Assembly: विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्‍यता को लेकर हुई नीली मेज पर चर्चा

मंगलवार को राजस्‍थान विधान सभा में विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्‍यता को लेकर नीली मेज पर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधायक मीणा के मामले में राज्‍य के महाधिवक्‍ता से राय लेने की बात कही है। उन्होने महाधिवक्‍ता को इस संबंध में तुरंत अपनी विधिक राय राजस्‍थान विधान सभा सचिवालय को भेजे जाने के लिये निर्देश दिये है। श्री देवनानी ने उम्‍मीद जताई है कि महाधिवक्‍ता की राय एक-दो दिन में राजस्‍थान विधान सभा सचिवालय को प्राप्‍त हो जायेगी। राय आने के बाद विधायक मीणा की विधान सभा सदस्‍यता को समाप्‍त किये जाने के बारे में तत्‍काल विधि सम्‍मत और न्‍याय सम्‍मत निर्णय लिया जायेगा। नीली मेज पर ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित प्रतिपक्ष के सदस्‍यों ने अध्‍यक्ष को विधायक की विधान सभा सदस्‍यता समाप्‍त करने के मामले में निर्णय किये जाने के संबंध का ज्ञापन भी दिया। वहीं श्री देवनानी ने प्रतिपक्ष सदस्‍यों को इस मामले में न्‍याय सम्‍मत शीघ्र निर्णय लिये जाने के लिये आश्‍वस्‍त किया।   हालांकि मंगलवार को ही श्री देवनानी ने राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से भी राजभवन में पहुंचकर मुलाकात की है। कयास ये लगाया जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष ने विधायक मीणा की सदस्यता को लेकर राज्यपाल से चर्चा की है। लेकिन अध्यक्ष ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है।

Jaipur News: जयपुर में 7 प्रतिष्ठानों के सैंपल फेल, मामला मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट को किये प्रस्तुत

सावधान यदि आप बाजार से खाद्य पदार्थ लेकर खाते हो तो ये जानना जरूरी है कि आपके स्वास्थ्य के लिये सेफ है या नहीं। क्योंकि जयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रवि सिंह शेखावत ने 7 प्रतिष्ठानों के सैंपलों को अनसेफ माना है। डॉ.शेखावत ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान के निर्देशानुसार लिये गये खाद्य पदार्थों के नमूनों में से अनसेफ पाये गये प्रकरणों में रस्तोगी सेल्स प्राइवेट लिमिटेड जयपुर का एमडीएच गरम मसाला, श्याम धणी इंडस्ट्रीज जयपुर का श्याम धणी गरम मसाला, लक्ष्मी स्वीट्स केटर्स सुभाष चौक जयपुर की नमकीन, पेट पूजा होटल महादेव बनीपार्क जयपुर की ग्रेवी, अमरलाल स्वीट्स केटर्स जयपुर के लडडू, लक्ष्मी जोधपुर मिष्ठान भंडार, स्वेज फार्म जयपुर के लड्डू, मोहम्मदी पैलेस चांदपोल जयपुर की ग्रेवी, चिकन चंगेजी एवं काली मिर्च के विरुद्ध प्रकरण मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट जयपुर प्रथम/द्वितीय में प्रस्तुत किये जा चुके है।

C M NEWS: सहकार ही शक्ति है —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि दुग्ध संघ पशुपालकों के सामर्थ्य के प्रतीक के रूप में उभर रहे हैं। छोटे पशुपालकों की यह संस्थाएं, जिस बड़े पैमाने पर संगठित होेकर काम कर रही है, वह ‘सहकार ही शक्ति है’ को धरातल पर सफलता से क्रियान्वित कर रही है। इन संघों ने विकास, जनभागीदारी और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की डेयरी क्षेत्र में सक्रियता प्रमुखता से बढ़ी है, जिससे उनका आर्थिक सशक्तीकरण हो रहा है। श्री शर्मा सोमवार को अलवर में श्वेत क्रांति द्वितीय चरण और अलवर दुग्ध संघ दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सिलिसेढ़ क्षेत्र से नलकूप व पाइपलाइन के माध्यम से अलवर शहर की पेयजल योजना संवर्द्धन कार्य (लगभग 23.27 करोड़ रू.) का शिलान्यास और अलवर डेयरी के नवीन उत्पाद मावा और 15 किलो के पैक में टोन्ड मिल्क के दही की लाचिंग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पशुपालकों और किसानों की मेहनत का उत्सव है। अलवर के गांवों ने 50 से अधिक साल पहले अलवर दुग्ध संघ के रूप में जो पौधा लगाया था, आज वह एक वटवृक्ष बन गया है। जब इस दुग्ध संघ की स्थापना हुई थी, तब यह 500 लीटर दूध का संकलन करता था, जो वर्तमान में रोजाना औसतन डेढ़ लाख लीटर हो गया है। साथ ही, यह संघ करीब 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करवा रहा है।

C M NEWS: अच्छे कार्य की खुशबू दूर तक अपना प्रभाव छोड़ती है —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेशवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित राज्य सरकार योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही है। बजट घोषणाओं की सफल और समयबद्ध क्रियान्विति के लिए प्रत्येक विभाग और अधिकारी-कर्मचारी कार्यों में जुटे हुए हैं। श्री शर्मा ने बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए लापरवाह और भ्रष्ट कार्मिकों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य की खुशबू दूर तक अपना प्रभाव छोड़ती है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को अपने निवास पर विभिन्न विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए लापरवाह व पद का दुरुपयोग करने वाले कार्मिकों पर सख्त एक्शन लिया। उन्होंने ऐसे ही दो मामलों में ब्यावर जिले के रायपुर उपखंड अधिकारी गुलाब चंद वर्मा को निलम्बित और तहसीलदार पुष्पेंद्र पांचाल को तुरंत एपीओ करने के निर्देश दिए। वहीं बाड़मेर के रामसर उपखंड अधिकारी अनिल कुमार जैन और तहसीलदार अशोक कुमार मेघवाल को भी एपीओ करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों में नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक नियमित जिला स्तरीय जनसुनवाई करें, ताकि आमजन को राजधानी तक नहीं आना पड़े। उन्होंने जिला कलक्टर्स को विभागवार शेड्यूल बनाकर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का भी निस्तारण कराएं और जिलों में हर घटनाक्रम व जन समस्याओं की जानकारी जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक को होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यों में पद दुरुपयोग, लापरवाही और भ्रष्टाचार में लिप्त कार्मिकों पर शीघ्र सख्त से सख्त कार्रवाई करें। इससे ही न्याय प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ होेगी। कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और आमजन में प्रशासन के प्रति विश्वास प्रगाढ़ होगा। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे वहीं वीसी के जरिए जिला प्रभारी सचिव, संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

Rajasthan News: दुग्ध उत्पादन में राजस्थान बनेगा नंबर वन स्टेट —पशुपालन एवं गोपालन मंत्री

वह दिन दूर नहीं जब दुग्ध उत्पादन में उत्तरप्रदेश को पछाड़ कर राजस्थान पहले पायदान पर आ जाएगा। इसके लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत राजस्थान के पशुपालन विभाग द्धारा प्रदेश के 23 जिलों में ब्राजील से आयातित उच्च आनुवांशिक गुणवत्ता वाले गिर नस्ल के सांडों के पारम्परिक हिमकृत वीर्य डोजेज का वितरण किया जा रहा है। पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में पशुपालकों के विकास के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी के तहत गिर नस्ल की गायों के नस्ल सुधार पर तेजी से कार्य हो रहा है। जिसके तहत राज्य को ब्राजील के गिर गोवंश के सांडों का हिमकृत सीमन पहली बार प्राप्त हुआ है। इस सीमन का उपयोग राज्य की प्रजनन नीति के अनुसार गिर गोवंश के बाहुल्य वाले क्षेत्रों में उपलब्ध उच्च गुणवत्ता वाली शुद्ध गिर गोवंश की मादाओं में कृत्रिम गर्भाधान के लिए किया जाएगा। इस सीमन के उपयोग से कृत्रिम गर्भाधान करने पर राज्य में उच्च आनुवांशिक गुणवत्ता वाले बछड़े और बछड़ियां पैदा होंगे। साथ ही दुग्ध उत्पादन की क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि अभी हमारी गिर गायों के दुध का उत्पादन औसतन प्रतिदिन 15 से 20 लीटर है जबकि इस सीमन से उत्पादन बढ़कर 50 लीटर तक हो जाएगा। यह आयातित सीमन पशुपालकों को केवल 100 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की प्रजनन नीति के अनुसार प्रथम चरण में सीमन का उपयोग राज्य के छह संभागों के 23 जिलों-अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, भरतपुर, पाली, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़ जयपुर, सीकर, अलवर, दौसा, झुंझुनुं, कोटा, बूंदी, झालावाड़, बांरा, करौली, सवाईमाधोपुर व धौलपुर में किया जाएगा। इसके तहत अजमेर संभाग को 830 डोज, भरतपुर संभाग को 200, जयपुर संभाग में 600, जोधपुर संभाग के पाली जिले में 150, कोटा संभाग को 400 व उदयपुर संभाग को 500 डोज वितरित की गई है। मंत्री ने बताया कि पशु गणना 2019 के अनुसार राजस्थान में 10 लाख 43 हजार 312 गिर नस्ल के मवेशी हैं। गिर नस्ल के दूध, घी, छाछ व अन्य दुग्ध उत्पादों की सामान्य गायों के दुग्ध उत्पादों की तुलना में अधिक मांग है। गिर गाय के दूध को ए-2 दूध माना जाता है, जो सामान्य गाय के दूध में मौजूद ए-1 बीटा-कैसिइन से अलग होता है। ए-2 दूध को पचाने में आसान माना जाता है और कुछ लोगों में ए-1 दूध से संबंधित पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, गिर गाय के दूध में अधिक वसा और प्रोटीन होता है, जिससे यह उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पादों के लिए बेहतर विकल्प बन जाता है। यही कारण है कि इस नस्ल के दुग्ध उत्पादन में सुधार की दृष्टि से ब्राजील की सर्वश्रेष्ठ नस्ल (एसपेटाकुलो एफआईवी व आईवीए एफआईवी डी ब्राश) के सांड के सीमन का उपयोग किया जा रहा है। इसके पहले चरण में 2680 डोज का वितरण हो रहा है। इसके साथ ही दूसरे चरण के लिए 10 हजार डोज की डिमांड भी भारत सरकार को भेज दी गई है।

Rajasthan News: प्रदेश में सहकारिता विभाग फेल, भारत सरकार के सचिव डॉ.भूटानी ने की विभाग की समीक्षा

केन्द्र सरकार प्रदेश में सहकारिता विभाग के कार्यों से सन्तुष्ट नजर नहीं आ रही है। इस लिये भारत सरकार ने योजनाओं को गती देने के लिये सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने शुक्रवार को शासन सचिवालय स्थित समिति कक्ष में समीक्षा की। इस दौरान श्री भूटानी ने कहा कि राजस्थान में गोदाम निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में अन्न भण्डारण क्षमता बढ़ाने पर विशेष रूप से फोकस करते हुए नये गोदामों का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि विकेन्द्रीकृत व्यवस्था करते हुए खरीद केंद्रों के निकट क्षेत्रों की बजाय अधिक उपभोग वाले क्षेत्रों में ज्यादा गोदाम निर्माण किए जाने की आवश्यकता है। इससे ट्रांसपोर्टेशन पर होने वाले व्यय में कमी आएगी। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि छोटे-छोटे गोदामों के निर्माण की बजाय पैक्स को बड़े गोदामों का निर्माण करने के लिए तैयार किया जाए और फसल बीमा का कार्य पैक्स व कॉमन सर्विस सेंटर्स के माध्यम से करवाये जाने के गंभीरता से प्रयास किए जाएं। वहीं राज्य की सहकारी समितियों को राष्ट्रीय स्तर पर गठित की गई तीन नवीन सहकारी संस्थाओं का सदस्य बनने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन समितियों का सदस्य बनने से समितियों को कई प्रकार के लाभ मिलेंगे। समीक्षा के दौरान सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव सिद्धार्थ जैन ने केन्द्रीय सहकारिता मंत्री के निर्देशों की पालना कराने के लिये विभाग को कहा कि कृषि विभाग द्वारा खाद वितरण के लिए पैक्स को प्राथमिकता दी जाए और इफको एवं कृभको जैसी संस्थाओं द्वारा भी इसके लिए पैक्स को ही आवंटन किया जाए। उन्होने केन्द्र सरकार के स्तर से इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने की बात भी की। उन्होंने निर्देश दिए कि विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 25 से 30 प्रतिशत अधिक खाद का वितरण पैक्स के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित किया जाए। श्री जैन ने कहा कि खाद की पैक्स स्तर तक डिलीवरी की व्यवस्था की जाए और जिन पैक्स के पास फर्टिलाइजर लाइसेंस नहीं है, उन्हें दिलवाया जाना सुनिश्चित किया जाए। श्री जैन ने कहा कि जन-धन केन्द्र लोगों की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर खोले जाएं। जिन पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन किया जा रहा है, उन सभी में कॉमन सर्विस सेंटर बनाने के प्रयास भी किए जाएं। उन्होंने कहा कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन की समयबद्ध क्रियान्विति और दुग्ध उत्पादकों को अधिक रूपे कार्ड जारी करने के लिए नाबार्ड के स्तर से मॉनिटरिंग व्यवस्था सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है। हलांकि समीक्षा के दौरान सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां श्रीमती मंजू राजपाल ने सफाई देते हुये प्रदेश में हुये कार्यों की रिर्पोट पेश की। समीक्षा में चर्चा के दौरान राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संदीप वर्मा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख शासन सचिव सुबीर कुमार, पशुपालन, मत्स्य एवं गोपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा, उद्यानिकी आयुक्त सुरेश कुमार ओला, राजफेड के प्रबंध निदेशक मोहम्मद जुनैद और नाबार्ड के चीफ जनरल मैनेजर डॉ. राजीव सिवाच सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

NFSA लाभार्थी के एनएफएसए से जुड़ने के तीन माह में ईकेवाईसी करवानी अनिवार्य-

इस वर्ष 26 जनवरी से एनएफएसए पोर्टल पुनः प्रारंभ होने के बाद खाद्य सुरक्षा से जुड़े 28 लाख से अधिक नए लाभार्थी- समुचित लाभ लेने हेतु लाभार्थी के एनएफएसए से जुड़ने के तीन माह में ईकेवाईसी करवानी अनिवार्य- लाभार्थी के ईकेवाईसी नहीं करवाने की स्थिति में स्वतः हटेगा खाद्य सुरक्षा सूची से नाम जयपुर, 15 मई। 26 जनवरी 2025 से एनएफएसए पोर्टल पुनः प्रारंभ होने के पश्चात् राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थी की सूची में आदिनांक तक 28 लाख 14 हजार 942 नए नाम जोड़े जा चुके हैं। राजस्थान खाद्य सुरक्षा (संशोधन) नियम 2025 के अनुसार खाद्य सुरक्षा का लाभ लेने के लिए प्रत्येक लाभार्थी द्वारा ईकेवाईसी करवाई जाना अनिवार्य है। लाभार्थी द्वारा नाम जुड़ने की तिथी से तीन माह की अवधि में ईकेवाईसी करवाई जानी आवश्यक है। ईकेवाईसी नहीं करवाने की स्थिती में तीन माह पूर्ण होने पर लाभार्थी का नाम खाद्य सुरक्षा सूची से स्वतः ही हट जाएगा। लाभार्थी द्वारा ईकेवाईसी निकटतम उचित मूल्य दुकान में जाकर करवाई जा सकती है। विभाग द्वारा इस संबंध में खाद्य सुरक्षा सूची में जुड़े सभी लाभार्थियों को एसएमएस के माध्यम से भी सूचित किया जा रहा है। लाभार्थी का आधार नम्बर राशन कार्ड से लिंक नहीं होने की स्थिति में लाभार्थी स्वयं खाद्य विभाग की वेबसाईट www.food.rajasthan.gov.in पर जाकर अपना आधार नम्बर लिंक कर सकते है

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार आमजन के समग्र कल्याण के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए हम समृद्ध और उत्कृष्ट राजस्थान की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनकल्याण से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च वरीयता देते हुए इनका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा के दौरान ऊर्जा विभाग, पीडब्ल्यूडी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, राजस्व, पीएचईडी, स्वायत्त शासन, जल संसाधन एवं नगरीय विकास विभाग से संबंधित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित विभाग प्रत्येक विकास कार्य के लिए समय सीमा निर्धारित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बना कर कार्यों को शीघ्र पूरा करें जिससे आमजन को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में सुदृढ़ चिकित्सकीय तंत्र को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में सुपर स्पेशयलिटी चिकित्सा को नये आयाम देने के लिए आरयूएचएस का उन्नयन कर एम्स दिल्ली की तर्ज पर राजस्थान इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) की स्थापना की जाएगी। इस केन्द्र पर आयुष विंग, वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं देने के लिए एकीकृत केन्द्र, थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाएं विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आरयूएचएस संस्थान एक बेहतर विकल्प है। ऐसे में वहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रोजेक्ट को शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने सांगानेर में बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में एनिमल प्रोस्थेटिक सेंटर की स्थापना के लिए कार्ययोजना बनाकर काम को गति देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कमला नेहरू नगर से भांकरोटा पुलिया तक बरसाती पानी भराव की समस्या को दूर करने के लिए पक्के नालों का निर्माण करवाया जाए। साथ ही, मालपुरा गेट पर वर्षा जल निकासी के लिए आवश्यकतानुसार नालों के मरम्मत कार्य करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि महारानी फार्म को अग्रवाल फार्म से जोडने वाली पुलिया का काम शीघ्र पूर्ण किया जाए जिससे आमजन का सुगम आवागमन हो सके। मुख्यमंत्री ने विभिन्न 132 केवी और 33 केवी जीएसएस निर्माण कार्याें की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर के आस-पास के क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ-साथ तारबंदी की जाए व इसकी ऊंचाई बढ़ाई जाए। श्री शर्मा ने आमजन के सुगम आवागमन के लिए विभिन्न सड़क निर्माण कार्य तथा आवश्यकतानुसार सड़क चौड़ाईकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सवाईमाधोपुर रेलवे लाइन तक 100 फीट सेक्टर रोड निर्माण कार्य, वंदे मातरम रोड का सुदृढ़ीकरण, इस्कॉन रोड के शेष हिस्से का निर्माण कार्य, क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सांगानेर फ्लाइओवर से चौरड़िया पेट्रोल पम्प तक प्रस्तावित एलीवेटेड रोड को कार्ययोजना बनाकर मूर्त रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने सांगानेर स्टेडियम के सामने वाली रोड का योजना बनाकर विकास किए जाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांगानेर के जैन मंदिर, सांगा बाबा मंदिर तथा हनुमानजी मंदिर के आस-पास सौन्दर्यीकरण का कार्य करवाया जाए। साथ ही, प्रमुख चौराहों के सौन्दर्यीकरण के लिए भी कार्ययोजना बनायी जाए। उन्होंने कहा कि द्रव्यवती नदी का भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करें। साथ ही, भू-जल रिचार्ज स्थानों से मलबा हटवाने व मरम्मत का कार्य भी निरन्तर किया जाए, जिससे द्रव्यवती नदी स्वच्छ रहे। उन्होंने कहा कि सांगानेर ब्लॉक प्रिंटिंग जोन की स्थापना कार्य को गति प्रदान करें। श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि मुहाना मण्डी क्षेत्र और इसके आस-पास की सड़कों से अतिक्रमण हटाए जाने के कार्य में भी गति लायी जाए। उन्होंने दुर्गापुरा उद्यानिकी महाविद्यालय में बालिका छात्रावास एवं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, प्रतापनगर में खेल स्टेडियम के निर्माण को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में उन्नत तकनीक का प्रयोग बढ़ाने की दृष्टि से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर टिश्यू कल्चर की स्थापना के काम में तेजी लाई जाए। समीक्षा के दौरान नारायण विहार और पत्रकार कॉलोनी में पुलिस थाने खोलने, सांगानेर में जिला अस्पताल का निर्माण, सीवर लाईन के मरम्मतीकरण कार्य, जयपुर मेट्रो का विस्तार सहित विभिन्न विकास कार्याें की भी समीक्षा की गई।

Spices Fair-2025: राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2025 में श्री अन्न की धूम

सहकारिता विभाग और राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ द्वारा जवाहर कला केन्द्र में आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय सहकार मसाला मेले में इस बार श्री अन्न से बने उत्पाद खास आकर्षण का केन्द्र बने हैं। जयपुरवासियों को ये उत्पाद खास पसंद आ रहे हैं और वे उत्साह के साथ इनकी खरीददारी कर रहे हैं। मेले में कॉनफेड की स्टॉल के साथ ही लगभग 25 स्टॉल्स पर श्री अन्न से बने उत्पाद उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम होने के कारण इन प्रोडक्ट्स की विशेष रूप से डिमांड देखने को मिल रही है। मेले में कॉनफेड की स्टॉल पर सुश्री अम्बिका ने बताया कि उनके यहां मिलेट मिक्स, रोस्टेड ज्वार, रोस्टेड बाजरा, रागी के बिस्किट, ओट्स बिस्किट, ज्वार की नान खटाई आदि उत्पाद उपलब्ध हैं, जो ग्राहकों द्वारा खूब पसंद किए जा रहे हैं। वहीं, के.डी. स्वयं सहायता समूह, राजीविका-करौली की स्टॉल पर श्री आदि शर्मा ने बताया कि उनकी स्टॉल पर श्री अन्न से बने 11 वैरायटी के कुकीज उपलब्ध हैं, जो उनकी माता द्वारा घर पर ही तैयार किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि स्टॉल पर आने वाले ज्यादातर लोगों को ये बहुत पसंद आ रहे हैं और इनकी अच्छी बिक्री हो रही है। इसी प्रकार, नव्या स्वयं सहायता समूह, जयपुर की स्टॉल पर मिलेट कुकीज के साथ ही श्री अन्न के पास्ता, नूडल्स, पोहा और सूजी भी उपलब्ध हैं। स्टॉल पर मौजूद श्री मनीष जैन ने बताया कि 5 प्रकार के श्री अन्न सावां, कुटकी, कोदो, कांगनी और छोटी कांगनी भी उनके यहां उपलब्ध है। स्वास्थ्य को लेकर जागरूक लोग इन प्रोडक्ट्स को पसंद कर रहे हैं और जमकर खरीददारी भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्री अन्न और श्री अन्न से बने ये उत्पाद मधुमेह, कैंसर, थायराइड, मोटापा, आर्थराइटिस, एनीमिया, हृदय रोग, वात रोग आदि के उपचार में सहायक होते हैं। कोटा जिला सहकारी उपभोक्ता सहकारी संघ की स्टॉल पर पीयूष शर्मा ने बताया कि उनके यहां मखाना मिक्स फलाहारी दलिया, मल्टी ग्रेन दलिया, रागी के फ्लेक्स, सावां के रोस्टेड फ्लेक्स, श्री अन्न का दलिया, शुगर फ्री गेहूं रहित आटा आदि उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को अब श्री अन्न का महत्व समझ में आ रहा है और जो भी ग्राहक ये प्रोडक्ट्स खरीदकर ले जा रहे हैं वे इन्हें खरीदने के लिए वापस भी आ रहे हैं। मेले में खरीददारी के लिए पहुंच रहे लोग भी इन श्री अन्न उत्पादों की जमकर तारीफ कर रहे हैं। जयपुर के सिद्धार्थ नगर की निवासी श्रीमती विमला मीणा ने बताया कि उनके पति चिकित्सक हैं और परिवार में सब स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हैं, इसलिए श्री अन्न से बने उत्पादों को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि मेले में कम दामों में शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल रहे हैं। गांधी नगर निवासी श्रीमती अनिता ने कहा कि खान-पान में बदलाव के कारण लोगों में कई प्रकार की बीमारियां घर कर रही हैं। डॉक्टर्स भी अब इन बीमारियों से बचने के लिए श्री अन्न के उपयोग की सलाह देते हैं। इसलिए वे मेले में से कई प्रकार के श्री अन्न उत्पाद खरीद कर ले जा रही हैं। मेंइसी प्रकार, महेश नगर निवासी दिलीप ने कहा कि ने स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छे होने के कारण बाजार से श्री अन्न उत्पाद खरीदते हैं, लेकिन मेले में बाजार से भी अच्छे उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये उत्पाद शुद्ध होने के साथ ही स्वाद में भी बहुत अच्छे हैं। वहीं, मालवीय नगर निवासी श्रीमती मधु ने कहा कि श्री अन्न उत्पादों को सभी को अपने खाने की थाली में शामिल करना चाहिए। इसे लेकर अभी और जागरूकता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मेले में बेस्ट प्रोडक्ट्स उपलब्ध हो रहे हैं और वे कई प्रकार के उत्पाद यहां से खरीद कर ले जा रही हैं।

C M NEWS: बेटियां हमारा गर्व और अभिमान है: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभावान बालिकाओं ने मुलाकात की। श्री शर्मा ने कक्षा केन्द्रिय विद्यालय 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ परिणाम प्राप्त करने वाली बेटियों से स्नेहपूर्ण संवाद कर उनका उत्साहवर्धन करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। श्री शर्मा ने कहा कि बेटियां हमारा गर्व और अभिमान है। हमारी सरकार प्रदेश की प्रत्येक बालिका के सर्वांगीण उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार बेटियों की प्रतिभा को तलाशने और तराशने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। बेटियों को आगे बढ़ने के पूरे अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।