Bijali News: नए साल में उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलें —डिस्कॉम्स चेयरमैन

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डिस्कॉम्स चेयरमैन सुश्री आरती डोगरा ने कहा कि जयपुर विद्युत वितरण निगम नए साल में उपभोक्ता सेवाओं और सप्लाई को बेहतर करने, बिजली छीजत रोकने, आरडीएसएस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शत-प्रतिशत राजस्व रिकवरी पर प्रमुखता से फोकस करेगा। उन्होंने कहा कि गैर कृषि श्रेणी में सभी डिफेक्टिव मीटर बदलकर निगम कार्मिकों ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ निश्चय से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। अब कृषि श्रेणी में भी निगम को डिफेक्टिव मीटरमुक्त बनाना है ताकि सभी उपभोक्ताओं की वास्तविक उपभोग के आधार पर बिलिंग की जा सके। डिस्कॉम्स चेयरमैन शुक्रवार को विद्युत भवन में तीनों विद्युत वितरण निगमों के अभियन्ताओं को संबोधित कर रहीं थी। उन्होंने शून्य डिफेक्टिव मीटर (गैर कृषि) बनाने के प्रयासों के लिए सभी को बधाई और नव वर्ष की शुभकामनाएं दी। सुश्री डोगरा ने कहा कि यह किसी एक की नहीं, टीम जयपुर डिस्कॉम की सफलता है, जिसमें अधीक्षण अभियन्ता से लेकर मीटर रीडर तक समस्त तकनीकी स्टाफ व सहायक राजस्व अधिकारी से लेकर फील्ड स्तर तक समस्त गैर तकनीकी कार्मिकों का बराबर का योगदान है। डिस्कॉम्स चेयरमैन ने कहा कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलें, समय पर कनेक्शन जारी हों, उसके लिए आवेदक को कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ें, मीटर बदलने के लिए इंतजार नहीं करना पड़े, ट्रिपिंग कम से कम हो और हमारा रेस्पॉन्स टाइम न्यूनतम हो।

C M NEWS: गिरिराज धरण की शरण में मुख्यमंत्री, प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को सपरिवार डीग स्थित श्रीनाथजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर से गोवर्धन पर्वत की लगभग 21 किलोमीटर की सप्तकोसीय परिक्रमा भक्तिभाव से पूरी की। मुख्यमंत्री ने ‘पांच दंडवती’ (साष्टांग प्रणाम) लगाकर ब्रज की पावन धरा पर आराध्य देव गोवर्धन गिरिराज जी महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा प्रारंभ की। इस दौरान उन्होंने मुखारविंद, मानसी गंगा और दानघाटी मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की। परिक्रमा के दौरान श्री शर्मा का जगह-जगह स्थानीय नागरिकों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर सभी से आत्मीयता के साथ रामा-श्यामा की। पूरा परिक्रमा मार्ग ‘बोलो गिरिराज महाराज की जय’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

Rajasrhan News: वर्ष 2026 में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जायेगा —पुलिस महानिदेशक

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पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने वर्ष 2026 के लिए राजस्थान पुलिस की प्रमुख प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा है कि जन-सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और जनविश्वास को केंद्र में रखते हुए पुलिस तंत्र को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील और तकनीक-सक्षम बनाया जाएगा। अपराध संबंधी प्राथमिकताएं — डीजीपी ने बताया कि अपराध संबंधी प्राथमिकताओं के अंतर्गत संगठित अपराध के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्यवाही की जाएगी। महिलाओं, बच्चों व कमजोर वर्गों के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम राजस्थान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी, जिसमें त्वरित कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ करते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए उनकी रोकथाम और तकनीकी रूप से सक्षम अनुसंधान पर विशेष बल दिया जाएगा। प्रशासनिक प्राथमिकताएं — प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए श्री शर्मा ने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से पुलिस-जन संबंधों को और मजबूत किया जाएगा, जिससे पुलिस व्यवस्था अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बने। पुलिस कार्यों में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग से कार्यकुशलता बढ़ाई जाएगी। पुलिस कार्मिकों की कार्यदशा, कल्याण और दक्षता में सुधार हेतु निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही, पुलिस परिसरों में सामुदायिक सेवाओं को प्रोत्साहित कर समाज के साथ पुलिस की सहभागिता को नई दिशा दी जाएगी। उन्होने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2026 में इन प्राथमिकताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राजस्थान पुलिस और अधिक जनहितकारी, सक्षम और उत्तरदायी बनेगी व राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।

Rajasthan News: वाणिज्य कर विभाग ने अवैध पान मसाला और मार्बल ग्रेनाइट के अवैध परिवहन पर की कार्रवाई

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वाणिज्य कर विभाग के आयुक्त कुमार पाल गौतम के निर्देशों की अनुपालना में विभाग द्वारा पान मसाला और ग्रेनाइट के अवैध परिवहन के विरुद्ध गई सघन जांच में बड़ी सफलता प्राप्त की है। विभाग की कई टीमों ने प्रदेश के विभिन राजमार्गों पर 26 दिसंबर से 31 दिसंबर तक आकस्मिक जांच कर 13 वाहनों को जब्त किया है। वाहनों में परिवहन किए जा रहे माल के दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि कई वाहनों में बिना उचित दस्तावेजों (बिल और ई-वे बिल आदि) के माल परिवहन किया जा रहा था। कुछ वाहनो में माल के दस्तावेजों में कर मुक्त माल के दस्तावेज बनाए जा कर पान मसाला का परिवहन किया जा रहा था और कुछ में माल वास्तविक माल से पृथक दिखाया गया था। कुछ वाहनों में माल के पाने वाले के पते भी गलत बताए गए थे। वहीं विभाग द्वारा जब्त किए गए वाहनों और माल का मूल्यांकन किया जा रहा है और आगे की कार्रवाई के लिए नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी। मुख्य आयुक्त ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि ऐसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए और अधिक सख्ती से कार्रवाई की जाए ताकि राजस्व की हानि को रोका जा सके।

Cabinet News: प्रदेश में राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 लागू, वाहन स्क्रैप कराने पर 1 लाख रुपए की होगी छूट

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमण्डल सभा में प्रदेश में पर्यावरण सुरक्षा, हरित और टिकाऊ विकास को प्रोत्साहन देने, गवर्नेन्स, उद्योग, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व मशीन लर्निंग के उत्तरदायी, नैतिक और सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों के अनुमोदन और कर्मचारी कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने प्रेसवार्ता में बताया कि बजट वर्ष 2025-26 की घोषणा की अनुपालना में अनुमोदित राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 प्रदेश में सड़क पर चलने में अयोग्य और प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध रूप से हटाकर उनके वैज्ञानिक, सुरक्षित व पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निपटान करने के उद्देश्य से लाई जा रही है। इस नीति के अंतर्गत राज्य में रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटीज (आरवीएसएफ) की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा, जिनके माध्यम से वाहनों की स्क्रैपिंग पूरी तरह पारदर्शी, डिजिटल और ट्रेस योग्य होगी। सभी स्क्रैपिंग प्रक्रियाएं वाहन पोर्टल से एकीकृत होंगी, जिससे स्क्रैप योग्य वाहनों के अनधिकृत उपयोग की संभावना समाप्त होगी। नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर पर मिलेगी छूट- उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन, फिटनेस/पंजीकरण रहित वाहन, दुर्घटनाग्रस्त, क्षतिग्रस्त वाहन, नीलामी में खरीदे गए कबाड़ वाहन, अनुपयोगी वाहन या स्वेच्छा से आरवीएसएफ को दिए गए वाहन इस नीति के अंतर्गत स्क्रैप किए जा सकेंगे। अधिकृत स्क्रैप सेंटर से वाहन स्वामी को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीओडी) और सर्टिफिकेट ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग (सीवीएस) जारी किए जाएंगे। वहीं वाहन पोर्टल पर भी डिजिटल रूप में अपलोड किए जाएंगे। सीओडी के आधार पर नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक (अधिकतम 1 लाख रुपए) की छूट का लाभ भी मिल सकेगा। दो वर्ष तक सेफ कस्टडी में रहेंगे चैसिस नम्बर- डॉ. बैरवा ने बताया कि रजिस्टर्ड स्क्रैपर स्क्रैप किए गए वाहन के चैसिस नम्बर के कट पीस को सीवीएस जारी होने की तारीख से 6 माह तक सेफ कस्टडी में रखेंगे। इसके बाद वे इसे अपने क्षेत्र के जिला परिवहन अधिकारी को जमा करेंगे, जहां इसे 18 माह तक सेफ कस्टडी में रखा जाएगा। राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 के माध्यम से सर्कुलर इकॉनॉमी को मजबूती मिलेगी। स्क्रैपिंग से प्राप्त स्टील, एल्युमिनियम, प्लास्टिक, रबर व अन्य सामग्री का पुनः उपयोग संभव होगा, जिससे ऑटोमोबाइल, स्टील एवं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सस्ती कच्ची सामग्री उपलब्ध होगी। पंजीकृत स्क्रैपिंग यूनिट्स के लिए मिलेंगी विशेष रियायतें- उपमुख्यमंत्री ने बताया कि स्क्रैपिंग नीति में निवेश को आकर्षित करने हेतु पंजीकृत स्क्रैपिंग यूनिट्स के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिनमें प्रारंभिक 20 इकाइयों को पूंजी निवेश पर सब्सिडी, राज्य कर में छूट, ब्याज अनुदान, स्टाम्प ड्यूटी व विद्युत शुल्क में रियायत शामिल है। साथ ही, रिसाइकिं्लग और स्क्रैपिंग से जुड़े स्टार्टअप्स को राजस्थान स्टार्टअप पॉलिसी के अंतर्गत समर्थन देने का प्रावधान किया गया है। राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी- 2026 का अनुमोदन- डॉ. बैरवा ने बताया कि कैबिनेट द्वारा अनुमोदित राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी-2026 प्रदेश को निवेश और नवाचार के उभरते केन्द्र के रूप में विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी। इस वर्ष के बजट में सेवा प्रदायगी में सूचना प्रौद्योगिकी के महत्व को देखते हुए ई-गवर्नेंस के विस्तार को सुनिश्चित करने के लिए यह नीति लाने की घोषणा की गई थी। इस नीति का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के उत्तरदायी, नैतिक और सुरक्षित उपयोग से सार्वजनिक सेवा वितरण को अधिक त्वरित, पारदर्शी व नागरिक-केंद्रित बनाना, प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि करना और नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है। एआई से जुड़ी डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर विशेष फोकस- उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस नीति के अंतर्गत एआई सिस्टम्स पारदर्शी, जवाबदेह, निष्पक्ष, गोपनीयता-संरक्षित बनाने के साथ-साथ एआई प्रणालियों में पक्षपात को कम करने, डेटा की सुरक्षा और निर्णय प्रक्रिया की स्पष्टता पर विशेष बल दिया गया है। नीति में एआई से जुड़े साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग एवं समाधान हेतु स्पष्ट प्रक्रियाओं का प्रावधान भी किया गया है। नीति के अन्तर्गत प्रदेश में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना करना भी शामिल है। स्कूल-कॉलेज में मिलेगा एआई शिक्षा को बढ़ावा- डॉ. बैरवा ने बताया कि नीति के अंतर्गत प्रत्येक विभाग अपने लिए एआई उपयोग से जुड़े कार्यों की पहचान करेगा और एक एआई नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा। आधुनिक डिजिटल एवं कंप्यूट अवसंरचना, एआई क्लाउड सेवाओं, सुरक्षित डेटा स्टोरेज और टेसिं्टग प्लेटफॉर्म की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा। स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक संस्थानों और कॉलेजों में एआई शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जाएगा। युवाओं, शिक्षकों और सरकारी कार्मिकों के लिए एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप और रिसर्च इंस्टीट्यूट्स को एआई से जुड़ी पहलें करने के लिए रिप्स, एमएसएमई एवं स्टार्टअप नीतियों के अनुरूप टॉप-अप प्रोत्साहन दिए जाएंगे। ग्रीन क्रेडिट्स से सर्कुलर इकोनॉमी को मिलेगा प्रोत्साहन- जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि स्थानीय निकायों और निवेशकों को हरित व टिकाऊ विकास से संबंधित परियोजनाओं और गतिविधियों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन उपलब्ध कराने हेतु ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 योजना को मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी प्रदान की गई। इस योजना के माध्यम से पर्यावरणीय लक्ष्यों को आर्थिक प्रोत्साहनों से जोड़कर ग्रीन व सर्कुलर इकोनॉमी के विकास को बढ़ावा दिया जा सकेगा। योजना का प्रमुख उद्देश्य वाउचर के रूप में ट्रेडेबल और रीडीमेबल ग्रीन क्रेडिट प्रदान कर पर्यावरणीय रूप से सस्टेनेबल परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित करना है। पर्यावरण संबंधित योगदान के लिए जारी किए जाएंगे ग्रीन क्रेडिट वाउचर- श्री कन्हैया लाल ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत उद्यमों एवं शहरी स्थानीय निकायों को नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण एवं प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों, सस्टेनेबल बिलिं्डग एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर तथा अन्य पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्रों में कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस योजना में पात्र निवेशकों को रिप्स-2024 के अंतर्गत मिलने वाले ग्रीन इंसेंटिव्स के अतिरिक्त उनके पर्यावरण संबंधित योगदान के लिए ग्रीन क्रेडिट वाउचर जारी किए जाएंगे। ये ग्रीन वाउचर 1 करोड़ रुपए तक के हरित निवेश पर 5 प्रतिशत और 10 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर 10 प्रतिशत (अधिकतम 2.50 करोड़ रुपए) तक मूल्य के होंगे। शहरी स्थानीय निकायों को भी स्वयं के संसाधनों से वित्त पोषित परियोजनाओं पर इसी अनुरूप ग्रीन वाउचर जारी किए जाएंगे। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में रिफाइनरी का काम पूर्णता की ओर- संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पचपदरा में निर्माणाधीन 9 मिलियन मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता की रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना की स्थापना के कार्य में तेजी आई है और यह पूर्णता की ओर है। रिफाइनरी परियोजना के लिए राज्य सरकार और एचपीसीएल के बीच 18 अप्रैल, 2017 को एमओयू हुआ था। रिफाइनरी की अनुमानित प्रारम्भिक लागत 43 हजार 129 करोड़ रुपए थी और कार्य 31 अक्टूबर, 2022 तक पूरा किया जाना था। संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि पूर्ववर्ती राज्य सरकार के समय में 2 जून, 2023 को परियोजना की लागत बढ़ कर 72 हजार 937 करोड़ रुपए हो गई। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लि. द्वारा राज्य सरकार को 24 जुलाई, 2025 को रिफानरी के लागत मूल्य में द्वितीय संशोधन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव का मूल्यांकन भारत सरकार के उपक्रम मेकॉन लिमिटेड द्वारा करवाया। मेकॉन लि. की रिपोर्ट का राज्य सरकार द्वारा गठित समिति ने परीक्षण किया और इस क्रम में एचआरआरएल के द्वितीय संशोधित लागत मूल्य प्रस्ताव को कैबिनेट द्वारा राज्य हित को देखते हुए मंजूरी प्रदान की गई है। श्री पटेल ने बताया कि अब राजस्थान रिफाइनरी की संशोधित लागत 6 हजार 522 करोड़ बढ़कर 79 हजार 459 करोड़ रुपए है, जिसमें ऋण-इक्विटी अनुपात पूर्व की भांति ही 2ः1 होगा। परियोजना में राज्य सरकार की इक्विटी हिस्सेदारी 26 प्रतिशत के अनुसार 6 हजार 886 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। बढ़ी हुई लागत के कारण अतिरिक्त अंश पूंजी के रूप में 565.24 करोड़ रुपये का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। राजस्थान राजस्व लेखा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2025 का अनुमोदन- जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि राजस्थान राजस्व लेखा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2025 के प्रारूप को भी मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई। नवीन सेवा नियमों के लागू होने से राजस्व लेखा संवर्ग के तहसील राजस्व लेखाकार के पद पर भर्ती होने वाले कार्मिकों को सहायक राजस्व लेखा अधिकारी ग्रेड-2, सहायक राजस्व लेखा अधिकारी ग्रेड-1 के अधीनस्थ सेवा के पदों एवं राजस्व लेखाधिकारी के पद पर राज्य सेवा में पदोन्नति के समुचित अवसर अनुभव एवं पात्रता अनुसार क्रमबद्ध रूप से प्राप्त हो सकेंगे। राजस्थान विधानसभा सचिवालय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 1992 में संशोधन- श्री कन्हैया लाल ने बताया कि राजस्थान विधानसभा सचिवालय में मार्शल, अतिरिक्त मार्शल एवं उप मार्शल के पदों को अब राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारियों के अतिरिक्त सैन्य एवं अर्द्धसैन्य बलों के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण अथवा विशेष चयन के माध्यम से भी भरा जा सकेगा। इसके लिए राजस्थान विधानसभा सचिवालय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 1992 में संशोधन की कैबिनेट में स्वीकृति प्रदान की गई। संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत मार्शल, अतिरिक्त मार्शल एवं उप मार्शल के पदों पर क्रमशः राजस्थान पुलिस सेवा के एल-19, एल-16 एवं एल-14 पे लेवल के अधिकारियों अथवा सैन्य एवं अर्द्ध सैन्य बल सेवा के एक पे लेवल कम या समकक्ष पे लेवल के 45 वर्ष से कम आयु के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण अथवा विशेष चयन के माध्यम से भर्ती की जाएगी। वहीं, सहायक मार्शल के पद हेतु राजस्थान अधीनस्थ पुलिस सेवा से उप निरीक्षक पद पर न्यूनतम 3 वर्ष का अनुभव तथा राजस्थान विधानसभा सचिवालय में कम से कम एक वर्ष तक लगातार कार्य करने का अनुभव अनिवार्य किया गया है। स्पेशल सिक्योरिटी विंग के कार्मिकों का विशेष भत्ता अब 25 प्रतिशत- जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि राज्य विशेष शाखा (स्पेशल सिक्योरिटी विंग) में पदस्थापित कार्मिकों को वर्तमान में मूल वेतन का 15 प्रतिशत विशेष भत्ता देय है। इसे अन्य राज्यों में मिल रहे विशेष भत्ते को दृष्टिगत रखते हुए 25 प्रतिशत किया जाएगा। इसके लिए राजस्थान सिविल सेवा (राज्य विशेष शाखा में व्यक्तियों की नियुक्ति के लिए विशेष चयन एवं सेवा की विशेष शर्तें) नियम, 2012 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त संशोधित दर को 01 अप्रैल 2025 से प्रभावी माना जाएगा। सप्तम राज्य वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट का अनुमोदन- संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि सप्तम राज्य वित्त आयोग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए अंतरिम रिपोर्ट गत 2 सितंबर, 2025 को राज्यपाल को प्रस्तुत की गई थी। उक्त अंतरिम रिपोर्ट की अनुशंषाओं का राज्य मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन किया गया। अब इन सिफारिशों को राजस्थान विधानसभा के आगामी सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।

Rajasthan News: डिजीलॉकर में उपलब्ध दस्तावेज असली दस्तावेजों के बराबर ही प्रामाणिक माने जाएंगे —आयोजना विभाग

प्रदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार ई-गवर्नेस प्रणाली के माध्यम से आमजन को सरल, सुलभ और त्वरित सेवा उपलब्ध कराने के उ‌द्देश्य को साकार करते हुये अब जन आधारकार्ड अब भारत सरकार के डिजीलॉकर पर भी उपलब्ध करा दिया गया है। अब आमजन सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाईन ही जनआधार उपलब्ध करवा पाएंगे। उन्हें अब हार्ड कॉपी रखने की आवश्यकता नहीं, डिजीलॉकर में उपलब्ध दस्तावेज असली दस्तावेजों के बराबर ही प्रामाणिक माने जाएंगे। आयोजना के शासन सचिव एवं महानिदेशक, जन आधार प्राधिकरण डा. रवि कुमार सुरपुर ने बताया कि डिजीलॉकर में जन आधार उपलब्ध होने से अब लोगों से दस्तावेज माँगे जाने पर वे डिजीलॉकर से ही जन आधार डिजीटल फार्मेट पर उपलब्ध करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह कदम कागज रहित शासकीय राजकाज की अवधारणा सत्यापन प्रक्रिया को कम करके प्रशासनिक कार्य में लगने वाले समय को कम करता है। जन आधार प्राधिकरण के निदेशक निर्मल कुमार सेठी ने बताया कि राजस्थान सरकार की 200 से भी अधिक योजनाओं और सेवाओं के लाभ आमजन को जन आधार के माध्यम से ही प्रदान किये जा रहे हैं। जन आधार राजस्थान का पारिवारिक डेटाबेस है और राज्य में सभी लाभ जन आधार के माध्यम से प्रदान किये जा रहे है। इसके साथ ही जन आधार कार्ड को व्यक्तिगत पहचान, पते के पहचान और रिश्तों की पहचान के रूप में भी मान्यता प्राप्त है। उल्लेखनीय है कि डिजिलॉकर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है। डिजिलॉकर का उद्देश्य नागरिकों के डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट में प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज़ों तक पहुँच प्रदान करके नागरिकों का डिजिटल सशक्तिकरण करना है। महत्वपूर्ण दस्तावेज कभी भी, कहीं भी की अवधारणा का साकार करते हुये डिजिलॉकर सिस्टम में जारी किए गए दस्तावेजों को मूल भौतिक दस्तावेजों के बराबर माना जाता है। यह रियल टाइम वेरिफिकेशन का एक सत्यापन मॉड्यूल प्रदान करता है जो सरकारी एजेंसियों को यूजर की सहमति प्राप्त करने के बाद सीधे जारीकर्ताओं से डेटा सत्यापित करने में सक्षम बनाता है। किसी व्यक्ति की सहमति से ही डिजिटल दस्तावेज का आदान-प्रदान होता है।

C S NEWS: राजस्थान स्टेट माइंस और मिनरल विभाग ने किये 50 वर्ष पूर्ण, गतिविधियों पर बनेगी फिल्म

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मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान स्टेट माइंस और मिनरल (आरएसएमएम) से खनिज खनन में नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए उत्पादन, वार्षिक कारोबार और लाभदायकता बढ़ाने की आवश्यकता प्रतिपादित की है। उन्होंने कहा कि स्टील ग्रेड लाइमस्टोन और रॉक फास्फेट के उत्पादन में आरएसएमएम का समूचे देश में लगभग एकाधिकार है। हमेें इस एकाधिकार का लाभ उत्पादन और अधिक कारोबार बढ़ाने में करना होगा। उन्होंने जिप्सम और लिग्नाइट का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्य सचिव मंगलवार को सचिवालय के चिंतन कक्ष में आरएसएमएम की 75वीं वार्षिक साधारण सभा और संचालक मण्डल की 421 वीं सभा की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि आरएसएमएम द्वारा 35 लाख टन सालाना लाइम स्टोन का उत्पादन किया जा रहा है वहीं वर्ष 2024-25 में रॉक फास्फेट, लाइमस्टोन, जिप्सम और लिग्नाइट का 62 लाख टन उत्पादन किया गया है। इस साल नवंबर माह तक 39 लाख टन खनिजों का उत्पादन किया जा चुका है। श्री श्रीनिवास ने आरएसएमएम के 50 वर्ष पूर्ण होने पर गतिविधियों पर आधारित एक फिल्म बनवाने और काफीटेबल बुक भी तैयार कराने को कहा। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रों के विकास में भी आरएसएमएम को भागीदारी बढ़ानी होगी। प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त ने कहा कि आरएसएमएम को कार्यों में विविधीकरण करते हुए नए क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाशनी होगी। उन्होंने खनन सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करते हुए उत्पादन और आक्रामक मार्केंटिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आरएसएमएम के पास खेती में उपयोगी रॉकफास्फेट के विपुल भण्डार होने के साथ ही जैसलमेर में स्टीलग्रेड लाइमस्टोन के प्रचुर भण्डार है। ऐसे में स्टील उद्योग में मांग और आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। आरएसएमएम की प्रबंध निदेशक प्रज्ञा केवलरमानी ने आरएसएमएम की गतिविधियों और प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आरएसएमएम के 50 साल पूरे होने पर स्वास्थ्य जांच, रक्तदान शिविर सहित अनेक कल्याणकारी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। प्रतिवर्ष जनवरी में खेल प्रतियोगिता आयोजित करने और 26 जनवरी को पुरस्कार वितरण किया जाएगा।

C M NEWS: 15 जनवरी को होगी 78वें थल सेना दिवस परेड, मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना प्रत्येक देशवासी का गर्व और अभिमान है। सेना के पराक्रम, त्याग और बलिदान के कारण ही हम सभी सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि आर्मी डे परेड का यह आयोजन न सिर्फ जयपुर बल्कि समस्त राजस्थानवासियों के लिए जवानों की अटूट राष्ट्रभक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। उन्होंने कहा कि पहली बार सैन्य छावनी की सीमाओं से बाहर आर्मी डे परेड का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन जयपुर में होने जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे जगतपुरा में महल रोड पर 15 जनवरी को होने जा रही इस परेड के आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों ताकि वे सेना की वीरगाथा के बारे में और अधिक जान सके। श्री शर्मा सोमवार को 78वें थल सेना दिवस पर आयोजित होने वाली परेड और अन्य आयोजनों की तैयारियों के संबंध में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य रूप देने के लिए अधिकारी सभी जरूरी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने परेड स्थल पर अतिथियों और आमजन की बैठने की व्यवस्था, परिवहन, यातायात और पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

C M NEWS: प्रदेश में होगा ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026, मुख्यमंत्री ने कि तैयारियों की समीक्षा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के किसान आधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्मार्ट फार्मिंग कर कृषि निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी बनें। इसी सोच के साथ आगामी वर्ष प्रदेश में किसानों के लिए ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 (ग्राम) का आयोजन किया जा रहा है। श्री शर्मा ने अधिकारियों को ग्राम के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा सोमवार को ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीक के माध्यम से नए आयाम स्थापित करने के साथ ही निवेश को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा आयोजन से देश-विदेश से आने वाले किसानों तथा विशेषज्ञों के अनुभव का लाभ भी प्रदेश के किसानों को मिलेगा।

JAIPUR NEWS: पिंकसिटी प्रेस क्लब में चार लेखकों की किताबों का हुआ लोकार्पण

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कलमकार मंच और पिंकसिटी प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान आयोजित पुस्तक लोकार्पण समारोह में वरिष्ठ साहित्यकारों और पत्रकारों की मौजूदगी में दिनेश ठाकुर के ग़ज़ल संग्रह ‘ख़ामोशी इक मुश्किल फ़न है’, राजेश शर्मा के उपन्यास ’अत्रैव घुश्मेश्वरः यहीं है घुश्मेश्वर’, भागचन्द गुर्जर के नाट्य संग्रह ’ऊपरी हवा और अन्य नाटक’ और इन्दु सिन्हा ’इन्दु’ (रतलाम, मध्य प्रदेश) के कहानी संग्रह ’डिजिटल युग का डोकरा’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ कथाकार डॉ. सत्यनारायण ने कलमकार मंच की निरंतर साहित्यिक सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसे मंचों की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, जो लगातार रचनात्मक हस्तक्षेप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए लेखकों को सामने लाना और नई पुस्तकों का प्रकाशन करना पाठकों में पढऩे की संस्कृति को मजबूत करता है और साहित्यिक संवाद को जीवंत बनाए रखता है। वरिष्ठ साहित्यकार फारुक आफरीदी ने कहा कि साहित्य में अच्छा लिखना जितना आवश्यक है, उतना ही आवश्यक उसे सुरुचिपूर्ण और पाठक-सुलभ रूप में प्रस्तुत करना भी है। उन्होंने इस संदर्भ में कलमकार मंच की सराहना करते हुए कहा कि मंच ने पुस्तक प्रस्तुति, डिजाइन और आयोजन की दृष्टि से कई नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रकाशन के उपरांत पुस्तकों के लोकार्पण और चर्चा-परिचर्चा के आयोजन न केवल सराहनीय हैं, बल्कि अन्य साहित्यिक संस्थाओं के लिए प्रेरणास्पद भी हैं। वरिष्ठ आलोचक डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में हिंदी साहित्य की मौजूदा सृजनात्मक सक्रियता की ओर संकेत करते हुए कहा कि हिंदी में आज प्रचुर मात्रा में लेखन हो रहा है और पाठक वर्ग भी लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रकाशक और लेखक के बीच संबंधों में पारस्परिक विश्वास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि लेखक की रचनात्मक मेहनत का सम्मान होना चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने सुझाव दिया कि प्रकाशक को अपने लाभ में से सम्मान-स्वरूप ही सही, लेखक को कुछ राशि अवश्य देनी चाहिए, ताकि यह रिश्ता अधिक पारदर्शी और विश्वासपूर्ण बन सके। वरिष्ठ लेखक और पत्रकार विनोद भारद्वाज ने राजस्थान के साहित्यिक परिदृश्य में कलमकार मंच की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि कलमकार मंच ने अपनी शुरुआत से लेकर अब तक उल्लेखनीय यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि इस मंच के माध्यम से सैकड़ों पुस्तकों का प्रकाशन हुआ है और अनेक नए लेखकों को साहित्यिक समाज में पहचान मिली है। यह कार्य न केवल साहित्य विस्तार का माध्यम है बल्कि नए रचनाकारों के लिए आत्मविश्वास का स्रोत भी है। कथाकार चरणसिंह पथिक ने अपने वक्तव्य में कहा कि नई पुस्तकों का आना साहित्यिक जगत में उत्सव सरीखा होता है। उन्होंने कहा कि किसी लेखक के लिए नई किताब का प्रकाशन परिवार में नए सदस्य के आगमन जैसा होता है, जिसमें खुशी, अपेक्षा और जिम्मेदारी तीनों जुड़ी होती हैं। उन्होंने कलमकार मंच की सराहना करते हुए कहा कि मंच द्वारा वर्ष में दो-तीन बार ऐसे आयोजन करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, जो साहित्यिक वातावरण को निरंतर ऊर्जावान बनाए रखते हैं। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ साहित्यकार लोकेश कुमार सिंह ’साहिल’, पत्रकार हरीश पाराशर, नवल पाण्डेय और रंगकर्मी दिलीप भट्ट ने किताबों पर समीक्षात्मक टिप्पणी की। समारोह में वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण चन्द छाबड़ा, प्रेमचन्द गांधी, फिल्मकार गजेन्द्र एस. श्रोत्रिय ने भी अपने विचार व्यक्त किये। प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेश मीणा ने आगन्तुकों का स्वागत और महासचिव मुकेश चौधरी ने आभार व्यक्त किया। कलमकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक निशांत मिश्रा ने मंच संचालन किया। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा, गोविन्द चतुर्वेदी, जगदीश शर्मा, सिद्धार्थ भट्ट, जितेन्द्र सिंह शेखावत, सदाशिव श्रोत्रिय, सतीश शर्मा, आनंद विद्यार्थी, ओमेन्द्र मीणा, शंकर इंदलिया, महेश कुमार, जनित, उमा शर्मा, विनिता, नफीस आफरीदी, राजेश मिश्रा, संतोष शर्मा और चंद्रप्रकाश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, पत्रकार और साहित्यप्रेमी मौजूद थे।