C M NEWS: सुरक्षित और आधुनिक राजस्थान के लिये सरकार लगाएगी 2 लाख स्ट्रीट लाइट

राज्य सरकार की ओर से प्रदेशवासियों के लिए बड़ी सौगात दी गई है। रविवार को हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नगरीय क्षेत्रों की रात्रिकालीन सुरक्षा, ऊर्जा बचत और बेहतर यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बजट 2025-26 में प्रस्तावित 1 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटों की संख्या बढ़ाकर अब 2 लाख करने का अहम निर्णय लिया है। श्री शर्मा ने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रदेश की हर सड़क, हर मोहल्ला और हर बाजार रोशनी से जगमगाए। यह केवल रोशनी का कार्य नहीं, बल्कि सुरक्षित और आधुनिक राजस्थान के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि त्योहारी सीज़न को देखते हुए इस कार्य की शुरुआत दीपावली से पूर्व की जाए, ताकि प्रदेश की सड़कें और भी उज्जवल दिखाई दें। राज्य की 312 नगरीय निकायों में बढ़ती आबादी और क्षेत्रीय विस्तार को देखते हुए आधुनिक प्रकाश व्यवस्था अनिवार्य है। इसीलिए मुख्यमंत्री के विज़न के अनुरूप पुरानी और कमज़ोर लाइटों को हटाकर नई एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। यह निर्णय न केवल शहरों की सूरत बदलेगा, बल्कि नागरिकों के जीवन में सुरक्षा और सहजता का भाव भी जोड़ेगा। यह पहल ऊर्जा की बचत करेगी, दुर्घटनाओं में कमी लाएगी और लोगों को रात के समय भी सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार विभाग अतिशीघ्र प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर इस कार्य को शुरू करेगा । उल्लेखनीय है कि स्वायत्त शासन विभाग द्वारा शहर चलो अभियान के तहत 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राज्य की सभी नगरीय निकायों में नई स्ट्रीट लाइट लगाने और बंद लाइट को चालू करने का कार्य भी किया जाएगा। इसी के साथ ही स्वायत्त शासन विभाग द्वारा नगरीय निकायों में आमजन की स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सड़क से संबंधित शिकायतों और सुझाव के लिए राज्य स्तरीय हेल्पलाइन नंबर 181 भी जारी किया गया है।

C M NEWS: शुद्धता से समझौता नहीं, मिलावटखोरों के खिलाफ करें सख्त कार्यवाही -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अन्नदाता किसान को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। हमारी योजनाएं और नीतियां किसानों का सर्वांगीण विकास करने के साथ-साथ विकसित राजस्थान-2047 की यात्रा में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित कर रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी बजटीय घोषणाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करें जिससे किसानों और पशुपालकों को धरातल पर उनका लाभ मिल सके। श्री शर्मा बुधवार को कृषि, कृषि विपणन, उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी और गोपालन विभाग की बजट घोषणाओं की क्रियान्विति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि को रोजगारोन्मुखी व्यवसाय बनाने के दृष्टिगत दूरगामी निर्णय ले रही है। श्री शर्मा ने कृषि में उन्नत तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहन देने के साथ ही किसानों के लिए सुविधाओं और सेवाओं में द्रुतगति से विस्तार के लिए विशेष निर्देश दिए। कस्टम हायरिंग सेंटर्स का हो व्यापक प्रचार-प्रसार- मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु और सीमांत किसानों को उचित दर पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में 1 हजार कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इन सेंटर्स के संचालन के लिए एफपीओ को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, जीएसएस, केवीएसएस और पंचायत द्वारा भी संचालन की जिम्मेदारी पर भी विचार किया जाए। उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना से पूर्व अन्य राज्यों के मॉडल का परीक्षण करने और श्रेष्ठ मॉडल को लागू करने के लिए निर्देशित भी किया। साथ ही, इन सेंटर्स के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें। ई-मण्डी प्लेटफॉर्म से किसान की बाजार तक होगी सुगम पहुंच- श्री शर्मा ने कहा कि किसानों के खेत से ही फसल की सीधी खरीद और उसे तत्परता से विक्रय करने के लिए ई-मण्डी प्लेटफॉर्म का नवाचार किया जा रहा है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और उनका आर्थिक रूप से सशक्तीकरण होगा। उन्होंने अधिकारियों को पंचायत स्तर पर ई-मण्डी प्लेटफॉर्म में फसल के भण्डारण के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया। साथ ही, मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों के प्रभावी संचालन और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के क्रम में आवश्यक कदम उठाने के लिए भी निर्देश दिए। ग्राम-2026 के सफल आयोजन के लिए बनाएं कार्ययोजना- मुख्यमंत्री ने ग्लोबल राजस्थान एग्री टेक मीट (ग्राम)-2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के सफल आयोजन के संबंध में कृषि शासन सचिव को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुसार मिलेट्स को प्रोत्साहन देने के लिए ‘श्री अन्न प्रमोशन एजेन्सी’ की स्थापना कर रही है। उन्होंने ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा देने और बैलों से खेती करवाए जाने पर प्रोत्साहन राशि दिए जाने के संबंध में भी चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। मोबाइल वेटेनरी वैन के संचालन की करें निरंतर मॉनिटरिंग- श्री शर्मा ने अधिकारियों को दूध संकलन के दौरान गुणवत्ता का पूर्ण ध्यान रखने एवं मिलावटी दूध बनाने में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने आरसीडीएफ को उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही, पशु चिकित्सा के लिए संचालित मोबाइल वेटेनरी वैन की निरंतर मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए। श्री शर्मा ने पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए दवाओं की नियत दरों पर ही उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देशित किया। राजकीय संसाधनों का हो विवेकपूर्ण उपयोग- मुख्यमंत्री ने राजकीय संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भूमि की अनुपलब्धता पर नए प्रोजेक्ट्स के लिए सरकारी अनुपयोगी इमारतों का उपयोग किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला कलक्टर की एनओसी के बाद ही भूमि का आवंटन किया जाए। वहीं मुख्यमंत्री ने राजस्थान किसान आयोग के वर्ष 2025 के अंतरिम प्रतिवेदन का विमोचन किया। इस दौरान कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत, राजस्थान किसान आयोग अध्यक्ष सी. आर. चौधरी, मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Assembly News: राजस्थान कोचिंग सेन्टर विधेयक, 2025 ध्वनिमत से पारित, अनियमितता करने पर दण्ड घटाया

0
राजस्थान कोचिंग सेन्टर (नियंत्रण और विनियमन) विधेयक, 2025 विधानसभा में बुधवार को ध्वनिमत से पारित हो गया। इयये पहले उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि यह केवल कानून नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा यह विधेयक लाखों अभ्यर्थियों व उनके अभिभावकों से सीधा जुड़ा है। डॉ. बैरवा ने सदन में कोचिंग विधेयक पर चर्चा के बाद कहा कि पहले संशोधन में कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण के लिए न्यूनतम विद्यार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 की गई है ताकि छोटे व असंगठित कोचिंग सेंटर अपनी सुविधाएं विद्यार्थियों को उपलब्ध करा सकेंगे। दूसरे संशोधन में कोचिंग संस्थाओं द्वारा अनियमितता करने पर शास्ति को 2 लाख रुपए से घटाकर 50 हजार रुपए और द्वितीय बार में 5 लाख रुपए से घटाकर 2 लाख रुपए की गई। इसके बाद भी उल्लंघन जारी रहने पर पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों में आत्महत्या को रोकने के लिए और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए विधेयक में प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह विधेयक राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के भावना के अनुरूप है। इसके जरिए विद्यार्थियों के कौशल विकास पर जोर दिया जाएगा। बिना राजकीय पंजीकरण के संचालित नहीं होंगे कोचिंग संस्थान- उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य विद्यार्थियों को सम्मान दिलाने के साथ सशक्त नागरिक बनाना भी है। विधेयक के द्वारा शिक्षा क्षेत्र में दूरगामी और महत्वपूर्ण सुधार सुनिश्चित किए गए हैं। अब कोई भी कोचिंग संस्थान बिना राजकीय पंजीकरण के संचालित नहीं हो सकेगा। पंजीकरण के लिए उचित मापदण्डों का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थान रैंकिंग नहीं बल्कि संस्कार के केन्द्र बनें, जहां विद्यार्थी सामाजिक मूल्यों को सीख सकें। मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता की नियुक्ति अनिवार्य- डॉ. बैरवा ने कहा कि राज्य स्तर पर कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए कोचिंग प्राधिकरण की स्थापना की गई है। राजस्थान कोचिंग सेंटर नियंत्रण एवं विनियमन प्राधिकरण भी बनाया जाएगा। विद्यार्थियों को तनाव रहित अध्ययन के लिए प्रत्येक कोचिंग संस्थान में मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता की नियुक्ति करना और तनाव प्रबंधन के सेशन अनिवार्य होंगे। परिजनों से नियमित संवाद की व्यवस्था की जाएगी। हर जिले में परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध होंगे। विद्यार्थियों को पारदर्शी सुविधा मिलेगी और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही तय होगी जिससे एक स्वस्थ शिक्षा प्रणाली की स्थापना हो सकेगी। उन्होंने कहा कि नियंत्रण के लिए एक वेब पोर्टल बनाया जाएगा जिस पर तमाम कोचिंग संस्थानों की जानकारी आमजन के लिए उपलब्ध होगी, इससे पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि विधेयक में परिस्थिति व आवश्यकतानुसार भविष्य में संशोधन किया जा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खास को मिल सकती है सरकार में मीडिया ओएसडी की नियुक्ति

0
इस साल के आखिर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों में भजनलाल सरकार भी पिछे नहीं है। बिहार के चुनाव साधने के लिये प्रदेश सरकार में एक और मीडिया ओएसडी की नियुक्ति हो सकती है। पुख्ता सूत्रों के अनुसार बिहार खेल जगत में रसूख रखने वाले व्यक्ति को राजी करने के लिये प्रदेश के पूर्व सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारी को नियुक्ति दी जा सकती है। सूत्रों की माने तो सरकार सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के पूर्व अतिरिक्त निदेशक गोविन्द पारीक को मीडिया ओएसडी बना सकती है। यह नियुक्ति बिहार खेल जगत में रसूख रखने वाले व्यक्ति के समन्वय और सहयोग से की जायेगी। वहीं इस साल के आखिर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों में उक्त वयक्ति को साधने की तैयारि भी बताई जा रही है। कांग्रेस विचार धारा के श्री पारिक पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खास माने जाते हैं। पूर्व सरकार में सुचना एवं जनसम्पर्क मंत्री रघु शर्मा के साथ इनकी चर्चाएं आम थी। कांग्रेस सरकार में भी इन्होने भारतीय प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिये श्री शर्मा का समन्वय और सहयोग लिया था। लेकिन इन्ही की कमियों के कारण सफल नहीं हो पाये।

C M NEWS: अंत्योदय की संकल्पना को साकार करेगा शहर चलो अभियान -मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का प्रमुख ध्येय अंत्योदय की संकल्पना को सिद्धि की ओर ले जाते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति को अधिक से अधिक राहत पहुंचाना है। 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक संचालित होने वाला शहर चलो अभियान इस उद्देश्य की प्राप्ति में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के सफल संचालन के लिए प्रभावी कार्ययोजना के अंतर्गत कार्य करने के लिए निर्देशित किया, ताकि शहरी निकायों में बुनियादी नागरिक सुविधाएं सुदृढ़ हों और सेवाओं को नई गति मिले। श्री शर्मा मंगलवार को नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान से पूर्व 4 से 13 सितम्बर तक प्री-कैम्प आयोजित किए जाएं। इस दौरान अधिकारी शहरी निकायों के वार्डों में पहुंचें और पार्षदों से चर्चा कर समस्याओं का चिन्हीकरण करें। इससे आमजन को मुख्य कैम्प के दौरान सुगम और त्वरित राहत मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी निकायों में सफाई व्यवस्था सुधार, नई स्ट्रीट लाइट्स लगाने, आवारा पशुओं को पकड़ने, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, सार्वजनिक स्थानों का रखरखाव और सौंदर्यकरण, सड़क मरम्मत जैसे जनोपयोगी कार्य इस अभियान में किए जाएंगे। उन्होंने पीएम स्वनिधि ऋण वितरण, पीएम सूर्यघर 150 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना के आवेदन प्राप्त करने के साथ ही सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी और विद्यालयों के मरम्मत के कार्य विशेष रूप से संपादित करने के लिए भी निर्देशित किया। ग्रामीण क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए करें विशेष कार्य- श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सुनियोजित विकास को गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश के सुदृढ़ बुनियादी ढांचे को गति मिल सके। उन्होंने भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों के सुनियोजित विकास पर विशेष जोर देते हुए स्वच्छता, पेयजल, सड़क, सीवरेज जैसी आधारभूत सुविधाओं पर विशेष रूप से कार्य करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा और नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

Collector News: राजकीय अवकाश के दिन संचालित निजी विद्यालयों को दिये नोटिस

0
बाबा रामदेव जयंती -तेजा दशमी के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा घोषित राजकीय अवकाश के दिन कुछ गैर-सरकारी विद्यालयों द्वारा अवकाश घोषित नहीं कर विद्यार्थियों को अध्ययन हेतु बुलाए जाने की शिकायतें कलेक्ट्रेट और विभागीय अधिकारियों को प्राप्त हुईं। जिला कलक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी के निर्देश पर इन शिकायतों पर तत्परता से संज्ञान लिया गया और संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की गई। जांच में टिओलर हाई स्कूल सिरसी रोड जयपुर, टिओलर अनबाउण्डेड सिरसी रोड जयपुर, जय श्री पेरिवाल स्कूल वैशाली नगर जयपुर, जय श्री पेरिवाल स्कूल महापुरा जयपुर और सवाई मानसिंह विद्यालय रामबाग सर्किल जयपुर के संचालित होने की पुष्टि हुई। इस पर जिला कलक्टर के निर्देशानुसार इन विद्यालयों के सचिवों को तत्काल नोटिस जारी कर विद्यालय बंद करने व स्पष्टीकरण सहित पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए पाबंद किया गया। जिला कलक्टर के निर्देश पर संबंधित विद्यालयों को यह भी स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया है कि भविष्य में राजकीय अवकाश के दिनों में विद्यालय पूर्णतः बंद रखे जाएं और विभागीय आदेशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को भी कठोरता से पालना करवाने और भविष्य में पुनरावृत्ति रोकने हेतु निर्देशित किया गया है। अवहेलना की स्थिति में तत्काल कार्यवाही हेतु स्पष्ट प्रस्ताव भिजवाने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

C M NEWS: 18 सितम्बर से गांव चलो अभियान, लंबित राजस्व प्रकरणों का होगा निस्तारण -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गुड गवर्नेन्स के मानकों पर खरा उतरते हुए आमजन के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारी उनकी नियमित मॉनिटरिंग करें। साथ ही, संबंधित विभागों से समन्वय कर भूमि आवंटन, डीपीआर, टेंडर प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए, जिससे विकास कार्यों का लाभ लोगों को समय पर मिल सके। श्री शर्मा मंगलवार को राजस्व और उपनिवेशन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग, तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से काश्तकारों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में नवाचार कर रहा है। इसी क्रम में किसानों को स्वयं फसल गिरदावरी की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए एग्रीस्टेक मोबाईल ऐप विकसित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के लिए इस ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। गांव चलो अभियान से ग्रामीणों तक सुलभ होंगी सरकारी सेवाएं:— श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 18 सितम्बर से प्रदेशभर में सप्ताह में तीन दिन ‘गांव चलो अभियान’ संचालित किया जाएगा, जिसमें ग्रामीणों तक सरकारी सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान के तहत ग्रामीणों के सीमाज्ञान, सहमति विभाजन, नामांतरण आदि लंबित प्रकरणों को निस्तारित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति अभियान के लाभों से वंचित ना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी गत दो वर्ष के बजट में घोषित भवन निर्माण के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तय समय में पूरा करें। साथ ही नियमित निगरानी कर इनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुराने भवनों का भी आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण एवं मरम्मत की जाए, ताकि सरकारी संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके। समीक्षा में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि फार्मर रजिस्ट्री योजना के माध्यम से किसानों के आधार नम्बर को राजस्व रिकॉर्ड के साथ मेपिंग का कार्य समस्त जिलों में प्रारम्भ कर दिया गया है। अब तक 87 प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी जनरेट की जा चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में राज्य के 48 हजार 463 गांवों की जिओ रेफरेंस शीट फाइल भू-नक्शा पोर्टल पर अपलोड कर 4.49 करोड़ यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नम्बर (ULPIN) जारी किए जा चुके हैं। इस दौरान राजस्व न्यायालयों के लिए रेवेन्यू कोर्ट मॉर्डनाइजेशन सिस्टम, राजस्व इकाइयों का पुर्नगठन, पूर्णकालिक सरकारी अधिवक्ताओं को रिटेनर शुल्क, उपनिवेशन क्षेत्र में भूमि आवंटन की दर में परिवर्तन, ग्राम दान एवं भूदान अधिनियम सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

C M NEWS: अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में संवेदनशीलता से करें कार्य -मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की 8 करोड़ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने और पारदर्शी व जवाबदेही सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी अधिकारी-कर्मचारी जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ जान-माल के नुकसान पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर्स अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर कार्य करें। श्री शर्मा सोमवार को विभिन्न मुद्दों को लेकर समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों के साथ ही आमजन के लिए चिकित्सा सेवाएं, खाद्य सामग्री की उपलब्धता सहित आवश्यक सेवाओं पर संबंधित जिला कलक्टर से गहन चर्चा करते हुए दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने घग्गर नदी में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए इस संबंध में हनुमानगढ़ जिला कलक्टर को पंजाब एवं हरियाणा राज्यों से समन्वय बनाते हुए अलर्ट मोड पर कार्य करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश के 21 जिलों में असामान्य तथा 16 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों का रेस्टोरेशन कार्य तेजी से कराया जा रहा है। 2 सितम्बर से तीन दिवसीय राहत अभियान- मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अतिवृष्टि से प्रभावित कोई भी व्यक्ति सहायता से वंचित नहीं रहे। इस संबंध में उन्होंने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में 2 सितम्बर से 3 दिवसीय विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए, जिसमें प्रभावितों को नियमानुसार सहायता राशि और अन्य राहत सुनिश्चित हो। श्री शर्मा ने जिला कलक्टर्स को फसल खराबे पर गिरदावरी रिपोर्ट शीघ्र भिजवाने के लिए निर्देशित भी किया। मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड राज्यों में अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित राजस्थान के नागरिकों को राहत और बचाव के संबंध में भी चर्चा कर आवश्यक निर्देश प्रदान किए। 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक शहर चलो अभियान- मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी निकायों में सफाई व्यवस्था सुधार, नई स्ट्रीट लाइट्स को लगाने, आवारा पशुओं को पकड़ने, शहरी निकायों के लंबित प्रकरणों के निस्तारण, सड़क मरम्मत जैसे जनोपयोगी कार्य सम्पादित करने के लिए राज्य सरकार प्रदेशभर में 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक शहर चलो अभियान संचालित करने जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन अधिक से अधिक संख्या में लाभान्वित हो। अभियान में लगने वाले मुख्य कैंप से पहले तैयारी कैंप लगाकर आमजन से आवेदन प्राप्त किए जाएं। पंचायत समिति की 2 ग्राम पंचायतों पर संचालित होगा गांव चलो अभियान- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 18 सितंबर से हर पंचायत समिति की दो ग्राम पंचायतों में ग्राम चलो अभियान चलाएगी। यह अभियान सप्ताह में तीन दिन चलेगा। सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन, स्वास्थ्य शिविर, विद्यालय इत्यादि के मरम्मत कार्य, बीज मिनी कीट वितरण जैसे कार्य होंगे। प्रदेशभर में 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक सहकार सदस्यता अभियान भी संचालित किया जाएगा। श्री शर्मा ने इन सभी अभियानों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। भ्रष्ट, लापरवाह और अनुशासनहीन कार्मिकों पर हो सख्त कार्रवाई- मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी और कार्मिक आमजन के कार्यों का निस्तारण निष्ठा और समर्पण भाव से करें। राज्य सरकार कार्य में लापरवाही बरतने वाले व भ्रष्ट कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और समर्पित कार्मिकों को सम्मानित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने जिला कलक्टर्स को निर्देश दिए कि वे भ्रष्ट, लापरवाह और अनुशासनहीन कार्मिकों की सूची तैयार कर राज्य सरकार को भिजवाएं, ताकि ऐसे कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई हो सके। अपराध पर पुलिस तुरंत ले सख्त एक्शन- मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के क्रम में छोटी-बड़ी हर घटना पर तत्परता के साथ कड़ी कार्यवाही करें। त्यौहारी सीजन को देखते हुए मंदिरों आदि धार्मिक स्थलों तथा पर्यटन स्थलों पर अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन के साथ मिलकर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाओं के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास कायम रहे। उन्होंने जिला कलक्टर्स को विद्यालय, आंगनबाड़ी और अस्पताल जैसे भवनों की मरम्मत या नवीन निर्माण के प्रस्ताव अतिशीघ्र भिजवाने के लिए निर्देशित किया। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएम स्वनिधि योजना, खाद्य सुरक्षा योजना, लखपति दीदी योजना, पीएम कुसुम योजना से अधिक से अधिक पात्र लोगों को जोडे़ं। श्री शर्मा ने पंच गौरव कार्यक्रम की अद्यतन प्रगति, जिलों में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत प्राप्त हुए एमओयू की स्थिति तथा ग्राउंड ब्रेकिंग के लिए प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स पर चर्चा, बजट घोषणाओं की समयबद्ध क्रियान्विति और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए भी आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने आने वाले त्यौहारों को देखते हुए जिलों में सफाई व्यवस्था, नई स्ट्रीट लाइट्स लगाने और सड़क मरम्मत से संबंधित कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा, विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव और पुलिस के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं प्रदेशभर से संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर्स, रेंज आईजी और पुलिस अधीक्षक वीसी के माध्यम से जुड़े।

Hostel News: प्रदेश के छात्रावासों में प्रवेश के लिए अंतिम तिथि 15 सितंबर तक बढ़ाई

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने प्रदेश के राजकीय और अनुदानित छात्रावासों (विद्यालय-महाविद्यालय स्तरीय) व आवासीय विद्यालयों में वर्ष 2025-26 के लिए ऑनलाइन प्रवेश के लिए अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2025 तक बढ़ा दी है। निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव आशीष मोदी ने बताया छात्र छात्राओं की मांग और आवश्यकता को देखते हुए विभाग ने आवेदन तिथि को 15 सितंबर तक बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि बजट घोषणा वर्ष 2025-26 में स्वीकृत नवीन छात्रावासों में भी छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिल सकेगा। श्री मोदी ने विभागीय जिला स्तरीय अधिकारियों को तिथि बढ़ोतरी की सूचना का प्रचार प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जितने अधिक से अधिक पात्र छात्र- छात्राओं का प्रवेश होगा उतनी ही योजना कारगर साबित होगी। गौरतलब है कि इससे पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित प्रदेश के सभी राजकीय एवं अनुदानित छात्रावासों (विद्यालय-महाविद्यालय स्तरीय) एवं आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए 31 अगस्त, 2025 तिथि निर्धारित की गई थी।