सड़क उन्नयन और मरम्मत कार्य मानसून से पहले हों पूरे —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आधारभूत ढ़ांचे के विकास से राज्य के विकास को गति मिलती है। हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवागमन को सरल और सुगम बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण सड़कों का तंत्र विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में सार्वजनिक निर्माण विभाग के 10 करोड़ रू. से अधिक लागत के निर्माणाधीन लंबित प्रोजेक्ट्स की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सड़कों के सुदृढ़ीकरण और चौड़ाईकरण से संबंधित कार्यों में गति लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन कार्यों में लापरवाही बरतने पर जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर गांव, हर कस्बा सड़क मार्ग से जुड़ा हो ताकि आवागमन में आमजन को परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि सड़कों के उन्नयन और मरम्मत से संबंधित कार्यों में गति लाई जाए व मानसून से पहले उन्हें पूरा किए जाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय कार्यों की मॉनिटरिंग व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया जाए ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। साथ ही, उन्होंने वन विभाग सहित अन्य विभागों से संबंधित प्रक्रियाओं को समन्वय स्थापित करते हुए पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने आरओबी अथवा आरयूबी निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश को शीघ्र पूर्ण रूप से रेलवे फाटक मुक्त किया जाए। उन्होंने प्रदेश में प्रगतिरत आरओबी अथवा आरयूबी निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

JDA NEWS: ट्रैफिक लोड के कारण जेडीए ने योजनाओं की बढ़ाई अवेदन तिथि

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जयपुर विकास प्राधिकरण की आवासीय योजनाओ गंगा विहार, सरस्वती विहार और यमुना विहार मे ऑनलाईन आवेदन तिथि दिनांक 16.06.2025 तक बढ़ाई गई है। प्राधिकरण आयुक्त आनंदी ने बताया कि आवासीय योजनाओं -गंगा विहार, सरस्वती विहार और यमुना विहार में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 16 जून 2025 तक बढ़ा दी गई है। उन्होने बताया कि आवेदकों के रुझान और वेबसाइट पर ट्रैफिक लोड के कारण, 12 जून 2025 को निर्धारित अंतिम तिथि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब सभी इच्छुक आवेदक 16 जून 2025 की रात्रि 12:00 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही ऑनलाइन आवेदन में संशोधन करने की सुविधा भी 17 जून से 20 जून 2025 तक उपलब्ध रहेगी। वहीं लॉटरी की तिथि पूर्वानुसार 02 जुलाई 2025 को आयोजित की जाएगी और योजनाओं की अन्य शर्तें यथावत रहेंगी।

RHB NEWS: आवासन मण्डल की योजनाओं में अब 26 जून तक होगें आवेदन

राजस्थान आवासन मंडल ने आमजन से मिल रही उत्साहजनक प्रतिक्रिया को देखते हुए विभिन्न आय वर्गों के लिए प्रस्तावित नई आवासीय योजनाओं की अंतिम आवेदन तिथि को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब इच्छुक आवेदक 26 जून 2025 तक इन योजनाओं में आवेदन कर सकेंगे।मंडल आदेश के अनुसार धौलपुर की सेक्टर 5 में 1 स्वतंत्र आवास , बूंदी की लाखेरी आवासीय योजना में कुल 6 स्वतंत्र आवास, बारां की गजनपुरा आवासीय योजना में कुल 9 स्वतंत्र आवास के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। उल्लेखनीय है की राजस्थान आवासन मण्डल की जयपुर स्तिथ आवासीय योजनाओं में आमजन का ज़बरदस्त उत्साह देखने को मिला है। प्रताप नगर की गंगा अपार्टमेंट फेज-2 में 80 फ्लैट्स पर 287 यानी तीन गुना अधिक और मानसरोवर की गुलमोहर योजना में 160 फ्लैटस पर 329 आवेदन यानी दो गुना से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।

Rajasthan News: मंत्री गहलोत का डूंगरपुर दौरा —कहा आमजन की प्राथमिक आवश्यकता बिजली और पानी है

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्री अविनाश गहलोत गुरूवार को डूंगरपुर दौरे पर रहे। उन्होंने निर्देशित किया है कि सरकार द्वारा किसी भी योजना के अंतर्गत शुरू किये गए कार्यों को प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ और पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से तय समय अवधि में पूर्ण करें ताकि उसका वास्तविक लाभ आमजन को मिल सकें। श्री गहलोत ने सर्किट हाउस में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की इस दौरान विभिन्न विभागों के प्रगतिरत कार्यो, बजट घोषणाओं, विभिन्न योजनाओं और अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आमजन की प्राथमिक आवश्यकता बिजली और पानी है, ऐसे में इनका सुचारू वितरण हो इसके लिए इस विभाग के अधिकारी प्रभावी मॉनिटरिंग करें। उन्होंने विद्युत विभाग में एफआरटी टीम की संख्या और नियुक्त कार्मिकों की भी जानकारी ली। उन्होंने ने कहा कि आवश्यकता होने पर डिमांड भेजें। इसके साथ ही उन्होंने अधीक्षण अभियंता एवीएनएल से बजट घोषणा के अंतर्गत आवंटित जीएसएस के लिए भूमि आवंटन टेंडर लगने, गत घोषणा की कार्य पूर्णता आदि के बारे में भी जानकारी ली। श्री गहलोत ने जल जीवन मिशन, कंटीन्जेंसीज कार्य जैसे कार्यों के बारें में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिशासी अभियंता पीएचईडी को जल जीवन मिशन में सर्वे करा कर अब तक जो अधूरे कार्य हैं उन्हें पूर्ण करने, जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट के दौरान टूटी हुई सड़कों को सही करने सहित सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देशित दिए। गहलोत ने समीक्षा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिकता विभाग उपनिदेशक से पेंशन वेरिफिकेशन की जानकारी ली। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के द्वारा दिव्यांगों के लिए शुरू की गई नई योजनाओं से वंचित और निराश्रितों के लिए हेल्थ कार्यक्रम, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी श्रेणी के दिव्यांगों के लिए शुरू की गई योजनाओं और बाल श्रम के रोकने हेतु जागरूकता, आस्था कार्ड, दिव्यांगों को दिए जाने वाले उपकरण, विभिन्न पेंशन योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी श्रेणी के दिव्यांगों के लिए शुरू की गई योजना का व्यापक प्रचार करते हुए अधिक से अधिक पात्र को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की जानकारी लेते हुए श्रम नियोजन, चल रहे कार्यों आदि की जानकारी ली। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए जिले में सीएचसी, पीएचसी, मेडिकल कॉलेज, चिकित्सालय और चिकित्सा सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सा विभाग में चल रही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। मंत्री ने 21 जून को योग दिवस, 26 जून को नशा मुक्ति दिवस, संकल्प से सिद्धि, वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान, हरियालो राजस्थान अभियानों को आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण, जल की उपलब्धता, स्वस्थ जीवन, सशक्त एवं समृद्ध राष्ट्र जैसे अभियानों को महत्वपूर्ण बताते हुए पूरी गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान श्री गहलोत ने नशा मुक्त भारत अभियान के पोस्टर का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मानवीय पहल—

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प्रदेश में अब अज्ञात, बेसहारा और अनाथ रोगियों को मिल सकेगा निःशुल्क इलाज

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इसलिए नहीं मिल पाता था योजनाओं का लाभ- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार के संयुक्त हस्ताक्षर से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। चिकित्सा शिक्षा सचिव ने बताया कि प्रायः यह देखने में आता था कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर असहाय, मानसिक रूप से अक्षम, लावारिस या अज्ञात रोगी बेसहारा स्थिति में पाए जाते थे और ऐसे व्यक्तियों को धर्मार्थ ट्रस्ट या एनजीओ द्वारा चिकित्सालयों में लाया जाता था, लेकिन पहचान पत्र (आधार/जन आधार/अन्य) के अभाव में उन्हें मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना या अन्य योजनाओं में निःशुल्क इलाज, ऑपरेशन या इंप्लांट लगाया जाना संभव नहीं हो पाता था। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए राजस्थान का निवासी होना और कोई पहचान पत्र होना आवश्यक है। ऐसे लोगों की पहचान या पता नहीं होने अथवा राजस्थान के निवासी होने का पहचान पत्र नहीं होने के कारण उपचार नहीं मिल पाता था।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूं निकली जीवन रक्षा की राह- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए ऐसे रोगियों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने ऐसे रोगियों के समुचित उपचार के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके अनुसार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग या देवस्थान विभाग में रजिस्टर्ड ट्रस्ट या एनजीओ द्वारा लाए गए रोगियों को चिकित्सा शिक्षा विभाग के चिकित्सालयों में मुफ्त इलाज मिलेगा। ऐसे ट्रस्ट या एनजीओ को केवल यह प्रमाण पत्र जारी करना होगा कि लाया गया रोगी असहाय, वंचित, लावारिस या अज्ञात है। यह प्रमाण पत्र निःशुल्क इलाज के लिए पर्याप्त होगा। चिकित्सा शिक्षा और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जो ट्रस्ट/एनजीओ को अधिकृत करेगी और एमओयू के आधार पर सहयोग सुनिश्चित करेगी। योजना के तहत होने वाला व्यय आरएमआरएस के माध्यम से वहन किया जाएगा।
मानवता की दिशा में बड़ा कदम- उल्लेखनीय है कि प्रदेश के राजकीय चिकित्सा संस्थानों में प्रदेशवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं। अब इस एमओयू से इन निःशुल्क सेवाओं का दायरा और बढ़ेगा। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों, विधवा/अनाथ /लावारिस व्यक्तियों, दुर्घटनाग्रस्त रोगियों और 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों को इससे उपचार लेने में और सुगमता होगी। जरूरतमंद और बेसहारा रोगियों को आसानी से उपचार उपलब्ध हो सकेगा। राजस्थान सरकार का यह कदम मानवता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Accident News: नेशनल हाईवे 148 पर भीषण सड़क हादसा, दूल्हा-दुल्हन समेत पांच की मौत

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जयपुर के जमवारामगढ़ क्षेत्र में आज तड़के भीषण सड़क हादसा हुआ है। हादसे में दूल्हा-दुल्हन समेत पांच की मौत होना बताया है। यह घटना दौसा-मनोहरपुर नेशनल हाईवे 148 पर हुआ बताया जा रहा है। प्राप्त जाकारी के अनुसार रायसर थाना क्षेत्र में हुआ, हादसे में एक सवारी गाड़ी और कैंटर की आमने सामने टक्कर हो गई। संचार माध्यमों के अनुसार सवारी गाड़ी में करीब 14 से 15 लोग सवार थे, जो मध्यप्रदेश से विवाह समारोह के बाद लौट रहे थे। गाड़ी में नवविवाहित जोड़ा और उनके परिजन सवार थे सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार कैंटर ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में दूल्हा—दुल्हन समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए बताये जा रहे है। हादसे की सूचना पर स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची गई और घायलों को निम्स अस्पताल जयपुर भिजवाया गया। वहीं मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कैंटर की तेज रफ्तार और लापरवाही से यह हादसा हुआ। वहींं कैंटर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।

C M NEWS: प्रकृति के संरक्षण से ही हम संरक्षित -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान के माध्यम से प्रदेश के गांव मजबूत होंगे जिससे विकसित राजस्थान का संकल्प पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि आमजन अपने साधन और संकल्प के साथ इस अभियान से जुड़ रहे हैं और प्रदेश की धरा को जल स्रोतों से परिपूर्ण एवं हरी-भरी बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। श्री शर्मा सोमवार को ब्यावर के जवाजा में ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान के अंतर्गत आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर राज्य सरकार ने 5 जून को वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान की शुरुआत की है। 20 जून तक संचालित होने वाले इस अभियान में जल स्त्रोतों, नदियों, जलधाराओं और तालाबों पर जल पूजन, कलश यात्रा, जन जागरूकता, स्वच्छता अभियान जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को जल और पर्यावरण संरक्षण की परंपराओं और संस्कृति से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान जल प्रबंधन ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, जलाशयों का पुनरुद्धार, बांध, एनीकट, नहरों की मरम्मत, वर्षा-जल संचयन संरचनाओं और पर्यावरण संवर्धन से जुड़े कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 30 करोड़ रुपये की लागत से देवाता फीडर की लाइनिंग और कवरिंग का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल ही जीवन है और जल का कोई विकल्प नहीं है। हम सदियों से पानी को सहजते और पूजते आ रहे हैं। हमारी संस्कृति में पेड़, नदी, पहाड़ों को पूजा जाता है क्योंकि प्रकृति हमारा संरक्षण करती है। हमारे पूर्वजों ने भी सैकड़ों साल पहले पानी के महत्व को समझा और तालाब, झील, बावड़ी, टांका, खड़ीन, झालरा जैसे जल संग्रहण के ढांचों का निर्माण किया। श्री शर्मा ने आह्वान किया कि आमजन जल संरचनाओं में पानी का संरक्षण करें और व्यर्थ में पानी न बहाए।

Gurjar Mahapanchayat: पीलूपुरा में घर का जोगी जोगणा आनगांव का सिद्ध

घर का जोगी जोगणा आनगांव का सिद्ध, कुछ इसी तरह की घटना घटी है पीलूपुरा में गुर्जर युवाओं के साथ। गुर्जर समाज की महापंचायत के दौरान रीट भर्ती 2018 के शेष 372 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर चर्चा नहीं होने से युवा संयोजक विजय बैंसला से नाराज हो गये और आक्रोशित हो कर मथुरा-सवाईमाधोपुर पैंसेजर ट्रेन को रोक दिया। ऐसे में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक दो घंटे तक बाधित रहा। देखने में आया कि इस दौरान राजस्थान सरकार और प्रदेश के सांसद व विधायक बे असर रहे। इस कारण दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक दो घंटे तक बाधित रहा। लेकिन युवाओं को शांत करने के लिए उत्तर प्रदेश के मेरठ विधानसभा विधायक अरुण प्रधान की समझाइश कामयाब रही। श्री प्रधान की लम्बी समझाइश के बाद युवाओं ने ट्रैक खाली किया। अब चर्चा जोरों पर है कि जिन मांगों पर राजस्थान सरकार से सहमति बनी है उन पर उत्तर प्रदेश मेरठ विधायक प्रधान का कितना असर रहेगा या फिर युवा ठगा जायेगा। —आपको बतादें कि एमबीसी आरक्षण 5 प्रतिशत एमबीसी आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में जोड़ने के लिए राजस्थान सरकार कैबिनेट प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजेगा। ना कि उत्तर प्रदेश सरकार -मुकदमों का निस्तारण 2023 में बनी सहमति के तहत आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। इसके लिए हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। ये उपरोक्त कार्य राजस्थान सरकार करेगी ना कि उत्तर प्रदेश सरकार। -भर्तियों में विसंगतियां लंबित भर्तियों में रोस्टर प्रणाली से जुड़ी समस्याओं पर मंत्रीगणों की समिति 60 दिन में समाधान देगी। मंत्रीगण राजस्थान के होगें या उत्तर प्रदेश सरकार के। -अनुकंपा नियुक्तिशहीद रूप नारायण गुर्जर के एक परिजन को सरकारी सेवा में अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। इस पर शीघ्र कार्रवाई होगी। नियुक्ति कौन करेगा? राजस्थान या प्रदेश सरकार। -योजनाओं की निगरानी देवनारायण योजना सहित सभी संबंधित योजनाओं की मासिक समीक्षा की जाएगी, इसमें संघर्ष समिति के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाएगा। मासिक समीक्षा कौन करेगा राजस्थान सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार। ऐसे में गुर्जर युवाओं ने, घर का जोगी जोगणा आनगांव का सिद्ध, प्रचलित कहावत चरितार्थ की है।  

Rajasthan News: सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का पानी पहुंचेगा राजस्थान

प्रदेश में वैज्ञानिकों को ने लुप्त हुई पौराणिक सरस्वती नदी को खोज निकाला है। यह खोज राजस्थान के लिये वरदान साबित होगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि राजस्थान मेंं अब सिंधु, झेलम और चिनाब जैसी नदियों का पानी सरस्वती के पुराने बहाव क्षेत्र के जरिए दूर तक के क्षेत्र में पहुंचाया जा सकेगा। यह करिश्मा बिट्स मेसरा और रांची के वैज्ञानिकों ने करके दिखाया है। बिट्स के रिमोट सेंसिंग विभागाध्यक्ष डॉ. वीएस राठौड़ ने बताया कि हमारी टीम ने राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जालौर, सिरोही, पाली, जोधपुर, बीकानेर, नागौर, अजमेर, टोंक, जयपुर, सीकर, झुंझुनू, चूरू, गंगानगर और हनुमानगढ़ को अध्ययन क्षेत्र बनाया। यह क्षेत्र 3.70 लाख वर्ग किमी का है। डॉ. राठौड़ ने बताया कि इस कार्य के लिये हमने उपग्रहों से 614 तस्वीरें और डाटा से विश्लेषण किया है। उन्होने बताया कि सरस्वती का क्षेत्र बड़ी मात्रा में रेत से ढका है और उसे पहचानने के लिए तीन उपग्रहों से मिली उच्च स्तरीय तस्वीरों और सिंथेटिक अपर्चर रेडार सार के डाटा की मदद ली। ये रेडार जमीन में कई मीटर भीतर तक विश्लेषण करसकती है। अन्होने बताया कि यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और अमरीकी जियोलॉजिकल सर्वे के उपग्रहों द्वारा मार्ग का विश्लेषण किया गया। इनमें सरस्वती और सहायक धाराओं के बहाव साफ नजर आया है। बिट्स के रिमोट सेंसिंग टीम के अनुसार राजस्थान में सोध के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि पहली मुख्यधारा अनूपगढ़ के निकट घग्घर नदी से उत्पन्न हुइ और बेरियावाली, बहला, तनोट और जैसलमेर होते हुए अरब सागर में गिरती थी। वहीं दूसरी मुख्यधारा जैसलमेर जिले में देखी गई जो बहला और सत्तो के पास से होती हुई पहली धारा से मिलती थी। यहां से कई सहायक धाराएं भी बनती नजर आईं ये धाराएं जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर से मोहनगढ़ तक सरस्वती नदी का पानी पहुंचाती थी। आपको बतादें कि मोहनगढ़ में पिछले साल एक खुदाई के दौरान बड़ी मात्रा में पानी फूट पड़ा था। वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि कुछ धाराएं बीकानेर, हनुमानगढ, चूरू व झुंझुनू होते हुए सूरतगढ़ के पास सरस्वती नदी में मिलती थी।

Gurjar Mahapanchayat: गुर्जर महापंचायत खत्म, दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रेक जाम

प्रदेश में गुर्जरों ने फिर से आरक्षण की मांग दौहराई है। इसको लेकर दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रेक जाम कर दिया है। संचार माध्यमों के अनुसार बयाना के पीलूपुरा में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की महापंचायत हुई। महापंचायत के संयोजक विजय बैंसला ने सरकार का संदेश पढ़कर सुनाया और महापंचायत समाप्ति की घोषणा कर निकल गए। लेकिन इसी दौरान कुछ युवाओं ने आरोप लगाते हुये कहा कि कुछ लोग समाज के अधिकारों का फैसला लेने वाले कौन होते हैं। हमें इनका निर्णय को स्वीकार नहीं है। ये कह कर दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। वहीं इससे पहले समाज ने सरकार को रविवार दोपहर तक का समय दिया था। इस मामले में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा है कि सरकार समाज के साथ बातचीत के लिए तैयार है। फिर महापंचायत की क्या जरूरत है? उन्होने कहा कि मुझे संदेह है कि इसमें राजनीति हो गई है। ऐसे में कुछ लोग सरकार के खिलाफ बोलने पर आमादा हैं।