Education: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सहित समस्त कार्यालयों पर रेस्मा लागू

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राजस्थान अत्यावश्यक सेवाएँ अनुरक्षण अधिनियम— 1970(रेसमा) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान व उसके समस्त कार्यालयों और उसके क्रियाकलापों से संबंधित सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा घोषित कर दिया है। इससे यहां कार्यरत कार्मिकों के हडताल पर जाने पर प्रतिबंध लग गया है। गृह विभाग के संयुक्त शासन सचिव श्री अविचल चतुर्वेदी के द्वारा राज्यपाल महोदय की आज्ञा से जारी अधिसूचना के अनुसार बोर्ड व उसके समस्त कार्यालयों एवं उसके क्रियाकलापों से संबंधित सेवाओं में हडताल किये जाने को 10 जून तक के लिये प्रतिषेध किया गया है।

Assembly: सदन में चल रहा गतिरोध समाप्त, मुख्यमंत्री ने कहा अच्छे को अच्छा और गलत को गलत कहना होगा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की 8 करोड़ जनता का ध्यान रखते हुए विकसित और उत्कृष्ट राजस्थान बनाने के लिए सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष को साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा कैसे रहे, यह सुनिश्चित करना सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कई दिन से चले आ रहे गतिरोध के समाप्त होने के बाद गुरुवार को सदन में अपने वक्तव्य में कहा कि जब हम सभी सदस्य सदन में चर्चा करते हैं और वाद-विवाद होता है तो कई बात ऐसी भी निकल जाती है जो हम कहना नहीं चाहते लेकिन उसके लिए सदन बाधित होना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हम चाहे पक्ष के हों या प्रतिपक्ष के सदस्य हों, राजस्थान की जनता को हम सभी से बहुत बड़ी उम्मीदें हैं। जनप्रतिनिधि के प्रति जनता के मन में जो सम्मान और समर्पण का भाव होता है, उसका अगर ध्यान रखेंगे तो मेरा और तेरा का फर्क खत्म हो जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि हमारा कोई भी वक्तव्य जो सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं होता है, वह जनता या अन्य सदस्यों के लिए ही गलत नहीं होता बल्कि खुद के लिए भी गलत और रात काली करने वाला होता है। जो भी सदस्य गलत बोलता है उसको पश्चाताप होता है। इसलिए हम जो भी बात बोलें, उसे सोच-विचार कर रखना चाहिए क्योंकि छोटी सी बात धीरे-धीरे बढ़ते-बढ़ते कितनी बड़ी हो जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यक्ष के आसन पर बहुत बड़ी-बड़ी विभूतियां विराजमान रही हैं, वो सभी हमारे लिए सम्मानीय रहे हैं। अध्यक्ष हम सभी के लिए सम्माननीय होते हैं। सदन को चलाने के लिए अध्यक्ष ही हमारे प्रमुख होते हैं। उन्होंने कहा कि सदन में हमारे साथी कई बार प्रूफ देते हैं, नियमों की जानकारी देते हैं लेकिन सबसे बड़ा नियम और संयम यह है कि हम इन नियमों की पालना करें। जोर से हल्ला मचाते हुए या एक दिन किसी सुर्खी को बनाने से पहले हमें ध्यान देना चाहिए क्योंकि सदन का समय बहुत कीमती होता है और इसका पूरा खर्च राजस्थान की जनता वहन करती है। हमें सोचना चाहिए कि सदन में हमारा एक-एक मिनट कैसे उपयोगी हो सकता है। राजस्थान की जनता के लिए हम क्या कर सकते हैं। अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के प्रति हमारी सद्भावना क्या है, उस पर विचार करने के लिए यह सदन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में हमारे विपक्ष और पक्ष के जो भी सदस्य अच्छा बोलते हैं, मैं उनको फोन करता हूँ कि आप बहुत अच्छे बोले। मैंने नेता प्रतिपक्ष को भी एक बार फोन करके कहा कि आपने अच्छी बात बोली। उन्होंने कहा कि अच्छे को अच्छा कहना हमें सीखना होगा। अच्छी बात बोलने वालों को उत्साहित करना होगा और गलत को गलत भी कहना होगा। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मंत्री द्वारा बोले शब्दों को विलोपित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनता हमें देखती है इसलिए टिप्पणी चाहे उधर से हो या इधर से हो, कहीं भी ठीक नहीं होती है। जिस उद्देश्य, भाव और भावना से सदन में राजस्थान की जनता ने हमें भेजा ह,ै हमें उसे पूरा करना है। उन्होंने कहा कि हम तो विपक्ष को अपनी ताकत मानते हैं और विपक्ष जो भी कहता है, उस बात पर संज्ञान भी लेते हैं जिससे राजस्थान की जनता को उसका फायदा मिले। मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में प्रतिपक्ष के नेता और मुख्य सचेतक को भी धन्यवाद दिया कि उन्होंने गतिरोध समाप्त करने की पहल करने के लिए संपर्क किया। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सदन में गतिरोध समाप्त करने की पहल करते हुए वार्ता करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद व्यक्त किया।

Assembly: जनता का विश्वास ही हमारी ताकत -उप मुख्यमंत्री

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उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने गुरुवार को विधान सभा में कहा कि बजट पर सदस्यों ने सार्थक विचार प्रस्तुत किए। हम प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर प्रदेश की विकास यात्रा में और आगे बढ़ेंगे। बजट घोषणाओं से प्रदेशवासियों में नवीन आशा का संचार होने के साथ राज्य सरकार के प्रति विश्वास और दृढ़ हुआ है। सरकार के प्रति जनता का विश्वास ही हमारी ताकत है। वित्त मंत्री आय-व्ययक अनुमान 2025-26 पर सामान्य चर्चा के बाद जवाब दे रहीं थी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का ध्येय ‘सर्वजन हिताय और समावेशी विकास‘ है। यह सुनिश्चित करते हुए अंतिम छोर तक प्रत्येक व्यक्ति का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के दीर्घकालीन लक्ष्यों और विकसित राजस्थान @2047 को ध्यान में रखकर 1.20 लाख से अधिक सुझावों के साथ बजट तैयार किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने पूर्व बजट की 58 प्रतिशत बजट घोषणाओं को पूरा कर लिया है। उन्होंने सदन से प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि सभी घोषणाओं को समयबद्ध पूरा कर, राजस्थान को ‘खुशहाल प्रदेश‘ बनाया जाएगा।

Housing board: आवासन मण्डल ने बकाया लीज पर ब्याज को किया माफ

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नगरीय विकास विभाग ने सोमवार को नगरीय निकायों, नगरीय विकास न्यासों, राजस्थान आवासन मण्डल और समस्त विकास प्राधिकरणों की 31 मार्च 2024 तक की बकाया लीज राशि 30 सितम्बर 2025 तक एक मुश्त राशि जमा कराने पर ब्याज राशि में शत-प्रतिशत छूट प्रदान की थी जिसकी अनुपालना में आज आवासन मण्डल ने भी आमजन के हितार्थ बकाया लीज 30 सितम्बर तक जमा कराने पर शत-प्रतिशत ब्याज माफ करने के निर्देश जारी किये है। उल्लेखनीय है कि नगरीय विकास विभाग के आदेशानुसार पूर्व में निस्तारित प्रकरणों को पुनः नहीं खोला जायेगा और जमा राशि पुनः लौटाई नहीं जायेगी।

Animal husbandry: पशुपालन डिप्लोमा परीक्षाओं में सेवानिवृत अधिकारियों की नियुक्ति होगी बंद

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पशुपालन, डेयरी, गोपालन और मत्स्य विभाग के शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने कहा है कि पशुपालन डिप्लोमा कार्यक्रम के सैद्धांतिक और व्यवहारिक परीक्षाओं की सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बहुत आवश्यक है। यह देखा गया है कि इन परीक्षाओं में पर्यवेक्षक और निरीक्षक के रूप में सेवानिवृत अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है जिससे कई बार परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठते हैं। शासन सचिव ने परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन भूमिकाओं में सेवानिवृत्त अधिकारियों की नियुक्ति की प्रथा को बंद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अब प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर कम से कम दो पर्यवेक्षक/ परीक्षक की नियुक्ति की जाए जिनमें से एक अधिकारी राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (राजूवास) से तथा दूसरा पशुपालन विभाग से नामित हो। अगर किसी कारणवश राजूवास के अधिकारी उपलब्ध नहीं है तो पशुपालन विभाग के दो अधिकारियों को नियुक्त किया जा सकता है। उन्होंने परीक्षा के दौरान नैतिक मानकों को बनाए रखने और किसी भी प्रकार के कदाचार को रोकने के लिए सभी नामित पर्यवेक्षकों और निरीक्षकों को नकद उपहार, मुफ्त या किसी प्रकार के भौतिक लाभ सहित किसी भी प्रकार केे आतिथ्य को स्वीकार करने से बचने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों के लीक होने और परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकने के लिए सभी स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या कानून का उल्लंघन पाए जाने पर संस्थान की संबद्धता और एनओसी निरस्त कर दी जाएगी। शासन सचिव ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्र अधीक्षक, डीन और प्रिंसीपल को परीक्षा हॉल में रिकॉर्डिंग सिस्टम के साथ सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश दिए गए हैं जिसकी अधिसूचना राजूवास, बीकानेर द्वारा जारी की जा चुकी है। उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा हॉल में कैमरा इस तरह लगाया जाए कि प्रश्न पत्र के लिफाफे खोलने से लेकर उत्तर पुस्तिका के लिफाफे सील करने तक की पूरी प्रक्रिया बिना किसी रूकावट के रेकार्ड हो सके। साथ ही परीक्षा कक्ष का प्रत्येक विद्यार्थी कैमरे की जद में रहे। सभी रिकॉर्डिंग को दैनिक आधार पर डीवीडी में स्थानांतरित करना भी सुनिश्चित किया जाना आवश्यक होगा जिसकी एक प्रति संबंधित संस्थान अथवा कॉलेज के पास रहेगी तथा दूसरी प्रति राजूवास के परीक्षा नियंत्रक को भिजवाना होगा। किसी भी प्रकार की अपूर्ण अथवा अनुचित रिकार्डिंग के लिए कोई बहाना स्वीकार्य नहीं होगा। डॉ शर्मा ने निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल मुक्त परीक्षा आयोजित करने और परीक्षा की सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल और उचित कार्रवाई करते हुए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देश दिए।

Assembly: मरीजों को निजी चिकित्सालयों में रेफर करने पर चिकित्सक के विरुद्ध होगी सख्त का कार्रवाई – चिकित्सा शिक्षा मंत्री

चिकित्सा शिक्षा मंत्री गजेंद्र सिंह ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि राजकीय चिकित्सकों द्वारा मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी चिकित्सालयों में रेफर किए जाने की शिकायत प्राप्त होने पर सम्बंधित चिकित्सक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में तत्कालीन सरकार द्वारा चिकित्सा संस्थाओं के पीपीपी मोड पर संचालन को बंद कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि पीपीपी मोड पर संचालित चिकित्सा संस्थाओं में 1 मेडिकल ऑफिसर और 11 अन्य स्टाफ पर राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 1 लाख 80 हजार से 2.50 लाख रुपये तक का व्यय किया जाता था। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरक़ार द्वारा वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा संस्थाओं को पीपीपी मोड पर दिए जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। विधायक बहादुर सिंह के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भरतपुर जिले में किसी भी चिकित्सा संस्थाओं को पीपीपी मोड पर नही दिया गया है।

Assembly: आभानेरी होगा आइकोनिक टूरिज्म डेस्टीनेशन के रूप में विकसित -पर्यटन मंत्री

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पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि बजट वर्ष 2025-26 में रूरल और हैरिटेज टूरिज्म को बढ़ाना देने के लिए आभानेरी-दौसा को आइकोनिक टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा आभानेरी चांद बावड़ी व हर्षद माता मंदिर में संरक्षण और मरम्मत कार्य करवाए जा रहे हैं। मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आवश्यकता और बजट की उपलब्धता एवं प्राथमिकता के आधार पर जन सुविधाओं का विकास, जीर्णोद्धार, संरक्षण, उन्नयन, मरम्मत, पार्किंग स्थल विकसित करना आदि कार्य करवाए जाते हैं। विधायक भागचन्द टाकड़ा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र बांदीकुई में स्थित आभानेरी चांद बावड़ी व हर्षद माता मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (भारत सरकार) के अधीन संरक्षित स्मारक हैं। उन्होंने आभानेरी चांद बावड़ी व हर्षद माता मंदिर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा कराये जा रहे संरक्षण एवं मरम्मत कार्यों का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पर्यटन विकास कार्यों से संबंधित प्राप्त प्रस्तावों के संबंध में पारस्परिक प्राथमिकता के आधार पर युक्तियुक्त निर्णय लिया जाता है। उन्होंने दौसा जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर स्वीकृत पर्यटन विकास कार्यों का विवरण सदन के पटल पर रखा।

High Court: सूचना एवं प्रौद्योगिकी के युग में कानून की प्रक्रिया बैलगाड़ी या घोंघे की गति से नहीं चल सकती —राजस्थान हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने कहा कि SC/ST एक्ट की धारा 15ए का अनुपालन, जिसके तहत SC/ST Act के तहत आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले शिकायतकर्ता को सूचना भेजना जरूरी है, तब भी पूरा होता है, जब ऐसी सूचना SMS व्हाट्सएप के जरिए मोबाइल पर भेजी गई हो। कोर्ट ने कहा पुलिस महानिदेशक और राज्य के प्रमुख सचिव को सभी जांच अधिकारियों/सभी पुलिस स्टेशनों के स्टेशन हाउस अधिकारियों को निर्देश देने का निर्देश दिया कि SC/ST Act के तहत अपराधों के लिए दायर जमानत याचिकाओं के लिए जब भी कोर्ट सरकारी वकील को शिकायतकर्ता/पीड़ित/पीड़ित पक्ष को सूचना भेजने का निर्देश दे, तो वे रिकॉर्ड पर मैसेज/टेक्स्ट मैसेज/व्हाट्सएप मैसेज का सबूत/स्क्रीनशॉट पेश करें। यह कोर्ट को सक्षम बनाने के लिए है। संदर्भ के लिए, SC/ST Act की धारा 15ए में यह अनिवार्य किया गया कि SC/ST Act के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आरोपी व्यक्तियों की जमानत पर सुनवाई से पहले शिकायतकर्ता को सूचना भेजी जानी चाहिए।

जस्टिस अनूप कुमार ढंड ने अपने आदेश में कहा-

“यह न्यायालय इस तथ्य पर गौर करता है कि हम सूचना एवं प्रौद्योगिकी के युग में रह रहे हैं। सूचना एवं प्रौद्योगिकी के युग में कानून की प्रक्रिया बैलगाड़ी या घोंघे की गति से नहीं चल सकती। सभी पुलिस थानों के थाना प्रभारी और जांच अधिकारी को नवीनतम तकनीकी विकास के साथ अपग्रेड किया जाना आवश्यक है। प्रौद्योगिकी के लाभों को लोगों की सेवा में लगाया जाना चाहिए। कानूनी प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी विशेष रूप से नागरिकों के मौलिक अधिकारों को प्रभावी बनाने और सामान्य रूप से कानून की प्रक्रिया को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। राजस्थान राज्य के प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाना आवश्यक है, जो पीड़ितों को नोटिस देने और उनकी तामील करने के कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए सौंपे गए कर्मचारियों की निगरानी करेगा।” जस्टिस ने आगे कहा, “इन विचित्र परिस्थितियों में यह न्यायालय पुलिस महानिदेशक (DGP) और प्रमुख सचिव, गृह विभाग, राजस्थान सरकार को सभी जांच अधिकारियों/सभी पुलिस स्टेशनों के स्टेशन हाउस अधिकारियों को यह निर्देश देने के लिए सामान्य परमादेश जारी करता है कि अब से उन सभी जमानत आवेदनों (आपराधिक अपील) में, जो SC/ST Act के तहत प्रस्तुत किए जाते हैं या अपराध, BNSS के लागू होने से पहले हुए हैं, जब भी अदालत लोक अभियोजक को शिकायतकर्ता/पीड़ित/पीड़ित पक्ष को सूचना भेजने का निर्देश देती है तो वे रिकॉर्ड पर मैसेज/टेक्स्ट संदेश/व्हाट्सएप मैसेज का सबूत/स्क्रीनशॉट पेश करेंगे, जिससे अदालत आरोपी व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत जमानत आवेदन (आपराधिक अपील) पर फैसला करने से पहले उचित आदेश पारित कर सके।” न्यायालय ने नोट किया, “ऐसा प्रतीत होता है कि महेंद्र छीपा के मामले में 28.11.2022 को जमानत दिए जाने के बाद 03.12.2022 को शिकायतकर्ता को फिर से सूचना भेजने के लिए संबंधित जांच अधिकारी की ओर से गलती हुई। यह भी प्रतीत होता है कि आरोपी व्यक्ति महेंद्र छीपा के मामले में जमानत का आदेश पारित होने के बाद भी सरकारी वकील/लोक अभियोजक और जांच अधिकारी के बीच कुछ गलतफहमी या गैर-संचार था।” न्यायालय ने कहा, “यह न्यायालय इस तथ्य पर ध्यान देता है कि हम सूचना और प्रौद्योगिकी के युग में रह रहे हैं। सूचना और प्रौद्योगिकी के युग में कानून की प्रक्रिया बैलगाड़ी की गति या घोंघे की गति से नहीं चल सकती प्रौद्योगिकी के फलों को लोगों की सेवा में लगाया जाना चाहिए।” इस पृष्ठभूमि में पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव, राजस्थान को सभी जांच अधिकारियों/स्टेशन हाउस अधिकारियों को निर्देश देने का निर्देश दिया गया कि जब भी अधिनियम की धारा 15 ए के तहत नोटिस भेजा जाता है तो वे रिकॉर्ड पर मैसेज/टेक्स्ट संदेश/व्हाट्सएप मैसेज का सबूत/स्क्रीनशॉट पेश करेंगे। कोर्ट ने कहा कि धारा 15 ए (3) के तहत नोटिस अनिवार्य था। हालांकि, जमानत की सुनवाई के दौरान पीड़ित की उपस्थिति अनिवार्य नहीं थी। इस तरह की भागीदारी का विकल्प पीड़ित पर छोड़ा जा सकता था। तदनुसार आवेदन खारिज कर दिए गए। केस टाइटल: रमेश बैरवा बनाम राजस्थान राज्य और अन्य संबंधित आवेदन

REET-2024: परीक्षार्थियों को परीक्षा समय से 2 घंटे पहले परीक्षा केन्द्र पर करनी होगी रिपोर्टिंग, एक घंटे पहले बंद हो जाएगा परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार

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गुरुवार, 27 फरवरी एवं शुक्रवार, 28 फरवरी, 2025 को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित होने वाली राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट-2024) का आयोजन किया जाएगा। 27 फरवरी को प्रथम पारी में प्रातः 10 बजे से लेवल-1 एवं अपरान्ह 3.00 बजे लेवल-2 तथा 28 फरवरी को प्रातः 10.00 बजे से लेवल-2 की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को परीक्षा समय से दो घण्टे पूर्व परीक्षा केन्द्रों पर फ्रिस्किंग एवं बायोमैट्रिक उपस्थिति हेतु रिपोर्टिंग की जानी है एवं परीक्षा प्रारम्भ होने से एक घण्टा पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बन्द कर दिये जायेगा। 28 फरवरी से खाटू श्याम जी का मेला भी प्रारम्भ होगा। अतः सभी परीक्षार्थीयों को सलाह दी जाती है कि वे अपने परीक्षा केन्द्र पर समय से पहुंचने की सुनिश्चितता का विशेष ध्यान रखें। गुरुवार, 27 फरवरी को प्रथम पारी (प्रातः 10 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक) में लेवल प्रथम (कक्षा 1 से 5) की परीक्षा आयोजित होगी जिसमें 87 हजार 413 उम्मीदवार पंजीकृत हैं। द्वितीय पारी में (दोपहर 3 बजे से सायं 5ः30 बजे तक) लेवल द्वितीय (कक्षा 6 से 8) की परीक्षा का आयोजन होगा जिसमें 91 हजार 537 उम्मीदवार पंजीकृत हैं। वहीं, शुक्रवार 28 फरवरी को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक लेवल द्वितीय (कक्षा 6 से 8) की परीक्षा आयोजित होगी जिसमें 91 हजार 68 उम्मीदवार पंजीकृत हैं। जयपुर स्थित परीक्षा केन्द्रों के लिए नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर 0141-2209910 एवं 0141-2209908 रहेगा। उक्त नियंत्रण कक्ष पर जयपुर में स्थापित किये गए परीक्षा केन्द्रों से संबंधित जानकारियां प्रदान की जाएंगी एवं जयपुर स्थित परीक्षा केन्दों से संबंधित शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। उपखण्ड अधिकारी जयपुर प्रथम राजेश जाखड़ (दूरभाष नंबर- 0141-2209008) को नियंत्रण कक्ष प्रभारी नियुक्त किया गया है। राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम-2022 (2022 का अधिनियम संख्याक 6) एवं संशोधन अधिनियम 2023 (2023 का अधि. संख्याक-17) की धारा 10 (1) के अन्तर्गत 3 वर्ष का कारावास और एक लाख रुपये का जुर्माना से दंडित किया जाएगा, जुर्माना नहीं होने पर 9 माह के कारावास से दण्डित किया जाएगा। इसी तरह धारा 10 (2) के अन्तर्गत 10 वर्ष का कारावास जो आजीवन कारावास तक का हो सकेगा और जुर्माना 10 लाख रूपये जो 10 करोड़ तक का हो सकेगा से दण्डित किया जाएगा, जुर्माना नहीं देने पर 5 वर्ष का कारावास और हो सकेगा। इस प्रकार के संगीन अपराध करने पर दोषी व्यक्तियों की सम्पत्ति की कुर्की और अधिहरण भी किया जा सकेगा।

C M NEWS: हर जिले में मिलेट्स उत्पाद आउटलेट खोले जाएंगे -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर के राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मान समारोह से वीसी के माध्यम से राष्ट्र स्तरीय कार्यक्रम से जुड़े। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों-पशुपालकों के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। अन्नदाता की सेवा, उन्नति और खुशहाली को एकमात्र ध्येय मानकर राज्य सरकार ने नीतिगत निर्णय लिए हैं। श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत लाभान्वित किसानों को बधाई देते हुए कहा कि योजना के तहत आज प्रदेश के 72 लाख से अधिक किसानों के खातों में 1 हजार 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि 19वीं किस्त के रूप में हस्तांतरित की गई है। उन्होंने कहा कि आज का यह समारोह प्रधानमंत्री के किसानों को खुशहाल बनाने के संकल्प और समर्पण की एक मिसाल है। श्री शर्मा ने कहा कि बजट में किसानों के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं ताकि किसानों की समृद्धि की राह खुल सके। बजट में करीब 34 हजार सौर संयंत्रों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता, ड्रिप एवं फव्वारा सिंचाई के लिए अनुदान के प्रावधान, आगामी वित्त वर्ष में 25 हजार फार्म पौंड, 10 हजार डिग्गी, 50 हजार सौर पंप संयंत्र तथा 20 हजार किलोमीटर सिंचाई पाइप लाइन के लिए 900 करोड़ रुपये के अनुदान के प्रावधान किए गए हैं। इन योजनाओं से प्रदेश के 4 लाख किसान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान श्री अन्न बाजरे के उत्पादन में देशभर में पहले स्थान पर है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में मिड-डे-मील कार्यक्रम और मां-बाड़ी केंद्रों में पायलट आधार पर श्री अन्न आधारित उत्पाद व हर जिले में मिलेट्स उत्पाद आउटलेट खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए अगले वित्त वर्ष में ग्लोबल राजस्थान एग्री टेक मीट का आयोजन, ढाई लाख गोपालक परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण, आगामी 2 वर्षों में शेष रहे ढाई हजार से अधिक ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर जीएसएस के साथ ही 8 नए जिलों में केवीएसएस की स्थापना भी की जाएगी।