएंगे। ऐसे प्रत्येक उपभोक्ता को 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल पर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रति संयंत्र 33,000 रुपये की वित्तीय सहायता (3 किलोवाट क्षमता तक अधिकतम 78 हजार रूपए) भारत सरकार से मिलेगी। वहीं राजस्थान डिस्कॉम्स द्वारा 150 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली योजना के अन्तर्गत 17,000 रूपए प्रति संयंत्र की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे 1.1 किलोवाट क्षमता का पैनल पूरी तरह निशुल्क हो जाएगा। वहीं जो उपभोक्ता मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना में रजिस्टर्ड नहीं हैं, वे पीएम सूर्यघर पोर्टल के माध्यम से वेंडर्स चुनकर स्वयं का रूफ टॉप सोलर लगा सकेंगे। इस पर वे नियमानुसार केन्द्रीय वित्तीय सहायता ही प्राप्त कर सकेंगे।

Rajasthan News: प्रदेश को मिली 9,300 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एवं कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में 9 हजार 300 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया। श्री शाह नवीन आपराधिक कानूनों पर आयोजित राज्य स्तरीय 6 दिवसीय प्रदर्शनी ’नव विधान-न्याय की नई पहचान’ के उद्घाटन के लिए जयपुर आए थे। केन्द्रीय गृहमंत्री ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के तहत प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से 4 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउण्ड ब्रेकिंग की। उन्होंने प्रदेश के लगभग 40 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म के लिए 240 करोड़ रुपये एवं दुग्ध उत्पादकों को दूध सब्सिडी के 364 करोड़ रुपये की राशि का हस्तान्तरण किया। उन्होंने 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत रजिस्ट्रेशन का शुभारम्भ भी किया। उन्होंने प्रदेश के दूरदर्शी विकास की संकल्पना को समर्पित ‘विकसित राजस्थान-2047 कार्ययोजना’ का विमोचन भी किया। इन कार्यों का हुआ लोकार्पणः- -भुसावर बाईपास एवं सड़क निर्माण के 436.54 करोड़ रू. के 20 कार्य। -पशु चिकित्सा उपकेन्द्र एवं पशु चिकित्सालयों के 1108.57 करोड़ रू. के 57 कार्य। -खारा पानी एक्वाकल्चर प्रयोगशाला चूरू के 1.40 करोड़ रू. के कार्य। -बीमा भवन, उप पंजीयक एवं उप महानिरीक्षक कार्यालय, जयपुर के भवनों के निर्माण के 179.69 करोड़ रू. के 3 कार्य। -अभीम योजना के तहत ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिटों के भवन निर्माण के 615.81 करोड़ रू. के 12 कार्य। -15वां वित्त आयोग के तहत उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण के 723.10 करोड़ रू. के 21 कार्य। -एनआरएचएम के तहत ड्रग वेयर हाउस एवं लैक्टेशन मैनेजमेन्ट युनिट, चित्तौड़गढ़ के भवनों के 158.60 करोड़ रू. के 2 कार्य। -वन स्टॉप सेन्टर भवनों के 73.62 करोड़ रू. के 2 कार्य। -राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, भोपालगढ़ (जोधपुर) के भवन निर्माण के 667.65 करोड़ रू. के कार्य। -डाइट, राजकीय माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों के भवनों के निर्माण के 25.40 करोड़ रू. के 9 कार्य। -राजकीय आयुर्वेद औषधालयों के भवनों के निर्माण के 350.00 करोड़ रू. के 12 कार्य। -राजकीय होम्योपैथिक औषधालय भवनों के निर्माण के 32.44 करोड़ रू. के 2 कार्य। -जल जीवन मिशन के तहत पेयजल परियोजनाओं के 236.75 करोड़ रू. के 3 कार्य। -स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत कोटा शहर के इन्द्र विहार एवं राजीव गांधी नगर की जलवितरण प्रणाली के सुदृढीकरण के 12.55 करोड़ रू. के कार्य। -लव कुश वाटिका, जोरमा, उदयपुर के 136.96 करोड़ रू. के कार्य। -सिन्थेटिक एथलेटिक ट्रेक के निर्माण के 38.83 करोड़ रू. के 4 कार्य। -अकादमी भवन, इन्डोर हॉल एवं जिम हॉल भवन निर्माण के 23.00 करोड़ रू. के 6 कार्य। -मिनी एवं इंडोर स्टेडियम के निर्माण के 9.00 करोड़ रू. के 2 कार्य। -सेक्टर-22, प्रताप नगर आवासीय योजना, जयपुर में मध्यम आय वर्ग-अ समृद्धि अपार्टमेन्ट-प्रथम एवं द्वितीय के निर्माण के 25.21 करोड़ रू. के 3 कार्य।का -लघुवन उपज प्रशिक्षण केंद्र, उदयपुर एवं राजकीय जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास, बिलिया बडगामा (सागवाडा) के भवन निर्माण के 4.55 करोड़ रू. के 2 कार्य -देवनारायण योजना के तहत आवासीय विद्यालय एवं छात्रावासों के भवनों के निर्माण के 22.49 करोड़ रू. के 3 कार्य। -नर्सिंग कॉलेज, बूंदी के भवन निर्माण के 18.63 करोड़ रू. के कार्य। -अल्पसंख्यक बालक/बालिका छात्रावासों के भवन निर्माण के 14.35 करोड़ रू. के 6 कार्य। -अल्पसंख्यक बालक/बालिका आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण के 71.62 करोड़ रू. के 5 कार्य। -कॉमन सर्विस सेंटर के भवन निर्माण के 3.68 करोड़ रू. के 2 कार्य। -राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, टपूकड़ा के नवीन भवन के 28.50 करोड़ रू. के कार्य। -पंचायत समिति, ग्राम पंचायत कार्यालय, अंबेडकर भवन, सामुदायिक केन्द्र एवं नाली निर्माण के 2.86 करोड़ रू. के 5 कार्य। -बायोगैस प्लांट स्थापना गौशाला उदयपुर एवं पाली के 81 लाख रू. के 2 कार्य। -विद्यालय भवनों, कक्षा कक्षों, पुस्ताकलयों, प्रयोगशाला एवं विविध निर्माण के 8.54 करोड़़ रू. के 19 कार्य। -डूंगरपुर में नवीन जिला कारागृह के निर्माण के 13.47 करोड़़ रू. के कार्य। -अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, वृत्ताधिकारी कार्यालय, पुलिस थाना एवं पुलिस चौकी निर्माण के 7.82 करोड़़ रू. के 7 कार्य। -एनिकट निर्माण एवं मरम्मत के 26.96 करोड़ रू. के 4 कार्य। -कमांड क्षेत्र में पक्के जलमार्ग का निर्माण एवं अर्थूना डिस्ट्रीब्यूटरी और इसकी प्रणालियों का पुनर्वास और नवीनीकरण के 73.99 करोड़ रू. के 3 कार्य। -राजकीय महाविद्यालय, कन्या महाविद्यालय एवं कृषि महाविद्यालय के 160.82 करोड़़ रू. के 30 कार्य। -जगतपुरा जोन में डामर सड़क, सी. सी. सड़क निर्माण एवं अलवर के कटी घाटी स्थित गौरव पथ पर प्रवेश द्वार के 4.87 करोड़ रू. के 8 कार्य। -33/11 के.वी. जी.एस.एस. निर्माण के 128.98 करोड़ रू. के 58 कार्य। -प्रधानमंत्री कुसुम योजना – ए एवं सी के अंतर्गत सोलर संयत्रों की स्थापना के 1029.44 करोड़ रू. के 161 कार्य। -220 केवी जीएसएस कारोली एवं रायला और संबंधित लाइन निर्माण के 117.52 करोड़ रू. के 2 कार्य। -132 केवी जीएसएस व संबंधित लाइन निर्माण के 258.02 करोड़ रू. के 7 कार्य। इन कार्यों का हुआ शिलान्यासः- -जवाई पुलिया, सिरोही का जीर्णोद्धार एवं विभिन्न सड़क निर्माण, चौड़ाईकरण एवं सुदृढ़ीकरण के 1405.00 करोड़ रू. के 67 कार्य। -राजस्थान ग्रामीण जल प्रदाय एंव फ्लोरोसिस मिटिगेशन परियोजना फेज-2 नर्मदा नहर आधारित वृहद पेयजल परियोजना (सीपी 02) हेतु 1039.98 करोड़ के कार्य। -प्रधानमंत्री कुसुम योजना के रू. 805.38 करोड़ के 172 कार्य। -220 केवी के 5 जीएसएस, 132 केवी के 10 जीएसएस व संबंधित लाइनों के 961.18 करोड़ रू. के कार्य। -जल जीवन मिशन के अन्तर्गत नागौर लिफ्ट परियोजना प्रथम चरण में पमिं्पग मशीनरी तथा 179 ग्रामों एवं 1001 ढाणियों को घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने हेतु 404.41 करोड़ रू. के 3 कार्य। -अमृत 2.0 योजनान्तर्गत शहरी पेयजल योजना के 196.00 करोड़ रू. के 12 कार्य। -जिला अस्पताल, चूरू एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चिकित्सा स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण के 172.57 करोड़ रू. के 15 कार्य। -सालासर में सहायक अभियन्ता कार्यालय के भवन निर्माण एवं 33 केवी जीएसएस के 127.86 करोड़ रू. के 46 कार्य। -सोलर आधारित फव्वारा पद्धति से सिंचाई सुविधा हेतु 165.81 करोड़ रू. के 3 कार्य। -15 वें वित्त आयोग के तहत् चिकित्सा स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण के 108.99 करोड़ रू. के 74 कार्य। -राज्य मद से चिकित्सा स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण के 54.40 करोड़ रू. के 18 कार्य। -राजकीय आईटीआई के भवन निर्माण के 37.16 करोड़ रू. के 4 कार्य। -राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के भवन निर्माण के 80.15 करोड़ रू. के 54 कार्य। -जल जीवन मिशन आपणी योजना फेज-प्रथम एवं सरदारशहर के 60 ग्रामों के संवर्धन मय पुनर्गठन का कार्य पैकेज-4 (चूरू-बिसाउ फीडर) हेतु 99.77 करोड़ रू. के कार्य। -पेयजल सप्लाई पाइप लाइन एवं उच्च जलाशय निर्माण के 39.20 करोड़ रू. के 8 कार्य। -जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जल योजना के 77.20 करोड़ रू. के 44 कार्य। -ग्रामीण जल योजना जघीना (भरतपुर), झीरी, ब्लॉक सरमथुरा (धौलपुर) एवं ग्राम नेहड़ाई देवा पोहरा जेठवई किशनघाट (जैसलमेर) के 58.63 करोड़ रू. के 3 कार्य। -एमएनआईटी फैकल्टी आवासीय योजना, जयपुर के 124 एचआईजी आवासों के भवन निर्माण के 91.58 करोड़ रू. के कार्य। -प्रताप नगर, सांगानेर में सामुदायिक केन्द्रों के भवन निर्माण के 5.00 करोड़ रू. के 2 कार्य। -जनजाति एकलव्य आवासीय विद्यालय, खारडा, जिला- पाली के भवन निर्माण का 15.15 करोड़ रू. का कार्य। -जनजाति बालक/बालिका आश्रम छात्रावास के भवन निर्माण के 9.09 करोड़ रू. के 3 कार्य। -देवनारायण बालक/बालिका आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण के 56.85 करोड़ रू. के 3 कार्य। -पर्यटक स्थल, आमेर एवं आसपास सुविधाओं के विस्तार हेतु 16.86 करोड़ रू. के 7 कार्य। -चित्तौड़गढ, अजमेर, डीडवाना, करौली एवं जोधपुर में पैनोरमा निर्माण के 20 करोड़ रूपये के 5 कार्य। -राजकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण 93.70 करोड़ रू. के 17 कार्य। -तालाब, एनीकट, नहर आदि के निर्माण, मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के 105.59 करोड़ रू. के 25 कार्य। -वृत्ताधिकारी कार्यालय, पुलिस थाना एवं 100 क्षमता की महिला बैरिक के भवन निर्माण के 9.31 करोड़ रू. के 3 कार्य। -सवाई माधोपुर जिले में विविध निर्माण के 15 लाख रू. के 3 कार्य। -राजकीय नवीन पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के निर्माण के 27.00 करोड़ रू. के 3 कार्य। -नाबार्ड द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सुरेवाला, हनुमानगढ़ के भवन निर्माण के 5.36 करोड़ रू. के कार्य। -जैसलमेर जिले के पशु चिकित्सा उपकेन्द्र, सियाम्बर एवं पशु चिकित्सालय, रातडिया के 57 लाख रू. के 2 कार्य।

Jaipur News: जयपुर में नकली सरस और कृष्णा घी बरामद

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राज्य सरकार द्वारा संचालित “शुद्ध आहार – मिलावट पर वार” अभियान के अंतर्गत आयुक्त खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण, राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देश व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत के मार्गदर्शन में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जयपुर के ब्रह्मपुरी शंकर नगर और रामगढ़ मोड़ स्थित अग्रवाल एंड कंपनी के प्रतिष्ठानों पर दबिश देकर सरस और कृष्णा ब्रांड के लेबल लगे नकली घी बरामद किया। प्रारंभिक जांच में संदेह होने पर दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों से पुष्टि करवाई गई। सरस घी के प्रतिनिधि गजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और उत्पाद को नकली करार दिया। उन्होंने ब्रह्मपुरी थाना में एफआईआर के लिए लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। सरस घी का नमूना FSS एक्ट के तहत विधिवत रूप से लिया गया। टीम ने मौके से 200 एमएल के 40, एक लीटर के 3 एवं 500 एमएल के 6 कार्टन नकली देशी घी बरामद किया है। वहीं कृष्णा घी के प्रतिनिधि कमल टांक ने व्हाट्सएप के माध्यम से उत्पाद के नकली होने की पुष्टि की। मौके से कृष्णा घी का भी नमूना लिया गया और ब्रांड की नकल को देखते हुए शेष स्टॉक को सीज़ कर दिया गया। कार्रवाई शनिवार देर रात 1 बजे तक चली। टीम में विनोद कुमार शर्मा, नरेंद्र शर्मा, वीरेंद्र कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विशाल मित्तल और नरेश कुमार चेजारा शामिल रहे। सभी सैंपल जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

RGHA NEWS: प्रधानमंत्री की भावना को किया अनदेखा, डॉक्टरों से मिलकर सरकार निकाल रही है अरजीएचएस योजना की अंतिम यात्रा

महेश झालानी

राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था इस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ दवा नहीं, दाम बोल रहे हैं। सरकारी डॉक्टरों से लेकर निजी अस्पतालों तक, हर जगह इलाज से ज़्यादा मुनाफ़े की गंध आती है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना” यानी आरजीएचएस का उद्देश्य था कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देना, लेकिन आज यह योजना खुद किसी बीमार शरीर की तरह भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़े और ब्रांडेड दवाओं की लूट से कराह रही है। राज्य के चिकित्सक आज भी मरीजों को महँगी ब्रांडेड दवाएँ लिखने के आदी हैं । जबकि वही दवाएँ जेनरिक रूप में दस गुना सस्ती मिलती हैं। यह स्वास्थ्य सेवा नहीं, एक संगठित व्यावसायिक जाल है। पैरासिटामोल की एक जेनरिक टैबलेट पचास पैसे में आती है, लेकिन क्रोसिन नाम से वही दवा तीन रुपये पचास पैसे में बिकती है। एमोक्सिसिलिन एक रुपये बीस पैसे में बन जाती है, पर ऑगमेंटिन के नाम पर चौदह रुपये वसूले जाते हैं । एटोरवास्टेटिन, जो महज़ दो रुपये की जेनरिक दवा है, वही एटोरवा या लिपिकॉर जैसे नामों में बारह रुपये तक पहुँच जाती है। दवा वही, असर वही, बस नाम और कमीशन बदल जाता है। यह खेल इतना संगठित है कि इसमें डॉक्टरों, दवा कंपनियों और मेडिकल एजेंटों तक की हिस्सेदारी तय रहती है। राज्य सरकार सालाना अरबों रुपये इस योजना पर खर्च करती है । लेकिन उसका बड़ा हिस्सा मरीज के इलाज पर नहीं, ब्रांडेड कंपनियों की जेब में जा रहा है। अब वक्त आ गया है कि सरकार इस लूट पर रोक लगाए और स्पष्ट नीति बनाए । जो भी निजी चिकित्सालय या पैनल अस्पताल ब्रांडेड दवा का बिल प्रस्तुत करेगा उसे भुगतान देय नहीं होगा। यह नियम अगर ईमानदारी से लागू कर दिया जाए तो हर महीने करोड़ों रुपये की डाके जैसी बर्बादी रुक सकती है। केंद्र की तर्ज पर शुरू की गई आरजीएचएस योजना का मूल उद्देश्य था कि राज्य कर्मचारी और पेंशनभोगी बिना आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण इलाज पा सकें। जबकि हकीकत यह है कि अस्पतालों को महीनों तक भुगतान नहीं मिलता । फर्जी दावे और घोटाले इस योजना के पर्याय बन गए हैं। कुछ लाभार्थियों ने एक ही कार्ड से पच्चीस लाख रुपये तक का इलाज करा लिया। कई डॉक्टरों और कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया । लेकिन व्यवस्था की बीमारी अब भी बरकरार है। सरकार ने एआई आधारित क्वालिटी चेक सिस्टम लागू किया है । मगर तकनीक तब तक निष्प्रभावी है जब तक नीयत ईमानदार नहीं होती। आरजीएचएस की एक और गंभीर कमी यह है कि इसमें प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को जगह नहीं दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार यह बात कहते रहे हैं कि भारत का असली स्वास्थ्य भविष्य आयुष पद्धति में छिपा है । सस्ता, सरल और सतत उपचार । राजस्थान जैसे विशाल राज्य में, जहाँ आधुनिक चिकित्सा केंद्र सीमित हैं, वहाँ प्राकृतिक चिकित्सा सबसे प्रभावी विकल्प बन सकती है। आज भी पंचकर्म, मर्म चिकित्सा या योग चिकित्सा के सत्र तीन-चार सौ रुपये में पूरे हो जाते हैं, जबकि वही रोग एलोपैथिक दवा या इंजेक्शन से तीन-चार हज़ार तक पहुँच जाता है। यदि सरकार इन प्राकृतिक चिकित्सा केंद्रों को आरजीएचएस के दायरे में शामिल कर ले तो न केवल खर्च घटेगा बल्कि राज्य की स्वास्थ्य नीति आत्मनिर्भर भी बनेगी। राज्य सरकार को अब यह समझना होगा कि आरजीएचएस केवल एक योजना नहीं बल्कि उसकी नीयत का आईना है। यदि चिकित्सक अब भी दवा कंपनियों के दबाव में ब्रांडेड नाम लिखते रहेंगे तो जनता हमेशा लुटती रहेगी। जो अस्पताल ब्रांडेड बिल प्रस्तुत करें, उनका भुगतान तत्काल रोका जाए और चिकित्सकों को जेनरिक दवा लिखने के लिए कानूनी रूप से बाध्य किया जाए। यह कदम न सिर्फ सरकार को आर्थिक राहत देगा बल्कि जनता के प्रति उसकी विश्वसनीयता भी बहाल करेगा। यह योजना तभी सफल हो सकती है जब इलाज का केंद्र अस्पताल नहीं, मरीज बने। जब डॉक्टर की पर्ची से “क्रोसिन” की जगह “पैरासिटामोल” निकले, जब अस्पताल बिल की जगह सेवा भावना को प्राथमिकता दें । साथ ही जब प्राकृतिक चिकित्सा को सस्ते, सुरक्षित विकल्प के रूप में अपनाया जाए। तभी कहा जा सकेगा कि आरजीएचएस सचमुच स्वास्थ्य सुरक्षा की योजना है । न कि भ्रष्टाचार और दवा कंपनियों के गठजोड़ का नया नाम। राजस्थान सरकार के पास अब दो रास्ते हैं । या तो यह योजना फाइलों में दम तोड़ देगी अथवा यह एक नयी स्वास्थ्य क्रांति का शंखनाद बनेगी। अगर सरकार साहस दिखाकर ब्रांडेड बिलों का भुगतान रोक दे, जेनरिक दवा नीति लागू करे और प्राकृतिक चिकित्सा को योजना में शामिल कर ले तो न केवल करोड़ों की बचत होगी, बल्कि जनता का भरोसा भी लौट आएगा। क्योंकि जनता को दवा में नाम नहीं, असर चाहिए । सरकार को योजना में दिखावा नहीं, ईमानदारी चाहिए। जब नीयत साफ़ होगी, तभी यह व्यवस्था स्वस्थ कहलाएगी। ध्वस्त होती योजना को पुनः बहाल करना है तो डॉ समित शर्मा जैसे अफसर को इसकी कमान सौपनी होगी ।

Crime News:भीलवाड़ा में सरेबाजार कांग्रेस नेता पर तलवार से हमला

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भीलवाड़ा के सदर बाजार में शनिवार को पूर्व सरपंच पर सरे बाजार जानलेवा हमला होने का मामला संज्ञान में आया है। पुलिस के अनुसार हमलावरों ने कांग्रेस नेता हरफूल जाट पर भाजपा नेता बालूलाल आचार्य सहित दो बेटों और एक भतीजा ने सरे बाजार जानलेवा हमला कर दिया। वहीं पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि हमले का कारण राजनीतिक रंजिश है। उन्होने बताया कि घायल हरफूल जाट के पांव व हाथ में फ्रेक्चर हुआ है और देर रात उनहे उदयपुर रेफर कर दिया गया था। वहीं थना प्रभारी गजेन्द्रसिंह नरूका ने बताया कि हलेड़ निवासी पूर्व सरपंच हरफूल जाट मोपेड पर गोल प्याऊ चौराहे से रेलवे स्टेशन की तरफ जा रहे थे। बाजार में पीछे से बाइक पर आए दो जनों ने उसे धक्का देकर गिरा दिया था। फिर तलवार से ताबड़तोड़ वार किया। हमलावर तलवार और सरिए से पीटते रहे। इस दौरान बचाव करने के लिये आये लोगों पर हमलवरों ने देसी कट्टा तान दिया। शोर-गुल सनकर और भी लोग बचाव में दौड़े। वहीं हमलावर हड़बड़ाहट में बाइक छोड़कर सामने वाली गली में भाग गए। जानकारी के अनुसार बालूलाल आचार्य और हरफूल के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। हरफूल ने बालूलाल पर फर्जी पट्टे बनाकर चहेतों को जमीन बांटने का आरोप लगाया था। करीब सात माह पहले हरफूल सहित कुछ लोगों ने बालूलाल के साथ मारपीट भी की थी। वहीं मामले में पुलिस ने हरफूल को गिरफ्तार भी किया था।

Road Accident: सड़क दुर्घटना में बाइक सवार की मौत

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रींगस थाना क्षेत्र में रविवार को बाइक और सवारी गाड़ी की आपस में टक्कर से बाइक सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार खाटूश्यामजी दर्शन से जयपुर लौट रहे मुरलीपुरा निवासी राज सैन और उसके दो साथियों की बाइक सवारी गाड़ी से टकरा गई। जिसमें राज सैन की मौके पर ही मौत हो गई वहीं दोनो साथी साहिल और विजेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। दौनो घायलों को नजदिक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां डाक्टरों ने हालत नाजुक बताई है। थाना प्रभारी रींगस ने बताया कि दुर्घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दी गई है और को शव मोर्चरी में रखवाया दिया गया है। दोनो वाहनो को जब्त कर लिया गया है। गाड़ी चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। दुर्घटना से स्थानीय लोगों में रोष है। उनका कहना है कि छुट्टी के दिनों में अक्सर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। जिससे यात्रियों को लाने-ले जाने वाली सवारी गाड़ियां अंधाधूंध दौड़ती हैं। वहीं परिवहन विभाग और पुलिस की ढिलाई और आपसी साठ—गांठ के कारण ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं।

C M NEWS: प्रदेश के मंदिरों में मनाई जाएगी ‘पंचपर्व दीपावली’,होगा महाभोग का वितरण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीपावली त्योहार के मद्देनजर देवस्थान विभाग को मंदिरों में विशेष सजावट करने के साथ ही विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। श्री शर्मा ने दीपावली पर्व के पावन अवसर पर देवस्थान विभाग के अन्तर्गत सभी मंदिरों और प्रन्यास मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने व श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार देवस्थान विभाग द्वारा ‘पंचपर्व दीपावली’ का विशेष आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में दीपावली से पूर्व सभी मंदिर परिसरों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। वहीं दीपों और विद्युत सजावट से मंदिरों को आलोकित किया जाएगा। इस आयोजन के अन्तर्गत श्रद्धालुओं की सहभागिता से मंदिरों में सामूहिक दीप प्रज्वलन भी किया जाएगा, जिससे ‘एक दीप सबके लिए’ का संदेश प्रसारित होगा। पंचपर्व दीपावली में रंगोली, महाआरती और भक्ति संध्या, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां व महाभोग का वितरण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय विद्यालयों का रंग-रोगन करने के साथ ही, सघन रूप से साफ-सफाई की जाए, जिससे बारिश से प्रभावित विद्यालयों का नया रूप निखर कर आएगा। उन्होंने दीपावली त्योहार से पूर्व विद्यालयों की रंग-रोगन और मरम्मत सुनिश्चित करने के विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। श्री शर्मा के निर्देशानुसार 65 हजार विद्यालयों में मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इनमें 15 हजार सीनियर सैकेण्डरी स्कूल को बॉयज फंड के माध्यम से रिपेयर किया जा रहा है। वहीं एक हजार 500 स्कूलों को स्टेट फंड से सुधारने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना में अतिवृष्टि प्रभावित 4 हजार स्कूलों को 2 लाख रूपये प्रति स्कूल के हिसाब से मरम्मत के लिए स्वीकृति दी जा चुकी है और 16 हजार अतिवृष्टि प्रभावित स्कूलों को यह स्वीकृति दी जा रही है। 23 हजार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल को राज्य वित्त आयोग की निधि से 25 हजार रुपये प्रति स्कूल की सहायता दी जा चुकी है।

Khelo India News: “खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025” में खेलेगें आमजन भी —मुख्य सचिव

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प्रदेश में आयोजित होने वाली खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव सुधांश पंत ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में उच्च-स्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि यह आयोजन राजस्थान के छह संभागों— जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर और बीकानेर में होगा जिसमें देशभर के 200 से अधिक विश्वविद्यालयों के लगभग 5000 खिलाड़ी और 2000 अधिकारी और स्टाफ भाग लेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि यह आयोजन एक व्यापक अभ्यास है, जिसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने खेल विभाग को निर्देश दिए कि सभी कार्य योजनाबद्ध और समयबद्ध रूप से पूरे हों ताकि राज्य की साख और छवि और सुदृढ़ हो। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स पर केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर गहन निगरानी की जा रही है। उन्होंने खेल विभाग को निर्देश दिए कि आईटी विभाग के सहयोग से आयोजन की वेबसाइट पर मैस्कॉट और टैगलाइन हेतु एक ओपन क्रिएटिव प्रतियोगिता प्रारंभ की जाए ताकि राज्य के नागरिक भी इसमें भाग ले सकें और इस अभियान का जन-जुड़ाव बढ़े। उन्होंने यह भी कहा कि खेल प्रतियोगिताओं की समस्त जानकारी पोर्टल के माध्यम से सार्वजनिक की जाए ताकि जनता को यह पता रहे कि कौन-सा आयोजन किस स्थान पर हो रहा है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी छह संभाग मुख्यालयों पर खिलाड़ियों के ठहराव की सुगम व्यवस्था करें। खिलाड़ियों के लिए राज्य के संग्रहालयों और दर्शनीय स्थलों पर नि:शुल्क प्रवेश की सुविधा दी जाए ताकि वे राजस्थान की संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव कर सकें। उन्होंने कहा कि सभी खेल सुविधाओं को सर्वोत्तम स्तर पर तैयार किया जाए ताकि यह आयोजन देशभर में एक मिसाल बने। उन्होंने संबंधित सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे गति बढ़ाएँ और आगामी उत्सव सीज़न को ध्यान में रखते हुए आयोजन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करें। शासन सचिव युवा मामले एवं खेल विभाग डॉ. नीरज कुमार पवन ने कहा कि खेल स्थलों की मरम्मत, अधोसंरचना उन्नयन, निविदा प्रक्रियाएँ, निरीक्षण समितियाँ और प्रशासनिक ढाँचा पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। जयपुर में प्रमुख खेल स्थलों का उन्नयन किया जा रहा है, जबकि प्रत्येक संभागीय मुख्यालय पर दो-दो खेलों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने क्रीड़ा विभाग द्वारा प्रत्येक संभाग में चयनित खेलों की रूपरेखा और बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सभी विभागों की भूमिकाएँ भी स्पष्ट की गईं। वित्त विभाग सभी वित्तीय स्वीकृतियाँ और बजट अनुमोदन की जिम्मेदारी देखेगा, गृह विभाग सुरक्षा और पुलिस प्रबंधन की व्यवस्था देखेगा, जबकि स्वायत्त शासन विभाग स्वच्छता, आवास और नगर प्रबंधन सुनिश्चित करेगा। शिक्षा विभाग खिलाड़ियों के लिए शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा व पर्यटन विभाग आयोजन स्थलों पर पर्यटन-संबंधी गतिविधियाँ आयोजित करेगा। चिकित्सा विभाग सभी आयोजन स्थलों पर आवश्यक मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था करेगा। वहीं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग आयोजन के प्रचार-प्रसार, मीडिया समन्वय और सामाजिक जागरूकता की गतिविधियों का संचालन करेगा।