Crime News: प्रतापगढ़ में 50 करोड रुपए की ड्रग और केमिकल ज

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एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पुलिस मुख्यालय की टीम ने प्रतापगढ़ जिले की थाना पीपलखूंट और डीएसटी के सहयोग से एमडी ड्रग बनाने की अवैध फैक्ट्री का खुलासा किया है। मौके से 25 हजार रुपये इनामी मोस्ट वांटेड आरोपी जमशेद उर्फ जम्मु लाला निवासी देवल्दी को गिरफ्तार कर फैक्ट्री से भारी मात्रा में एमडी पाउडर, केमिकल पदार्थ, एमडी ड्रग बनाने में प्रयुक्त उपकरण बरामद किये है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 करोड रुपए आंकी गई है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध दिनेश एमएन के निर्देशन और उपमहानिरीक्षक पुलिस दीपक भार्गव व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशा राम चौधरी, सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। टीम का नेतृत्व प्रतापगढ़ जिला एसपी बी. आदित्य द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि एजीटीएफ की कई टीम इनामी बदमाशों, गैंगस्टर, तस्करों इत्यादि के बारें में आसूचनाएँ एकत्रित कर लगातार धर पकड़ की कार्रवाई कर रही है, यह कार्रवाई भी इसी का एक हिस्सा है। टीम के सदस्य हेड कांस्टेबल महावीर सिंह और कांस्टेबल नरेंद्र पाटीदार को आरोपी के बारे में इनपुट मिले थे। इस सूचना पर इन्होंने कई दिनों तक रैकी कर पुष्टि की। जिसमे टाण्डा बड़ा, सरहद बोरी मोजल के ईश्वर मीणा के झोंपड़े में इनामी तस्कर जमशेद उर्फ जम्मू लाला द्वारा एमडी ड्रग बनाने की जानकारी मिली। जिसके बाद जिसके बाद स्थानीय थाना पीपलखूंट और डीएसटी को सूचना देकर छापा मारा गया। अवैध फैक्ट्री से पुलिस ने आरोपी जमशेद उर्फ जम्मु लाला पुत्र फकीरगुल पठान (33) निवासी देवल्दी थाना अरनोद को गिरफ्तार कर करीब 50 करोड़ रुपये कीमत की 17.4 किलोग्राम एमडी पाउडर, 70 किलो ग्राम से अधिक केमिकल पदार्थ, एमडी ड्रग बनाने में प्रयुक्त उपकरण बरामद कर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। यह मामला 16 दिसंबर 2024 का है, जब एजीटीएफ और थाना अरनोद पुलिस ने देवल्दी गाँव में छापा मारा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 40 करोड़ रुपये कीमत के 11.450 किलोग्राम लिक्विड एमडीएमए, 14.770 किलोग्राम अन्य लिक्विड केमिकल, 4.900 किलोग्राम केमिकल और 2.500 किलोग्राम सफेद पाउडर सहित एमडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण जब्त किए थे। इस मामले में आरोपी याकुब पुत्र फकीरगुल, जमशेद उर्फ जम्मू लाला और साहिल पुत्र सलीम निवासी देवल्दी थाना अरनोद प्रतापगढ़ फरार हो गए थे। जिनकी गिरफ्तारी के लिए एसपी प्रतापगढ़ द्वारा 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया। हाल ही में अवैध संपत्ति की थी पुलिस ने फ्रीज— जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी याकूब खां मादक पदार्थों की तस्करी से अवैध संपत्ति अर्जित कर रहा था। वित्तीय जांच में यह सामने आया कि उसने वर्ष 2024 में अपनी पत्नी बखमीना बी के नाम पर मध्य प्रदेश के जावरा स्थित हुसैन टेकरी क्षेत्र में एक होटल/लॉज खरीदा था। जिसकी बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये है। इसके बाद प्रतापगढ़ पुलिस ने सक्षम प्राधिकारी भारत सरकार के निर्देश पर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68एफ(1) के तहत उक्त सम्पत्ति को 28 अगस्त को फ्रीज कर दिया।

Farmer News: प्रदेश में हुई 1 करोड़ से अधिक खसरों की ऑनलाइन गिरदावरी

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राजस्थान ने खरीफ गिरदावरी संवत 2082 में डिजिटल तकनीक और जनभागीदारीसे अभूतपूर्व उपलब्धि अर्जित की है। इस बार गिरदावरी केवल सरकारी कार्य नहीं है बल्कि यह किसानों, सर्वेयर और पटवारियों का साझा अभियान बन गया है। डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) के तहत अब तक 42 हजार से अधिक ग्रामों के लक्ष्‍य की कुल 32 फीसदी उपलब्धि अर्जित करते हुए राज्‍य में अब तक 1 करोड़ से अधिक खसरों की फोटोयुक्‍त व लोकेशनआधारित गिरदावरी (DCS) की जा चुकी है। राजकिसान गिरदावरी एप के माध्‍यम से विगत एक अगस्‍त को राज्‍य भर में आरंभ हुए ऑनलाइनअभियान के तहत अब तक अकेले किसानों के स्तर से 10 लाख से अधिक खसरों की गिरदावरी की जा चुकी हैजो किसानों द्वारा एप के आधार पर अब तक की गई गिरदावरी का कीर्तिमान है। गूगल प्‍लेस्‍टोर पर राजकिसान गिरदावरी एप डाउनलोड कर कोई भी किसान अपने मोबाइल फोन पर स्‍वयंगिरदावरी कर सकता है। राज्‍य के सीकर, नागौर, चूरू और डीडवाना-कुचामन जिलों में 60 फीसदी से अधिक गिरदावरी की जा चुकी है। वहीं बाड़मेर, जोधपुर, नागौर, फलोदी व सवाईमाधोपुर जिले में किसानोंद्वारा स्‍वयं गिरदावरी का उत्कृष्‍ट कार्य किया गया हैं। कृषक स्‍तर से ऑनलाइन गिरदावरी का बढता आंकड़ा आपका खसरा, आपकी गिरदावरी, आपका अधिकार के ध्‍येय वाक्‍य को चरितार्थ कर रहा है। खरीफ संवत 2082 के तहत डीसीएस कार्य 15 अक्‍टूबर 2025 तक किया जा रहा है। सभी ग्रामों में बेरोजगारी भत्ता प्राप्त युवा, पटवार सहायक अथवा ग्राम प्रतिहारी, कृषक मित्र, कृषि सखी, ई-मित्र संचालक व ग्राम के युवाओं को भी गिरदावरी कार्य से जोड़ा जा रहा है । पटवारी स्तर पर चयनित प्राइवेट सर्वेयर भीगिरदावरी कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गत रबी गिरदावरी के दौरानलगभग 40 हजार सर्वेयर नियुक्त किए गए थे। खरीफ 2082 में भी प्राइवेट सर्वेयर केसहयोग से राजस्थान में गुणवत्तापूर्ण व सटीक गिरदावरी कार्य किया जा रहा है।

C M NEWS: 41 करोड़ से अनूपगढ़, शाहपुरा, गंगापुर सिटी में बनेगा ऑडिटोरियम

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राजस्थान सरकार विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारते हुए वित्त विभाग द्वारा स्वायत्त शासन विभाग को अनूपगढ़ (श्रीगंगानगर), शाहपुरा (भीलवाड़ा) एवं गंगापुर सिटी (सवाई माधोपुर) में एक-एक ऑडिटोरियम और कुचामन सिटी में एक सिटी पार्क निर्माण के लिए 41.56 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही जल संसाधन विभाग को भी विभिन्न कार्य हेतु 191.69 करोड रुपए एवं 3.36 करोड़ रुपए की वित्तीय सहमति प्रदान की गई है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत पेयजल योजना के विभिन्न प्रकरणों के लिए वित्त विभाग द्वारा 58.58 करोड़ रुपए की वित्तीय सहमति जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को भी प्रदान की गई है।

C M NEWS: प्रदेश की 8 करोड़ जनता की समस्याओं के समाधान के लिए है सदन -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सदन की अपनी परंपराएं और गरिमा होती हैं, लेकिन विपक्ष केवल सस्ती लोकप्रियता के लिए सदन का समय बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 8 करोड़ जनता की समस्याओं के समाधान के लिए ही यह सदन कार्य करता है। विपक्ष जिस तरह से व्यवधान डाल रहा है, उसे प्रदेश की जनता देख रही है और समय आने पर उन्हें माफ़ नहीं करेगी। श्री शर्मा ने बुधवार को विधानसभा में दिए अपने बयान में कहा कि मानसून सत्र जनता की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करने और समस्याओं से जुड़कर उनके समाधान के लिए आहूत किया गया है। लेकिन विपक्ष की ओर से ऐसा कोई ठोस मुद्दा नहीं रखा गया जिससे जनता की वास्तविक आवाज सदन तक पहुंच सके। श्री शर्मा ने कहा कि हाल ही में हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने और प्रभावित लोगों के दुख दर्द बांटने के लिए विपक्ष का कोई भी नेता या जनप्रतिनिधि जनता के बीच नहीं गया। जबकि राज्य सरकार के सासंद, मंत्री, विधायक और अधिकारियों ने फील्ड में जाकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया व पीड़ित जनता की मदद कर उनके आंसू पोंछे। हैं। उन्होंने कहा कि जनता के हित में उठाई गई मेरी आवाज को विपक्ष नहीं दबा सकता।

C M NEWS: रीको और एनबीसीसी के मध्य राजस्थान मण्डपम व एलाइड परियोजनाओं पर हुआ एमओयू

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में नेशनल बिलि्ंडग कन्स्ट्रक्शन कंपनी (एनबीसीसी) और रीको के मध्य राजस्थान मण्डपम एवं एलाइड परियोजनाओं के निर्माण के संबंध में एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इसके अनुसार जयपुर में बी-2 बाईपास पर रीको की भूमि पर राजस्थान मण्डपम, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, आईटी टावर के निर्माण के साथ ही, 5-स्टार होटल, 4-स्टार होटल, आवासीय एवं वाणिज्यिक टावरों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर में प्रस्तावित राजस्थान मण्डपम मल्टीनेशनल कंपनियों और कॉरपोरेट जगत में सम्मेलन, सेमिनार व प्रदर्शनियों के आयोजन के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन बनेगा। इसमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के छोटे से लेकर बड़े सभी आयोजनों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं और सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होने राजस्थान मण्डपम की प्रोजेक्ट डिजाइन की विस्तृत रूप से जानकारी लेते हुए निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश की समृद्ध विरासत से सीख लेते हुए निर्माण की कार्ययोजना में रखरखाव के पहलू को भी विशेष तौर पर शामिल करना चाहिए। बैठक में बताया गया कि राजस्थान मण्डपम का निर्माण विरासत से विकास की थीम पर किया जाएगा जिसमें कॉन्फ्रेंस हॉल, एक्सपो हॉल, कॉमर्शियल सेन्टर सहित विभिन्न विश्वस्तरीय सुविधाओं में राजस्थान की स्थानीय कला और संस्कृति का आधुनिक तकनीक से संयोजन किया जाएगा।

C M NEWS: राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करने के लिए कृतसंकल्पित —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन धरोहर व जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को वीर योद्धा महाराणा प्रताप के जीवन से परिचित कराने और उनके शौर्य की गाथा जन-जन तक पहुंचाने के लिए हम महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकसित कर रहे हैं। इस सर्किट में महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े विभिन्न स्थलों जैसे, चावंड, हल्दीघाटी, गोगुंदा, कुंभलगढ़, दिवेर, उदयपुर आदि को सम्मिलित किया जाएगा। जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट भी 100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। इससे राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन होगा। श्री शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट तथा ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें हमारी संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा के साथ ही स्वाभिमानपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। हम महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट के माध्यम से उनके संदेश को विश्वभर में पहुंचाना चाहते हैं। जिससे इन स्थलों पर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक उनकी वीरता की महान गाथा से परिचित हो सकेंगे। हल्दीघाटी में बनेगा चेतक का भव्य स्मारक मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप के स्वामीभक्त घोड़े चेतक का ऐतिहासिक एवं विशाल स्मारक बनाया जाए। साथ ही, हल्दीघाटी के युद्ध का जीवंत चित्रण पर्यटकों को दिखाने के लिए थ्रीडी तकनीक, लाइट एण्ड साउण्ड शो जैसी आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि चावंड में महाराणा प्रताप का समाधि स्थल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके समाधि स्थल को भव्य रूप में विकसित किया जाए, साथ ही, दिवेर की ऐतिहासिक विजय के प्रतीक के रूप में विजय स्तंभ भी विकसित किया जाए। जिससे यह ऐतिहासिक विजय पर्यटकों की स्मृति में चिरस्थाई बन सके। उन्होंने दिवेर, गोगुंदा तथा चित्तौड़गढ़ में भी प्रताप के जीवन से जुड़े स्थानों पर विभिन्न स्मृति चिन्ह तथा स्मारक आदि विकसित करने के निर्देश दिए। जनजातीय इतिहास और संस्कृति को किया जाएगा संरक्षित श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान के इतिहास में जनजातीय समुदाय का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। हम जनजातीय संस्कृति तथा वैभव को संरक्षित करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीतामाता अभयारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर, मातृ कुण्डिया सहित विभिन्न पर्यटक स्थलों को शामिल करते हुए 100 करोड़ रुपये व्यय कर ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत बेणेश्वर धाम तथा मानगढ़ धाम का भी विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेणेश्वर धाम में सोम, माही और जाखम नदी के संगम पर विशाल आदिवासी मेला आयोजित होता है, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग शामिल होते हैं। सरकार यहां स्थित घाटों को नया स्वरूप देकर सुविधाएं विकसित करेगी। इसके साथ ही, बजट घोषणा के अनुरूप जनजातीय नायकों को सम्मान देने के लिए डूंगरपुर में डूंगर बरंडा तथा बांसवाड़ा में बांसिया चारपोटा के स्मारक भी बनाए जाएंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत सहित पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा वित्त विभाग के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

Electricity News: बिजली बोर्ड में 2163 पदों के लिये ऑनलाइन आवेदन 10 सितम्बर से 25 सितम्बर तक

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राज्य के विद्युत निगमों (उत्पादन निगम, जयपुर/अजमेर/जोधपुर विद्युत वितरण निगम) में तकनीशियन-तृतीय (आईटीआई)/ ऑपरेटर-तृतीय (आईटीआई)/ प्लांट अटेंडेन्ट-तृतीय (आईटीआई) के कुल 2163 पदों के लिए इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से 10 सितम्बर 2025 से 25 सितम्बर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। पूर्व में विज्ञापित 216 रिक्तियों में नवीन सृजित 1947 रिक्तियों को सम्मिलित करते हुये कुल 2163 रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया के प्रथम चरण में पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को संशोधन एवं अतिरिक्त जानकारी भरने का अवसर 01 अगस्त, 2025 से 10 अगस्त, 2025 तक दिया गया था। अब इस प्रक्रिया के द्वितीय चरण में अन्य सभी अभ्यर्थियों को आवेदन करने का अवसर दिया जा रहा है जिन्होंने पूर्व में आवेदन नहीं किया था। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने और कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं को रोजगार देने एवं विद्युत निगमों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में आगे बढ़ते हुए तकनीशियन-तृतीय के पदों में 1947 पदों की वृद्धि की गई है। पूर्व में विज्ञापित 216 रिक्तियों में 10 गुणा की वृद्धि कर अब कुल 2163 पदों पर भर्ती की जा रही है। उन्होने बताया कि राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के 150, जयपुर विद्युत वितरण निगम के 603, अजमेर विद्युत वितरण निगम के 498 एवं जोधपुर विद्युत वितरण निगम के 912 पदों पर सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 सितम्बर 2025 को सुबह 10 बजे से प्रारम्भ करते हुए लिंक सक्रिय कर दिये जायेंगे। इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करने की अन्तिम तिथि 25 सितम्बर 2025 को शाम 5 बजे से पूर्व निम्न में से किसी भी वेबसाईट पर दिये गये लिंक के जरिए आवेदन कर सकते हैं – https://energy.rajasthan.gov.in https://energy.rajasthan.gov.in/rrvun https://energy.rajasthan.gov.in/rrvpn https://energy.rajasthan.gov.in/jvvnl https://energy.rajasthan.gov.in/jdvvnl https://energy.rajasthan.gov.in/avvnl आवेदन सम्बन्धी विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को उपरोक्त वेबसाईट से जुड़े रहने की सलाह दी गई है। भर्ती प्रक्रिया के संबंध में अभ्यर्थियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाने हेतु कार्यालय समय में हेल्पलाइन डेस्क 9414056655 की सुविधा भी उपलब्ध है।

Rajasthan News: 1 से 7 अक्टूबर तक प्रदेश भर में मनाएगा ‘समाज कल्याण सप्ताह’

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हर वर्ष की तरह आगामी 1 से 7 अक्टूबर तक प्रदेश भर में समाज कल्याण सप्ताह मनाएगा। विभाग के मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार समाज कल्याण सप्ताह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जातियों, जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विशेष योग्यजन, महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित करने के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों एवं कुरीतियों के विरूद्ध जनचेतना जाग्रत करना है। श्री गहलोत ने बताया कि सप्ताह के दौरान आयोजित की जाने वाली गतिविधियों को दिवसों में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि 1 अक्टूबर-अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस, 2 अक्टूबर-अनुसूचित जातियों का कल्याण दिवस, 3 अक्टूबर-अपराधी सुधार दिवस, 4 अक्टूबर-बाल दिवस, 5 अक्टूबर-महिला एवं बालिका कल्याण दिवस, 6 अक्टूबर- जन चेतना दिवस और 7 अक्टूबर- विशेष योग्यजन कल्याण दिवस आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा जिला कलक्टर द्वारा प्रस्तावित एवं निर्देशित कराई गई अन्य गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती अपर्णा अरोड़ा ने सभी जिला कलेक्टर्स को पत्र लिख स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय निकायों के सहयोग से विभिन्न योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाकर प्रति दिवस संपादित की जाने वाली गतिविधि के सम्बन्ध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, उद्योग एवं श्रम विभाग, स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों, दानदाताओं आदि की सहभागिता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह, बाल कल्याण समिति, नारी निकेतन छात्रावास देवनारायण छात्रावास दिव्यांग गृह एवं संबंधित अन्य संस्थाओं को भी आवश्यक रूप से शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

C M NEWS: अधिकारी संवेदनशीलता के साथ सहायता उपलब्ध कराएं —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक राहत और बचाव कार्यों के माध्यम से राज्य सरकार आमजन को हरसंभव मदद सुनिश्चित कर रही है। नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बुनियादी सेवाओं और सुविधाओं को तेजी से सुचारू किया जा रहा है। उन्होंने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों, नहरों, एनिकट व भवनों के मरम्मत के प्रस्तावों को तीन दिन में स्वीकृत करने के विशेष रूप से निर्देश दिए। साथ ही, इन स्वीकृत प्रस्तावों के कार्य 23 सितंबर तक प्रारंभ करने और क्षतिग्रस्त पक्के और कच्चे मकान की रिपोर्ट 2 दिन में प्राप्त कर तत्काल स्वीकृति जारी करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों से क्षतिग्रस्त सड़कों और भवनों के प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित भी करवाए जाएं। श्री शर्मा सोमवार को जिला प्रभारी मंत्रीगण और जिला प्रभारी सचिवगण के साथ अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में 5 से 7 सितम्बर तक दौरा कर वापस आए मंत्रिगणों द्वारा धरातल की स्थिति और राहत और बचाव कार्यों पर दिए गए विस्तृत फीडबैक के आधार पर मुख्यमंत्री ने दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी संवेदनशीलता के साथ जान-माल के नुकसान पर तत्परता के साथ सहायता उपलब्ध कराएं। चिकित्सा सेवाएं, खाद्य सामग्री की उपलब्धता सहित आवश्यक सेवाओं को निर्बाध और नियमित रखने और पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने निचले इलाकों और जल भराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री व सचिव जिला कलेक्टर्स के साथ निरंतर संपर्क स्थापित कर बांधों की नियमित मॉनिटरिंग भी करें तथा समय पर गेट खुलवाकर पानी की निकासी सुनिश्चित करें। फसल खराबे पर त्वरित सहायता के लिए 6 सदस्यीय समिति का होगा गठन- मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि से हुए फसल नुकसान पर राज्य सरकार किसानों के साथ दृढ़ता के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को 33 प्रतिशत से अधिक फसल खराबे की स्थिति में बिनी किसी देरी के आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, जिन स्थानों पर ऐप के माध्यम से गिरदावरी करने में समस्या आ रही है, वहां लोकेशन डिसेबल की जाए। मुख्यमंत्री ने कृषि, राजस्व और सहकारिता विभाग के मंत्रीगण और सचिवों (6 सदस्यीय) की कमेटी बनाने का सुझाव भी दिया, जो किसानों को फसल खराबे की उचित व समयबद्ध सहायता पर विशेष रूप से कार्य करें। साथ ही, यह कमेटी एडवाइजरी बनाने के साथ ही बीमा कंपनी तथा किसानों के बीच समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसा तंत्र विकसित किया जाए, जिससे पानी का सभी क्षेत्रों में समान रूप से वितरण हो। ट्यूबवेल के माध्यम से पानी को रिचार्ज करने का सिस्टम भी विकसित हो। उन्होंने आवश्यकतानुसार बांधों की ऊंचाई बढ़ाने और एनीकट के निर्माण पर विशेष जोर दिया। 10 हजार से अधिक कार्य स्वीकृत, 1159 लोगों को सकुशल बचाया- इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री भास्कर आत्माराम सावंत ने प्रदेश में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों को लेकर प्रस्तुतीकरण देते हुए प्रगतिरत राहत और बचाव कार्यों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मानसून के दौरान 23 जिलों में असामान्य और 17 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई। 10 हजार से अधिक रेस्टोरेशन कार्यों के लिए लगभग 211 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। अब तक 1159 लोगों को सकुशल बचाया गया है। उन्होंने बताया कि संभागीय मुख्यालय जिलों को 20 लाख तथा शेष जिलों को 10 लाख मानसून से पूर्व दिए जा चुके हैं। सहकारिता सदस्यता अभियान के लिए 9 से 29 सितम्बर तक करें व्यापक तैयारियां- मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक संचालित होेने वाले सहकारिता सदस्यता अभियान के सुचारू संचालन के लिए सहकारिता विभाग फील्ड में पदस्थापित विभागीय अधिकारियों के साथ तैयारियों के संबंध में नियमित समीक्षा करें। इस अभियान में नवीन पैक्स का गठन, सदस्यता अभिवृद्धि, पीएम किसान सम्मान निधि योजना से वंचित लाभार्थी को जोड़ना, भूमि विहीन पैक्स हेतु भू-आवंटन कार्यवाही आदि जैसे कार्य किए जाएंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए 9 से 29 सितम्बर तक की अवधि में व्यापक तैयारियां की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में एक भी ग्राम पंचायत सहकारिता से वंचित नहीं रहे। 15 सितम्बर से शहरी सेवा शिविर, 17 सितम्बर से ग्रामीण सेवा शिविर होंगे आयोजित- उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक शहरी सेवा शिविर और 17 सितम्बर से ग्रामीण सेवा शिविर संचालित किया जा रहा है। उन्होंने शहरी सेवा शिविरों के क्रम में 4 से 13 सितम्बर तक आयोजित हो रहे प्री-कैंप को पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ आयोजित करने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा ने शहरी सेवा शिविर के अंतर्गत देय रियायतों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने आगामी खेलो इण्डिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 की तैयारियों और आयोजन के संबंध में विशेष कार्ययोजना बनाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि ये खेल सात संभागीय जिला मुख्यालयों पर आयोजित किए जाएंगे।

C M NEWS: मसालों की समृद्ध परंपरा के लिए विश्व विख्यात है राजस्थान —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान मसालों के उत्पादन और व्यापार का प्रमुख केंद्र होने के साथ ही मसालों की समृद्ध परंपरा के लिए विश्व विख्यात है। उन्होंने कहा कि राज्य में मसाला कॉनक्लेव का आयोजन हमारे मसाला उद्योग को नई दिशा व गति प्रदान करेगा। श्री शर्मा ने कार्यक्रम में घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में अब हर वर्ष मसाला कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा। साथ ही, इस संबंध में समिति का गठन भी किया जाएगा, जिससे राज्य के मसाला उत्पादकों एवं व्यापारियों को नई संभावनाओं और नए अवसरों का सृजन करने के लिए एक वैश्विक मंच मिल सके। श्री शर्मा सोमवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में आयोजित राजस्थान मसाला कॉन्क्लेव-2025 में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में मसाला प्रसंस्करण उद्योग की अपार संभावनाएं है। राजस्थान जीरा उत्पादन में देश में पहले, मैथी और सौंफ उत्पादन में दूसरे और धनिया व अजवाइन उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। अगले साल होगा ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट— मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा किसानों के कल्याण एवं समृद्धि के लिए कई नीतियां लाई गई हैं। कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य में 1 हजार 497 कृषि आधारित औद्योगिक इकाइयों को लगभग 630 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। साथ ही, कृषि आधारित उद्योगों एवं प्रसंस्करण इकाइयों में राज्य में करीब 3 हजार 504 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट से कृषि प्रसंस्करण के क्षेत्र में राज्य में करीब 44 हजार करोड़ रुपये का निवेश होना प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि प्रसंस्करण एवं आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और निवेशकों के प्रोत्साहन हेतु अगले साल की शुरुआत में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का आयोजन किया जाएगा। जीआई टैग से राज्य के मसालों को मिली विशिष्ट पहचान— श्री शर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार ने कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के मसालों को विशिष्ट वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रमुख मसालों एवं अन्य कृषि उत्पादों को जीआई टैग दिलवाया जा रहा है। जीआई टैग मिलने से उत्पादकों और प्रसंस्करणकर्ताओं को मूल्य संवर्धन का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि एफपीओ को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राज्य की एफपीओ पॉलिसी भी तैयार की जा रही है। साथ ही, अब तक राज्य में 913 कृषक उत्पादक संगठनों का पंजीकरण किया जा चुका है। कृषि प्रसंस्करण और विपणन प्रोत्साहन हमारी प्राथमिकता— मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रसंस्करणकर्ताओं को एक ही स्थान पर प्रसंस्करण सें संबंधित सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों के 39 स्थानों पर फूड पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही, मंडी यार्ड में विकास कार्य और किसानों को मंडी यार्डों तक अपनी उपज लाने की सुविधा के लिए संपर्क सड़कों का निर्माण भी करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 148 लाख पात्र फसल बीमा पॉलिसी धारक किसानों को 3 हजार 912 करोड़ रुपये का फसल बीमा क्लेम का भुगतान किया गया है तथा खरीफ 2025 में करीब 163 लाख फसल बीमा पॉलिसी सृजित हो चुकी है। कार्यक्रम में हुए विभिन्न शिलान्यास एवं लोकार्पण— मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कृषि उपज मंडी समिति आंगणवा, जोधपुर और कृषि उपज मंडी यार्ड सोहेला, टोंक के इन्क्यूबेंशन सेंटर का वर्चुअल लोकार्पण किया। आंगणवा इन्क्यूबेंशन सेंटर में मसालों, दालों और सब्जियों के प्रसंस्करण के लिए दो प्रोसेसिंग लाइन, कोल्ड स्टोरेज और एक फूड टेस्टिंग लैब की स्थापना की गई है। साथ ही, सोहेला के इन्क्यूबेशन सेंटर में तेल मिल, सब्जियों एवं फलों की प्रसंस्करण इकाई और टमाटर एवं मिर्च की पल्प, सॉस इकाई एवं फूड टेस्टिंग लैब स्थापित की गई है। श्री शर्मा ने सोनवा, टोंक के फूड पार्क का भी वर्चुअल लोकार्पण किया। श्री शर्मा ने कार्यक्रम में नए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के पंजीयन प्रमाण पत्र तथा पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (पीएम एफएमई) योजना के लाभान्वित कृषकों और उद्यमियों को अनुदान वितरित किया। उन्होंने मसालों से संबंधित विभिन्न योजनाओं के फोल्डर तथा श्रम सम्मान कार्ड का विमोचन तथा राज-स्पाइस ऐप का लोकार्पण किया। साथ ही, कृषि विपणन की विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत लाभार्थियों को चैक वितरित किए। श्री शर्मा ने मिशन जीवन सुरक्षा योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को तथा मसाला प्रदर्शनी में चयनित तीन सर्वश्रेष्ठ स्टॉल को प्रशस्ति पत्र भी वितरित किए। श्री शर्मा ने कार्यक्रम में 143 करोड़ 37 लाख रुपये के सड़क एवं मण्डी विकास निर्माण कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास तथा 83 करोड़ 49 लाख रुपये के मण्डी विकास निर्माण कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। इस दौरान मसाला प्रसंस्करण एवं निर्यात पर निर्मित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन तथा स्टॉल पर मौजूद महिलाओं से बातचीत भी की।