Jaipur News: जयपुर शहर में ई-रिक्शा—ई-कार्ट संचालन को किया प्रतिबंधित, यात्रियों की सुविधा के लिये चलेगें 35000 वाहन

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जयपुर विकास आयुक्त आनंदी की अध्यक्षता में जेडीए के मंथन सभागार में ट्रेफिक कन्ट्रोल बोर्ड की समीक्षा सम्पन्न हुई। इस दौरान विभिन्न एजेण्डों पर विचार-विमर्श कर निर्णय लिये गये। समीक्षा में एडीशनल कमिषनर (टेफिक), सचिव जेडीए, डीसीपी ट्रेफिक, जेडीए के अभियांत्रिकी निदेशक-प्रथम एवं द्वितीय, निदेशक आयोजना, अतिरिक्त मुख्य अभियंता-सदस्य सचिव टीसीबी, मुख्य सतर्कता अधिकारी नगर निगम ग्रेटर एवं हैरिटेज, राजस्थान आवासन मण्डल, मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन, स्मार्टसिटी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, जेएमआरसी, नगर निगम ग्रेटर एवं हैरिटेज, रीको के अधिकारीगण और मुस्कान एनजीओ के प्रतिनिधि उपस्थित थे। टेम्पो और चौपहिया वाहनों के लिये खुलेगें नवीन मार्ग — शहर में यात्रि भार को देखते हुए महापुरा से जीवन रेखा अस्पताल और सरना डूंगरी औद्योगिक क्षेत्र से मानसरोवर मेट्रो स्टेशन तक 8- 10 सीटर टेम्पो चौपहिया वाहनों के नवीन मार्ग खोले जाने व वृद्धिकरण/स्कोप निर्धारण का प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। वहीं सड़क पर जाम की स्थिति को देखते हुए बोर्ड ने अजमेर रोडः पुरानी चुंगी नाका से प्रस्तावित हीरापुरा बस टर्मिनल तक, आगरा रोड घाट की घूणी से 52 फीट हनुमान जी तक, दिल्ली रोडः रामगढ़ मोड से आमेर घाटी दिल्ली रोड पर, मैट्रो स्टेशन मानसरोवर से 200 फीट बाई पास अजमेर रोड पर और जयपुर शहर के ओवर ब्रिज- भारत जोड़ो सेतु, अजमेर पुलिया, टोंक रोड पुलिया, गोपालपुरा पुलिया, दुर्गापुरा पुलिया, सांगानेर पुलिया पर जयपुर शहर के ई-रिक्शा—ई-कार्ट संचालन को प्रतिबंधित किए जाने का अनुमोदन किया गया। सुगम यातायात हेतु ई-रिक्शा / ई-कार्ट चालकों को दस दिवस की ट्रेनिंग दिये जाने के निर्देश भी दिये। ई-रिक्शा प्रतिबंधित क्षेत्र में यात्रियों की सुविधा के लिये चलेगें 35000 वाहन— जयपुर शहर के उपरोक्त सभी मार्गों पर (जिन पर ई-रिक्शा / ई-कार्ट को प्रतिबंधित किया गया है) पर्याप्त संख्या में मिनी बस, टैम्पों 08 से 10 सीटर और ऑटो रिक्शा (सीएनजी/एलपीजी) उपलब्ध है। जिससे शहर में यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जानें के लिए कोई असुविधा नहीं होगी। जयपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र में वर्तमान में एलपीजी / सीएनजी / डीजल चलित वाहनों के लिये 35000 वाहनों (ऑटोरिक्शा) का स्कोप निर्धारण किया हुआ है। जयपुर नगर निगम क्षेत्र में विस्तार, बढ़ती जनसंख्या, बेरोजगारी, साधनों की कमी, पर्यटकों के लिये सुरक्षित व सस्ता साधन इत्यादि को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान निर्धारित स्कोप 35000 में 5000 (सीएनजी/ एलपीजी) ऑटोरिक्शाओं का स्कोप वृद्धिकरण करते हुए निर्धारित सीमा 40000 किये जाने का प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। आमजन को यातायात की सुविधा एवं पर्यावरण की दृष्टि से ऑटोरिक्शा (सीएनजी / एलपीजी) एक उपयोगी साधन है। शहर में पानी भराव वाले स्थानों हेतु संबंधित विभाग/अभियंताओं को उचित प्रबंधन और समस्त जेब्रा कॉसिंग से अवरोधकों को हटाये जाने के निर्देश दिये। रेलवे स्टेशन से डीआरएम ऑफिस तक 6 मीटर सडक चौडाई बढाये जाने हेतु रेलवे से भूमि लिये जाने हेतु पत्र प्रेशित करने के निर्देश दिये। ई-रिक्शों पर लगेगी 5000/— की पेन्ल्टी— बोर्ड के निणर्य अनुसार जयपुर शहर में ई-रिक्शा के सुलभ संचालन हेतु एप तैयार करने के लिए पत्र क्रमांक 4968-72 दिनांक 21.04.2025 द्वारा परिवहन आयुक्त को पत्र लिख कर, एप सूचना प्रौधौगिकी और संचार विभाग, राजस्थान जयपुर से पत्र प्रेशित किया गया। ई-रिक्शा द्वारा क्यूआर कोड का उल्लघंन कर एक जोन से दूसरे जोन में जाने की स्थिति में पेन्ल्टी हेतु रूपये 5000/-प्रशमन राशि लगाने का प्रावधान है। नारायण सिंह सर्किल नो पार्किंग जोन घोषित— पुलिस उपायुक्त, यातायात, जयपुर द्वारा अधिसूचना क्रमांक 2380-92 दिनांक 26.03.2025 द्वारा लालनिवास (नारायण सिंह सर्किल) को नो पार्किंग जोन घोषित कर दिया गया है। यातायात पुलिस द्वारा नारायण सिंह सर्किल पर अतिरिक्त यातायातकर्मी नियोजित कर सतत् निगरनी की जा रही है। नाराण सिहं सर्किल व आस-पास के मार्गों पर सवारी बिठाने/उतारने वाली बसों के विरूद्ध दिनांक 03.04.2025 से 31.05.2025 तक नो पार्किंग-1714, प्रेशर हॉर्न-5, अन्य उल्लघंन-48 और 5 बसों को जब्त किया गया इस प्रकार कु 1772 कार्यवाही की गई है। यह प्रवर्तन कार्यवाही निरन्तर जारी है।

Rajasthan News: गजेंद्र सिंह मांझी बने राज्य अपीलेट अथॉरिटी मनरेगा के सदस्य

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प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए गजेंद्र सिंह मांझी को मनरेगा अपीलेट अथॉरिटी का सदस्य नियुक्त किया गया है। श्री मांझी पूर्व में नागौर और बीकानेर जिलों में मनरेगा लोकपाल के रूप में अपनी निष्पक्ष जांच, समयबद्ध निवारण और जनपक्षधर कार्यशैली के लिए ख्याति प्राप्त कर चुके हैं। इसके साथ ही वे सिविल सोसाइटी व वन विभाग से जुड़े विभिन्न सामाजिक सरोकारों में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया गया है। नियुक्ति पर मरुधरा फाउंडेशन के प्रदेश महासचिव बिक्रम सिंह शेखावत ने कहा कि श्री मांझी सामाजिक सरोकार के लिये हमेशा तैयार रहते है। इनकी इस नियुक्ति से मनरेगा में पारदर्शिता में और निखार आयेगा। वहीं मांझी की नियुक्ति पर प्रदेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने हर्ष व्यक्त किया है और विश्वास जताया है कि श्री मांझी की उपस्थिति से मनरेगा की योजनाएं और प्रभावशाली बनेगी।

Roadways news:राजस्थान रोडवेज ने श्रद्धालुओं को दी सौगात, 14 धार्मिक स्थल पर शुरू हुई एसी बस सेवा

राजस्थान रोडवेज ने राजस्थान सहित अन्य राज्यों के धार्मिक स्थलों को जोडऩे के लिए एसी डीलक्स बस सेवा शुरू की है। इसी कड़ी में रोडवेज ने जयपुर से कैलादेवी के लिए एसी डीलक्स बस सेवा शुरू की है। इससे करौली मदन मोहन मंदिर और कैलादेवी धार्मिक स्थल जुड गए यात्रियों को लाभ होगा। वहीं जयपुर से करणी माता (देशनोक), रामदेवरा, खाटूश्यामजी, विरात्रामाता, सालासर बालाजी धाम, गोवर्धन, अयोध्या धाम, गोरखपुर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, हरिद्वार, मथुरा और डिग्गी (कल्याणजी) के लिये पुर्व में रोडवेज की सेवाएं उपलब्ध है। प्रदेश में अब तक करीब 13 धार्मिक स्थलों पर रोडवेज की एसी डीलक्स बस की सुविधा उपलब्ध है।

court News: सुप्रीम कोर्ट ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए दायर याचिका को किया खारिज

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सुप्रीम कोर्ट ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए दायर एक याचिका को खारिज कर दिया है। मामला केन्द्रीय उत्पाद शुल्क प्रधान आयुक्त रहे दिवंगत अधिकारी के बेटे की विशेष अनुमति याचिका का है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता के दो घर हैं, 33 एकड़ जमीन है और मासिक पेंशन 85 हजार रुपए है ऐसे में अनुकम्पा नियुक्ति कैसे दिलाई जा सकती है। न्यायाधीश मनमोहन ने टिप्पणी करते हुए याचिकाकर्ता रवि कुमार जेफ से कहा कि आप केन्द्रीय उत्पाद शुल्क प्रधान आयुक्त के बेटे हैं, अनुकंपा नियुक्ति का सवाल कहा हैं। एक सीमा से बाहर अनुकम्पा नियुक्ति नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर दखल का कोई उचित कारण नहीं है। कोर्ट ने इन टिप्पणियों के बाद कोई ठोस आधार नहीं होने के कारण याचिका को खारिज कर दिया।

Rajasthan News: प्रदेश में मरिजों को अब जिला स्तर पर मिलेगी डायलिसिस सुविधा

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प्रदेश में किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिये राहत भरी खबार। उन्हे अब इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। क्योकि सरकार अब सभी जिला चिकित्सालय में 10-10 बेड वाले हीमोडायलिसिस वार्ड और गंभीर रोगों के लिए डे केयर सुविधा विकसित करने जा रही है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के अनुसार इस मामले में एसएमएस मेडिकल कॉलेज सहित राज्य के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध अस्पतालों को पत्र भेजा है। पत्र के जरिए सात दिन में यह जानकारी मांगी गई है कि वर्तमान में उनके यहां हीमोडायलिसिस यूनिट की स्थिति क्या है और कितनी मशीनें उपलब्ध हैं। विभाग के अनुसार यह निर्णय बजट 2025-26 में की गई घोषणा के तहत लिया है। अब तक डायलिसिस के लिये मरिजों बड़े शहरों की ओर रूख करना पड़ता था।

Scholarship: छात्र 20 जून तक हटवाएं रेड फ्लैग अन्यथा नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति

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प्रदेश में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने छात्रवृत्ति आवेदनों में रेड फ्लैग हटाने के लिए 20 जून तक का अंतिम अवसर दिया है। 20 जून तक यदि आवेदकों ने अपने आवेदनों में संशोधन नहीं कराया तो विभाग की ओर से निरस्त कर दिया जाएगें। विभाग के उपनिदेशक जितेन्द्र कुमार सेठी ने बताया कि वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के छात्रों को अभी तक छात्रवृत्ति नही मिली है तो वे एक बार फिर sso पोर्टल पर scholarhipSJE एप पर लॉगिन कर अपने आवेदन को चैक कर लें। क्योंकि विभाग की ने बड़ी संख्या में छात्रवृत्ति चाहने वालों को ‘रैडफ्लैग’ कर दिया था। उन्होने बताया कि जिन छात्रों के आवेदनों पर रेड फ्लैग लगाया है उनको ऑनलाइन ही नोटिस भी दिया गया है और एसएमएस व दूरभाष के से भी सूचना दी गई लेकिन अभी ज्यादतर ने कोई रिप्लाई नहीं किया है। ऐसे में इन छात्रों को 20 जून तक का समय दिया है। श्री सेठी ने बताया कि ऐसे छात्र विभाग के जिला कार्यालय में संपर्क कर अपने दस्तावेज जमा करा सकते है। दस्तावेजों की जांच के बाद रैड फ्लैग हटाने की प्रक्रिया की जाएगी।

दिल्ली कोर्ट का फैसला— आईवीएफ से संतान उत्पत्ति कर सकती ‘लेडी डॉन’ अनुराधा

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राजस्थान की ‘लेडी डॉन’ मशहूर अनुराधा चौधरी ने दिल्ली की कोर्ट में मां बनने के लिये अर्जी दायर की है। अनुराधा ने कार्ट में कहा कि वह अपने पति से संतान उत्पत्ति कर वंश आगे बढाना चाहती। इसके लिये अपने पति काला जठेड़ी को कुछ दिनों की पैरोल दी जाए। हालांकि, अदालत ने जठेड़ी को पैरोल देने से मना कर दिया। मामले को लेकर अनुराधा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आपको बतादें कि गुरुग्राम में रहने वाली लेडी डॉन अनुराधा ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र के जरीए गुहार लगाईहै कि पति को कम से कम छह घंटे के लिए छोड़ा जाए, ताकि वह अपने वंश को बढ़ा सके। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से सुना और न्यायाधीश दीपक वासन ने वंश आगे बढ़ाने के लिये आईवीएफ से संतान उत्पत्ति करने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि गैंगस्टर को पैरोल पर नहीं छोड़ा जा सकता है। यह भी बतादे कि रिवॉल्वर रानी नाम से चर्चित अनुराधा का पहली बार आनंदपाल सिंह के साथ नाम चर्चा में आया था। बाद में अनुराधा लॉरेंस विश्नोई और गैंग के साथ देखा गया था। वहीं पिछले साल अनुराधा ने दिल्ली द्वारका निवासी गैंगस्टर काला जठेड़ी के साथ शादी रचा ली। जठेड़ी और उस की गैंग पर रंगदारी, संगठित अपराध और हत्या जैसे कई मामले दर्ज है और दिल्ली सहित राजस्थान व अन्य राज्यों में घोषीत अपराधी हैं। फिलहाल जठेड़ी दिल्ली की तिहाड़ जेल में सजा काट रहा है।

C M NEWS: महिला, गरीब व गांव बन रहे आत्मनिर्भर —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 5 जून को पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरे के शुभ संयोग पर प्रारंभ हुआ ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान अपार जनसहयोग से जन-जन का अभियान बन रहा है। इस अभियान के तहत अब तक प्रदेशभर में आयोजित लगभग डेढ़ लाख गतिविधियों में 1 करोड़ 10 लाख नागरिकों की भागीदारी रही है। श्री शर्मा बुधवार को जालोर में सीलू घाट पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में नदी, पहाड़ और प्रकृति को पूजा जाता है तथा ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान प्रकृति को सहेजने के साथ ही संस्कृति को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने आह्वान किया कि वे सभी जल संचयन एवं पौधरोपण का संकल्प लेकर प्रदेश को हरियालो राजस्थान बनाएं। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार महिला शिक्षा से लेकर उनके रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 2014 के बाद ‘गरीबी हटाओं’ के नारों की बजाय गरीब कल्याण की दिशा में कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने की दिशा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना संचालित कर रही है, जिसके अन्तर्गत प्रदेश के 5 हजार गांवों के गरीब परिवारों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हुए बीपीएल श्रेणी से ऊपर लाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, सांसद लुम्बाराम चौधरी, विधायक जीवाराम चौधरी और छगनसिंह राजपुरोहित सहित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

Rajasthan News: प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना पर राज्य स्तरीय सलाहकार समिति ने की समीक्षा

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सोमवार को अंबेडकर भवन में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना पर राज्य स्तरीय सलाहकार समिति ने समीक्षा की। श्री गहलोत ने योजनांतर्गत चयनित 32 जिलों के 2009 ग्रामों में सर्वे कार्य करवाकर ग्राम विकास योजना (वीडीपी) तैयार कर योजना के पोर्टल पर अपलोड करने के संबंध में, सर्वे द्वारा तैयार ड्राफ्ट वीडीपी को पी.एम.ए.जी.वाई. जिला अभिसरण समिति से अनुमोदन उपरान्त फाईनल या अद्यतित वीडीपी को योजना के पोर्टल पर अपलोड या लॉक करने के संबंध में, वीडीपी में चिन्हित विकास कार्यों के लिए प्रशासनिक, तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृतियाँ जारी कर अप्रारम्भ एवं प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करवाकर कार्यों की प्रगति योजना के पोर्टल पर अद्यतन किये जाने के संबंध में दिशा निर्देश दिए। उन्होने चिन्हित विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करवाकर शेष उपयोगिता प्रमाण-पत्र भिजवाने के संबंध में, संबंधित विभागों द्वारा योजना के पोर्टल पर उपलब्ध लाभार्थियों की सूची से संपर्क कर लाभार्थियों को लाभान्वित करवाकर पोर्टल पर अद्यतन कराये जाने के संबंध में, योजनान्तर्गत चयनित ग्रामों में 70 या 70 से अधिक अर्जित विलेज स्कोर वाले ग्रामों को “आदर्श ग्राम घोषित किये जाने के प्रस्ताव पी.एम.ए.जी.वाई. पोर्टल के माध्यम से विभाग को भिजवाये जाने के संबंध में चर्चा की गई। वहीं मंत्री ने देवनारायण योजना के अंतर्गत अति पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए संचालित योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति ​कि भी समीक्षा की। श्री गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के सभी तबकों को मिले। इस दौरान जल संसाधन, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, गृह, सार्वजनिक निर्माण, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी, चिकित्सा, पंचायतीराज, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, महिला एवं बाल विकास, राज्य अनुसूचित जाति आयोग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Rajasthan News: शासन-प्रशासन में पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता है —मंत्री गहलोत

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने शनिवार को चूरू जिले के रतनगढ़ ब्लॉक के बीरमसर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ संवाद कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री गहलोत ने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी आपसी समन्वय से कल्याणकारी योजनाओं व विकास कार्यों को गति दें। डॉ. भीमराव अंबेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सर्वोदय के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता है। इसलिए किसी भी माध्यम से प्राप्त शिकायत का प्रथम स्तर पर ही निस्तारण सुनिश्चित करें। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की जनता के प्रति जवाबदेहिता सुनिश्चित हो। मंत्री ने ‘वंदे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान’ को सफल बनाने के लिये आमजन से साथ मांगा। अन्होने कहा हम अपने पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण व संवर्धन करें और जल बचाने की इस मुहिम में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करें। श्री गहलोत ने ‘राइजिंग राजस्थान’ के अंतर्गत किए गए एमओयू को शत प्रतिशत धरातल पर उतारने, विशेष योग्यजनों के दिव्यांगता प्रमाण —पत्र बनवाने और पेंशन के भौतिक सत्यापन सहित सरकार की सभी योजनाओं को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। संवाद के दौरान जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने जिले में व्यवस्थाओं व गतिविधियों की जानकारी देते हुए जिला प्रशासन की ओर से समुचित व्यवस्थाओं के बेहतरीन प्रबंधन के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए आश्वस्त किया। मंत्री ने ‘वंदे गंगा- जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत पर्यावरण व जल संरक्षण का महत्व समझाया। उन्होने ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के पोस्टर और ‘बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ’ बुकलेट का विमोचन भी किया और नशा मुक्त भारत अभियान के जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्री गहलोत ने बताया पेड़ हमें सदियों तक आशीर्वाद देते हैं। राज्य सरकार ने इस बार 10 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। प्रत्येक विभाग को इसके लक्ष्य दिए गए हैं। अभियान की सार्थकता के लिए प्रत्येक ग्रामवासी इस मुहिम से जुड़े और एक पौधे को गोद लेते हुए उसकी पूरी देखभाल करें। इस दौरान सभी लोगों ने अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश में मृतकों को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और प्रभारी मंत्री ने उपस्थितों को जल संरक्षण का संकल्प भी दिलाया।