Jaipur News: जयपुर में अवैध गैस रिफिलिंग करते 9 आरोपी किये गिरफ्तार और 480 सिलेंडर जब्त

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जयपुर में ऑपरेशन प्रवर्तन के तहत बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम प्रियव्रत सिंह चारण ने बताया कि तीन विशेष सतर्कता दलों ने जयपुर के अलग अलग स्थानों पर कार्रवाई की। तीनों कार्रवाई में टीमों ने 480 सिलेंडर, 6 पिकअप, रिफिलिंग मशीनें की जब्त की वहीं 9 आरोपी को गिरफ्तार किए। उन्होंने बताया कि दल ‘ए’ में श्रीमती र्कीति शर्मा और श्रीमती सरिता, दल ‘बी’ में योगेश मिश्रा और श्रीमती सुनीता चौधरी व दल ‘सी’ में सुश्री कविता शर्मा, श्रीमती पूजा शर्मा, श्रीमती प्रिया गंगवानी और श्रीमती सरोज मीना को सम्मिलित करते हुए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी गई। श्री चारण ने बताया कि के प्रताप नगर सेक्टर 16-17 नाले की पुलिया पर अवैध गैस रिफिलिंग की गतिविधि पाए जाने पर दबिश दी गई, जहां कुल 107 गैस सिलेंडर, 1 पिकअप, 4 रिफिलिंग मशीन, 1 इलेक्ट्रॉनिक कांटा, 1 रजिस्टर और 1 पेटीएम मशीन जब्त की गई और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। कृष्णा विहार, श्रीराम की नांगल, सांगानेर में कार्रवाई करते हुए 77 गैस सिलेंडर, 1 पिकअप वाहन, 1 मोबाइल और सीसीटीवी डीवीआर जब्त किया गया। वहीं शहर के अति संवेदनशील क्षेत्र गंगानिवारा मैरिज गार्डन, एयरपोर्ट की दीवार के पास, प्रताप नगर में दबिश दी गई, यहां 296 गैस सिलेंडर (घरेलू एवं वाणिज्यिक दोनों), 4 पिकअप वाहन, 1 रिफिलिंग मशीन, 3 इलेक्ट्रॉनिक कांटे और सीसीटीवी डीवीआर सेट जब्त किए गए और 8 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान लक्ष्य इंडेन रामपुरिया जगतपुरा की गाड़ियों का मौके पर पाया जाना एजेंसी की संभावित संलिप्तता को दर्शाता है, जिसके संबंध में विस्तृत जांच कार्यालय स्तर पर जारी है। कार्रवाइयों के दौरान कुल 480 गैस सिलेंडर, 6 पिकअप वाहन, 5 रिफिलिंग मशीनें, 4 इलेक्ट्रॉनिक कांटे जब्त किए गए और कुल 9 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। तीन अवैध गैस रिफिलिंग माफियाओं के विरुद्ध द्रवित पेट्रोलियम गैस (रेग्यूलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ऑर्डर, 2000 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत नामजद एफआईआर दर्ज करवाई गई है।

Rajasthan News: जयपुर में रूडसिको बोर्ड की 61वीं सभा हुई सम्पन्न लिये कई अहम निर्णय

नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा की अध्यक्षता में बुधवार को स्वायत्त शासन भवन में रूडसिको बोर्ड की 61वीं सभा आयोजित हुई। इस दौरान में राज्य में शहरी विकास, आवासीय योजनाओं और आधारभूत संरचना को मजबूती देने से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। श्री खर्रा ने मुख्यमंत्री जन आवास योजना में आ रही चुनौतियों का गंभीरता से अध्ययन कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार आमजन के आवास के सपने को शीघ्रातिशीघ्र पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता, गति और पारदर्शिता के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। सभा में निदेशक मंडल की पिछली चर्चा और सीएसआर समिति सभा के स्वीकृत प्रस्तावों की पुष्टि की गई। बोर्ड में निदेशकों की नियुक्ति एवं पदत्याग से संबंधित औपचारिकताओं के साथ कॉर्पाेरेट कार्य मंत्रालय में आवश्यक ई-फॉर्म्स दाखिल करने की स्वीकृति दी गई। वित्त वर्ष 2024-25 की 21वीं वार्षिक सामान्य बैठक के समय-विस्तार प्रस्ताव को भी बोर्ड ने अनुमोदित किया। वहीं फंडिंग प्रावधानों पर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए एएमआरयूटी 2.0 के तहत राज्य एवं नगरीय निकायों के लिए आरयूडीएफ-द्वितीय में 2 हजार करोड़ और बजट घोषणाओं 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत कार्यान्वयन हेतु 1 हजार 106 करोड़ रूपये के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।

Rajasthan News: राजस्थान जल्द ही जुड़ेगा सीधे जलमार्ग से, व्यापार होगा सुगम

राजस्थान जल्द ही सीधे अरब सागर से जुड़ेगा। इससे व्यापार में सुगमता आयेगी और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। जानकारी के अनुसार जालोर से कच्छ की खाड़ी होते हुये सीधे अरब सागर से जोड़ने की योजना है। वहीं जालोर में जलमार्ग इनलैंड पोर्ट (इनलैंड पोर्ट ) बनाया जाएगा। कई सालों से चल रही कवायद अब जल्द ही पूरी होने वाली है। इसके लिये करीब 262 किलोमीटर लंबा जलमार्ग बनाया जाएगा जो कांडला पोर्ट से जालोर तक होगा। इस मार्ग में 10 हजार करोड़ रुपए के आस—पास ड्रेजिंग खर्चा आने की संभावना है। इस परियोजना पर गहन अध्यन किया जा रहा जो समाप्ती की ओर है। अध्यन पूरा होने पर ही परियोजना विस्तृत खाका साफ होगा। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के अनुसार मुंबई में राजस्थान रिवर बेसिन और जल संसाधन आयोजना प्राधिकरण व भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के बीच एमओयू हो चुका है। उन्होने कहा कि जवाई-लूनी-रन ऑफ कच्छ नदी प्रणाली को राष्ट्रीय जलमार्ग-48 घोषित होने के बाद जालोर में इनलैंड पोर्ट विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं इस जलमार्ग की चौड़ाई 45 मीटर और गहराई 8 मीटर बताई जा रही है और इस में राजस्थान का करीब 14 किमी हिस्सा आने की संभावना है। श्री रावत ने कहा है कि एमओयू हो चुका है और डीपीआर फाइनल स्टेज पर है। जालोर जलमार्ग से कच्छ से जुड़ेगा। यहां इनलैंड पोर्ट बनेगा और मालवाहक जहाज चलेंगे। लॉजिस्टिक पावर कॉरिडोर बनेगा।

Medicines News: प्रदेश में बीपी सहित 6 दवाइयां मिलीं अमानक, इन्हे बेचने पर लगी रोक

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औषधि नियंत्रण आयुक्तालय के अनुसार प्रदेश में 6 दवाइयां अमानक मिलीं है। इन्हे रोक ने के लिये आयुक्तालय ने अलर्ट जारी किया है। विभागीय के अनुसार इनमें दर्दनाशक, एंटीबायोटिक, एंटीफंगल और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने वाली दवाइयां शामिल हैं। विभाग ने आदेश दिया है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुये अमानक पाई गई दवाइयां तत्काल बाजार से हटाया दी जायें। इन दवाओं में निम्न दवाइयां शामिल है। पैरासिटामॉल टैबलेट आइपी 650 एमजी, बैच: पीसीटी 25092, एक्सपायरी: 04/2027, निर्माता: विवेक फार्माकेम (इंडिया) लिमिटेड, कमी: डिजॉल्यूशन टेस्ट में आइपी मानकों पर खरी नहीं उतरी। सेफपोडोक्साइम प्रोक्सेटिल डिस्पर्सिबल टैबलेट्स (डीवी-सेफ-200), बैच: सीटी25035जी, एक्सपायरी: 04/2027, निर्माता: क्योरहेल्थ फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, सोलन (हिमाचल प्रदेश), कमी: रंग आइपी मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। रैमिप्रिल टैबलेट्स आईपी (रेमिनेक्स 2.5), बैच: एसडी-1457, एक्सपायरी: जून 2027, निर्माता: सानो-सिटो थेरेप्यूटिक्स इंक., सोलन (हिमाचल प्रदेश), कमी: एस्से और डिजॉल्यूशन दोनों परीक्षणों में असफल। इट्राकोनाजोल कैप्सूल्स आइपी 100 एमजी, बैच: 1725-230, एक्सपायरी: 09/2027, निर्माता: जी लेबोरेट्रीज लिमिटेड, पोंटा साहिब, कमी: डिजॉल्यूशन टेस्ट में परिणाम शून्य पाया गया। रैमिप्रिल-मेटोप्रोलोल सस्टेन्ड रिलीज टैबलेट्स (रेमरिल-एम 25/25), बैच: टी24 ॺ554 A, एक्सपायरी: 10/2026, निर्माता: बजाज फार्मुलेशन्स, हरिद्वार (उत्तराखंड), कमी: रैमिप्रिल के एस्से में मानक अनुरूपता नहीं पाई गई। रैमिप्रिल टैबलेट्स आइपी 2.5 एमजी (केडप्रिल 2.5), बैच: जीवीडी0644, एक्सपायरी: 12/2026 निर्माता: वेद लाइफसेवर्स प्राइवेट लिमिटेड, देहरादून (उत्तराखंड), कमी: एस्से और डिजॉल्यूशन दोनों परीक्षणों में विफल।

C M NEWS: बुनियादी सेवाओं का सुदृढ़ीकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राजस्थान में गत दो वर्षों में कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, पेयजल, ढांचागत विकास तथा सहकारिता के सुदृढ़ीकरण सहित सभी बुनियादी सुविधाओं के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर क्षेत्रीय परिषद् के माध्यम से हम सब मिलकर विकसित भारत 2047 के सपने को साकार कर सकेंगे। श्री शर्मा सोमवार को फरीदाबाद में श्री शाह की अध्यक्षता में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय परिषद् की 32वीं बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली देने के संकल्प के तहत 22 जिलों में दिन में बिजली दे रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सौर ऊर्जा उत्पादन की स्थापित क्षमता में देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य में पीएम कुसुम योजना कंपोनेंट-ए एवं कंपोनेंट-सी में 2 हजार 215 मेगावाट क्षमता के विकेंद्रित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही, आरडीएसएस के तहत 33 केवी के 151 सब स्टेशनों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है तथा 11 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि समेकित प्रयासों से एटी एण्ड सी लॉस 2023-24 के 21.81 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 15.27 प्रतिशत रह गए है।

C S NEWS: हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही -मुख्य सचिव

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राज्य के नवनियुक्त मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान मुख्य सचिव सुधांश पंत ने उन्हें मुख्य सचिव कार्यालय में कार्यभार सौंपा और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्य सचिव का राजस्थान आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने स्वागत किया और पूर्व मुख्य सचिव को विदाई भी दी। श्री श्रीनिवास ने कहा कि उनका प्रशासनिक सेवा का कार्यकाल राजस्थान से ही प्रारम्भ हुआ था। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि वर्षों बाद उन्हें एक बार फिर अपनी कर्मभूमि में लौटकर सेवा का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होने कहा कि वे प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेंगे और मुख्य सचिव के रूप में उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों को पूरी मेहनत, ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाएंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विकसित राजस्थान@ 2047 के विजन को साकार करने के लिए सभी अधिकारी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान ने हाल के वर्षों में तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से शासन में पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि किसान, श्रमिक, महिला और युवाओं को विकास में सहभागी बनाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए किये जा रहे प्रयासों को और गति देंगे। उन्होंने कहा कि ‘मिनिमम गवर्नमेंट -मैक्सिमम गवर्ननेंस’ के विजन के साथ प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं की सफल क्रियान्विति सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही, प्रदेश में अधिकतम निवेश आकर्षित करने तथा राजस्थान को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सभी सार्थक प्रयास किए जाएंगे।

C M NEWS: प्रदेश में विद्यालय छात्रों में उद्यमिता और नवाचार के लिये स्कूल स्टार्टअप प्रोग्राम शुरू

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में नवीन उद्यमों को बढ़ावा मिलने से राजस्थान में रोजगार का सृजन और निवेश में वृद्धि हो रही है। श्री शर्मा के निर्देशन में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग राज्य में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आईस्टार्ट कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इसके तहत आईस्टार्ट राजस्थान (एकीकृत स्टार्टअप प्लेटफॉर्म) के माध्यम से प्रदेश में स्टार्टअप्स को सुविधाएं और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा आईस्टार्ट पोर्टल प्लेटफॉर्म का संचालन और प्रबंधन किया जा रहा है, जिससे यह देश के बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक बन गया है। इसके साथ 7100 से अधिक स्टार्टअप जुड़े हुए हैं, जिन्हें 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मिल चुका है, जिससे प्रदेश में 42 हजार 500 से अधिक रोजगार सृजित हुए है। स्टार्टअप्स को मान्यता, उन्नयन, कौशल विकास, प्रोत्साहन, फंडिंग आईस्टार्ट प्लेटफॉर्म से मिल रही है। स्टार्टअप्स से संबंधित सभी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए www.istart.rajasthan.gov.in पोर्टल बनाया गया है। राज्य सरकार स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के माध्यम से और स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से 33 जिलों में 65 आई-स्टार्ट लॉन्चपैड नेस्ट संचालित कर रही है। इन लॉन्चपैड नेस्ट के माध्यम से स्कूलों और कॉलेजों के छात्र उद्यमिता, नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकियों और प्रोटोटाइपिंग से संबंधित गतिविधियों के लिए मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार, अटल नवाचार प्रोग्राम में एवीजीसी-एक्सआर, कोडिंग, रोबोटिक्स और एग्रीटेक के अवसर शामिल होंगे। जिससे प्रदेश में रचनात्मक अर्थव्यवस्था और कौशल विकास की दिशा में कार्य होगा। इसमें जयपुर, उदयपुर, बीकानेर और भरतपुर जिले प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं। आईस्टार्ट कार्यक्रम को विस्तृत बनाकर राजस्थान के विद्यालय के छात्रों में उद्यमिता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देने के लिए स्कूल स्टार्टअप प्रोग्राम की सुविधा विकसित की गई है। जिसके तहत अब तक 1 लाख 16 हजार से अधिक छात्रों ने आईस्टार्ट पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। इन विद्यार्थियों को स्व-रोजगार और व्यावसायिकता की जानकारी प्रदान की जाती है और मॉड्यूल पूरा करने पर प्रतिभागियों को एक प्रमाण पत्र दिया जाता है। इसी प्रकार, ग्रामीण आईस्टार्ट प्रोग्राम शुरू कर राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप इकोसिस्टम की पहुंच और प्रभाव को बढ़ाया जा रहा है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य राज्य के कृषि क्षेत्र और ग्रामीण विकास में बदलाव लाना है। ग्रामीण आईस्टार्ट प्रोग्राम के तहत, अब तक कुल 800 से अधिक ग्रामीण स्टार्टअप पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा चुके हैं।

C M NEWS: 27 नवम्बर को पर्यटन क्षेत्र के विशेषज्ञ से करेंगे मुख्यमंत्री संवाद

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आगामी 10 दिसम्बर को प्रस्तावित प्रवासी राजस्थानी दिवस के क्रम में पयर्टन विभाग द्वारा प्री-समिट का आयोजन किया जा रहा है। जयपुर के निजी होटल में 27 नवम्बर को प्रस्तावित इस प्री-समिट में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा शिरकत करेंगे। पर्यटन विभाग की प्री-समिट में दो सत्र आयोजित किए जाएंगे। पहले सत्र में ‘राजस्थान ए ईयर-राउण्ड टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ और दूसरे सत्र में ‘राजस्थान राइजिंग- बिल्डिंग इंडियाज प्रीमियर एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन’ विषय पर विशेषज्ञो द्वारा पयर्टन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जावेगी। इसमें टूरिज्म, होटल तथा ट्रैवल सेक्टर्स के हितधारक और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा जयपुर के जेईसीसी में प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन प्रवासी समुदाय और राज्य सरकार के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक बड़ा मंच उपलब्ध करवाएगा। इस दौरान विभिन्न सेक्टर्स जैसे उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं जल आदि पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। साथ ही, प्रवासी राजस्थानियों को उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित भी किया जाएगा।

C M NEWS: राजस्थानी माटी की महक से खिंचे चले आएंगे देश-विदेश से प्रवासी -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार आगामी 10 दिसम्बर को जयपुर के जेईसीसी में पहले प्रवासी राजस्थानी दिवस का भव्य आयोजन करने जा रही है। यह कार्यक्रम देश और विश्वभर में बसे प्रवासी राजस्थानी समुदाय के लिए जड़ों से जुड़ने और अपनी मातृभूमि के लिए योगदान करने की दिशा में एक अनूठी पहल साबित होगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन से प्रेरित होकर राजस्थान अभूतपूर्व सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और इस परिवर्तन को गति देने में प्रवासी राजस्थानियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। इसी क्रम में राज्य के विकास में प्रवासी राजस्थानियों की भूमिका को और सशक्त करने, उनकी उपलब्धियों का सम्मान करने और उन्हें निवेश, नवाचार तथा सामाजिक योगदान के नए अवसरों से जोड़ने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। प्रवासी राजस्थानी दिवस के लिए पंजीकरण प्रारंभ होते ही देश-विदेश में बसे प्रवासी समुदाय में इस कार्यक्रम को लेकर बेहद उत्साह दिखाई दे रहा है और वे राजस्थान के विकास में अपनी भूमिका को लेकर सक्रिय रूप से आगे आ रहे हैं। राजस्थान की समृद्ध विरासत और बदलते प्रदेश की दिखेगी झलक— प्रवासी राजस्थानी दिवस में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर, लोक-कला और परंपराओं के साथ-साथ आधुनिक और तेजी से विकसित होते राजस्थान की झलक भी दिखाई देगी। आयोजन में राजस्थान की लोक विरासत पर आधारित विशेष रंगारंग सांस्कृतिक संध्या प्रस्तुत की जाएगी, जो प्रवासियों को अपनी जड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ने का माध्यम बनेगी। साथ ही इस अवसर पर सेक्टोरल सेशन्स के माध्यम से राज्य में ऊर्जा, पर्यटन, शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य और जल संसाधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी भी प्रदान की जाएगी, ताकि प्रवासी समुदाय प्रदेश की विकास यात्रा से परिचित हो सके। सेक्टोरल सत्रों में होगा नए अवसरों पर गहन विमर्श— विविध विषयों पर होने वाले सेक्टोरल सत्रों में विशेषज्ञ राजस्थान के बदलते औद्योगिक एवं निवेश परिवेश और जुड़ाव की संभावनाओं पर विचार रखेंगे। पर्यटन सत्र में विशेषज्ञ राजस्थान के परम्परागत हैरिटेज टूरिज्म के साथ-साथ एडवेंचर और वॉटर बेस्ड पर्यटन के नए स्वरूपों पर अपने विचार रखेंगे। शिक्षा सत्र में शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के साथ वे प्रवासी राजस्थानी भी शामिल होंगे जिन्होंने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। स्वास्थ्य सत्र में चिकित्सा, फार्मा और हेल्थ टेक्नोलॉजी से जुड़े विशेषज्ञ राज्य में उभरती संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। जल संसाधन सत्र में नवीनतम जल संरचनाओं और पारंपरिक जल संरक्षण पद्धतियों पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इन सत्रों का उद्देश्य प्रवासी समुदाय को प्रदेश में उपलब्ध अवसरों और संभावनाओं से अवगत कराना तथा उनके सुझाव शामिल करना है, जो कि राज्य के विकास की नीति-निर्धारण का आधार बनेंगे। विशेष एनआरआर ओपन हाउस सत्र इस कार्यक्रम का बड़ा आकर्षण रहेगा। राजस्थान फाउंडेशन के 26 चैप्टर्स से आए वे प्रवासी, जिन्हें ‘प्रवासी राजस्थानी सम्मान’ मिल चुका है, वे भी इस सत्र में अपने विचार रखेंगे। प्रवासी राजस्थानियों के लिए खुले सहभागिता के नए द्वार— राज्य सरकार ने प्रवासी राजस्थानियों की मातृभूमि के प्रति निष्ठा और योगदान की भावना को सम्मान देते हुए सहभागिता फ्रेमवर्क तैयार किया है। यह फ्रेमवर्क प्रवासी समुदाय को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सामाजिक अवसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में योगदान करने का अवसर देता है। राज्य सरकार ने प्रवासी राजस्थानियों के परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टेक्ट’ के रूप में सभी जिलों में अतिरिक्त जिला कलक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

Court News: पिता की स्वअर्जित संपत्ति पर संतानों का कानूनी अधिकार नहीं —राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने संपत्ति विवाद में कहा कि पिता की संपत्ति पर विवाहित संतानों का कानूनी कोई अधिकार नहीं है और पिता की बिना अनुमती के संपत्ति का उपयोग नहीं कर सकता। न्यायाधीश सुदेश बंसल ने रितेश खत्री की अपील को खारिज करते हुए यह आदेश दिया और श्री खत्री पर एक लाख रुपए जुर्माना भी लगाया। उन्होने कहा कि पिता की स्वअर्जित संपत्ति पर विवाहित संतानें कानूनी अधिकार नहीं रखती है। संताने केवल प्रेम से ही पिता की संपत्ति पर रहने का अधिकार रख सकती है। वहीं पिता कहें तो उन्हे संपत्ति खाली करने के लिए बाध्य होंना पड़ेगा। कोर्ट ने कहा कि जुर्माना राशि पिता के उत्पीड़न का उचित मुआवजा नहीं हो सकता लेकिन ये एक संदेश देती है कि ऐसे मुकदमे दुर्भावना से नहीं किए जाने चाहिए। बेटे ने पिता की संपत्ति को संयुक्त परिवार की संपत्ति बताने की कोशिश की लेकिन बेटे के इस दावे को कोर्ट ने खारिज कर दिया।