C M NEWS: मुख्यमंत्री के आदेश पर मुख्य सचिव फिर से आये हरकत में

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प्रदेश में भाजपा संगठन के पदाधिरियों के बयान पर ठिठकी राज्य सरकार दो दिन से आमजन की समस्याओं के समाधान के लिये सक्रिय हुई है। अफसरशाही के ठरकी रवैये को देखते हुए मुखमंत्री भजनलाल शर्मा ने अफसरों के मु​खीया सुधांश पंत को आमजन की समस्या के समाधान के लिये निर्देशित किया है। इसी का परिणाम है कि मुख्य सचिव शुक्रवार को दौसा कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ सुशासन के लिए किए जा रहे प्रयासों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते नजर आये। समीक्षा के दौरान श्री पंत ने कहा कि अधिकारी पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करते हुए जनता को सुशासन का अहसास कराएं। आमजन की समस्याओं का तत्काल निस्तारण करें ताकि उन्हें महसूस हो कि सरकार और प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ है और राहत देने के लिए तत्पर है। उन्होने पेयजल व्यवस्था की तैयारियों पर कहा कि पानी के लिहाज से अगले ढाई महीने काफी क्रिटिकल है। इसलिए गर्मी के मौसम में पेयजल और बिजली की सप्लाई सुचारू रखें ताकि आमजन को कोई समस्या नहीं हो। मुख्य सचिव ने समर कंटिजेंसी प्लान को तुरंत स्वीकृत कराकर काम शुरु करने के निर्देश दिए। पानी की चोरी रोकने के लिए चल रहे अभियान में प्रशासन और पुलिस का सहयोग लेकर ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने ईसरदा पेयजल प्रोजेक्ट का कार्य मानकों के अनुरूप गुणवत्तायुक्त करते हुए समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जिले की चिकित्सा सेवाओं की स्थिति पर भी मंथन किया। अन्होने हीट वेव के दौरान विशेष सतर्कता बरतते हुए कारगर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक सागर, जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र कुमार मीणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर रामस्वरूप चौहान, अतिरिक्त जिला कलक्टर लालसोट मनमोहन मीणा, उपखण्ड अधिकारी मूलचंद लूणिया, नगर परिषद् आयुक्त कमलेश मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

C M NEWS: सरकार ने पानी की दरों में की चार गुणा की वृद्धि, वृद्धि का भार उठाएगी राज्य सरकार —जलदाय मंत्री

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प्रदेश में पेयजल की दरों में वृद्धि का अतिरिक्त भार जनता पर नहीं डालने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के पेयजल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान की है। अब पेयजल उपभोक्ताओं से वर्तमान लागू दरों पर ही पानी के बिलों और अन्य सेवाओं की राशि वसूल की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा अनुदान के रूप में शेष राशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इससे सरकार पर लगभग 2100 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष का अतिरिक्त भार आएगा। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल ने बताया कि विभाग के माध्यम से आम जनता को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। वर्ष 2017 से लागू पानी की दरों में राज्य सरकार द्वारा वृद्धि नहीं की गई है। वर्ष 2017 से अब तक पेयजल संरचनात्मक ढांचे और पेयजल वितरण प्रणाली, संचालन, संधारण व रखरखाव लागत में लगभग चार से पांच गुणा वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में प्रचलित दरों में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय किया था परंतु वर्ष 2017 के बाद एकबार भी दरों को बढ़ाया नहीं गया, परिणामस्वरूप टैरिफ से प्राप्त होने वाला राजस्व, रखरखाव व संधारण के खर्चों का बहुत कम हिस्सा ही है। इसके कारण जल वितरण संबंधी परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में कमी आकर, उसके कार्यशीलता पर भी कुप्रभाव पड़ता है। जलदाय मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पेयजल की दरों को वास्तविक लागत के आधार पर तर्कसंगत बनाने का निर्णय लिया गया है। इस कारण पानी की वर्तमान दरों को चार गुणा करने की सहमति वित्त विभाग से प्राप्त होने पर दरों में वृद्धि की जा रही है। उसके बावजूद भी राज्य की जनता पर अतिरिक्त भार नहीं डालने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा जनहित में निर्णय लिया गया है कि पेयजल उपभोक्ताओं से वर्तमान लागू दरों पर ही पानी के बिलों और अन्य सेवाओं की राशि वसूल की जाएगी।

C M NEWS: भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की टिप्पणी से चकराई डबल इंजन की सरकार

प्रदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार चलाने के लिये खूब भागदौड़ और प्रयास कर रहे हैं। वे लगभग प्रतिदिन मुख्यमंत्री आवास और कार्यालय पर विभागों व कार्यों की समीक्षा भी कर रहे है। लेकिन प्रदेश में हावी हो रही अफसरशाही को भांप नहीं पाये। ये बात भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सहित प्रदेशाध्यक्ष ने अत्मसात करली है। जो प्रदेश के लिये एक चिंता और मंथन का विषय है। जनता त्रस्त है, अफसर तृप्त है। अफसर सो रहे हैं, लोग रो रहे हैं। यह टिप्पणी राजस्थान की दो बार मुख्यमंत्री रही वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया पर की है। इस टिप्पणी से डबल इंजन की सरकार चकरा गई है। वहीं भीलवाड़ा में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने संचार माध्यमों के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रदेश में अफसरशाही को हावी नहीं होने देंगे, कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं। दूसरी ओर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के बयान पर खुद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने इसे गंभीरता से लिया है और राजस्थान सरकार से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। आपको बतादें कि श्रीमती वसुंधरा से पहले मंत्री किरोड़ी लाल मीणा सहित कई विधायक भी अफसरों को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं। कुछ विधायक सार्वजनिक और व्यक्तिगत रूप से सीएम तक को ये शिकायत दर्ज करा चुके हैं कि उनके इलाकों में अधिकारी उन्हें तवज्जो नहीं देते हैं और मनमानी करते हैं। लेकिन परिणाम जीरो बटे सन्नाटा रहा। अपनी ही सरकार को वसुंधरा राजे द्वारा आईना दिखाने पर मुख्यमंत्री ने गुरुवार दोपहर मुख्यमंत्री निवास पर पीएचईडी मंत्री सहित आला अधिकारियों के साथ गहन मंथ किया और स्पष्ट निर्देश देना पड़ा कि गर्मी में जनता को अगर पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अफसरों की खैर नहीं। अब परिणाम क्या रहेगा ये देखने वाली बात है या फिर गिरिराज धरण, है तेरी शरण। रख लाज हमारी, ओ बनवारी।।

C M NEWS: पेयजल के लिये मुख्यमंत्री का मंथन, कहा हर हाल में पूरे हो पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तापमान में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद पेयजल की मांग और उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा के लिए गुरुवार दोपहर मुख्यमंत्री निवास पर पीएचईडी मंत्री सहित आला अधिकारियों के साथ गहन मंथ किया। मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मी में जनता को अगर पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अफसरों की खैर नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ी है, ऐसे में आमजन को बढ़ी हुई मांग के अनुसार पर्याप्त पेयजल मुहैया करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिला कलक्टर्स कंटीन्जेंसी प्लान के अनुसार पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत नहीं होनी चाहिए। उन्होने कहा कि अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई दिक्कत नहीं रहनी चाहिए। और गर्मी के मौसम में पीएचईडी के फील्ड अधिकारी व कर्मचारी मुख्यालय पर उपस्थित रहें और बिना सक्षम अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें। वहीं निर्देश दिए कि गर्मी को देखते हुए नए हैण्डपम्प, नलकूप लगाने, पुराने हैण्डपम्प, नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरस्त करने सहित पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य 15 मई से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिला कलक्टरों को एक-एक करोड़ रुपए का अनटाइड फंड उपलब्ध करवाया गया है। अधिकांश जिलों में इस फंड का उपयोग करते हुए स्वीकृतियां जारी कर कार्य शुरू कर दिये गए हैं। उन्होंने शेष जिलों के जिला कलक्टरों को भी स्वीकृतियां शीघ्र जारी कर कार्य दी गई समयसीमा में पूरा करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 142 करोड़ रुपए के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में 68 करोड़ रुपए के 153 कार्य स्वीकृत कर जरूरत के अनुसार नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइप लाइन डालने और बदलने तथा पम्पसेट आदि की मरम्मत के काम करवाए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जो कार्य अभी तक भी प्रारम्भ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जुलाई तक गर्मी के पीक सीजन में टैंकरों से पेयजल की मांग पूरी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 82 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 25 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएचईडी अधिकारी बिजली विभाग के अधिकारियों से समन्वय बना कर रखें ताकि पीक लोड के कारण बिजली ट्रिपिंग, फॉल्ट आदि की स्थिति में भी नलकूपों की विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं हो। उन्होंने कहा कि पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तर और जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम्स के नम्बरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर इन पर आने वाली शिकायतों का त्वरित और समयबद्ध निस्तारण किया जाए। समीक्षा के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव (पीएचईडी) भास्कर ए. सावंत ने बताया कि विभाग की वृहद परियोजनाओं में कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध तरीके से इनके कार्य करवाए जा रहे हैं। अक्टूबर 2025 तक 59 परियोजनाओं के लिए 44 हजार 889 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी जाएगी। इसके लिए फंड की व्यवस्था में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। हुडको, आरईसी जैसी संस्थाओं के माध्यम से भी ऋण की व्यवस्था की जा चुकी है। बढ़े हुए जल शुल्क की अधिसूचना जारी की जाकर हुडको से ऋण प्राप्त करने की कार्रवाई जारी है। इस दौरान पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय आलोक गुप्ता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

C M NEWS: जयपुर के सीतापुरा से अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर तक चलेगी मेट्रो —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरूवार को मेट्रो कॉरिडोर (फेज-2) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेट्रो फेज-2 की डीपीआर में प्रस्तावित सीतापुरा से अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर तक भविष्य की आवश्यकता व आमजन की सुगमता को देखते हुए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि जयपुर एक ऐतिहासिक और तेजी से बढ़ता शहर है और मेट्रो का विस्तार यहां की बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को संतुलित करने में अहम भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार की मंशा है कि जयपुरवासियों के लिए सुगम और अत्याधुनिक परिवहन तंत्र विकसित किया जाए जिससे जयपुर स्मार्ट सिटी की दिशा में देशभर में मॉडल शहर बने। श्री शर्मा ने कहा कि मेट्रो फेज-2 के तहत प्रोजेक्ट में खर्चे व लागत का समुचित आकलन किया जाये ताकि वित्तीय संसाधनों का सदुपयोग होने के साथ ही आमजन के लिए भी बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मेट्रो की डीपीआर में प्रस्तावित रूट, अनुमानित लागत, परियोजना की व्यवहार्यता तथा वित्तीय मॉडल की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने मेट्रो परियोजना के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

C M NEWS: किसानों व आमजन को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दो दिवसीय हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर दौरे के तहत बुधवार को श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने पावर स्टेशन का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्युत उत्पादन के लिए संचालित इकाइयों का सुव्यवस्थित संचालन किया जाए जिससे ग्रीष्म ऋतु में किसानों व आमजन को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। श्री शर्मा ने पावर स्टेशन के कॉन्फ्रेंस हॉल में अधिकारियों को निर्देशित किया कि पॉवर स्टेशन के सभी तकनीकी पहलुओं का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए जिससे ब्रेक-डाउन जैसी स्थिति के कारण विद्युत उत्पादन प्रभावित नहीं हो और तकनीकी खराबी के कारण उत्पादन इकाइयों के शट डाउन जैसी स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने सभी इकाइयों की विद्युत उत्पादन क्षमता की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नवीन तकनीक से कम लागत में प्रदेश के बिजली उत्पादन की क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में सूरतगढ़ थर्मल पावर स्टेशन में 125/250 मेगावॉट ऑवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं, आरवीयूएनएल एवं कोल इंडिया के संयुक्त उपक्रम द्वारा सूरतगढ़ थर्मल पॉवर स्टेशन में 100 मेगावॉट सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए एमओयू किया जा चुका है। इन अहम निर्णयों से राज्य सरकार का किसानों को दिन में बिजली देने का संकल्प पूरा होगा।

Constable Recruitment: कांस्टेबल भर्ती के लिये 28 अप्रैल से 17 मई तक किये जा सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

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राजस्थान पुलिस के विभिन्न जिला, यूनिट और बटालियन में कांस्टेबल सामान्य, चालक, बैण्ड व पुलिस दूरसंचार में ऑपरेटर व चालक के 9617 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए पुलिस विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया चालू कर दी है। आवेदक आगामी 28 अप्रैल से 17 मई, 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड बिपिन कुमार पाण्डेय ने बताया कि राजस्थान पुलिस अधीनस्थ सेवा नियम में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत विभिन्न जिला, यूनिट व बटालियन में कॉन्स्टेबल सामान्य, चालक, बैण्ड एवं पुलिस दूरसंचार में ऑपरेटर व चालक के 9617 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए बुधवार को दो अलग अलग विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। योग्य अभ्यर्थी ऑनलाईन आवेदन-पत्र राजकॉम इन्फो सर्विसेज लिमिटेड द्वारा संचालित समस्त ई-मित्र कियोस्क, जनसुविधा केन्द्र एवं विभाग की वेबसाईट पर 28 अप्रैल से 17 मई, 2025 तक भर सकते हैं। श्री पाण्डेय ने बताया कि आवेदकों को सलाह दी है कि ऑनलाईन आवेदन की अन्तिम दिनांक का इन्तजार किए बिना, समय सीमा में आवेदन करें। आवेदन पत्र भरने की अन्तिम दिनांक के पश्चात 03 दिवस तक आवेदन पत्र में किसी भी तरह की त्रुटि सुधार के लिये वेबसाईट पर लिंक उपलब्ध कराया जायेगा। भर्ती के लिए रिक्त पद, आरक्षण, पात्रता/योग्यता, लिखित परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया की समस्त जानकारी एवं महत्वपूर्ण निर्देश स्थाई आदेश और शुक्रवार को दोनों विज्ञप्ति विभाग की वेबसाईट www.police.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है। अभ्यर्थी अपने स्तर पर अथवा अन्य एजेन्सी के माध्यम से वेबसाईट http://recruitment2.rajasthan.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं।

C M NEWS: अन्नदाता का सम्मान और आर्थिक सुरक्षा हमारा ध्येय —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को श्रीगंगानगर स्थित नई धान मंडी में किसानों को विक्रय स्लिप प्रदान करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों खरीद का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर किसानों और व्यापारियों से संवाद करते हुए कहा कि अन्नदाता किसान को पूरा सम्मान और सुरक्षा के साथ ही उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाना हमारा ध्येय है। हमारी सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का किसानों के बैंक खातों में सीधा भुगतान समय पर सुनिश्चित कर रही है। इसी दिशा में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वर्ष 2025-26 में सरसों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 5 हजार 950 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है तथा इस साल 13 लाख 22 हजार मीट्रिक टन सरसों की खरीद का लक्ष्य रखा है। इसी तरह सरकार 5 हजार 650 रुपये प्रति क्विंटल की एमएसपी के आधार पर 5 लाख 46 हजार मीट्रिक टन चना की खरीद करेगी। श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2022-23 में सरसों का एमएसपी 5 हजार 50 रुपये था, जिसमें हमारी सरकार ने 900 रूपये तक की बढ़ोत्तरी की है। साथ ही एमएसपी पर खरीद के लिए प्रति किसान 25 क्विंटल की सीमा को बढ़ाकर 40 क्विंटल किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार ने सवा साल के समय में अब तक 4 लाख 85 हजार मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की है जबकि पिछली सरकार ने अपने पूरे पांच साल के कार्यकाल में केवल 5 लाख 53 हजार मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की थी। साथ ही हमारी सरकार ने मूंगफली के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 5 हजार 850 रुपये से बढ़ाकर 6 हजार 783 रुपये प्रति क्विंटल किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समस्याओं को दूर करते हुए उनकी समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। इसी दिशा में हमारी सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के बोनस को बढ़ाकर 150 रुपये एवं किसान सम्मान निधि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया है। साथ ही, किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने से लेकर वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्ध करवाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत सहित कई जनप्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

C M NEWS: जल परियोजनाओं की निगरानी और सुदृढ़ता राज्य सरकार की प्राथमिकता —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को पंजाब और हरियाणा की नहर परियोजनाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पंजाब दौरे के दौरान हरिके हैड पहुंचे और नहर मल्लेवाला हैड, बल्लेवाला हैड, बीकानेर कैनाल, फिरोजपुर फीडर और इंदिरा गांधी नहर की वर्तमान स्थिति का जायजा लिये। वहीं भाखड़ा सिंचाई परियोजना का अवलोकन करते हुये इंदिरा गांधी फीडर और सरहिंद फीडर के मध्य बनाए गए लिंक चैनल की भी अधिकारियों से माकूल जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राजस्थान में हो रही जल आपूर्ति सिंचाई परियोजनाओं की गहनता से जांच की और तकनीकी भी जाना। वहीं अधिकारियों को आदेश दिए कि जल प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा न आए और जरूरत के अनुसार समय रहते मरम्मत व रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीकानेर कैनाल और इंदिरा गांधी नहर न केवल सिंचाई बल्कि पेयजल आपूर्ति का भी महत्वपूर्ण साधन हैं। ऐसे में इन परियोजनाओं की निगरानी और सुदृढ़ता राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्थान के किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिले, इसके लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

RGHS Scheme: अस्पताल ने विधायक की मां का इलाज करने से किया मना

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जयपुर में महावीर कैंसर अस्पताल ने सादुलपुर विधायक मनोज कुमार न्यांगली की मां प्रेम कंवर का इलाज करने से मना कर दिया। मंगलवार को विधायक कैंसर पीड़ित अपनी मां को राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत इलाज कराने जयपुर लाये। इस दौारन अस्पताल ने यह कह कर इलाज करने से मना कर दिया कि सरकार की ओर से योजना के तहत बकाया भुगतान नहीं हुआ है। विधायक ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को पत्र लिखा और शिकायत की, कि उनकी मां का पिछले 8-10 महीनों से इलाज महावीर कैंसर अस्पताल में चल रहा है, लेकिन अब अस्पताल प्रशासन ने इलाज करने से मना कर दिया हैं। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा कि उस दौरान अस्पताल में 200 से ज्यादा मरीज मौजूद थे, जो दवाई और इलाज के लिए परेशान हो रहे थे। विधायक ने सरकार पर आरोप लगाते हुये लिखा कि विधायक की मां को इलाज से इनकार किया जा रहा है, तो आमजन की स्थिति कितनी भयावह होगी। विधायक ने पत्र के जरिये मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सरकार आरजीएचएस और मां योजना के तहत अस्पतालों को भुगतान नहीं कर रही है। इस लिये उन्हें बिना इलाज कराए ही घर लौटना पड़ा।