Assembly: पचपदरा के ग्रामीणों ने देखी विधानसभा

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पचपदरा विधान सभा क्षेत्र के सात गांवों के महिलाओं और पुरूषों ने विधान सभा भवन और संग्रहालय को देखा। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का 45 लोगों के इस ग्रुप ने आभार जताते हुए कहा कि उन्‍होंने अपने जीवन में पहली बार राजस्‍थान विधान सभा के ऐतिहासिक भवन को देखा है। ग्रामीण महिलाओं और पुरूषों ने प्रसन्‍नता जाहिर करते हुए स्‍वयं को गौरवान्वित महसूस किया। वहीं श्री देवनानी से कानपुर के नित्‍येश्‍वर आश्रम (उदासीन) के संत पीठाधीश्‍वर ने मुलाकात कर महाशिवरात्रि के मौके पर आयोजित होने वाले श्री नित्‍येश्‍वर महादेव के महारूद्राभिषेक और विशाल भंडारे का निमंत्रण दिया और ज्ञान गंगा की प्रति भी भेंट की। इस दौरान अध्यक्ष ने संत पीठाधीश्‍वर को सनातनी परम्‍परा के महापर्व पर आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं दी।

Rajasthan News: राजस्थान सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए देगी 200 करोड़ रू की सब्सिडी

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प्रदेश मे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढावा देने हेतु इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अन्तर्गत 200 करोड़ रू का ई-व्हीकल प्रमोशन फंड गठित किया गया है। राज्य सरकार की ‘‘इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022‘‘ के अन्तर्गत फेम-2 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आधुनिक बैटरी युक्त इलैक्ट्रिक वाहनों के क्रेताओं को स्टेट जीएसटी राशि का पुनर्भरण एवं एक मुश्त अनुदान ई-व्हीकल प्रमोशन फंड में से दिये जाने का प्रावधान किया गया है। पुनर्भरण एवं एकमुश्त अनुदान राशि 01.09.2022 से क्रय किए गए एवं राज्य में पंजीकृत किये गये वाहनो पर देय होगा। वाहन का क्रय राजस्थान राज्य से ही किया जाना आवश्यक है। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के संयुक्त परिवहन आयुक्त जगदीश प्रसाद बैरवा ने बताया कि अनुदान हेतु सर्वप्रथम पॉलिसी के अन्तर्गत फेम-2 में पंजीकृत वाहन विनिर्माता को विभागीय पोर्टल पर रजिस्ट्रशन करवाना आवश्यक है। रजिस्ट्रेशन के बाद विभाग द्वारा सत्यापन किए जाने के पश्चात् निर्माता द्वारा पुनः पोर्टल पर फेम-2 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आधुनिक बैटरी (Advanced Batteries like Lithum-ions) युक्त वाहन का मॉडल, बैटरी का प्रकार व बैटरी क्षमता की सूचना दर्ज की जानी है। पोर्टल पर उपरोक्तानुसार कार्यवाही के पश्चात् विभाग द्वारा वाहन का माडल, बैटरी का प्रकार व बैटरी क्षमता इत्यादि का सत्यापन किया जाकर वाहन क्रेताओं को पुनर्भरण एवं अनुदान राशि के क्लेम हेतु आवेदन के लिए वाहन पोर्टल पर अनुमत किया जाएगा। वाहन स्वामी द्वारा अपने वाहन के पंजीयन क्रंमाक एवं चेसिस नंबर के अंतिम 5 अंक पोर्टल पर दर्ज होंगे। फिर आवेदक के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से ओटीपी भेजा जाएगा। वाहन स्वामी अपने बैंक खाते का विवरण को बैंक के दस्तावेज जैसे पासबुक फ्रंट पेज/रद्द किए गए चेक के साथ अपलोड करेगा, फिर आवेदन सबमिट करेगा। अनुदान राशि का सीधे ही वाहन स्वामी के खाते में हस्तांतरण कर दिया जाएगा। प्रोत्साहन के लिए इलैक्ट्रिक वाहनों की संख्या प्रत्येक श्रेणी के लिए दी गई सीमा के अनुसार होगी। अतः संबंधित वाहन विनिर्माता, वाहन डीलर्स व वाहन क्रेता अनुदान रािश प्राप्त करने के लिए यथा शीघ्र पोर्टल आवेदन किया जाना सुनिश्चित करें।

Rajasthan News: प्रदेश में हुक्का बार पूर्णतः प्रतिबंधित, अवैध संचालन पर होगी सख्त कार्रवाई –मुख्य सचिव

मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि राज्य में हुक्का बार पूरी तरह से प्रतिबंधित है और अवैध रूप से संचालित हुक्का बार व ड्रग कारोबारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नशामुक्त प्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए पुलिस विभाग को राजस्थान हुक्का बार निषेध अधिनियम— 2019 के तहत त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री पंत मंगलवार को शासन सचिवालय में आयोजित नार्को कॉर्डिनेशन सेन्टर तंत्र (एनसीओआरडी) की राज्य स्तरीय कमेटी की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न स्थानों पर संचालित बार, पब, होटल, रेस्टोरेंट और शराब की दुकानों के बाहर अवैध मादक पदार्थ सेवन के संबंध में चेतावनी बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करें और सोशल मीडिया के माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), पुलिस, परिवहन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित सभी संबंधित विभाग और एजेंसियां समन्वय से कार्य करें और ड्रग माफियाओं पर कड़ी नकेल कसें। इसके लिए जिला स्तर पर नियमित रूप से टास्क फोर्स की समीक्षा करने के भी निर्देश दिये।

IIFA 25: 8 से 9 मार्च तक जयपुर में होगा 25वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी महोत्सव

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शासन सचिव पर्यटन विभाग रवि जैन की अध्यक्षता में मंगलवार को पर्यटन भवन में एक कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला में 8 और 9 मार्च 2025 को जयपुर के जेईसीसी में आयोजित होने वाले 25वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी (IIFA 25) महोत्सव और पुरस्कार समारोह के सुचारू आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के साथ समीक्षा की ओर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान श्री जैन ने बताया कि IIFA 25 पुरस्कार समारोह से राजस्थान पर्यटन को विश्व में पहचान मिलेगी। IIFA 25 का आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। यह राजस्थान के अद्भुत पर्यटन, अनूठी कला और संस्कृति की वैश्विक स्तर पर भव्य ब्रांडिंग होने का अवसर है। शासन सचिव ने बताया कि इससे पूर्व भी राजस्थान में जी 20, राईजिंग राजस्थान जैसे बड़े कार्यक्रम शानदार तरीके से आयोजित हो चुके हैं। इसी तर्ज पर हम इस आयोजन को राजस्थान की पर्यटन ब्रांडिंग के अवसर के रूप में लेते हुए इसके लिए सभी तरह की चाक चौबंद व्यवस्थाएं कर रहें हैं। इसके लिए प्रशासन, पुलिस, जेडीेए, निगम, रीको और जेईसीसी और अन्य सम्बंधित विभागों से चर्चा कर निर्देशित किया गया है। उन्होने बताया कि IIFA 25 के इस अवसर पर शहर को भव्य रूप से सजाया जाएगा। सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही शानदार सजावट भी की जाएगी। आयोजन के दौरान यातायात सहित पार्किंग की बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इसके साथ ही 15 हजार मेहमानों के आगमन की संभावना को देखते हुए क्राउड मैनेजमेन्ट सहित बेहतर सुरक्षा के प्रबंधन और अन्य सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए सम्बंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

Ajmer News: अजमेर के किंग एडवर्ड मेमोरियल का बदला नाम, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

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अजमेर शहर के 113 साल पुराने किंग एडवर्ड मेमोरियल का सरकार ने नाम बदल दिया है। अब इसे महर्षि दयानन्द विश्रान्ति गृह नाम से जाना जायेगा। सहकारिता विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने पिछले दिनों महर्षि दयानन्द सरस्वती की 200वीं जयन्ती पर अजमेर में आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में इसकी घोषणा की थी। विभाग के आदेश में कहा गया है कि किंग एडवर्ड सप्तम मेमोरियल (रेस्ट हाऊस) सोसायटी का रजिस्ट्रेशन राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1958 के तहत 16 सितम्बर 1975 को किया गया था। अब इस संस्थान का नाम परिवर्तित कर महर्षि दयानन्द विश्रान्ति गृह संस्थान अजमेर कर दिया गया है। श्री वासुदेव देवनानी ने अजमेर को इन गुलामी के नामों के प्रतीकों से मुक्ति दिलाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में सहकारिता विभाग को निर्देश दिए थे। गौरतलब है कि पिछले दिनों राजस्थान पर्यटन विकास निगम के होटल खादिम का भी नाम बदलकर होटल अजयमेरू किया गया था। श्री देवनानी ने अजमेर को उसके वास्तविक नाम से परिचित कराने और शहर का सांस्कृतिक गौरव पुनः स्थापित करने के लिए होटल का नाम बदलकर होटल अजयमेरू करने के निर्देश दिए थे। वहीं श्री देवनानी ने अजमेर की फॉयसागर झील का नाम बदलकर वरूण सागर किए जाने की भी घोषणा की थी। आपको बतादें कि अजमेर रेलवे स्टेशन रोड स्थित किंग एडवर्ड सप्तम मेमोरियल (रेस्ट हाऊस) सोसायटी अजमेर का भवन 113 वर्ष पूर्व सन् 1912-1913 में प्रमुख रूप से अजमेर आने वाले जायरीन एवं पुष्कर जाने वाले धार्मिक यात्रियों को सस्ती दर पर प्रवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्मित हुआ था। सन् 1975 से रजिस्टर्ड, किंग एडवर्ड सप्तम मेमोरियल (रेस्ट हाऊस) सोसायटी इसका संचालन, रखरखाव आज दिनांक तक कर रही है। राज्य सरकार के गजट नोटिफिकेशन दिनांक 03 सितम्बर 2014 से उक्त वर्णित भवन को पुरा स्मारक घोषित किया जा चुका है। परिसर का कुल क्षेत्रफल 17542 वर्गगज (लगभग 9 बीघा) है। दुसरी ओर विधानसभा अध्यक्ष देवानानी ने मंगलवार को अजमेर जिले के राजगढ़ स्थित मसानिया भेरू धाम पर आयोजित सामाजिक कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम में उन्होंने मसानिया भैरू जी का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राजगढ़ भैरव धाम न केवल आध्यात्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहाँ आने से मन को असीम शांति और शक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास एवं जनता की भलाई के लिए ईश्वर का आशीर्वाद आवश्यक है।

Government Schemes: मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में अब 15 फरवरी तक कर सकेंगे आवेदन

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत के निर्देश पर विभाग ने मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में ऑनलाइन आवेदन की तिथि को बढ़ाकर 15 फरवरी कर दिया है। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षाओं एवं सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उत्कृष्ट ढंग से कराने एवं समान अवसर प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा ऑनलाईन पोर्टल पर सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों में निःशुल्क कोचिंग करने हेतु इच्छुक अभ्यर्थियों से वर्ष 2024-25 के लिए ऑनलाइन आवेदन किये जाने की तिथि पूर्व में 1 से 10 फरवरी 2025 निर्धारित की गई थी। निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग बचनेश अग्रवाल ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी निःशुल्क कोचिंग करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किये जाने की पूर्व में निर्धारित अंतिम तिथि को 15 फरवरी 2025 तक बढ़ा दिया गया है। अग्रवाल ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन SSO Portal (https://sso.rajasthan.gov.in) पर लॉग-इन कर CM Anuprati Coaching आइकन के माध्यम से 15 फरवरी 2025 तक विभाग को ऑनलाइन किये जा सकते हैं।

Rajasthan News: 15 दिन में एक बार वृद्धाश्रम और डे केयर सेंटर का निरीक्षण करें अधिकारी —मंत्री गहलोत

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि सामाजिक उत्थान के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित ना रहे और अपात्र का चयन ना हो। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को तय समय सीमा में योजनाओं का लाभ मिले और संबंधित प्रकरणों से जुड़ी समस्याओं का तुरंत निस्तारण हो यही अधिकारियों का लक्ष्य होना चाहिए। श्री गहलोत ने सोमवार को प्रदेश के सभी प्रशाखा प्रभारी अधिकारी और जिलाधिकारियों के साथ राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि अधिकारी पेंशन और छात्रवृति से जुड़े सभी प्रकरणों को प्राथमिकता से लें। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर में कैंप लगाकर पेंशन का वार्षिक भौतिक सत्यापन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक 95 फीसद से अधिक वार्षिक सत्यापन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जाएगा। श्री गहलोत ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग को जितना बजट आवंटित हुआ था, इसमें से 85 प्रतिशत की राशि विभिन्न योजनाओं पर खर्च की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शेष बची राशि को भी आगामी 2 महीनों में खर्च कर ली जाएगी। मंत्री ने कहा कि ‘नशा मुक्त’ समाज का निर्माण ही केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारी इस अभियान को ‘जन जागरण अभियान’ के रूप में चलाकर पुनीत काम कर सकते हैं। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग’ योजना का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार, छात्रावासों का नियमित निरीक्षण, लंबित भुगतान में गति लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को 15 दिन में एक बार वृद्धाश्रम और डे केयर सेंटर का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। श्री गहलोत ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना, छात्रावास योजना, स्वावलंबन पोर्टल, उत्तर मैट्रिक छात्रवृति, डॉ सविता अंबेडकर अंतरजातीय विवाह, मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना, गाड़िया लोहारों को कच्चा माल क्रय हेतु सहायता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं, सामाजिक सुरक्षा निवेश प्रोत्साहन योजना, नवजीवन योजना, आंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना, पालनहार योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, आवासीय विद्यालय योजना, देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन योजना, वृद्ध कल्याण, मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह, नशामुक्त भारत सहित विभिन्न योजनाओं के बारे में चर्चा कर इनमें गति लाने के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कुलदीप रांका ने कहा कि विभाग का 80 का फीसदी बजट सामाजिक उत्थान के लिए पेंशन प्रकरणों में जाता है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से ग्राम सभाओं में जाकर पेंशन से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण करवाने का मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न प्रकरणों में आने वाली व्याहारिक समस्याओं को भी जाना। निदेशक बचनेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार करते हुए शैक्षणिक संस्थाओं को जोड़कर विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को विभाग द्वारा संचालित अन्य सामाजिक योजनाओं से संबंधित दिशा निर्देश भी दिए।  

Ajmer News: प्राचीन और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय की आवश्यकता -विधानसभा

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अजमेर के महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान एवं आहार और पोषण संकाय द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी व जैव प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के तत्वावधान में पादप आधारित न्यूट्रास्यूटिकल्स और चिकित्सा पर नवीन अनुसंधान विषय पर अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का भव्य आयोजन किया गया। अध्यक्ष ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के साथ संबंध बहुत गहरा है। छात्र राजनीति के दौरान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रयासरत भी रहे। विश्वविद्यालय शोध कार्य एवं नवाचारों में दिन प्रतिदिन नए आयाम स्थापित कर रहा है। विश्व में स्वास्थ्य को लेकर चुनौती बढ़ती जा रही है। आहार व पोषण केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं बल्कि वैश्विक चिंतन का मुद्दा बन चुका है। ऎसे में प्राकृतिक पौधों के चिकित्सकीय गुणों पर शोध की आवश्यकता है। पूर्वजों द्वारा उपयोग में ली गई औषधियों और वनस्पतियों की जानकारी जुटाकर स्वयं को जानने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पश्चिम की एलोपैथी पद्धति से रोग से ग्रसित होने पर उपचार होता है जबकि भारतीय आयुर्वेद में आहार एवं दैनिक दिनचर्या से रोग की निरोध क्षमता विकसित होती है। ऎसे में प्राचीन और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों में समन्वय की आवश्यकता है। पादप आधारित शोध के विकास से हमे पादपों के पत्तों, तने, जड़े, फलों में विटामिन, खनिज, सहित बहुउपयोगी पौष्टिक तत्वों की जानकारी होगी। इससे हम इन्हें आहार में शामिल कर सकेंगे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्राकृतिक पौधों में मौजूद औषधीय गुणों का वैज्ञानिक शोध के माध्यम से समाज में उपयोग हो। प्रयोगशाला में किए शोध केवल कागजों तक सीमित नहीं रह जाए। उन्होंने बताया कि भारत में प्राचीनकाल से औषधीय गुण वाले आहार का दैनिक सेवन किया जाता रहा है। इसमें एंटीबायोटिक गुण युक्त हल्दी, नीम का मंजन, मसाले शामिल है। इसके उपयोग से भारतीय दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन जीते थे। हमारी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों का विदेशी कंपनियों ने पेटेंट करवाकर धनार्जन किया। इसके लिए हमें डॉक्यूमेंट में भी मजबूत होने की आवश्यकता है।

C M NEWS: बारिश के पानी का अधिक से अधिक उपयोग हमारी प्रमुख प्राथमिकता -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को रावतभाटा स्थित राणा प्रताप सागर बांध के अपस्ट्रीम में सैडल डैम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित कार्यों की प्रगति का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री शर्मा को जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने राणाप्रताप सागर-ब्राह्मणी के बाढ़ सुरक्षा प्रबंधन एवं उक्त बाढ़ के जल के बीसलपुर बांध में जल अपवर्तन परियोजना पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राणाप्रताप सागर के सैडल डैम के सरप्लस पानी को ब्राह्मणी नदी में डालने के लिए प्रस्तावित कैरिज के मार्ग एवं यहां से पानी बीसलपुर बांध के अपस्ट्रीम तक पहुंचाने की कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना से सरप्लस पानी का अधिक से अधिक उपयोग होगा और पानी व्यर्थ नहीं बहेगा। उल्लेखनीय है कि राणाप्रताप सागर बांध एवं ब्राह्मणी नदी से बीसलपुर बांध की बनास नदी में जल अपवर्तन की संभावित लागत 8 हजार 300 करोड़ रूपये है। इस परियोजना के अंतर्गत ब्राह्मणी नदी पर एक बैराज श्रीपुरा गांव में बनाया जाना प्रस्तावित है। इस बैराज के अतिरिक्त वर्षाकालीन जल को राणाप्रताप सागर के सैडल डैम से बनास नदी के लिए निकली चैनल को फीड किया जाएगा। साथ ही, परियोजना के अंतर्गत सुरंगों का निर्माण एवं बूंदी जिले के गरडदा, अभयपुरा एवं गुढ़ा बांध को भी भरा जाना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने यहां स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार वर्षा के जल का संचय कर अधिक से अधिक उपयोग करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकसित रावतभाटा के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। यहां पर परिवहन सुविधा का विस्तार करने सहित अन्य विषयों पर राज्य सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है।

Education: राजस्थान के उच्च शिक्षण संस्थान अब होंगे ओपन डिस्टेंस लर्निंग के अध्ययन केंद्र

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राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कार्यक्रमों की शुरुआत इस वर्ष से की है। यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है, जो किसी कारणवश नियमित पाठ्यक्रमों में हिस्सा लेने में असमर्थ हैं। विश्वविद्यालय का यह प्रयास शिक्षा को सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ओपन डिस्टेंस लर्निंग और ओपन प्रोग्राम उन छात्रों को शिक्षा का अवसर प्रदान करेगा, जो विभिन्न कारणों से पारंपरिक शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम नहीं है। यह उन्हें आवश्यक ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाएगा जिससे वे अपने अकादमिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें। इसी के चलते राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक दायरे का विस्तार करते हुए ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) और ओपन प्रोग्राम (OP) केंद्र स्थापित करने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य उन व्यक्तियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है जो पारंपरिक शैक्षणिक कार्यक्रमों को जारी नहीं रख सकते। यह लचीले शिक्षण अवसर प्रदान कर शैक्षणिक समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आनंद भालेराव ने बताया कि ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कार्यक्रमों के लिए हम राजस्थान में विभिन्न स्थानों पर लर्निंग सेंटर स्थापित करेंगे जिसके लिए इच्छुक उच्च शिक्षण संस्थान जिनके पास अनुभव और आवश्यक बुनियादी ढांचा हो वो अपनी अभिरुचि बता सकते है। इस तरह के लर्निंग सेंटर भौगोलिक बाधाओं का सामना कर रहे छात्रों को शिक्षा से जोड़ने में सहायक होंगे।यह पहल संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने और ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग मोड के माध्यम से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के लिए तैयार की गई है। प्रो आनंद भालेराव ने आगे बताया कि हाल ही में शिक्षा मंत्रालय ने उच्च शिक्षा में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देते हुए इसे समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है जिसके चलते ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) प्रोग्राम्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस कदम का उद्देश्य ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) को वर्तमान में 28.26% से बढ़ाकर वर्ष 2050 तक 50% तक ले जाना है, ताकि उच्च शिक्षा साक्षरता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके। उन्होंने आगे बताया कि जो भी लर्निंग सेंटर राजस्थान में बनाए जाएंगे और उन्हें कुछ पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे ताकि शिक्षा कि गुणवत्ता में कमी न हो। जैसे लर्निंग सेंटर को ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड के लिए स्व-अध्ययन सामग्री (SLM) विकसित करनी होगी, कम से कम 60% SLM विश्वविद्यालय के आंतरिक संकाय द्वारा विकसित करना होगा और स्व-अध्ययन सामग्री ऐसी हो जो स्वयं स्पष्ट” हो। ऑनलाइन मोड के लिए पात्रता मानदंड में शामिल होंगे यूजीसी (UGC) विनियमों के अनुसार फोर-क्वाड्रेंट अप्रोच (Four-Quadrant) का पालन किया जाना, ऑनलाइन कार्यक्रमों को विकसित करने के लिए आवश्यक तकनीकी क्षमता व स्वीकृत प्लेटफार्मों जैसे SWAYAM के माध्यम से ऑनलाइन कार्यक्रम प्रदान किए जाना। प्रवेश, परीक्षा और शिक्षार्थी सहायता सेवाओं के संबंध में यूजीसी (UGC) मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया सुनिश्चित करनी होगी और उचित दस्तावेजों का रख – रखाव करना होगा। अधिक जानकारी के लिए केंद्रीय राजस्थान विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय से संपर्क कर सकते है या आधिकारिक वेबसाइट www.curaj.ac.in देख सकते है।