Jodhpur Discom News: जोधपुर डिस्कॉम ने बिजली चोरों से वसूले 1.51 करोड़ रुपये

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जोधपुर डिस्कॉम ने अप्रैल 2025 से जून 2025 की अवधि में बिजली चोरी के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 580 प्रकरणों में ₹1.51 करोड़ से अधिक की वसूली की है। यह जानकारी डिस्कॉम की सतर्कता अधिकारियों की समीक्षा के दौरान प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल ने दी। प्रबंध निदेशक ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे बिजली चोरी के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक क्षति नहीं, बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं के साथ अन्याय भी है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होने विशेष रूप से सतर्कता जांच अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक शिकायत की जांच निष्पक्षता से करें। उपभोक्ताओं की बात सुनना, उनका पक्ष समझना और सभी तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालना आवश्यक है, ताकि कोई निर्दोष परेशान न हो और दोषी को बख्शा न जाए। समीक्षा में तीन महीनों की रिपोर्ट के अनुसार, जोधपुर ग्रामीण सर्कल में सर्वाधिक 142 प्रकरणों में कार्रवाई कर ₹53.90 लाख की वसूली की गई। इसके बाद बीकानेर ग्रामीण से 133 प्रकरणों में ₹21.81 लाख और बीकानेर सिटी से 71 प्रकरणों में ₹22.31 लाख वसूल किए गए। पाली, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बाड़मेर, जालोर, जैसलमेर, और चूरू में भी अभियान चलाकर बिजली चोरों पर शिकंजा कसा गया। डिस्कॉम अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा और आगामी महीनों में और भी व्यापक कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई कि वे बिजली चोरी की सूचना बेझिझक दें, ताकि एक पारदर्शी और न्यायसंगत ऊर्जा व्यवस्था कायम की जा सके। वहीं सतर्कता समीक्षा के दौरान प्रबंध निदेशक ने अरुण कुमार बोडाना सहायक अभियंता सिरोही को निलंबित करने और गोपालराम सारण सहायक अभियंता फलोदी को आरोप पत्र देने का आदेश भी दिया गया।

JOB NEWS: विद्युत निगम 1947 युवाओं को देगा नौकरी

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प्रदेश में सरकारी सेवाओं में युवाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के क्रम में राज्य सरकार ने विद्युत वितरण निगमों में तकनीशियन-तृतीय के 1947 नवीन पदों के सृजन और इन पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को वित्तीय स्वीकृति दी है। ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि मुख्यमंत्री के सरकारी सेवाओं में युवाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के संकल्प के क्रम में इस निर्णय से वितरण कंपनियों में तकनीकी कार्मिकों की कमी को पूरा किया जा सकेगा। जयपुर डिस्कॉम में 537, अजमेर डिस्कॉम में 498 और जोधपुर डिस्कॉम में 912 तकनीशियन-तृतीय के नवीन पदों के सृजन के ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव का उपमुख्यमंत्री (वित्त) ने अनुमोदन किया है। श्री नागर ने बताया कि विगत दिनों में विद्युत आपूर्ति की समीक्षा के लिए जिलों के दौरों में वितरण कंपनियों में तकनीकी कार्मिकों की कमी सामने आई थी। विद्युत वितरण निगम के कार्मिक भी लम्बे समय से नए पद स्वीकृत करने की मांग कर रहे थे। इससे विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

Loan News:अनुजा निगम के ऋण के लिये 31 अगस्त तक होगें आवेदन

राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड जयपुर द्वारा जारी पत्र के क्रम में राष्ट्रीय वित्त और विकास निगमों के सौजन्य से क्रियान्वित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग के व्यक्तियों को विभिन्न उद्योग, व्यवसाय व सेवा कार्य में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिये ऋण आवेदन पत्र ऑनलाइन आमंत्रित किये जाते है। इच्छुक आवेदक स्थानीय ई-मित्र पर या स्वयं एसएसओ आईडी के माध्यम से अनुजा पोर्टल पर ऋण आवेदन पत्र 31 अगस्त 2025 तक प्रस्तुत कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिये स्थानीय पंचायत समिति और नगरपालिका कार्यालय से सम्पर्क कर सकते हैं।

RUHS NEWS:आरयूएचएस में पोस्टमार्टम सुविधा शुरू, नहीं जाना पड़ेगा एसएमएस

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में आरयूएचएस अस्पताल में लगातार विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं सहित अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि सवाई मानसिंह अस्पताल पर भार कम हो और आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक और बेहतर विकल्प मिल सके। आरयूएचएस अस्पताल में विभिन्न सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अब पोस्टमार्टम सेवा भी प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही ये सभी रिपोर्ट मेडलिपार पोर्टल पर ऑनलाइन तैयार होकर समय पर पुलिस थाने और न्यायालय में ऑनलाइन ही सबमिट होगी। इससे रिपोर्ट समय पर दाखिल होगी और रिपोर्ट की गोपनीयता भी बनी रहेगी। इसके लिए सभी संबंधित चिकित्सकों व स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि आरयूएचएस अस्पताल में पोस्टमार्टम की सुविधा नहीं होने से आरयूएचएस सहित आस—पास के अन्य निजी अस्पतालों से पार्थिव देह को जयपुरिया अस्पताल या एसएमएस अस्पताल ले जाना पड़ता था। ऐसे में मेडिको लीगल केस में पोस्टमार्टम में काफी समय लगता था। इससे परिजनों और संबंधित थाना पुलिस को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए आरयूएचएस अस्पताल में ही पोस्टमार्टम की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है। इससे मेडिको लीगल केसों में पोस्टमार्टम समय पर हो सकेगा और परिजनों व पुलिस को सहूलियत होगी। आरयूएचएस के अधीक्षक डॉ. महेश मंगल ने बताया कि हाल ही प्रतापनगर क्षेत्र की एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी और एक युवक की मृत्यु जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई थी। ये दोनों मामले आरयूएचएस अस्पताल लाए गए थे। इन दोनों के शवों का पोस्टमार्टम आरयूएचएस अस्पताल में ही किया गया। उल्लेखनीय है कि एक अप्रेल से आरयूएचएस अस्पताल में मेडिको लीगल आउट डोर सुविधा और समस्त भर्ती मरीजों के मेडिको लीगल प्रकरणों में विशेषज्ञ राय की सुविधा प्रारंभ कर दी गई थी। अब मेडिको लीगल पोस्टमार्टम सेवा भी अस्पताल में प्रारंभ कर दी गई है। इससे प्रताप नगर थाना क्षेत्र सहित आस—पास के क्षेत्र के लोगों को मेडिको लीगल सेवाओं के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। आरयूएचएस अस्पताल का https://medleapr.nic.in/ पर रजिस्ट्रेशन भी कराया जा चुका है। यह पोर्टल मेडिको लीगल केसों के संबंध में व्य​वस्थित और सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध करवाता है।

C M NEWS: प्रदेश में खनन की अपार संभावनाएं, संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य में प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधन उपलब्ध हैं और खनन की अपार संभावनाएं हैं। इन संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा बल्कि स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में खनन से राजस्व अर्जन के साथ खनन और पर्यावरण के मध्य संतुलन पर भी विशेष जोर दे रही है। केन्द्र और राज्य सरकार के बेहतरीन सामंजस्य से प्रदेश में खनन के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हो रहा है। श्री शर्मा व केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर खान विभाग की संयुक्त समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में असीम खनिज संपदा की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नए खनिज ब्लॉक्स की पहचान की जाए। साथ ही, नीलामी प्रक्रिया में तेजी लायी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केन्द्र सरकार से समन्वय करते हुए इस क्षेत्र में पर्यावरण क्लीयरेंस में भी गति लायी जाए जिससे समयबद्ध खनन सुनिश्चित हो सके।

निवेश को आकर्षित करने के लिए खनिज संपदा का करें व्यापक प्रचार-प्रसार—

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 82 प्रकार के धात्विक और अधात्विक खनिज हैं जिनमें से 57 प्रकार के खनिजों का दोहन किया जा रहा है। राज्य की खनिज संपदा बहुमूल्य एवं दुर्लभ है। ऐसे में इस संपदा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए जिससे अधिक से अधिक उद्योगपति प्रदेश में निवेश करें। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा खनन नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए नियमों में आवश्यकतानुसार संशोधन किया जाए। इसके लिए इस क्षेत्र में अन्य राज्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों का भी अध्ययन करें। वहीं केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, स्थानीय विकास और निवेश आकर्षण के लिए उल्लेखनीय काम कर रहा है। परिणामस्वरूप हाल ही में देशभर में खनिज ब्लॉकों की नीलामी में अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए राजस्थान को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस क्षेत्र में और अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए प्रो-एक्टिव अप्रोच के साथ काम करें।

C M NEWS: प्रदेश में लागू हुई नई व्यवस्था, विकास कार्यों को मिलेगी और अधिक गति

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार आमजन को भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सुशासन देने के लिए कृत संकल्पित है। विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक त्वरित रूप से पहुंचे, इसके लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। इसी नीति के तहत मुख्यमंत्री के निर्देश पर विकास कार्यों में तेजी लाने तथा प्रक्रिया में लगने वाले समय को न्यूनतम करने के लिए राज्य में अब नई व्यवस्था लागू की गई है। टेंडर के बाद प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए कार्यकारी विभाग द्वारा वित्त विभाग को फाइल भेजने की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। गत सरकार के समय शुरू हुई इस प्रक्रिया के कारण विकास कार्यों के शुरू होने में अनावश्यक विलंब हो रहा था। मुख्यमंत्री की पहल पर राज्य में यह नई व्यवस्था लागू की गई है। विकास कार्यों की घोषणा कर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करने में जानबूझ कर देरी करने की नीयत से गत सरकार के समय व्यवस्था की गई कि कार्यकारी विभाग जब कार्य की स्वीकृति के प्रस्ताव के साथ वित्त विभाग को भिजवाता था, तब वित्त विभाग इस स्वीकृति के बजाय कार्य की केवल सैद्धांतिक स्वीकृति देता था। इसके बाद प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए संबंधित कार्यकारी विभाग को प्रस्ताव पुनः वित्त विभाग को भेजना पड़ता था। इस दोहरी प्रक्रिया में 15 से 30 दिन का अतिरिक्त समय लग रहा था। इससे एक ओर विकास कार्य की लागत बढ़ रही थी, वहीं दूसरी ओर आमजन को इनका समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री द्वारा इस व्यवस्था में सुधार के निर्देशानुसार प्रक्रिया में संशोधन कर इसे प्रभावी बना दिया गया है। अब कार्यकारी विभाग से प्राप्त प्रस्ताव वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत होते ही निविदा उपरान्त कार्यादेश जारी करने के लिए कार्यकारी विभाग को ही सक्षम बना दिया गया है। कार्यकारी विभाग निविदा के उपरांत कार्यादेश राशि के आधार पर प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृत राशि को स्वयं ही पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। अतः प्रक्रिया के दूसरे चरण में पत्रावली वित्त विभाग को प्रेषित करने की आवश्यकता नही रहेगी। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से विकास कार्यों में तेजी आएगी और निर्धारित समय सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ विकास कार्य करवाने का राज्य सरकार का संकल्प धरातल पर साकार हो सकेगा।

Political News: पार्टी छोड़कर गए लोगों को घर वापसी पर बतना होगा कारण —रंधावा

प्रदेश में होने वाले निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर प्रदेश कांग्रेस की मीटिंग हुई। मीटिंग में एआइसीसी के राजस्थान प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा सहित अन्य नेता शामिल हुए। इस दौरान प्रदेश प्रभारी पदाधिकारियों और समन्वयकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर शेष रहे बीएलए के कार्य को एक सप्ताह में पूरा करें, जिससे वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण कार्य पर नजर रखी जा सके। प्रभारी रंधावा ने बताया कि कांग्रेस वागड़ अंचल में संगठन को मजबूत करने में जुटी है। उन्होने होने वाले निकाय-पंचायत चुनावों में भारत आदिवासी पार्टी से गठबंधन से इनकार किया है। कहा कि लोकसभा चुनाव में हमने गठबंधन किया था, लेकिन अब गठबंधन नहीं है। श्री रंधावा ने पार्टी छोड़कर गए लोगों से कहा कि अगर वो घर वापसी करना चाहते हैं तो पहले उन्हें पार्टी छोड़ने का कारण बताना होगा। वहीं उन्होंने स्पष्ट किया आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में कांग्रेस अपने दम पर लड़ेगी, इसमें किसी तरह का गठबंधन नहीं होगा।

C M News: चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के वादा पूरा करेंगे —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गरीब को गणेश मानकर वंचित वर्ग, किसान, युवा और महिला के साथ ही हर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक इन योजनाओं को पहुंचाने के संकल्प के साथ हमारी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़े के अंतर्गत प्रदेशभर में शिविरों का आयोजन कर रही है। श्री शर्मा शुक्रवार को खैरथल-तिजारा के ग्राम असलीमपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पखवाड़े के माध्यम से ग्राम स्तर पर ही किसानों को वर्षों से लंबित राजस्व के विभिन्न प्रकरणों में तुरंत राहत मिल रही है। गांवों में इन शिविरों के माध्यम से पानी, बिजली, स्वच्छता से जुड़े विभिन्न कार्य प्रमुखता से किए जा रहे हैं। वहीं, हर पात्र परिवार तक आयुष्मान कार्ड का वितरण और पशुओं का टीकाकरण भी किया जा रहा है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश को बिजली के क्षेत्र में मजबूत बनाकर वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवायी जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में पेपरलीक की घटनाओं से युवा निराश हो गया था, लेकिन हमारी सरकार ने रोजगार के सपने को साकार करते हुए 69 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। वहीं, पांच वर्ष में चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के वादे को भी पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं। इनमें से 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू धरातल उतर चुके हैं। उद्योग की दृष्टि से भिवाड़ी और तिजारा समृद्ध क्षेत्र हैं। इसलिए हमारी सरकार ढाई हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य खैरथल-तिजारा जिले में करवा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पखवाड़े में नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। अब तक सीमाज्ञान के करीब 28 हजार, नामांतरण के 66 हजार, सहमति विभाजन के 13 हजार से अधिक और रास्तों के 14 हजार प्रकरणों का निस्तारण किया गया है। इसी तरह, इन शिविरों में राजस्व संबंधित प्रकरणों में अब तक 4 हजार से अधिक लंबित पत्थरगढ़ी प्रकरणों का निस्तारण किया गया है तथा 4 हजार से अधिक लंबित कुर्रेजात रिपोर्ट तैयार कर जनता को राहत दी गई है। उन्होंने कहा कि गांव गूगलहेडी में लगभग 25 घरों तक पहुंचने का रास्ता उपलब्ध नहीं था, शिविर में अतिक्रमण किए गए रास्ते को खुलवाकर 100 लोगों को रास्ता दिया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थी रामस्वरूप यादव और श्रीमती कैलाश देवी को सहमति के आधार पर विभाजन का प्रमाण पत्र, रोशन लाल (फार्म पौण्ड योजना), श्रीमती उगनता (तारबंदी योजना), देशराज (ड्रिप फव्वारा संयंत्र), श्रीमती शारदा देवी (मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना) और किशनलाल यादव (पीएम सुर्य घर मुफ्त बिजली योजना) को चैक प्रदान किए।

C M News: मुख्यमंत्री ने 11 लाड़लियों को दिया सुखी-वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए हमारी सरकार कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन जरूरतमंदों का सहारा बन रहे हैं। ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। श्री शर्मा शुक्रवार को राज्य महिला सदन, सांगानेर में सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन हमारी सरकार की सामाजिक समावेशन और महिला सशक्तिकरण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह आयोजन सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित बेटियों के लिए एक नया सवेरा है। इससे उन्हें सम्मान, स्नेह और आत्मनिर्भरता की राह मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सामूहिक विवाह के बाद 1900 से अधिक युवकों ने यहां की बेटियों से विवाह के लिए आवेदन किया था। इनमें से 11 योग्य युवकों का चयन किया गया, जो आज हमारी लाड़लियों के जीवनसाथी बने हैं। यह चयन प्रक्रिया पारदर्शी रही, इसमें बेटियों के सम्मान और पसंद को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। श्री शर्मा ने कहा कि हमारा दृढ़ संकल्प है कि प्रदेश की हर बेटी, हर महिला न केवल आत्मनिर्भर बने, बल्कि समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। हमारी सरकार ने उनके कल्याण और सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जिनका सीधा लाभ लाखों बालिकाओं और महिलाओं तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में विवाह के लिए 21 हजार से 51 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पिछले डेढ़ वर्ष में 13 हजार से ज्यादा बेटियों को 71 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। लाडो प्रोत्साहन योजना बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करने और उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने 11 लाड़लियों और उनके जीवनसाथियों को सुखी-वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 21-21 हजार रुपये की सहायता राशि के चैक भेंट किए।

C M NEWS: सरकार अनमोल धरोहरों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सीकर, झूंझनूं और चूरू जिले में स्थित शेखावाटी की हेरिटेज हवेलियों का संरक्षण और जीर्णोद्धार करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ये बहुत ही दुर्लभ हवेलिया हैं, जिनके संरक्षण के लिए अधिनियम भी लाने की आवश्यता हुई तो लाया जायेगा। श्री शर्मा ने कहा कि पर्यटन, कला और संस्कृति को बढ़ावा देना और हमारी अनमोल विरासत का सरंक्षण करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य की सभी हेरिटेज धरोहरों का सर्वे कर उनका विकास करवाया जाए। उन्होंने पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव को शेखावाटी की सभी 662 हेरिटेज हवेलियों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के संबंध में ये निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने झुंझुनूं, चूरू और सीकर जिला कलेक्टरों को भी निर्देशित करते हुए कहा कि अपने— अपने जिले में स्थित हेरिटेज भवनों का संरक्षण करें और इसके लिए सीएसआर से भी सहयोग ले सकते हैं। किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूर्ण संवेदनशीलता से राज्य की इन अनमोल धरोहरों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव ने बुधवार को जयपुर पर्यटन भवन में विभाग की समीक्षा की। इस दौरन श्री यादव ने निर्देश दिए कि विभाग में जहां पद खाली है वहां वैकल्पिक रूप से आउटसोर्स किया जाए। उन्होंने पर्यटन विभाग में 13 पर्यटन अधिकारी 20 सहायक पर्यटन अधिकारी के पद सहित अन्य विभिन्न पदों को वैकल्पिक व्यवस्था से भरने के निर्देश दिए। शासन सचिव ने राजस्थान फिल्म पॉलिसी ड्राफ्ट, राजस्थान टूरिज्म पॉलिसी 2025 ड्राफ्ट और राजस्थान एडवेंचर टूरिज्म प्रमोशन स्कीम 2025 के ड्राफ्ट पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने उक्त पॉलिसीज पर तत्परता से विभागीय कार्यवाही कर, अन्तिम रूप प्रदान किया जाने और सक्षम स्तर पर नियमानुसार अनुमोदित करवाने की प्रक्रिया को शीघ्र संपादित करने के भी निर्देश दिए।