Assembly: मंत्री श्री मीणा का फोन इंटरसेप्ट नहीं किया गया -गृह राज्य मंत्री

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गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने गुरुवार को सदन को आश्वस्त किया कि वर्तमान सरकार की ओर से कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का फोन इंटरसेप्ट नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वयं श्री मीणा द्वारा भी इस बात का सार्वजनिक रूप से खंडन किया जा चुका है। श्री बेढ़म ने इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के टेली कम्यूनिकेशन अधिनियमों के अनुसार राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों को रोकने जैसे अतिमहत्वपूर्ण कार्यों के लिए टेलीफोन इंटरसेप्शन को अनुमत किया गया है। इन अधिनियमों के विशेषाधिकार का वर्तमान राज्य सरकार की ओर से सदैव कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जाती है। मंत्री ने बताया कि राज्य में टेलीफोन इंटरसेप्शन करने के लिए गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सक्षम प्राधिकारी है, जिनके आदेशानुसार ही अधिकृत पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रेषित और निर्धारित मापदण्डों को पूरा करने वाले प्रस्तावों के आधार पर ही इंटरसेप्शन किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे इंटरसेप्शन आदेशों की समीक्षा करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, प्रमुख शासन सचिव, विधि और विधिक कार्य भी सदस्य हैं। समीक्षा समिति की बैठक प्रत्येक 2 माह में एक बार आयोजित किए जाने का प्रावधान है।

Bajat News: राज्य का पहला ग्रीन बजट -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य की जनता से संकल्प पत्र में किये गये वादों के अनुसार राज्य बजट 2025-26 प्रस्तुत किया गया है। राज्य सरकार ने एक वर्ष के कार्यकाल में संकल्प पत्र के 58 प्रतिशत से अधिक वादे पूरे कर दिये है। उन्होंने कहा कि सर्वजनहिताय बजट राजस्थान के जन-जन और प्रदेश के कण-कण को समर्पित है। यह बजट राज्य का समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने बुधवार को विधानसभा में वित्त मंत्री श्रीमती दिया कुमारी द्वारा राज्य बजट वर्ष 2025-26 प्रस्तुत किये जाने के बाद पत्रकार वार्ता में बताया कि हमारी सरकार पंडित दीन दयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ. भीम राव अम्बेडकर की विचारधारा के अनुरूप कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गत जुलाई माह में प्रस्तुत परिवर्तित बजट की 96 प्रतिशत से अधिक घोषणाओं में हमने भूमि आवंटन कर दिया है और लगभग 85 प्रतिशत से ज्यादा घोषणाओं से संबंधित प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है। श्री शर्मा ने कहा कि संभवतया ऐसा पहली बार है कि सात माह के अल्प समय में ही बजट घोषणाओं को इतने वृहद स्तर पर धरातल पर उतारा गया है। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान भी अब ग्रीन बजट पेश करने वाले देश के चुनिंदा राज्य़ों में शामिल हो गया है। सस्टेनेबल ग्रीन प्रणाली को प्रोत्साहित करने, क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने, बायोडायवर्सिटी, वाटर हार्वेस्टिंग, ग्रीन एनर्जी, रिसाइक्लिंग आदि को प्रोत्साहित करने के लिए कुल राज्य बजट की 11.34 प्रतिशत राशि का प्रावधान ग्रीन बजट के लिए किया गया है। उन्होंने बजट को जनहित में समर्पित और विकासोन्मुख बताते हुए कहा कि इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में ठोस प्रावधान किए गये हैं, जो राज्य के सम्पूर्ण विकास को सुनिश्चित करेंगे। आगामी वर्ष में 20 लाख घरों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य लेकर राज्य सरकार कार्य करेगी। नगरीय क्षेत्रों में घर-घर नल से जल पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन शहरी शुरू किया जाएगा। इसमें 5 हजार 830 करोड़ रूपए की लागत से काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की आय बढ़ा कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस क्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्रदेश में दी जा रही 8 हजार रूपए की राशि को बढ़ा कर 9 हजार रूपए प्रति वर्ष करने की घोषणा की गई है। किसानों को गेहूं के एमएसपी पर दिए जा रहे 125 रूपए प्रति क्विंटल के बोनस के स्थान पर अब 150 रूपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले बजट में हमने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना शुरू की थी, अब इस बजट में इस योजना में बीमित पशुपालकों की संख्या को दोगुना किया जाएगा। गोशालाओं तथा नंदीशालाओं में प्रति पशु देय अनुदान बढ़ा कर 50 रूपए प्रति दिन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन के प्रावधानों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। युवाओं के विकास एवं कल्याण के लिए राजस्थान रोजगार नीति 2025 लाई जाएगी जिसके अंतर्गत 500 करोड़ रूपए खर्च कर विवेकानंद रोजगार सहायता केंद्र की स्थापना की जाएगी। चार लाख सरकारी नौकरियों के वादे को पूरा करने की दिशा में आगामी वर्ष में सवा लाख पदों पर सरकारी भर्तियां की जाएंगी। निजी क्षेत्र में भी आगामी वर्ष में डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के माध्यम से आंगनबाड़ी पर आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों को आगामी वर्ष से सप्ताह में 5 दिवस दूध उपलब्ध करवाया जाएगा। अल्प आय वर्ग के बुजुर्ग व्यक्तियों, विधवाओं, एकल नारियों, दिव्यांग व्यक्तियों तथा लघु एवं सीमांत कृषकों की पेंशन को आगामी वर्ष से बढ़ाकर 1250 रूपये प्रतिमाह किया जाएगा। विमुक्त घुमंतु और अर्ध घुमंतु समुदायों के सशक्तिकरण एवं उत्थान के लिए दादूदयाल घुमंतु सशक्तिकरण योजना प्रारंभ की जाएगी। राजीविका मिशन के अंतर्गत अब प्रदेश की 20 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आगामी वर्ष 975 करोड रूपये की इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के कार्य हाथ में लिए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए हेरिटेज पर्यटन, नाइट टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित करने के लिए बजटीय प्रावधान भी किये गये है। प्रयागराज महाकुंभ में की गई घोषणा के क्रम में राज्य में तथा राज्य के बाहर स्थित देवस्थान विभाग के मंदिरों के पुनरूद्धार के कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने पर बजट में विशेष जोर दिया गया है। प्रदेश में जन जन के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के साथ ही आमजन की निशुल्क जांच एवं दवा हेतु 3 हजार 500 करोड़ रूपये का मा कोष गठित किया जाएगा। 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के विशेष केयर पैकेज, किशोरों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के पैकेज, ओरल कैंसर हेतु पैकेज तथा विशेष योग्यजनों हेतु पैकेज इस योजना में जोड़े जाएंगे। ट्रक, बस ड्राइवरों तथा दर्जी, बढ़ई, नाई आदि कारीगरों की आंखों की जांच कर निशुल्क चश्मे उपलब्ध करवाने के लिए मा नेत्र वाउचर योजना लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक साल में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के लाभान्वित परिवारों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़कर 150 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने का भी काम करेगी। इसके अलावा, 50 हजार कृषि कनेक्शन और 5 लाख घरेलू बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान में स्टेट हाइवे, बाईपास, रेलवे ओवर ब्रिज एवं अण्डर ब्रिज आदि के निर्माण, विकास और सुधार के लिए 5 हजार करोड़ रूपयेे से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। राज्य में 2,750 किमी से अधिक लंबे 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे बनाए जाएंगे, जिनकी लागत लगभग 60 हजार करोड़ रूपयेे होगी। इसके अलावा, 21 हजार किलोमीटर नॉन पेचेबल सड़कों के कार्यो के लिए 6 हजार करोड़ रूपयेे का बजट रखा गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत और निर्माण के लिए 10-10 करोड़ रूपयेे दिए जाएंगे, जबकि मरूस्थलीय इलाकों में यह राशि 15-15 करोड़ रूपयेे होगी। प्रदेश के प्रमुख शहरों में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव से राहत दिलाने के लिए 15 शहरों में रिंग रोड़ के निर्माण का कार्य हाथ में लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है और आदिवासी क्षेत्रों में पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत जनजातीय उपयोजना क्षेत्र तथा अनुसूचित जाति की बसावटों के निवासियों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टि से एससी एसटी एवं टीएसपी फंड्स की राशि को बढ़ा कर 1750 करोड़ रूपये किया जाएगा। गुरू गोलवलकर ब्लॉक्स डेवलपमेंट स्कीम लागू कर प्रदेश में सबसे पिछड़े 35 ब्लॉक में विकास को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आगामी 2 वर्षों में शेष रहे 2 हजार 500 से अधिक ग्राम पंचायतों पर ग्राम सहकारी समिति स्थापना के लिए मापदण्डों में शिथिलता देगी। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सैनिटेशन तथा वेस्ट डिस्पोजल हेतु लगभग 12 हजार 50 करोड़ रूपये की लागत से पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना लागू की जाएगी। श्री शर्मा ने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर आधारित है और राजस्थान को एक समृद्ध और समावेशी राज्य बनाने की ओर ले जाएगा।

Ram Jal Setu Project: पूर्वी राजस्थान के लिए जीवनदायिनी बन रही है राम जल सेतु परियोजना -जल संसाधन मंत्री

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि प्रदेशवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए हमारी सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री सुश्री दिया कुमारी द्वारा राजस्थान विधानसभा में बुधवार को प्रस्तुत राज्य बजट हमारी प्रतिबद्धता को परिलक्षित करता है। समावेशी बजट से हर वर्ग का सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि बजट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भागीरथी प्रयासों से शुरू पूर्वी राजस्थान के लिए जीवनदायिनी ‘ राम जल सेतु लिंक परियोजना (संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी)’ को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं। इसमें कार्य को गति देते हुए 9 हजार 416 करोड़ रुपये के कार्यादेश दिए गए हैं और 12 हजार 64 करोड़ रुपये की निविदाएं जारी की जा चुकी हैं। साथ ही, 12 हजार 807 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई हैं। श्री रावत ने कहा कि राम जल सेतु लिंक परियोजना को और वृहद् रूप देते हुए 9 हजार 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राजस्थान इरिगेशन वाटर ग्रिड मिशन के अंतर्गत ईआरसीपी कॉर्पोरेशन का उन्नयन करते हुए अब राजस्थान वाटरग्रिड कॉर्पोरेशन के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसके जरिए 4 हजार करोड़ रुपये के कार्यों का प्रावधान किया गया है। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि राजस्थान वाटर सेक्टर लाइवलीहुड इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट फेज-III में 36 सिंचाई उप परियोजनाओं के सिंचाई सम्बन्धी कार्य से 1 लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को लाभान्वित किया जाएगा। इसमें 342 करोड रुपये व्यय होंगे। श्री रावत ने बताया कि मनोहरथाना वृहद सिंचाई परियोजना में 2 हजार 250 करोड़ रुपये और धौलपुर लिफ्ट परियोजना व कालीतीर परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए 950 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीमावर्ती जिले हनुमानगढ़ के संगरिया, टिब्बी, रावतसर, हनुमानगढ़, पीलीबंगा के 1 लाख 7 हजार हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र में पक्के खालों का 590 करोड़ रुपये से पुनर्निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, 100 एनिकटों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ रुपये व्यय होंगे। श्री रावत ने बताया कि बीसलपुर परियोजना की दायीं व बायीं मुख्य नहर व विभिन्न माइनर प्रणालियों की मरम्मत व जीर्णोद्धार के कार्यों पर 2 करोड़ 71 लाख रुपये का व्यय किए जाएंगे। साथ ही, नदी बेसिन की विभिन्न परियोजनाओं की डीपीआर व निर्माण कार्य, इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अंतर्गत चरणबद्ध रूप से सिंचाई कार्य, भाखड़ा सिंचाई प्रणाली की नहरों, वितरिकाओं व माइनर कार्य सहित विभिन्न कार्यों की घोषणा राज्य के विकास को गति देगी। श्री रावत ने बताया कि ब्रह्माणी नदी के फीडर का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। साथ ही, ब्रह्माणी नदी का जल बीसलपुर बांध में डाला जाएगा, ताकि संबंधित नदियों को पुनर्जीवित किया जा सकेगा।

Rajasthan News: सरकार प्रदेश को पानी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को पानी के क्षेत्र में पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए एक वर्ष के कार्यकाल में हमने प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने के साथ अभूतपूर्व कार्य किए हैं। श्री शर्मा कल सोमवार रात्रि को उदयपुर स्थित एक निजी होटल में जल संसाधन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में पानी एक मूलभूत आवश्यकता है। प्रदेश की 8 करोड़ जनता को पर्याप्त मात्रा में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने जल स्रोतों का विकास कर उनकी जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने सहित कई कदम उठाए हैैैं। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षाकाल में घग्गर नदी में पानी की अधिक आवक होने पर पानी बहकर नहीं जाए इसके लिए एक प्रभावी योजना बनाई जाए और अधिक आवक का उपयोग पेयजल और सिंचाई के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री ने पंजाब सीमा क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर के पक्कीकरण के शेष कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जंवाई डेम, माही डेम, देवास परियोजना, यमुना जल समझौते आदि के कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। इस दौरान अधिकारियों ने नक्शे के माध्यम से मुख्यमंत्री को घग्गर नदी के प्रवाह मार्ग के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

CM NEWS: सुरक्षित और समृद्ध भविष्य के लिए जल आत्मनिर्भरता बेहद महत्वपूर्ण —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमें जल संरक्षण के उपायों को अपनाकर जल आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर होना चाहिए। जिससे आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें एक सुव्यवस्थित रोडमैप की आवश्यकता है, जिसमें कृषि और शहरी जल प्रबंधन और तकनीकी नवाचार जैसे प्रमुख पहलुओं का समावेश हो। श्री शर्मा मंगलवार को उदयपुर में राज्य जल मंत्रियों के दूसरे अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस आयोजन के लिए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मेलन सहयोगात्मक संघवाद की परिकल्पना की जीती-जागती मिसाल है।

C M NEWS: हिंदी हमारे मन की अभिव्यक्ति का स्वरूप है -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि हिंदी को बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है क्योंकि यह हमारे मन की अभिव्यक्ति का स्वरूप है। हिंदी न केवल हमारी राजभाषा है बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय एकता की प्रतीक भी है। हम सभी का कर्तव्य है कि हम हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए हर संभव प्रयास करें क्योंकि यह केवल एक संवैधानिक निर्देश ही नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय आवश्यकता भी है। मुख्यमंत्री सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित मध्य पश्चिम और उत्तरी क्षेत्रों के संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंदी के सम्मान, प्रयोग और प्रसार में अपनी पूरी शक्ति और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए हमें हर स्तर पर, हर क्षेत्र में इसे प्रोत्साहित करना चाहिए। यही हमारी असल पहचान है। उन्होंने कहा कि हिंदी भारत की सामाजिक संस्कृति के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सकती है। श्री शर्मा ने डिजिटल युग में हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के तकनीकी युग में हिंदी को डिजिटल प्लेटफार्मों पर भी समाहित करना आवश्यक है। इस सम्मेलन में कंप्यूटर पर हिंदी में कार्य करने के नवीनतम तरीकों और सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है, जो सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, सोच और विचारों का सशक्त रूप है। हमारे प्रदेश में हिंदी का प्रशासनिक क्षेत्र में व्यापक प्रयोग हो रहा है। राजकीय विभागों में हिंदी के मानक प्रयोग को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

Assembly: सदन शांतिपूर्ण चलाने में सभी दलों की सहमति बनी —श्री देवनानी

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राजस्‍थान विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राजस्थान विधान सभा का यह सदन लोकतंत्र का पवित्र स्‍थल है। इसकी गरिमा को बनाये रखने का दायित्‍व सत्‍ता पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों का है। श्री देवनानी की अध्‍यक्षता में सोमवार को प्रात: उनके कक्ष में सोलहवीं विधान सभा के सभी प्रमुख दलों के वरिष्‍ठ नेताओं की एक महत्‍वपूर्ण बैठक सम्‍पन्‍न हुई। अध्‍यक्ष ने बैठक में सत्‍ता पक्ष और प्रतिपक्ष सहित सभी दलों के प्रमुख नेताओं की बातों को सुना। गत दिनों सदन में जो परिस्थितियां और वातावरण बना उस पर विधान सभा श्री देवनानी ने दु:ख और पीड़ा व्‍यक्‍त की। श्री देवनानी ने कहा कि भविष्‍य में इस पवित्र सदन में ऐसी कोई स्थिति पैदा ना हो। बैठक में विभिन्‍न दलों के वरिष्‍ठ सदस्‍यों के मध्‍य सदन को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चलाने के लिए सहमति बनी। उन्होने ने कहा कि प्रतिपक्ष शांतिपूर्वक और गरिमामय तरीके से सदन में मुद्दे उठाये और राज्‍य सरकार द्वारा उनका समुचित तरीके से जवाब देने की व्‍यवस्‍था करें। श्री देवनानी ने कहा कि बुधवार 19 फरवरी को सदन में प्रदेश का बजट प्रस्‍तुत होगा। इस बजट को दोनों पक्ष शांतिपूर्वक सुने। बजट प्रदेश और प्रदेश की आठ करोड़ जनता के लिए महत्‍वपूर्ण होता है। सदन में बजट प्रस्‍तुति‍करण की कार्यवाही को आम जनता भी देखती है। प्रदेश की जनता से चुनकर आये जनप्रतिनिधिगण अपने आचरण और व्यवहार से जन आकांक्षाओं के अनुकूल आदर्श प्रस्तुत करें। श्री देवनानी ने कहा कि विधान सभा सदन नियमों, परम्‍पराओं व मर्यादाओं से चलता है। उन्होंने सभी दलों से सदन को शांतिपूर्वक चलाने में सहयोग करने और बजट सत्र में आसन द्वारा दी गई व्‍यवस्‍था के तहत ही सार्थक बहस में अपनी बात समय सीमा में रखने के लिए कहा। श्री देवनानी ने कहा कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पक्ष के सदस्‍यों का पूरा सम्‍मान करें। प्रश्‍नकाल को शांतिपूर्वक चलाएं। सदन के नेता और नेता प्रतिपक्ष जब सदन में बोलें तो दोनों पक्षों के सभी सदस्‍यों को उनका सम्‍मान करने के लिए उनकी बातों को शांतिपूर्वक सुनना चाहिए। शून्‍यकाल के बाद सदस्‍यों को अपनी बात सदन के सामने नियमों के तहत अध्‍यक्ष या सभापति की अनुमति के पश्‍चात ही रखनी चाहिए। विधान सभा अध्‍यक्ष के आसन से दी गई व्‍यवस्‍थाओं को सत्‍ता पक्ष और प्रतिपक्ष को पालना करनी चाहिए। प्रदेश की जनता के सामने विधान सभा सदन की गरिमा को प्रस्‍तुत करने का विधायकगण के लिए यह आदर्श मौका होता है। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, प्रतिपक्ष के मुख्‍य सचेतक रफीक खान, रालोद के डॉ. सुभाष गर्ग और विधान सभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा मौजदू थे।

Rajasthan News: सरकार ने किया जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में संशोधन, विलम्ब शुल्क 50 से बढ़ाकर किया 250 रुपये

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राजस्थान जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम में संशोधन के बाद जन्म और मृत्यु की 30 दिवस के पश्चात 1 वर्ष के भीतर की घटना हेतु जारी की जाने वाली अनुज्ञा ग्रामीण क्षेत्र में ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी द्वारा जारी की जाएगी। आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सहायक निदेशक डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 (संशोधित)2023 के क्रम में राजस्थान जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम 2000 (संशोधित) 2025 अधिसूचना का राजस्थान राजपत्र में प्रकाशन पश्चात विधानसभा के पटल पर रखी गयी है। जिसमें प्रमुख संशोधन किये गये हैं। उन्होंने बताया कि जन्म-मृत्यु अधिनियम में संशोधन लागू होने से प्रमाण पत्र निर्धारित अवधि में जारी होंगे जिससे आमजन को सुविधा होगी। शत प्रतिशत जन्म-मृत्यु की घटनाओं का पंजीयन होगा और ब्लॉक सांख्यिकी कार्यालयों को मजबूती मिलेगी। डॉ. कुमावत ने बताया कि नवीनतम संशोधन के तहत वर्तमान में जन्म या मृत्यु की घटना की सूचना 21 दिवस पश्चात रजिस्ट्रार को देने पर 1 रुपये विलम्ब शुल्क देय है। संशोधन के पश्चात अब यदि घटना की सूचना 21 दिवस पश्चात परंतु 30 दिवस के भीतर रजिस्ट्रार को दी जाती है तो 20 रुपये विलम्ब शुल्क देय होगा। वहीं, यदि घटना की सूचना 30 दिवस पश्चात परंतु वर्ष के भीतर दी जाती है तो 50 रुपये एवं घटना की सूचना 1 वर्ष पश्चात दिए जाने पर 100 रुपये विलम्ब शुल्क देय होगा। उन्होंने बताया कि आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग चिकित्सा संस्थानों के द्वारा जन्म-मृत्यु पंजीयन में 21 दिवस सें अधिक विलम्ब किये जाने पर अथवा सूचना समय पर नहीं देने पर पूर्व में 50 रुपये की पेनल्टी का प्रावधान था जिसे बढाकर अब 250 रुपये और अधिकतम एक हजार रुपये की पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। जन्म-मृत्यु के विलम्बित रजिस्ट्रीकरण में नोटरी सत्यापन को समाप्त किया गया हैं।अपील का प्रावधान किया गया है। यदि प्रार्थी रजिस्ट्रार, जिला रजिस्ट्रार से संतुष्ट नहीं हैं तो उच्च स्तर पर अपील कर सकते हैं।

Kotputli-Behroad: मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध है —दिया कुमारी

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उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास हेतु संकल्पबद्ध है। राज्य सरकार हर व्यक्ति को सभी मूलभूत सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राजनौता क्षेत्रवासियों की लंबे समय से एमडीआर सड़क की मांग को राज्य सरकार ने बजट घोषणा 2024–25 के माध्यम से पूर्ण किया, जिसे अब मूर्त रूप दिया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने रविवार को कोटपुतली-बहरोड की तहसील पावटा के राजनौता में राजकीय विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बजट घोषणा 2024–25 के तहत एमडीआर रोड़ (एमडीआर–228) का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने जनकल्याणकारी कार्यों और योजनाओं के माध्यम से महिला, किसान और मजदूर सहित सभी वर्गों के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार द्वारा आमजन की आकांक्षाओं और हितों को ध्यान में रखते हुए 70 प्रतिशत से अधिक बजट घोषणाओं की क्रियान्विति धरातल पर की जा चुकी है और शेष कार्य भी यथासमय पूर्ण किए जाएंगे। राज्य सरकार ने बजट घोषणाओं को मूर्त रूप देने का कार्य शीघ्रता से किया है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कल्याणकारी कार्य महज एक ट्रेलर हैं, विकास की पूरी पिक्चर अभी बाकी है, गत वर्ष के बजट की तरह आगामी बजट भी जनाकांक्षाओं को पूरा करने वाला रहेगा। इस दौरान उन्होंने जनसभा में आए आमजन, विशेषकर मातृ शक्ति का आभार व्यक्त किया। इस दौरान नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने रामजल सेतु परियोजना (संशोधित ईआरसीपी) के माध्यम से राजस्थान के कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की समस्या दूर करने की दिशा में विभिन्न कार्यों को शुरू किया है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अपने प्रथम कार्यकाल में ही अनेकों सौगातें राज्य सरकार ने प्रदेश को दी है। गत बजट के माध्यम से हर वर्ग की मांगों को पूरा करने के प्रयास राज्य सरकार ने किए है और आगामी बजट में भी सभी वर्गों की मांगों को ध्यान में रखा जाएगा।

Ajmer News: वरुण सागर में लगेगी भगवान झूलेलाल की मूर्ति और बनेगा घाट -श्री देवनानी

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अजमेर में अंग्रेजी गुलामी की मानसिकता के प्रतीक फॉयसागर झील का नाम बदलकर वरूण सागर करने पर सिंधी समाज, अन्य समुदायों और दर्जनों संगठनों ने रविवार शाम वरूण सागर झील पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का सम्मान किया। इस अवसर पर श्री देवनानी ने घोषणा की कि वरूण सागर झील में जन आराध्य भगवान झूलेलाल की मूर्ति और आमजन व सिंधी समाज की पूजा अर्चना के लिए घाट का निर्माण करवाया जाएगा। बड़ी संख्या में संतों और सिंधी समाज से जुड़ी संस्थाओं ने समारोह में भाग लिया। विश्व के अनेक हिस्सों से सिंधी समाज के लोगों व संगठनों ने भी बधाई प्रेषित की। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी अजमेर में 2 करोड़ रूपए की लागत से महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में सिन्धु शोध पीठ स्थापित की गई है। इसी तरह शिक्षा मंत्री के रूप में शहीद हेमू कालानी, दाहर सेन, संत कंवर राम, संत टेऊ राम व संत भगवान चन्द्र के पाठ पाठ्यक्रम में शामिल किए गए। अजमेर में केईएम का नाम बदल कर महर्षि दयानन्द विश्रांति गृह करने, होटल खादिम का नाम बदल कर होटल अजयमेरु करने और फॉय सागर का नाम बदल कर वरुण सागर करने पर रविवार को शहर की दर्जनों संस्थाओं, समाजों और हजारों लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष का नागरिक अभिनन्दन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए देवनानी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को संजोना और हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली अतीत से परिचित कराना हमारा कर्तव्य है। यह नाम परिवर्तन मात्र औपचारिक निर्णय नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और आत्मसम्मान का प्रतीक है। संस्कृति का संरक्षण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में अजमेर रेलवे स्टेशन का नाम अजमेरी शरीफ एवं अजमेर म्यूजियम का नाम अकबर का किला करने का प्रयास किया गया। हमने इसका विरोध कर नाम परिवर्तन नहीं होने दिया। राष्ट्र निर्माण एवं गौरव का कार्य करने वालों का सम्मान होना चाहिए चाहे विचारधारा में मतभेद हो। इससे पूर्व कार्यकाल में भी शहर के लिए ऎतिहासिक कार्य किए गए । इसमें शहर का पहला महिला इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना एवं 142 किमी पाइपलाइन डलवाना बड़ी उपलब्धि रही।