C M NEWS: राज्य सरकार युवा वर्ग के कल्याण को समर्पित -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को स्वावलंबी बनाने और उनके सपनों को नई उड़ान देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। अपनी विभिन्न योजनाओं और फैसलों से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि युवा शक्ति को जीवन में आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर संसाधन और समर्थन उपलब्ध हों। अपनी इसी नीति के तहत राज्य सरकार ने विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। 23 अगस्त 2025 को राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में इस योजना का अनुमोदन किया गया। योजना का उद्देश्य युवाओं में स्वरोजगार की भावना को प्रोत्साहन करना और उनमें उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन की नई राह खोलना है। इससे युवा आत्मनिर्भर बनने के साथ ही अन्य लोगों को रोजगार प्रदाता भी बनेगा। 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के तहत 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को वित्तीय संस्थानों के माध्यम से कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकेंगे या पहले से स्थापित उद्यम का विस्तार, विविधीकरण अथवा आधुनिकीकरण कर सकेंगे। योजना में अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इससे युवा उद्यमियों के स्वरोजगार की राह में आने वाली वित्तीय बाधाएं दूर होंगी और वे नवाचार, गुणवत्ता और अपने व्यवसाय के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। विशेष वर्गों को मिलेगा 1 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान इस योजना को पूरी तरह समावेशी बनाते हुए राज्य सरकार ने इसमें विशेष प्रावधान किए हैं। महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग श्रेणी के उद्यमियों, ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित उद्यम, कार्ड धारक बुनकर और शिल्पकारों को 1 करोड़ से अधिक और 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इससे समाज के सभी वर्गों तक आत्मनिर्भर बनने के समान अवसरों की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। युवा उद्यमियों की राह को और अधिक सुगम करते हुए इस योजना में वित्तीय संस्थान द्वारा प्रदान किए गए ऋण पर 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाएगा। राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना महज ऋण और सब्सिडी देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उस दूरदर्शी नीति का हिस्सा है, जो राजस्थान को आर्थिक समृद्धि की नई ऊंचाई तक लेकर जाएगी। मुख्यमंत्री का मानना है कि युवा ही हमारे प्रदेश और देश का भविष्य हैं। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर युवा वर्ग को केन्द्र में रखकर नवीन नीतियां बना रही है। राजस्थान स्किल पॉलिसी, युवा रोजगार प्रोत्साहन योजना और युवा नीति 2025 युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उनके लिए रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने 5 वर्ष में 4 लाख सरकारी नियुक्तियां तथा निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य तय किया हैं। साथ ही, शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप प्रोत्साहन तथा रोजगारपरक योजनाओं एवं कार्यक्रमों से युवाओं को निरंतर सौगातें दी जा रही हैं। निश्चित रूप से विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना जैसे नवाचार प्रदेश में स्वरोजगार क्रांति की मजबूत नींव बनेंगे।

C M NEWS: श्री परशुराम ज्ञानपीठ विद्या, संस्कार व सेवा की त्रिवेणी के रूप में सम्पूर्ण समाज को दिशा देगा —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को मानसरोवर के शिप्रा पथ पर विप्र फाउंडेशन की ओर से निर्मित श्री परशुराम ज्ञानपीठ (सेंटर फॉर एक्सीलेंस एण्ड रिसर्च) भवन का उद्घाटन किया। इस दौरन उन्होने कहा कि भगवान श्री परशुराम ने हमें सिखाया है कि जब भी सत्य और न्याय की शक्ति एक होती है, तो वह ज्ञान और संस्कारों का नया प्रकाश फैलाती है। यह संस्थान शिक्षा और संस्कार की गंगा बहाने के साथ ही सनातन संस्कृति और वैदिक ज्ञान का संवर्धन करेगा और विद्या, संस्कार व सेवा की त्रिवेणी के रूप में सम्पूर्ण समाज को दिशा भी देगा। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री संजय शर्मा, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, विधायक गोपाल शर्मा, जेठानंद व्यास, ताराचंद सारस्वत, बालमुकुन्दाचार्य, विप्र फाउंडेशन के राधेश्याम शर्मा, सुशील ओझा, संत प्रकाश दास सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।

जहां गौ की पूजा होती है, वहां समृद्धि और संस्कार का वास होता है – मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौवंश का अत्यधिक महत्व है। प्राचीन समय से ही हमारी समृद्धि का आधार गौवंश रहा है। हमारे घरों में प्रथम रोटी गाय के लिए बनाने, खेतों में बुवाई से पूर्व बैलों की पूजा करने और विवाह समारोह गोधूली वेला में किए जाने की परम्परा रही है। उन्होंने कहा कि जहां गौ की पूजा होती है, वहां समृद्धि और संस्कार का वास होता है। गौ महाकुंभ जैसे आयोजन हमें गौ वंश के संरक्षण और गोपालकों व किसानों को सशक्त बनाने का संदेश देते हैं। हम सब को हमारे जन्मदिवस, वैवाहिक वर्षगांठ जैसे मांगलिक अवसरों पर गौशाला जाकर गाय की सेवा का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री शनिवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में श्री देवराहा बाबा गौ सेवा परिवार द्वारा आयोजित गौ आधारित वैश्विक शिखर सम्मेलन ‘गौ-महाकुंभ’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने गौवंश, गोपालक और किसानों के कल्याण के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। गौ संरक्षण और संवर्धन योजनाओं के लिए 2 हजार 791 करोड़ रुपये की अनुदान राशि दी गई है। प्रत्येक पंजीकृत गौशाला को प्रति गाय 50 रुपये प्रतिदिन और छोटे बछड़ों के लिए 25 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जा रही है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश की 100 गौशालाओं को गौ काष्ठ मशीनें विशेष रियायती दर पर उपलब्ध कराई गई हैं और अब तक 341 गौशालाओं में आधारभूत सुविधाओं का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि नंदीशाला सहभागिता योजना के तहत पंचायत स्तर पर आधारभूत संपत्तियों के निर्माण के लिए 62 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है। यह सब हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा सपना है कि राजस्थान केवल एक कृषि प्रधान राज्य बनकर न रहे, बल्कि आने वाले समय में यह पूरे भारत का सबसे बड़ा डेयरी हब बने। इसी दिशा में हम दुग्ध उत्पादकों को संबल देने के लिए दूध पर प्रति लीटर 5 रूपये का अनुदान दे रहे हैं और औसतन 864 रुपये प्रति किलो फैट का मूल्य सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत 468 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए जा चुके हैं। उन्होने आह्वान किया कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर गौ सेवा में सहयोग करे ताकि कोई भी गाय भूखी न रहे और कोई भी गौशाला संसाधनों की कमी से नहीं जूझे।

Rajasthan News: पंजाब नेशनल बैंक के 21 हजार करोड़ कर्ज से होगा राजस्थान का विकास

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित राजस्थान का निर्माण हमारा ध्येय है। इसके लिए हमारी सरकार पहले बजट से ही दीर्घकालिक योजना के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे, अक्षय ऊर्जा से लेकर जयपुर मेट्रो के विस्तार सहित आधारभूत विकास की विभिन्न परियोजनाएं इस दिशा में कारगर साबित होगी। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर बनाने के लक्ष्य की दिशा में हमने पूंजीगत निवेश पर विशेष बल दिया है। यह बात उन्होने शनिवार को राज्य सरकार और पंजाब नेशनल बैंक के मध्य एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक हमारे प्रदेश के विकास में साझेदार बन रहा है। कार्यक्रम में शासन सचिव, वित्त (व्यय) विभाग और जोनल हेड, पंजाब नेशनल बैंक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के तहत राज्य सरकार की ऊर्जा, सड़क, पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी विकास परियोजनाओं के लिए पंजाब नेशनल बैंक द्वारा अगले 5 वर्षों के लिए ऋण के रूप में 21 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे आधारभूत संरचनाओं की परियोजनाओं के वित्तीय पोषण के साथ ही उन्हें गति मिलेगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंजाब नेशनल बैंक अशोक चंद्र सहित वित्त विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय के उच्चाधिकारी व पीएनबी के प्रतिनिधि गवाह के रूप में उपस्थित रहे।

C M NEWS: श्राद से पहले मुख्यमंत्री ने दी नई बसों की सैगात, हरी झण्डी ​दिखाकर किया शुभारम्भ

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर के अमर जवान ज्योति से आरएसआरटीसी की 160 ब्लू लाइन एक्सप्रेस बसों के फ्लैग ऑफ के साथ ही जयपुर से काठगोदाम (कैंचीधाम उत्तराखण्ड) के लिए सुपर लग्जरी बस का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक यातायात सुविधा के विस्तार के साथ प्रदेश प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक हर सुविधा की पहुंच सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। नवीन बसों के संचालन से यातायात के बढ़ते दबाव के प्रबंधन में सुगमता के साथ ही आमजन को बेहतर यातायात सुविधाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा क्रय की गई इन नवीन बसों का विधिवत रूप से पूजन किया। साथ ही उन्होंने बसों का अवलोकन करते हुए सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से आमजन को सस्ती, सुरक्षित एवं आधुनिकतम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने हेतु नवीन बसें शामिल कियें जाने की बजट घोषणा की गई थी। इसकी अनुपालना में प्रदेश के 12 विभिन्न बस डिपो को 160 ब्लू लाइन एक्सप्रेस बसें उपलब्ध कराई गई हैं, जिसमें वैशाली नगर, विद्याधर नगर, शाहपुरा, जयपुर, हिण्डौन, दौसा, अजमेर, अजयमेरू, कोटपूतली, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, भीलवाड़ा शामिल हैं। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेशवासियों को जयपुर से काठगोदाम (उत्तराखण्ड) के लिए बस सेवा की सौगात दी गई है। इससे बाबा नीम करौली धाम (कैंचीधाम) जाने वाले यात्रियों को सहूलियत होगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आमजन को आसान धार्मिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए गत वर्ष से अयोध्या, गोवर्धन, सालासर बालाजी, रामदेवरा, श्रीनाथजी, श्रीकरणी माता और कैलादेवी जैसे धार्मिक स्थानों के लिए बस सुविधा प्रदान की जा रही है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, विधायक गोपाल शर्मा, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की अध्यक्ष श्रीमती शुभ्रा सिंह, शासन सचिव परिवहन विभाग श्रीमती शुचि त्यागी, प्रबन्ध निदेशक आरएसआरटीसी पुरुषोत्तम शर्मा सहित परिवहन विभाग और आरएसआरटीसी के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

Politics News: डोटासरा का अच्छा व्यक्ति बिगड़ गया — भाजपा

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की अनर्गल बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “एक अच्छा व्यक्ति बिगड़ गया है।” डोटासरा कभी एक उभरते हुए और प्रतिभाशाली नेता माने जाते थे, लेकिन विपक्ष में रहते हुए उनकी भूमिका कमजोर होती जा रही है। उन्होंने हाल के समय में सदन में और सार्वजनिक मंचों पर जिस तरह की भाषा और व्यवहार अपनाया है, वह लोकतांत्रिक परम्पराओं के खिलाफ है। राठौड़ ने कहा कि “मैं स्वयं विधानसभा में डोटासरा के साथ रहा हूं। पहले हम उन्हें एक परिपक्व और जिम्मेदार नेता मानते थे, लेकिन आज वे बहुत हल्के शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं और आसन के प्रति भी गलत व्यवहार अपना रहे हैं, जो मर्यादा के विपरीत है। गोविंद सिंह डोटासरा को बार-बार सदन में व्यवधान डालने की आदत है, उन्हें कैलाश मेघवाल जी के समय भी निष्कासित किया गया था। इसके अलावा सदन में नहीं आना और फिर विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बात करना, ये सब जनतंत्र को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियाँ हैं। श्री राठौड़ ने कहा कि डोटासरा अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र पारीक के खिलाफ जिस प्रकार से सार्वजनिक रूप से बयानबाजी कर रहे हैं, वह अत्यंत निंदनीय है। पारीक जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और संसदीय परम्पराओं को भलीभांति समझते हैं। उन्हें इस प्रकार सार्वजनिक रूप से अपमानित करना अनुचित है। पार्टी के आंतरिक मुद्दों को सार्वजनिक मंचों पर लाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे पार्टी में टूट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि “जैसे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने ही उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को ‘नाकारा’ और ‘निक्कमा’ कहा था, उसके बाद वे दोनों एक मंच पर मन से नहीं आ सके। उसी तरह डोटासरा ने जो शब्द पारीक जी के लिए कहे, वे उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाने वाले हैं और उनके आपसी संबंधों में भी दरार डालने वाले हैं।” उन्होने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, देश के प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों उपयोग करना बेहद आपत्तिजनक और असंसदीय है। राजनीति में भाषा की मर्यादा बनी रहनी चाहिए। विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन भाषा का चयन मर्यादित और आदर्श होना चाहिए। राठौड़ ने कहा कि राजनीति में जिस प्रकार से भाषा का स्तर गिरा है, वह चिंताजनक है और इसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए। सभी राजनीतिक दलों को इस पर आत्मचिंतन करना चाहिए कि मर्यादित भाषा और व्यवहार से ही लोकतंत्र की गरिमा बनी रह सकती है।

Jaipur News: जयपुर में उचित मूल्य की दुकानों के लिये आवेदन 8 से 30 सितम्बर तक

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जयपुर जिले में 70 नवसृजित उचित मूल्य की दुकानों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिसमें कार्यालय जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम द्वारा 11 और जयपुर द्वितीय द्वारा 59 उचित मूल्य की दुकाने संमलित है।जिला रसद अधिकारी त्रिलोकचंद मीणा ने बताया कि आवेदन पत्र 8 सितम्बर से 30 सितम्बर, 2025 तक प्रत्येक कार्यदिवस में प्रातः 9:30 बजे से सांय 6 बजे तक संबंधित कार्यालय जिला रसद अधिकारी से प्राप्त किए जा सकेंगे। आवेदन पत्र भरने के पश्चात् इन्हें 15 सितम्बर से 10 अक्टूबर, 2025 तक प्रत्येक कार्यदिवस में कार्यालय समय में संबंधित कार्यालय में जमा करवाया जा सकेगा। श्री ने स्पष्ट किया कि आवेदन पत्र केवल कार्यालय जिला रसद अधिकारी से निर्धारित प्रपत्र पर छायाचित्र सहित ही स्वीकार किए जाएंगे। अन्य किसी माध्यम जैसे ई-मित्र, टाइपिस्ट अथवा नोटरी बुक स्टोर से प्राप्त प्रपत्र कार्यालय द्वारा स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन पत्र का मूल्य 100 रुपये निर्धारित किया गया है, जो निर्धारित शुल्क के डिमांड ड्राफ्ट अथवा भारतीय पोस्टल ऑर्डर के माध्यम से जमा कराने पर ही दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र की उचित मूल्य की दुकान हेतु आवेदक का उसी वार्ड का निवासी होना आवश्यक है, जिसमें संबंधित उपभोक्ताओं को राशन सामग्री वितरित की जानी है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में आवेदक का उसी ग्राम पंचायत के किसी भी ग्राम या वार्ड का निवासी होना अनिवार्य है। एक से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर प्राथमिकता उस आवेदक को दी जाएगी जो उस वार्ड का निवासी होगा, जिसमें दुकान स्थित है। वहीं आवेदक को निवास प्रमाण हेतु मतदाता सूची की सत्यापित प्रति, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पहचान पत्र, आधार कार्ड, जनाधार कार्ड अथवा ड्राइविंग लाइसेंस की स्वप्रमाणित प्रति में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। आवेदन हेतु आवेदक की आयु 21 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए और आयु प्रमाण हेतु उपरोक्त दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। उन्होंने यह भी बताया कि आवेदक की शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम स्नातक होनी चाहिए और कंप्यूटर में आरकेसीएल अथवा समकक्ष सरकारी संस्थान का तीन माह का आधारभूत प्रशिक्षण प्राप्त होना अनिवार्य है। स्नातक योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने पर 12वीं उत्तीर्ण आवेदकों के आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे। जिन आवेदकों के पास कंप्यूटर प्रशिक्षण नहीं है, उन्हें चयनित होने के छह माह के भीतर प्रशिक्षण प्राप्त करने का शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। समितियों अथवा समूह निकायों द्वारा आवेदन किए जाने की स्थिति में अध्यक्ष/सचिव/प्रबंधक के लिए यह योग्यता और दक्षता आवश्यक होगी। इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन प्रक्रिया, अर्हता और अन्य नियम एवं शर्तों की विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट https://food.rajasthan.gov.in से प्राप्त कर सकते हैं।

Jaipur News: सुभाष चौक थाना इलाके में देर रात गिरा मकान, दो लोगों की मौत

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प्रदेश में हो रही लगातार बारिश से राजधानी जयपुर में सुभाष चौक थाना इलाके देर रात 2 बजे एक मकान गिरा गया। वहीं मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की मौत हो गई। सूचना पर एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस बचाव कार्य में जूटी रही। जाकारी के अनुसार चार से पांच लोगों को अचेत व घायल अवस्था में बाहर निकाला गया और उन्हे अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानिय लोगों के अनुसार कुछ दिन पहले ही मकान बंगाली परिवार को किराये पर दिया था। जानकारी के अनुसार घटना रामकुमार धावाई वाली गली में हुई। लगातार बरसात के कारण पुराने मकान में सीलन बढ़ने से मकान का कुछ हिस्सा जर्जर हो गया था। घटना वाले वाले हिस्से करीब सात—आठ लोग रह रहे थे। पड़ौसियों के अनुसार देर रात करीब दो बजे अचानक चीख पुकार मची और तेज धमाके की आवाज सुनी। घटना की सुचना पर पुलिस, सिविल डिफेंस व एसडीआरएफ टीम पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। राहत कार्य सवेरे तक चलता रहा। प्रशासन मरने वालों की जानकारी जुटा रहा है। प्रशासन ने पड़ोसियों को सचेत करते हुये आसपास के पूरे इलाके को सील कर दिया है।

C M NEWS: मुख्यमंत्री का विशेष निर्देश- विधायक आमजन की समस्याओं का करें समाधान

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राज्य सरकार द्वारा अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य व्यापक स्तर पर जारी हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधायकों को अतिवृष्टि से उत्पन्न समस्याओं से आमजन को राहत देने के लिए 5, 6 और 7 सितम्बर (तीन दिन) अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के सघन निरीक्षण के विशेष निर्देश दिए। साथ ही, प्रभारी मंत्री व सचिव को भी अपने क्षेत्रों में दो दिन तक दौरा कर आमजन की समस्याओं का निस्तारण करने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों के साथ हर परिस्थिति में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। श्री शर्मा गुरूवार को प्रदेश में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति पर विधानसभा में विधायकगणों के साथ चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 1 जून से 1 सितम्बर तक औसत बारिश से 56 प्रतिशत से अधिक बारिश हुई है। ऐसे में सभी विधायक अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में जाएं और जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर राहत-बचाव कार्यों को और अधिक गति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तात्कालिक राहत के साथ-साथ बारिश और बाढ़ से प्रतिवर्ष होने वाली समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसके लिए हम दीर्घकालिक योजनाएं बनाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन की परेशानियों को प्रभावी रूप से दूर कर रही है। प्रभारी मंत्री और विधायकगण क्षेत्र में अधिकारियों से लें नियमित फीडबैक- मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री और विधायकगण अपने-अपने क्षेत्र में अधिकारियों और प्रशासन से नियमित रूप से फीडबैक लें। उन्होंने विधायकों को अपने क्षेत्र में जिला कलक्टर और उच्च अधिकारियों के साथ नियमित बैठक करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने विधायकगणों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का मनोबल बढ़ाने, निचले इलाकों से लोगों को समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन पैकेट, पीने का पानी, दवाइयों एवं कपड़ो के वितरण की सतत निगरानी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्र में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों के लिए सुरक्षित अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करवाएं। साथ ही, नियंत्रण कक्ष एवं हेल्पलाइन पर नजर रखें एवं एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा स्वयंसेवकों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करें। मीडिया और आमजन को नियमित रूप से करें जानकारी साझा- श्री शर्मा ने कहा कि विधायक मीडिया एवं आमजन को नियमित रूप से जानकारी दें ताकि अफवाह न फैले। साथ ही, सोशल मीडिया पर भी राहत कार्यों एवं हेल्पलाइन नंबर की जानकारी साझा करें। उन्होंने राहत शिविरों एवं प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा टीमों की तैनाती, पशुओं के टीकाकरण एवं पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन, राहत शिविरों में साफ-सफाई एवं स्वच्छता की निगरानी, सुरक्षित पानी पीने, भोजन की स्वच्छता एवं गंदे पानी से दूर रहने के बारे में जागरूक करने के भी निर्देश दिए।

Farmers News: किसानों को मिलेगा निष्फल बुवाई का 25 प्रतिशत फसल बीमा क्लेम अधिसूचना जारी

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कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोडी लाल मीणा ने बताया कि राज्य सरकार और कृषि विभाग किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कृषि क्षेत्र में अवांछित घटनाक्रम के कारण फसल हानि होने पर बीमा आवरण उपलब्ध करवाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बीमित क्षेत्र में अधिसूचित प्रमुख फसलों में प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों वर्षा की कमी या अधिकता व विपरीत मौसमी दशाओं के कारण औसत बुवाई क्षेत्र से 75 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में बुवाई नहीं होने या फसल की प्रारम्भिक अवस्था में अंकुरण बाधित होने के 446 बीमित इकाई की अनुशंसा प्राप्त हुई है। इन सभी 446 बीमा इकाई क्षेत्र की बीमित फसल के सभी किसानों को बीमित राशि का 25 प्रतिशत फसल बीमा क्लेम का भुगतान करने की अधिसूचना जारी की गई है इसके बाद इन बीमित इकाई क्षेत्र की अधिसूचना की फसलो की बीमा पॉलिसी समाप्त हो गई है । शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल ने कहा कि मौसम सत्र खरीफ 2025 में 15 अगस्त तक जिलों से जिला स्तरीय निगरानी समिति (डीएलएमसी) से प्राप्त बाधित/निष्फल बुवाई/ रोपण/निष्फल अंकुरण बुवाई के प्रस्ताव के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा जिला पाली के मूंग फसल में तहसील पाली, रोहट, सोजत एवं सुमेरपुर के 56 पटवार मण्डलों, तिल फसल के तहसील पाली, रोहट, सोजत, सुमेरपुर एवं मारवाड़ जंक्शन के 52 पटवार मण्डलों, ज्वार फसल के तहसील पाली, रोहट एवं सोजत के 27 पटवार मण्डलों एवं बाजरा फसल के तहसील रोहट एवं सोजत के 11 पटवार मण्डलों के लिए अधिसूचना जारी की गई है। उन्होंने बताया कि जिला करौली में तिल फसल के तहसील नादौती के 27 पटवार मण्डलों और बाजरा फसल के तहसील बालघाट व नादौती के 28 पटवार मण्डलों, जिला भरतपुर के बाजरा फसल के तहसील भरतपुर के 21 पटवार मण्डलों जिला कोटा के सोयाबीन फसल के तहसील पीपल्दा के 21 एवं उड़द फसल के तहसील पीपल्दा के 32 पटवार मण्डलों, जिला बारां के सोयाबीन फसल के तहसील छबड़ा, मांगरोल, बारां, अन्ता, किशनगंज एवं शाहबाद के 34 पटवार मण्डलों, उड़द फसल के लिए तहसील बारां, किशनगंज एवं शाहबाद के 21 पटवार मण्डलों, मक्का फसल के तहसील छबड़ा के 1 पटवार मण्डल एवं धान फसल के तहसील शाहबाद के 2 पटवार मण्डलों के लिए अधिसूचना जारी की गई है। जिला सवाईमाधोपुर में उड़द फसल के तहसील सवाईमाधोपुर, चौथ का बरवाड़ा और खण्डार के 31 पटवार मण्डलों, बाजरा फसल के तहसील सवाईमाधोपुर, खण्डार, मित्रपुरा, बरनाला व मलारना डूंगर के 44 पटवार मण्डलों और तिल फसल के लिए तहसील सवाईमाधोपुर, खण्डार, बरनाला और बामनवास के 38 पटवार मण्डलों यानि राज्य के कुल 446 पटवार मण्डलों के लिए अधिसूचना जारी की गई है।