C M NEWS: तीर्थराज पुष्कर को विश्वस्तरीय तीर्थाटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए संकल्पित है —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि तीर्थराज पुष्कर का विशेष पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व है। राज्य सरकार इसकी विरासत को सहेजते हुए इसे विश्वस्तरीय तीर्थाटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि पुष्कर की भव्यता और दिव्यता को ओर अधिक निखारते हुए इसे नया स्वरूप प्रदान किया जाएगा। श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में पुष्कर तीर्थराज के विकास की कार्ययोजना को लेकर आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुष्कर के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का हमारी संस्कृति के प्रति जुड़ाव और अधिक सुदृढ़ हो व स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिले। मुख्यमंत्री ने ब्रह्मा मंदिर सहित सभी मंदिरों के सौंदर्यकरण और श्रद्धालुओं व स्थानीय निवासियों के लिए बेहतर सुविधाओं को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आमजन के सहयोग और सुझावों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जन सहयोग से ही विकास कार्य और अधिक प्रभावी बनेंगे। उन्होने पुष्कर सरोवर के घाटों पर सुविधाओं के विकास, मंदिरों व परिक्रमा मार्गों के सौंदर्यकरण, भव्य एंट्री प्लाजा, सड़क निर्माण आदि पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत चर्चा की गई। पुष्कर के साधु, महंत और निवासियों ने पुष्कर के विकास की कार्ययोजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए अपने सुझाव भी दिए। इससे पहले मुख्यमंत्री ने साधु, महंतों का दुपट्टा ओढ़ाकर अभिनंदन किया।

Rajasthan News: मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें चिकित्सा अधिकारी —प्रमुख शासन सचिव

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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और ‘पेशेंट फ्रेंडली’ बनाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय में किसी भी स्तर पर लापरवाही या असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशीलता और सेवाभाव पर जोर— श्रीमती राठौड़ ने अस्पतालों के अधीक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि बड़े अस्पतालों में मरीजों का भार अधिक होना स्वाभाविक है, लेकिन यह किसी भी तरह से खराब व्यवहार का बहाना नहीं हो सकता। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा अधिकारी पूरी निष्ठा और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। यदि स्वास्थ्य सेवाओं या मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर कोई शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। SMS अस्पताल की प्रतिष्ठा बनाए रखने की चुनौती— प्रमुख शासन सचिव ने सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पतालों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन संस्थानों की अपनी एक विशिष्ट पहचान और प्रतिष्ठा है। प्रदेशभर से रोगी यहां के उपचार की गुणवत्ता पर भरोसा करके आते हैं। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से आह्वान किया कि वे ‘प्रो-एक्टिव’ रहकर कार्य करें ताकि अस्पताल की यह सकारात्मक छवि धूमिल न हो। गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण— बैठक में अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा की गई। श्रीमती राठौड़ ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य रोगियों को बिना किसी परेशानी के गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने सभी अधीक्षकों को अपने-अपने स्तर पर मॉनिटरिंग बढ़ाने और व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी और संबद्ध अस्पतालों के अधीक्षक उपस्थित रहे।

Rajasthan News: राजस्थान में खनिज संपदा के दोहन हेतु बनेगा मास्टर प्लान, एसीएस अपर्णा अरोरा ने दिए निर्देश

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राजस्थान की अतिरिक्त मुख्य सचिव (माइंस एवं पेट्रोलियम) श्रीमती अपर्णा अरोरा ने प्रदेश के खनन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए खनिज अन्वेषण कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से विस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को सचिवालय में ‘राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट’ की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध खनिज संपदा का वैज्ञानिक और समयबद्ध दोहन सरकार की प्राथमिकता है। समयबद्ध मॉनिटरिंग और माइलस्टोन तय करने पर जोर— एसीएस श्रीमती अरोरा ने निर्देश दिए कि नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही एक्सप्लोरेशन, ड्रिलिंग और केमिकल एनालिसिस से लेकर ब्लॉक तैयार करने और उनके ऑक्शन तक की एक स्पष्ट टाइमलाइन तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य के लिए ‘माइलस्टोन’ तय किए जाने चाहिए ताकि न केवल कार्यों में गति आए, बल्कि उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित हो सके। खनिजों का विशाल भंडार और भविष्य की संभावनाएं— बैठक में बताया गया कि राजस्थान में मेजर मिनरल्स जैसे रेयर अर्थ एलिमेंट्स, सोना, लेड-जिंक, सिल्वर, लाइमस्टोन, लिग्नाइट, कॉपर और बेस मेटल के साथ-साथ माइनर मिनरल्स के भी विपुल भंडार मौजूद हैं। श्रीमती अरोरा ने कहा कि विभाग के पास उपलब्ध डेटा के आधार पर संभावित क्षेत्रों में गहन ड्रिलिंग और गुणवत्ता जांच की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि खनिजों की गुणवत्ता सुनिश्चित होने से ब्लॉक्स की नीलामी अधिक प्रीमियम पर होगी, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राजस्थान को अग्रणी बनाने का संकल्प— श्रीमती अरोरा ने अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि देश के माइनिंग सेक्टर में राजस्थान को अग्रणी प्रदेश बनाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। आधुनिक तकनीक और बेहतर डेटा प्रबंधन के जरिए प्रदेश की खनिज संपदा का लाभ जन-जन तक पहुँचाया जा सकता है। बैठक में RSMET की विभिन्न गतिविधियों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

Rajasthan News: खोखले दावों के बीच ‘दीये तले अंधेरा’ साबित हो रहा रसद विभाग

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राजस्थान में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के दावे धरातल की हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। एक तरफ मंत्री जी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘ऑल इज वेल’ का राग अलाप रहे हैं, तो दूसरी तरफ विभाग के भीतर की अव्यवस्था ‘दीये तले अंधेरा’ वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है। बुधवार को तेल कंपनियों के साथ बैठक में मंत्री ने बड़े-बड़े दावे किए कि प्रदेश में गैस का पर्याप्त स्टॉक है और बुकिंग के तीन-चार दिन में सिलेंडर मिल रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि यह बयान केवल ‘गाल बजाने’ जैसा प्रतीत होता है। विभाग की अपनी हालत यह है कि इसकी आधिकारिक वेबसाइट पिछले 10-15 वर्षों से अपडेट तक नहीं हुई है। डिजिटल इंडिया के दौर में जिस विभाग के पास अपनी सूचनाएं अपडेट करने की फुर्सत नहीं, वह अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के बीच निर्बाध आपूर्ति का दावा कैसे कर सकता है? विश्वस्त सूत्रों की मानें तो विभाग के अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं और मंत्री के निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जब विभाग का प्रशासनिक ढांचा ही मंत्री के नियंत्रण से बाहर हो, तो आमजन को राहत मिलने की उम्मीद बेमानी है। वैश्विक परिस्थितियों का डर दिखाकर जनता पहले ही सहमी हुई है और उस पर विभाग की यह सुस्ती कोढ़ में खाज का काम कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की दुहाई देने वाले सुमित गोदारा को शायद यह अंदाजा नहीं है कि केवल बैठकों और कागजी दावों से जनता के चूल्हे नहीं जलते। जमीनी स्तर पर उपभोक्ता आज भी असमंजस में हैं। मंत्री जी को अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह देने के बजाय पहले अपने घर (विभाग) को दुरुस्त करना चाहिए, जहां अफसरशाही उनकी सुनने को तैयार नहीं है।

Rajasthan NEWS: एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, 13 गिरफ्तार

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राजस्थान की डूंगरपुर जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर हंट’ के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिले की साइबर सेल और दोवड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए देशभर में एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो बाल अपचारियों को निरुद्ध किया गया है। 27 मोबाइल और 38 फर्जी सिम बरामद— पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल होने वाले 27 मोबाइल फोन और 38 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए हैं। पकड़े गए आरोपी इतने शातिर हैं कि उन्होंने विभिन्न वेबसाइटों पर आकर्षक प्रोफाइल बनाकर एस्कॉर्ट सर्विस देने का झांसा दिया और देशभर के लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम ऐंठी। नाबालिगों को बना रहे थे अपराधी— इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरोह के सदस्य अपने ही घर के नाबालिग लड़कों को इस दलदल में धकेल रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अपने परिवार के किशोरों को विलासिता पूर्ण जीवन और मौज-मस्ती का लालच देकर साइबर फ्रॉड की ट्रेनिंग देते थे और उनसे ठगी करवाते थे। ऐसे देते थे वारदात को अंजाम— आरोपी गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी विज्ञापन और वेबसाइट चलाते थे। जब कोई व्यक्ति उनसे संपर्क करता, तो वे रजिस्ट्रेशन, मेडिकल और अन्य शुल्कों के नाम पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाते थे। एक बार पैसा मिलने के बाद आरोपी नंबर ब्लॉक कर देते थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है। जिला पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

Jaipur News: भांकरोटा में हाई-प्रोफाइल कैसीनो का भंडाफोड़, 16 गिरफ्तार

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राजधानी के भांकरोटा थाना इलाके में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आलीशान विला में चल रहे हाई-प्रोफाइल जुआ रैकेट और कैसीनो का पर्दाफाश किया है। जयपुर आयुक्तालय की भांकरोटा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम ने संयुक्त छापेमारी कर मौके से 16 रईसजादों को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना पर विला में दबिश— डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि ‘एम्प्रेस ग्रीन्स’ स्कीम स्थित विला नंबर 5 में बड़े स्तर पर अवैध जुआ खेला जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने पूरी तैयारी के साथ विला की घेराबंदी की और अचानक छापेमारी की। विला के भीतर का नजारा देखकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। वहां कैसीनो की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाओं के बीच ताश के पत्तों और प्लास्टिक कॉइन्स के जरिए लाखों रुपये का दांव लगाया जा रहा था। भारी मात्रा में कैश और लग्जरी गाड़ियां बरामद— पुलिस को देखते ही विला में अफरा-तफरी मच गई और जुआरियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जाप्ते ने सभी मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकद राशि, ताश की गड्डियां, कैसीनो कॉइन्स, मोबाइल फोन और कई लग्जरी वाहन बरामद किए हैं। बड़े नेटवर्क के तार जुड़े होने की आशंका— प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इस रैकेट में शहर के कई रसूखदार लोग शामिल थे, जो आलीशान विला को सुरक्षित ठिकाना मानकर यहां जुआ खेलने आते थे। पुलिस अब विला के मालिक और इस रैकेट के मुख्य सरगना की भूमिका की जांच कर रही है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस रैकेट के तार अन्य राज्यों या अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजों से तो नहीं जुड़े हैं।

Rajasthan News: राजकीय और अनुदानित छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 31 मई तक कर सकेंगे आवेदन

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत के निर्देशानुसार, विभाग द्वारा संचालित राजकीय और अनुदानित छात्रावासों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया 27 मार्च से विधिवत रूप से प्रारंभ कर दी गई है। विभाग के निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव आशीष मोदी ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छात्रावासों में प्रवेश के इच्छुक छात्र-छात्राएं विभाग की आधिकारिक वेबसाइट sso.rajasthan.gov.in अथवा नवीन प्रवेश पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए विभाग द्वारा मेरिट सूची जारी करने का कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया है। श्री मोदी के अनुसार, नए विद्यार्थियों के लिए प्रथम मेरिट सूची 10 अप्रैल को जारी की जाएगी। इसके पश्चात द्वितीय सूची 23 अप्रैल, तृतीय सूची 4 मई और चौथी मेरिट सूची 11 मई 2026 को प्रकाशित की जाएगी। यदि इन सूचियों के बाद भी छात्रावासों में सीटें रिक्त रहती हैं, तो ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 तय की गई है। पुराने विद्यार्थियों के लिए प्रक्रिया स्पष्ट करते हुए निदेशक ने बताया कि जो छात्र पहले से छात्रावासों में अध्ययनरत हैं, उन्हें आगामी सत्र में प्रवेश के लिए अपनी अंकतालिका संबंधित छात्रावास अधीक्षक को प्रस्तुत करनी होगी। अधीक्षक द्वारा पोर्टल पर सत्यापन और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें नियमानुसार पुनः प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश से संबंधित किसी भी अन्य सहायता या विस्तृत दिशा-निर्देशों के लिए विद्यार्थी विभाग की वेबसाइट sje.rajasthan.gov.in का अवलोकन कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के जरूरतमंद विद्यार्थियों को समय पर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें ताकि उनकी शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रहे।

Rajasthan News: देवेन्द्र जैमन को पत्रकारिता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मिला स्वर्ण पदक

राजधानी के झालाना डूंगरी स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में मंगलवार, 25 मार्च को हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस समारोह में विश्वविद्यालय के प्रतिभावान छात्र देवेन्द्र जैमन को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक से नवाजा गया। राज्यपाल और दिग्गजों ने बढ़ाया मान— समारोह की अध्यक्षता कर रहे राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने देवेन्द्र जैमन को स्नातकोत्तर  के मीडिया अध्ययन विभाग में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर गोल्ड मेडल प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी और विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा मौजूद रहे। अतिथियों ने देवेन्द्र की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीण परिवेश से स्वर्णिम सफर— मूलतः ग्रामीण परिवेश से ताल्लुक रखने वाले देवेन्द्र जैमन की यह सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। देवेन्द्र ने न केवल पढ़ाई में अपनी प्रतिभा साबित की, बल्कि वे सामाजिक और छात्र राजनीति के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। उनकी इसी बहुमुखी प्रतिभा के कारण पूर्व में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा उन्हें ‘राजस्थान यूथ आइकॉन अवार्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, उन्हें राज्य और जिला स्तर पर कई अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं। संघर्ष और नेतृत्व की मिसाल— देवेन्द्र जैमन केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहे। वर्ष 2022 में उन्होंने छात्र संघ चुनाव लड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। वे विश्वविद्यालय परिसर में छात्र हितों की आवाज उठाने और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव संघर्षशील रहे हैं। छात्रों के बीच उनकी पहचान एक जुझारू और संवेदनशील छात्र नेता के रूप में रही है। मीडिया जगत में नई उम्मीद— मीडिया अध्ययन विभाग में टॉप करने वाले देवेन्द्र का मानना है कि पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज को मुख्यधारा तक पहुंचाना है। दीक्षांत समारोह के बाद देवेन्द्र ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया। इस दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के अन्य शोधार्थियों और विद्यार्थियों को भी उपाधियां वितरित की गईं, लेकिन देवेन्द्र जैमन जैसी प्रतिभाओं ने यह साबित कर दिया कि यदि दृढ़ निश्चय हो, तो गांव की गलियों से निकलकर स्वर्ण पदक तक का सफर तय करना मुमकिन है।

Jaipur News: मैं प्रेस की पूर्ण स्वतंत्रता का पक्षधर हूं —राज्यपाल बागडे

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राजस्थान के राज्यपाल और कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने कहा कि पत्रकारिता और जनसंचार के विद्यार्थियों को भारतीय अतीत और हमारी गौरवमयी ज्ञान-परम्परा से जुड़ना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पत्रकारिता में केवल समाचार ही नहीं, बल्कि ‘विचार-संस्कृति’ की शिक्षा का भी समावेश होना चाहिए। राज्यपाल बुधवार को जयपुर स्थित हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे प्रेस की पूर्ण स्वतंत्रता के पक्षधर हैं, लेकिन शिक्षण संस्थानों में यह भी सिखाया जाना चाहिए कि ‘स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं है।’ उन्होंने भावी पत्रकारों से आह्वान किया कि वे स्वस्थ पत्रकारिता के मूल्यों को अपनाएं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें। अपने संबोधन में श्री बागडे ने आजादी के आंदोलन में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता और जनसंचार शिक्षा के प्रभावी प्रसार की महती आवश्यकता है ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिल सके। दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने मेधावी छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ और पदक प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सूचनाओं के इस युग में सत्यता और नैतिकता ही एक पत्रकार की असली पहचान होनी चाहिए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Rajasthan News: अम्बेडकर पुरस्कार 2026 के लिये सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने मांगे आवेदन

राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने वर्ष 2026 के राज्य और जिला स्तरीय अम्बेडकर पुरस्कारों के लिए पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। विभागीय मंत्री अविनाश गहलोत के निर्देशानुसार, इन पुरस्कारों का वितरण 14 अप्रैल 2026 को बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर किया जाएगा। आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियाँ— निदेशक आशीष मोदी ने बताया कि राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 28 मार्च 2026 है। वहीं, जिला स्तरीय पुरस्कारों के लिए अभ्यर्थी 5 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक व्यक्ति निर्धारित प्रपत्र में आवेदन डाक द्वारा या स्वयं उपस्थित होकर जमा करा सकते हैं। कहाँ जमा करें आवेदन — राज्य स्तरीय आवेदन: निदेशालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जयपुर। जिला स्तरीय आवेदन: संबंधित जिले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कार्यालय में। पुरस्कार की श्रेणी और राशि: राज्य स्तर पर विभिन्न श्रेणियों में नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे: अम्बेडकर सामाजिक सेवा पुरस्कार: 1 लाख रुपये। अम्बेडकर महिला कल्याण पुरस्कार: 51 हजार रुपये। अम्बेडकर न्याय पुरस्कार: 51 हजार रुपये। जिला स्तर पर चयनित विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। महत्वपूर्ण निर्देश— विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों या संस्थाओं को पूर्व के वर्षों में पुरस्कृत किया जा चुका है, वे पुनः आवेदन के पात्र नहीं होंगे। आवेदन पत्र एवं पात्रता से जुड़ी विस्तृत जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.sje.rajasthan.gov.in या जिला कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है। यह पहल समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और न्याय के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने का एक सुनहरा अवसर है।