Kota News: रोशनदान में अटका चोर, पुलिस ने दबोचा

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कोटा के एक सूने मकान में चोरी करने के प्रयास को रसोई रोशनदान ने विफल कर दिया है। जाकार के अनुसार एक युवक रसोई में लगे एग्जॉस्ट फैन के रोशनदान से अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था। लेकिन इससे पहले की चोर घर में घुसकर वारदात करता उससे पहले पकड़ा गया इससे बड़ी चोरी की वारदात टल गई। मामला बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के प्रताप नगर का है। मकान मालिक सुभाष रावत ने बताया कि वे 3 जनवरी को परिवार सहित खाटूश्यामजी दर्शन के लिए गए थे। अगले दिन रात करीब 12.50 बजे घर लौटे और स्कूटी को अंदर ले जाते समय उसकी रोशनी रसोई की दीवार पर पड़ी, जहां एग्जॉस्ट फैन का रोशनदान खुला नजर आया। देखा तो एक युवक रोशनदान में आधा घुसा हुआ मिला। यह नजारा देख सुभाष ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के आने तक चोर ने एग्जॉस्ट फैन से बाहर निकलने की काफी कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सका। सुभाष ने पुलिस को बताया कि आरोपी का एक साथी और था, जो मौका पाते ही भाग गया। करीब 1.15 बजे पुलिस पहुंची और रोशनदान में लटक रहे चोर को बाहर निकालकर हिरासत में ले लिया। वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि एक कार वारदात से पहले गली में संदिग्ध रूप से घूमती देखी गई थी। जिस पर पुलिस का चिन्ह और शीशों पर सफेद पर्दे लगे थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से पहचान कर तलाश करना शुरू कर दिया है।

C M NEWS: राजस्थान को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाएंगे —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों की आवश्यकताओं और सुविधाओं को केंद्र में रखते हुए नीतियों का निर्माण कर रही है। इसी कड़ी में राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी, राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी, राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी जैसी प्रमुख नीतियां लाई गई है। ये नीतियां राजस्थान को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में हब बनाएगी। श्री शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 में आमंत्रित कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग निवेशकों का राजस्थान में विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यहां की अनमोल मिट्टी में निवेश करने से आत्मसंतुष्टि की अनुभूति भी होती हैै। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में राजस्थान आएं, राज्य सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। हम सब मिलकर राजस्थान को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निवेशकों के साथ निरंतर संपर्क स्थापित करते हुए उनके सुझाव और आवश्यकताओं पर त्वरित कार्य करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने राजीविका की महिलाओं को स्टार्टअप्स से जोड़ने के निर्देश भी दिए।

NEWS: महिला IAS अधिकारी के मकान में देह व्यापार का खुलासा

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में देह व्यापार का मामला संज्ञान आया है। मामले का संज्ञान तब आया जब एक रिहायशी इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें पुलिस लगातार मिल रही थी। मामला प्रयागराज के कीड़गंज इलाके का है। पुलिस के अनुसार यहां एक मकान में लंबे समय से अवैध देह व्यापार संचालित किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि मकान एक महिला आईएएस अधिकारी का है और इसे किराए पर दिया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार मकान में दिनभर अजनबी युवक-युवतियों का आना-जाना लगा रहता था। इससे स्थानीय लोगों को शक हुआ तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। लोगों की शिकायत पर पुलिस ने रविवार मकान पर छापा मारा। पुलिस को मकान के अंदर चार युवतियों और पांच युवकों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा और तलाशी के दौरान कुछ संदिग्ध और आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया।

Jaipur News: जयपुर RTO ने 39 लोगों के खिलाफ गांधी नगर थाने में कराया मामला दर्ज

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जयपुर RTO ने 39 लोगों के खिलाफ गांधी नगर थाने में तीन संख्या के VIP नंबरों के फर्जीवाड़े को लेकर मामला में दर्ज कराया है। जिसमें RTO के अधिकारी-कर्मचारियों और बाहरी लोग शामिल है। दूसरी और जयपुर RTO कार्यालय में 775 वाहनों के बिना भौतिक सत्यापन के पाए गए, इन वाहनों रजिस्ट्रेशन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अथवा बिना रिकॉर्ड के किया गया था। अब विभाग सभी 775 वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त करेगा। इनमें वाहनों में कई लग्जरी वाहन भी बताये गए है। वहीं अब इन वाहनों के दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। बताया जा रहा है कि इन फर्जीवाड़े से सरकार को 500 से 600 करोड़ रुपए की राजस्व हानि हुई है। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा का इस मामले में कहना है कि सभी आरटीओ-डीटीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। 31 दिसंबर तक की समय-सीमा तय की गई थी। जो अधिकारी कार्रवाई नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं जयपुर RTO राजेन्द्र सिंह शेखावत का कहना है कि विभाग की ओर से 39 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है, लेकिन अन्य जिलों में कार्रवाई की धीमी गति को लेकर अधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

C M NEWS: ‘माय करियर एडवाइजर’ ऐप से बिना डिग्री के मिलेगी विद्यार्थियों को नौकरी —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश के विद्यार्थियों को भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने और सही कॅरियर विकल्प चुनने में मदद के लिए पर्सनलाइज्ड कॅरियर गाइडेंस मिलेगा। इस दिशा में शिक्षा विभाग ने ‘माय करियर एडवाइजर’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह नवाचार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों के लिए तैयारी के साथ जागरूकता बढ़ाने और बेहतर योजना बनाने में मददगार साबित होगा। वहीं आधुनिक, एआई आधारित कॅरियर अवेयरनेस और गाइडेंस ऐप कक्षा 9 से 12वीं के विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों, अभिभावकों और काउंसलर्स के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इस ऐप का विकास शिक्षा मंत्रालय एवं NCERT–PSSCIVE ने किया है, जिसमें विद्यार्थियों को उनकी रुचि, योग्यता और कौशल के आधार पर पर्सनलाइज्ड कॅरियर सलाह मिलती है। सेल्फ रिव्यू कर बना सकते हैं प्रोफाइल— ‘माय करियर एडवाइजर’ ऐप पर विद्यार्थी तीन प्रमुख मूल्यांकनों के माध्यम से अपना सेल्फ-रिव्यू कर सकते हैं। एप्टीट्यूड टेस्ट (20 मिनट), इंटरेस्ट टेस्ट (12 मिनट) व वैल्यूज टेस्ट (14 मिनट) के माध्यम से विद्यार्थियों का परीक्षण किया जाता है। इन परीक्षणों के आधार पर ऐप विद्यार्थियों को एआई आधारित कॅरियर इनसाइट्स और मैच्ड रोल्स सुझाता है और इस ऐप में डिग्री के साथ-साथ बिना डिग्री के जॉब ऑप्शन भी उपलब्ध हैं, जिससे हर प्रकार के विद्यार्थी को मार्गदर्शन मिल सके। इस ऐप के जरिए विद्यार्थी अपनी प्रोफाइल तैयार कर सकते हैं, पसंदीदा कॅरियर विकल्प चुन सकते हैं और अपनी सेल्फ-रिव्यू रिपोर्ट, मैच्ड रोल्स और फेवरेट्स को अभिभावकों, शिक्षकों और सलाहकारों के साथ साझा भी कर सकते हैं, जिससे करियर संबंधी निर्णय और अधिक प्रभावी हो जाता है। एंड्रॉयड और आईओएस दोनों पर उपलब्ध— माय करियर एडवाइजर ऐप पर विद्यार्थियों को 1500 से अधिक कॅरियर विकल्पों और जॉब रोल्स की जानकारी मिलती है, जिनमें आर्ट एंड डिजाइन, बिजनेस एंड मार्केटिंग, इंजीनियरिंग, हेल्थ, स्पोर्ट्स, मीडिया, साइंस, एजुकेशन, ट्रैवल, हॉस्पिटैलिटी, एनवायरनमेंट और अन्य कई क्षेत्रों के अवसर शामिल हैं। ऐप में क्रॉस-सेक्टरल रोजगार विकल्प और भविष्य की करियर संभावनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी गई है। इस ऐप को एंड्रॉयड प्ले स्टोर पर https://play.google.com/store/apps/ details?id=com.wadhwani.career&hl=en_IN व आईओएस ऐप स्टोर पर https://apps.apple.com/in/app/my-career-advisor-by-moe/id6738484430 लिंक से डाउनलोड किया जा सकता है। राज्य सरकार की दूरदर्शी पहल और माय करियर एडवाइजर ऐप के साथ राज्य के प्रत्येक विद्यार्थी को उनकी क्षमता के अनुरूप न केवल कॅरियर संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त हो सकेगा बल्कि उनके हर सपने को पंख भी लगेंगे।

C M NEWS: मां योजना में अब देश के 30 हजार से अधिक अस्पतालों में होगी इलाज की सुविधा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में लागू की गई मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना अब पूरे देश के लिए मिसाल बन गई है। योजना में शामिल करोड़ों परिवार अब देश के दूसरे राज्यों में भी निःशुल्क उपचार ले सकेंगे। मुख्यमंत्री की ऐतिहासिक पहल पर अब इस योजना में देश के 30 हजार से अधिक अस्पतालों का बड़ा नेटवर्क शामिल हो गया है। इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के नामी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा। नि:शुल्क उपचार की दिशा में राज्य सरकार का यह बड़ा कदम है, जो यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मा) प्रदेश के करोड़ों परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) को एकीकृत कर वृहद रूप में संचालित की गई यह योजना आज न केवल प्रदेश के भीतर, बल्कि प्रदेश की सीमाओं के बाहर भी निःशुल्क और कैशलेस इलाज की गारंटी बन चुकी है। राज्य सरकार ने इस योजना में करीब 6 माह पहले इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की थी, जिसके पहले चरण में इन बाउण्ड पोर्टेबिलिटी लागू की गई थी, जिसके तहत दूसरे राज्यों के नागरिकों को राजस्थान में इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी। अब 19 दिसम्बर से इस योजना में आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है। इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के अन्य राज्यों में निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी। नामी अस्पतालों में मिलेगा गुणवत्तापूर्ण इलाज— चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों (तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर) में स्थित लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें पड़ोसी राज्यों के प्रमुख अस्पताल भी शामिल हैं। दिल्ली के 184, गुजरात के 2067, हरियाणा के 1366, मध्य प्रदेश के 1622, महाराष्ट्र के 1709, पंजाब के 823 और उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल इस योजना में सूचीबद्ध हैं। इसमें दिल्ली और भोपाल के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनउ का केएमपीयू, गुजरात के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एण्ड रिसर्च सेंटर, द गुजरात कैंसर एण्ड रिसर्च सेंटर, बनास मेडिकल कॉलेज एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पालनपुर सहित कई नामी अस्पताल शामिल हैं। वहीं अब देश के सभी राज्यों में 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध होगा। आउट बाउण्ड पोर्टिबिलिटी का निर्णय उन लाखों मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों और विशेष अस्पतालों की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के माध्यम से राजस्थान सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में न तो दूरी बाधा बनेगी और न ही आर्थिक स्थिति। यह पहल “इलाज सबके लिए” के संकल्प को साकार करती है।

Jaipur News: जयपुर में प्रतिदिन दो बार सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करेंगे सभी उपायुक्त —शासन सचिव DLB

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स्वायत्त शासन विभाग स्वच्छ सर्वेक्षण–2025 की तैयारियों के सम्बंध में जयपुर नगर निगम की सघन समीक्षा कर रहा है। इसी क्रम में शनिवार को निदेशालय में जयपुर नगर निगम की समीक्षा की गई, जिसकी अध्यक्षता शासन सचिव रवि जैन ने की। शासन सचिव ने स्वच्छ सर्वेक्षण के मानकों पर समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोनवार सघन मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए सभी उपायुक्तों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के सभी वार्डों का निरीक्षण प्रतिदिन प्रातः 7:30 बजे और दोपहर 2:30 बजे अनिवार्य रूप से करें। श्री जैन ने स्वच्छता की विज़िबल क्लीनलिनेस को और सुदृढ़ करने, प्रगति की नियमित मासिक समीक्षा करने और स्वच्छता गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी से स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मॉनिटरिंग रिपोर्ट के आधार पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले सर्वश्रेष्ठ मुख्य निरीक्षक एवं उप निरीक्षक को सम्मानित किया जाएगा। श्री जैन ने कहा की जयपुर नगर निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण–2025 में शीर्ष स्थान पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाए।

C M NEWS: ‘मुख्यमंत्री कन्यादान योजना‘ बनी गरीब बेटियों का संबल- 34 हजार 704 कन्याएं हुई लाभांवित

राजस्थान की मरुधरा पर अब किसी गरीब और बेसहारा परिवार की बेटी का हाथ पीला करना बोझ नहीं बल्कि सम्मान का विषय है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील नेतृत्व में राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री कन्यादान योजना‘ प्रदेश की हजारों बालिकाओं के जीवन में खुशियों का उजाला भर रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है बल्कि ‘डिजिटल सुशासन‘ के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था की मिसाल भी पेश कर रही है। विभाग वर्ष 2023-24 से अब तक लगभग 142.62 करोड़ रूपए व्यय कर 34 हजार 704 कन्याओं को लाभान्वित कर चुका है। प्रोत्साहन राशि से बढ़ता आर्थिक संबल- प्रदेश में संचालित इस योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि यह बालिकाओं की शिक्षा को सीधे प्रोत्साहन राशि से जोड़ती है। सरकार की मंशा है कि बेटी पढ़ेगी, तभी आगे बढ़ेगी। योजना के तहत अनुसूचित जाति-जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय के बीपीएल परिवारों को विवाह पर 31 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसी तरह शेष सभी बीपीएल परिवार, अंत्योदय परिवार, आस्था कार्डधारी, विशेष योग्यजन, पालनहार योजनान्तर्गत लाभान्वित कन्याओं और महिला खिलाड़ियों को 21 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। यही नहीं, विभाग द्वारा बेटियों को शिक्षा के आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी देय है। यदि बेटी 10वीं पास है तो 10 हजार रुपए और यदि स्नातक है तो 20 हजार रुपए की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिलती है। आवेदन प्रक्रिया है सहज और सरल- योजना का लाभ लेने के लिए कन्या की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। एक परिवार की अधिकतम दो कन्याओं को यह लाभ देय है। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। पात्र परिवार एसएसओ आईडीके माध्यम से सोशल जस्टिस मेनेजमेंट सिस्टम (एसजेएमएस) पोर्टल पर जाकर स्वयं अथवा ई-मित्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाती है। विवाह से एक वर्ष के भीतर किया जा सकता है आवेदन- राजस्थान में कमजोर वर्ग की बेटियों की मदद का सिलसिला वर्ष 1997-98 में विधवा महिलाओं की पुत्रियों के विवाह अनुदान से शुरू हुआ था। वर्ष 2005 में इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति के बीपीएल परिवारों को जोड़ा गया और वर्ष 2016-17 में इसे ‘सहयोग एवं उपहार योजना‘ का नाम दिया गया। पहले इस योजना में आवेदन की समय सीमा विवाह की तारीख से 6 माह तक थी, अब वर्तमान सरकार ने इस समय सीमा को बढ़ाकर 1 वर्ष कर दिया है ताकि विपरीत परिस्थितियों में भी कोई पात्र परिवार लाभ से वंचित न रहे। जन-आधार से बढ़ा ‘डिजिटल सुशासन‘- राज्य सरकार ने योजना को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए इसे पूरी तरह जन-आधार पोर्टल से एकीकृत कर दिया गया है। अब आवेदकों को दफ्तरों के चक्कर काटने या भारी-भरकम फाइलें जमा करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने प्रावधान किया है कि लाभार्थी का मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, बीपीएल स्टेटस, अंत्योदय या आस्था कार्ड का विवरण, आय प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र और बैंक खाते का विवरण जन-आधार से लिया जाता है। पोर्टल पर आवेदन करते ही ‘ऑनलाइन वेरीफाइड डेटा‘ स्वतः ही योजना के पोर्टल पर फेच हो जाता है। इससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि कागजी खानापूर्ति और मानवीय हस्तक्षेप भी न्यूनतम हो गया है। प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना आज राजस्थान में सामाजिक न्याय का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है। यह योजना उन पिताओं के माथे की चिंता की लकीरें मिटा रही है, जिनके पास अपनी लाडली के विवाह के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। जन-आधार के साथ इसके एकीकरण ने यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीक का सही उपयोग कर अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकार की संवेदनशीलता पहुंचाई जा सकती है। आज राजस्थान की बेटियां सिर्फ पढ़ ही नहीं रही हैं बल्कि सरकार के सहयोग से अपने नए जीवन की शुरुआत भी गर्व के साथ कर रही हैं।

Rajasthan Police News: डिलीवरी एजेंट का एक फोन कॉल खाली कर सकता है आपका बैंक खाता —राजस्थान पुलिस

राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने साइबर ठगी के एक बेहद खतरनाक और नए तरीके यूएसएसडी आधारित कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम का खुलासा किया है। पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम के मार्गदर्शन में जारी इस एडवाइजरी में बताया गया है कि कैसे ठग डिलीवरी एजेंट बनकर आपकी कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए आपकी डिजिटल पहचान और जमापूंजी पर डाका डाल रहे हैं। यूएसएसडी स्कैम में ऐसे जाल बिछाते हैं अपराधी— उपमहानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम विकास शर्मा ने बताया कि इस नए ट्रेंड में अपराधी कूरियर या डिलीवरी सर्विस एजेंट बनकर नागरिकों से संपर्क करते हैं। वे पार्सल की डिलीवरी कन्फर्म करने या उसे रीशेड्यूल करने का बहाना बनाकर पीड़ित को झांसे में लेते हैं। इसके बाद पीड़ित को एसएमएस के जरिए एक कोड भेजा जाता है जो अक्सर ’21’, ’61’ या ’67’ से शुरू होता है और उसके पीछे ठग का मोबाइल नंबर होता है। अपराधी इस कोड को डायल करने का दबाव बनाते हैं, जिसे यूएसएसडी (अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डेटा) कहा जाता है। जैसे ही पीड़ित अपने फोन से यह कोड डायल करता है, उसके मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग सेवा अपने आप सक्रिय हो जाती है। इसके बाद पीड़ित के फोन पर आने वाले सभी महत्वपूर्ण कॉल, बैंक पेमेंट के ओटीपी वेरिफिकेशन कॉल और यहाँ तक कि व्हाट्सएप या टेलीग्राम के ऑथेंटिकेशन कोड सीधे ठग के फोन पर चले जाते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि अपराधी पीड़ित के बैंक खातों से अनधिकृत वित्तीय लेनदेन कर लेते हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी हैक कर लेते हैं। सुरक्षा के अचूक उपाय: ##002# करे डायल— साइबर क्राइम शाखा ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉलर के कहने पर कोई भी कोड डायल न करें। यदि आपको संदेह है कि आपकी कॉल फॉरवर्ड हो रही है, तो तुरंत ##002# डायल करें, जिससे सभी कॉल फॉरवर्डिंग सेवाएं तुरंत कैंसिल हो जाएंगी। इसके अलावा, किसी भी कूरियर की जानकारी हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर नंबर से ही वेरिफाई करें और एसएमएस या व्हाट्सएप पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। धोखाधड़ी होने पर तुरंत यहाँ करें रिपोर्ट— डीआईजी श्री शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बैंक द्वारा भेजे जाने वाले जागरूकता संदेशों को अनदेखा न करें। यदि किसी के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी होती है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर या राजस्थान पुलिस के व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9256001930 और 9257510100 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

Rajasthan News: मिनरल एक्सप्लोरेशन के लिए ड्रिलिंग से प्राप्त कोर का होगा वैज्ञानिक संधारण — प्रमुख शासन सचिव खान

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राज्य में खान एवं भूविज्ञान सेक्टर में ड्रिलिंग के दौरान प्राप्त कोर की स्तरीय कोर लाइब्रेरी तैयार की जाएगी। खान एवं भूविज्ञान विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने यह निर्देश शुक्रवार को राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन आरएसएमईटी की सभा में दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान खनिजों का हब प्रदेश है। ऐसे में मिनरल एक्सप्लोरेशन के दौरान ड्रिलिंग जैसे कार्यों के दौरान उपलब्ध होने वाले कोर का समयबद्ध विश्लेषण और उपलब्ध कोर सेंपल्स का वैज्ञानिक तरीके और नवीनतम तकनीक के अनुसार संधारण के लिए आधुनिक संसाधनयुक्त कोर लाइब्रेरी तैयार की जाए। श्री रविकान्त ने निर्देश दिए कि विभाग के तीन अधिकारियों के एक दल को मिनरल एक्सप्लोरेशन कारपोरेशन के नागपुर कोर लाइब्रेरी का अध्ययन करने के लिए इसी माह भेजा जाएं। इसके साथ ही कोर संधारण के लिए अन्य तकनीक व व्यवस्था की विश्लेषण कर कोर लाइब्रेरी बनाने की रुपरेखा तैयार की जाए ताकि ड्रिलिंग के दौरान प्राप्त कोर का वैज्ञानिक तरीके से रखरखाव हो सके। उन्होंने कहा कि कोर सेंपल आज के लिए ही नहीं, भविष्य के लिए भी उपयोगी हैं, इसलिए इनकी बेहतर केटलॉगयुक्त कोर लाइब्रेरी बनाया जाना आवश्यक है। प्रमुख शासन सचिव ने प्रदेश में एक्सप्लोरेशन कार्य को गति देने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि अवैध खनन गतिविधियों को रोकने के लिए वैध खनन को बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है। ऐसे में एक्सप्लोरेशन, ड्रिलिंग, सेंपल्स का विश्लेषण रिपोर्ट आदि तक के कार्य की एक एसओपी तैयार कर विस्तृत गाइड लाइन जारी की जाएगी, जिसमें समयसीमा और जिम्मेदारी भी तय होगी। उन्होंने आरएसएमईटी द्वारा वेंडर्स व संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित प्रगति समीक्षा करने, प्रगति की मोनेटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूविज्ञान सेक्टर को भी सक्रिय, परस्पर समन्वय और सहयोग से कार्य को गति देनी होगी ताकि प्रदेश के माइनिंग सेक्टर को और अधिक गति दी जा सके।