C M NEWS: बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला कलक्टर की -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर संभाग के सभी जिला कलक्टर्स को आगामी तीन दिन में पिछले बजट वर्ष 2024-25 की घोषणाओं के लम्बित प्रकरणों की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बजट संबंधी घोषणाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला कलक्टर की होगी और इस संबंध में मौका निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान किया जाए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लम्बित प्रकरणों का तकनीकी परीक्षण करते हुए सभी आवश्यक स्वीकृतियां फरवरी माह के अंत तक जारी कर दी जाए। मुख्यमंत्री रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीसी के माध्यम से जयपुर संभाग के विकास कार्यों और बजट घोषणाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा में जिला कलक्टर्स ने आगामी बजट 2025-26 के लिए पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और परिवहन सुविधा सहित अन्य बिन्दुओं पर सुझाव भी दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला कलक्टर मौके पर निरीक्षण करते हुए तय मापदण्ड़ों व उपयोगिता के आधार पर इन कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि आने वाले गर्मी के मौसम में आमजन को पेयजल, बिजली सहित अन्य मामलों में किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए सभी जिला कलक्टर्स कंटीन्जेंसी प्लान की तैयारी रखें और इन मामलों में जिला कलक्टर पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलक्टरों को आगामी गर्मियों के मौसम में पेयजल व बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने पेयजल के अवैध कनेक्शन के खिलाफ उचित कार्रवाई करने एवं बारिश के पानी के निकास की समुचित व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ ही विरासत का संरक्षण हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हमारी सरकार ‘हैरिटेज भी और हाइटेक भी’ के विजन को लेकर कार्य कर रही है। उन्होंने झुंझुनूं जिले के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि लोहार्गल सहित अन्य पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। साथ ही, उन्होंने सीकर जिले की समीक्षा करते हुए कहा कि खाटूश्याम जी के मंदिर को भव्यता प्रदान करने की बजट घोषणा की अनुपालना में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाए ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को सुलभ एवं बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध हो सकें। श्री शर्मा ने कहा कि बजट घोषणा की अनुपालना में जयपुर में विकसित की जाने वाली हाईटेक सिटी राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके तहत विशेष रूप से सड़क कनेक्टिविटी, पानी-बिजली सहित आधारभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने भरतपुर व डीग जिले के विकास कार्यों की समीक्षा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के रोडमैप के जरिए भरतपुर व डीग जिले का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस क्षेत्र की भौगोलिक, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुरूप आधारभूत विकास परियोजनाओं को पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय से पूरा करते हुए आमजन को लाभान्वित करें। श्री शर्मा शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर भरतपुर व डीग जिले के विकास कार्यों को लेकर आयोजित समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सड़क, ऊर्जा, पानी, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, स्वायत्त शासन, राजस्व, पर्यटन और वन सहित विभिन्न विभाग आमजन की सुविधाओं को विस्तार देने वाले विकास कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भरतपुर व डीग जिले में आमजन के सुगम आवागमन के लिए मजबूत सड़क तंत्र को विकसित किया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जल संसाधन विभाग द्वारा दोनों जिलों में दशकों पुराने नहरों, बांधों, डिग्गियों का समय-समय पर मरम्मत कार्य किया जाए। जिससे आमजन सहित किसानों को भी इनका पूरा लाभ मिल सके। श्री शर्मा ने ऊर्जा विभाग को निर्देशित किया कि भरतपुर एवं डीग जिले में बड़ी आबादी को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रगतिरत विकास कार्यों को समय से पूरा किया जाए। उन्होंने स्वायत्त शासन विभाग को निर्देशित किया कि शहरी आबादी के लिए सड़क, बिजली, पानी, साफ-सफाई, सीवरेज जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित कार्यों को गुणवत्ता से पूरा करें तथा इनकी निरंतर मॉनिटरिंग भी की जाए। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि भरतपुर व डीग जिले में आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकता के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि भरतपुर व डीग में सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के सौन्दर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि देवस्थान विभाग भरतपुर के प्राचीनतम मंदिरों का कार्ययोजना बनाकर सुनियोजित रख-रखाव करे।

IFA: आईफा के आयोजन से प्रदेश में पर्यटन के नये आयाम खुलेगें -उपमुख्यमंत्री

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आईफा अवार्ड- 2025 के आयोजन से प्रदेश के पर्यटन की नई पहचान स्थापित होगी। प्रदेश के नये पर्यटन स्थलों को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी। पारम्परिक क्षेत्रों के साथ नये क्षेत्रों में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नये अवसर सृजित होगे ओर सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी। यह बात शनिवार को उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सिविल लाईन्स स्थित कार्यालय पर पत्रकारों के लिए आयोजित स्नेह भोज में कही। उन्होंने कहा कि हर वर्ष आईफा की तरह बडे़ आयोजन प्रदेश में आयोजित करवायें जायेगें ताकी प्रदेश के पर्यटन में बढोत्तरी हो और प्रदेश को अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त हों। इस दोरान उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स से जुडे़ पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं की जानकारी आम जनता तक सही तरीके से पहुचाने में मीडिया की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। इस दोरान उन्होंने पत्रकारों से बजट सहित विभिन्न मुद्दौ पर चर्चा की और उनके सुझाव लिए। उन्होंने पत्रकारों की समस्यायें भी सुनी और उनके सकारात्मक समाधान का आश्वासन भी दिया।

C M NEWS: युवाओं की उम्मीदों को पूरा कर रही राज्य सरकार -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की सेवा को अपना ध्‍येय मानकर युवा, किसान, महिलाओं और जरूरतमंदों के उत्‍थान के लिए कार्य कर रही है। हर क्षेत्र में विकास और सेवा की भावना के साथ हमारी सरकार हर वर्ग, हर व्यक्ति की खुशहाली और उन्नति सुनिश्चित कर रही है। श्री शर्मा शुक्रवार को कुचामनसिटी में स्व. श्री भंवराराम कड़वा के प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने वाला माहौल तैयार हुआ है। हमारी सरकार ने 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में अब तक लगभग 60 हजार सरकारी नौकरियों में नियुक्तियां दी है और जुलाई माह तक कुल 1 लाख नौकरियां दे दी जाएंगी। साथ ही, नए साल के आरंभ के साथ हमने वर्ष 2025 में 81 हजार पदों के लिए होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया है। इसी प्रकार निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए राज्य सरकार प्रदेश में निवेश और उद्योग को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया, जिसके जरिये प्रदेश में निवेश के लिए 35 लाख करोड़़ रुपये के एमओयू हुए। श्री शर्मा ने कहा कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए हमने लाडो प्रोत्साहन योजना शुरू की है। प्रदेश में एक हजार नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर नौनिहालों को पौष्टिक दूध उपलब्ध कराने के लिए अमृत आहार योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि अन्त्योदय के संकल्प के साथ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आस-पास के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए अपनी भागीदारी निभाएं।

Farmer News: किसानों और व्यापारियों की उन्नत सुविधा के लिये 24 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

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किसानों और व्यापारियों के लिए कृषि उपज मण्डी समितियों में अधिकाधिक सुविधाएं विकसित करने के क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 24 करोड़ रुपये से अधिक राशि के विकास कार्यों की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। श्री शर्मा ने कृषि उपज मण्डी समिति लालसोट, भवानीमण्डी, देवली और कोटपूतली में आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए 7 करोड़ 27 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। वहीं कृषि उपज मण्डी समिति लूणकरणसर, श्रीकरणपुर, बीकानेर (अनाज), पूगल रोड (अनाज), बीकानेर, खाजूवाला, श्रीमाधोपुर, नोखा, श्रीडूंगरगढ़ एवं पदमपुर में सम्पर्क सड़कों के निर्माण कार्य के लिए 16 करोड़ 73 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।

C M NEWS: नया राजस्थान का सपना होगा साकार —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। इसके लिए सरकार तथा निजी क्षेत्र द्वारा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए सभी क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। हम सभी के प्रयासों से नया राजस्थान, बदलता राजस्थान, राइजिंग राजस्थान का सपना साकार होगा। श्री शर्मा गुरूवार को जयपुर शहर में एक होटल में जेनपैक्‍ट ग्‍लोबल मीट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जेनपैक्ट के गठन के 20 वर्ष पूरे होने की बधाई देते हुए कहा कि जयपुर और जोधपुर में जेनपैक्ट में कार्यरत लगभग 8 हजार लोगों में से 90 प्रतिशत से अधिक स्थानीय हैं। यह पूरा इको-सिस्टम राज्य में रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में भी जेनपैक्ट ने निवेश कर हजारों लोगों को रोजगार देने की योजना बनाई है। इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन चिन्हीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है और राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए पूरा सहयोग कर रही है।

Ajmer News: अजमेर के फॉयसागर का नाम अब वरुण सागर होगा

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राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने ऎतिहासिक निर्णय लेते हुए अजमेर की प्रसिद्ध फॉयसागर झील का नाम बदलकर वरुण सागर कर दिया है। हाल ही में किंग एडवर्ड मेमोरियल का नाम भी परिवर्तन कर महर्षि दयानंद विश्रांति गृह किया गया था। श्री देवनानी ने कहा कि राज्‍य सरकार उन सभी ब्रिटिश काल की निशानियों को हटाने के लिए प्रतिबद्ध है जो आज़ादी के वर्षों बाद भी हमारी राष्ट्रीय अस्मिता को ठेस पहुँचाती हैं। फॉयसागर का नाम बदलकर वरुण सागर करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। वरुण झूलेलाल का अवतरित स्वरूप सिंधी और अन्य समाजों के आराध्य देव हैं। वरुण सागर झील का योजनाबद्ध तरीके से सौंदर्यीकरण और विकास किया जाएगा। इसमें वरुण देवता की एक विराट प्रतिमा की स्थापना भी की जाएगी। वहीं अध्यक्ष ने आमजन से अपील की है कि वे राज्‍य सरकार के इन प्रयासों में सहयोग करें और स्वच्छ, हरित, आधुनिक, सुंदर और श्रेष्ठ अजमेर बनाने में योगदान करें।

Assembly: पचपदरा के ग्रामीणों ने देखी विधानसभा

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पचपदरा विधान सभा क्षेत्र के सात गांवों के महिलाओं और पुरूषों ने विधान सभा भवन और संग्रहालय को देखा। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का 45 लोगों के इस ग्रुप ने आभार जताते हुए कहा कि उन्‍होंने अपने जीवन में पहली बार राजस्‍थान विधान सभा के ऐतिहासिक भवन को देखा है। ग्रामीण महिलाओं और पुरूषों ने प्रसन्‍नता जाहिर करते हुए स्‍वयं को गौरवान्वित महसूस किया। वहीं श्री देवनानी से कानपुर के नित्‍येश्‍वर आश्रम (उदासीन) के संत पीठाधीश्‍वर ने मुलाकात कर महाशिवरात्रि के मौके पर आयोजित होने वाले श्री नित्‍येश्‍वर महादेव के महारूद्राभिषेक और विशाल भंडारे का निमंत्रण दिया और ज्ञान गंगा की प्रति भी भेंट की। इस दौरान अध्यक्ष ने संत पीठाधीश्‍वर को सनातनी परम्‍परा के महापर्व पर आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं दी।

Rajasthan News: राजस्थान सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए देगी 200 करोड़ रू की सब्सिडी

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प्रदेश मे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढावा देने हेतु इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अन्तर्गत 200 करोड़ रू का ई-व्हीकल प्रमोशन फंड गठित किया गया है। राज्य सरकार की ‘‘इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022‘‘ के अन्तर्गत फेम-2 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आधुनिक बैटरी युक्त इलैक्ट्रिक वाहनों के क्रेताओं को स्टेट जीएसटी राशि का पुनर्भरण एवं एक मुश्त अनुदान ई-व्हीकल प्रमोशन फंड में से दिये जाने का प्रावधान किया गया है। पुनर्भरण एवं एकमुश्त अनुदान राशि 01.09.2022 से क्रय किए गए एवं राज्य में पंजीकृत किये गये वाहनो पर देय होगा। वाहन का क्रय राजस्थान राज्य से ही किया जाना आवश्यक है। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के संयुक्त परिवहन आयुक्त जगदीश प्रसाद बैरवा ने बताया कि अनुदान हेतु सर्वप्रथम पॉलिसी के अन्तर्गत फेम-2 में पंजीकृत वाहन विनिर्माता को विभागीय पोर्टल पर रजिस्ट्रशन करवाना आवश्यक है। रजिस्ट्रेशन के बाद विभाग द्वारा सत्यापन किए जाने के पश्चात् निर्माता द्वारा पुनः पोर्टल पर फेम-2 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आधुनिक बैटरी (Advanced Batteries like Lithum-ions) युक्त वाहन का मॉडल, बैटरी का प्रकार व बैटरी क्षमता की सूचना दर्ज की जानी है। पोर्टल पर उपरोक्तानुसार कार्यवाही के पश्चात् विभाग द्वारा वाहन का माडल, बैटरी का प्रकार व बैटरी क्षमता इत्यादि का सत्यापन किया जाकर वाहन क्रेताओं को पुनर्भरण एवं अनुदान राशि के क्लेम हेतु आवेदन के लिए वाहन पोर्टल पर अनुमत किया जाएगा। वाहन स्वामी द्वारा अपने वाहन के पंजीयन क्रंमाक एवं चेसिस नंबर के अंतिम 5 अंक पोर्टल पर दर्ज होंगे। फिर आवेदक के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से ओटीपी भेजा जाएगा। वाहन स्वामी अपने बैंक खाते का विवरण को बैंक के दस्तावेज जैसे पासबुक फ्रंट पेज/रद्द किए गए चेक के साथ अपलोड करेगा, फिर आवेदन सबमिट करेगा। अनुदान राशि का सीधे ही वाहन स्वामी के खाते में हस्तांतरण कर दिया जाएगा। प्रोत्साहन के लिए इलैक्ट्रिक वाहनों की संख्या प्रत्येक श्रेणी के लिए दी गई सीमा के अनुसार होगी। अतः संबंधित वाहन विनिर्माता, वाहन डीलर्स व वाहन क्रेता अनुदान रािश प्राप्त करने के लिए यथा शीघ्र पोर्टल आवेदन किया जाना सुनिश्चित करें।

Rajasthan News: प्रदेश में हुक्का बार पूर्णतः प्रतिबंधित, अवैध संचालन पर होगी सख्त कार्रवाई –मुख्य सचिव

मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि राज्य में हुक्का बार पूरी तरह से प्रतिबंधित है और अवैध रूप से संचालित हुक्का बार व ड्रग कारोबारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नशामुक्त प्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए पुलिस विभाग को राजस्थान हुक्का बार निषेध अधिनियम— 2019 के तहत त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री पंत मंगलवार को शासन सचिवालय में आयोजित नार्को कॉर्डिनेशन सेन्टर तंत्र (एनसीओआरडी) की राज्य स्तरीय कमेटी की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न स्थानों पर संचालित बार, पब, होटल, रेस्टोरेंट और शराब की दुकानों के बाहर अवैध मादक पदार्थ सेवन के संबंध में चेतावनी बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करें और सोशल मीडिया के माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), पुलिस, परिवहन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित सभी संबंधित विभाग और एजेंसियां समन्वय से कार्य करें और ड्रग माफियाओं पर कड़ी नकेल कसें। इसके लिए जिला स्तर पर नियमित रूप से टास्क फोर्स की समीक्षा करने के भी निर्देश दिये।