Amer Palace News: आमेर महल की हाथी सवारी हुई मंहगी, 10 जनवरी से देने होगें की 1500 रुपये

0
जयपुर के आमेर महल में हाथी सवारी करने वालों को 10 जनवरी से 1500 रुपये का भुगतान करना होगा। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक डॉ. पंकज घरेन्द्र ने बताया कि कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के शासन सचिव रवि जैन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आमेर महल में हाथी सवारी की दर 1500 रुपये निश्चित किये जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होने बताया कि हाथी सवारी दरों में प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी और 5 वर्ष पश्चात् इसकी समीक्षा करने की सहमति दी गई है। यह दरें 10 जनवरी 2025 से प्रभावी होंगी।

Electricity News: प्रदेश को 5 हजार मेगावाट का मिला अतिरिक्त आवंटन,केन्द्र सरकार ने दी मंजूरी

केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पीएम कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए के अंतर्गत 5 हजार मेगावाट के अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य होने के दृष्टिगत केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत अतिरिक्त आवंटन का अनुरोध किया था। वहीं हाल ही में मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री से मुलाकात के दौरान इस संबंध में चर्चा भी की थी। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में पीएम कुसुम योजना के क्रियान्वयन को जमीन स्तर पर गति मिल रही है। वहीं सोलर संयंत्रों की स्थापना के लिए प्रदेश को हुए अतिरिक्त आवंटन का यह निर्णय वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने के राज्य सरकार के संकल्प को पूरा करने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।

Yamuna water News: शेखावाटी अंचल को जल्द मिलेगा यमुना जल —मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के शेखावाटी अंचल के किसानों को जल्द ही यमुना जल का लाभ मिलेगा। इस संबंध में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के समक्ष हरियाणा के सीएम नायब सैनी के साथ मंगलवार को चर्चा पूरी हो गई है। श्री शर्मा ने कहा कि इस जल समझौते की जल्द क्रियान्विति के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों की एक ज्वाइन्ट टास्क फोर्स बनेगी जो डीपीआर पर काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना जल समझौता दोनों राज्यों के लिए बहुत अच्छा समझौता है। राजस्थान का शेखावाटी अंचल लंबे समय से यमुना जल का इंतजार कर रहा है। अब वो इंतजार खत्म होने जा रहा है और जल्द ही अधिकारियों की ज्वाइन्ट टास्क फोर्स डीपीआर का काम शुरू करेगी।

76th republic day News: उदयपुर में होगा 76वें राज्यस्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 76वें गणतंत्र दिवस का राज्यस्तरीय समारोह हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हर्षोल्लास के साथ भव्य और परंपरागत रूप से आयोजित किया जाएगा। इस बार यह समारोह झीलों की नगरी उदयपुर में आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी अधिकारी अपने निर्धारित दायित्व को पूरा करते हुए आपस में समन्वय के साथ कार्य करें। श्री शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्यस्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियोें के संबंध में उच्च स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के राज्यस्तरीय आयोजन में राष्ट्रीयता की भावना को इंगित करते हुए कार्यक्रम शामिल करें। साथ ही, समारोह में अधिक से अधिक लोगो की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी जयपुर की सभी प्रमुख इमारतों, दर्शनीय स्थलों तथा सरकारी कार्यालयों के साथ ही, उदयपुर में भी सभी प्रमुख स्थानों पर आकर्षक सजावट की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्यस्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने वाले अतिथियों को निमंत्रण पत्र भेजने से लेकर उनके आवागमन, ठहरने और भोजन की उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि राजभवन जयपुर तथा सहेलियों की बाड़ी उदयपुर में आयोजित होने वाले एटहोम कार्यक्रम के लिए भी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। श्री शर्मा ने निर्देश दिये कि अधिकारी समारोह स्थल पर आगंतुकों की बैठने की व्यवस्था, पेयजल, मेडिकल टीम, सुरक्षा, बैरिकेडिंग एवं यातायात व्यवस्था सहित सभी तैयारियां समय पर पूरी होना सुनिश्चित करें। अधिकारी समारोह के दौरान स्कूली बच्चों के कार्यक्रम, लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुति, पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आदि से संबंधित सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस, शिक्षा, सार्वजनिक निर्माण, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए अपनी-अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के भी निर्देश दिए। कार्यशाला में शासन सचिव सामान्य प्रशासन जोगा राम ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस के आयोजन की तैयारियों की रूपरेखा रखी।

Voter News: जयपुर जिले में मतदाताओं की संख्या में 62 हजार इजाफा

0
विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम-2025 के तहत जयपुर जिले में मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया गया है। इस संबंध में मंगलवार को जिला कलक्ट्रेट में जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में एक कार्यशाला का आयोजन हुआ। उप जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि गत वर्ष 29 अक्टूबर से 28 नवम्बर तक चले विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम-2025 से पहले जिले में 52 लाख 7 हजार 669 मतदाता थे, अब पुनरीक्षण कार्यक्रम के पश्चात 52 लाख 70 हजार 337 मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम-2025 के दौरान 83 हजार 311 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए और 20 हजार 643 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से विलोपित किए गए। इस प्रकार जिले में कुल शुद्ध वृद्धि 62 हजार 668 की हुई है। श्री कुमार ने जानकारी दी कि पुनरीक्षण अवधि के दौरान पुरुषों की संख्या में शुद्ध वृद्धि 26 हजार 745 एवं महिलाओं की संख्या में 35 हजार 923 शुद्ध वृद्धि हुई है। विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम-2025 के दौरान जयपुर जिले की 19 विधानसभा क्षेत्रों में सर्वाधिक 9 हजार 909 मतदाताओं के नाम कोटपूतली विधानसभा क्षेत्र में जोड़े गए। उप जिला निर्वाचन ने बताया कि जिले में सर्वाधिक 4 हजार 38 महिला मतदाताओं के नाम कोटपूतली विधानसभा क्षेत्र में जोड़े गए। जिले में सर्वाधिक 5 हजार 871 पुरुष मतदाताओं के नाम कोटपूतली विधानसभा में जोड़े गए। वर्तमान में जिले में सर्वाधिक मतदाता 453825 झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में है। उन्होंने बताया कि विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम-2025 के पश्चात जयपुर जिले के 19 विधानसभा क्षेत्रों में 66 हजार 349 पुरुष और 47 हजार 268 महिला युवा (18-19 वर्ष) मतदाता हैं। विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम-2025 के दौरान जयपुर जिले की 19 विधानसभा क्षेत्रों में सबसे कम 1 हजार 741 मतदाताओं के नाम सिविल लाईन्स विधानसभा क्षेत्र में जोड़े गए। वर्तमान में जिले में सबसे कम मतदाता 1 लाख 97 हजार 9 किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में है।

C M NEWS: युवाओं को किया जाए नए कानूनों के बारे में जागरूक —मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश में लागू तीन नवीन कानूनों में सजा की तुलना में न्याय पर अधिक जोर दिया गया है। नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम हमारे संविधान की मूल भावना के अनुसार बनाए गए हैं। ये कानून आमजन को शीघ्र एवं सुलभ न्याय प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री के कहा कि नवीन आपराधिक विधि में आपराधिक मामले के महत्वपूर्ण चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है जिससे पीड़ित को त्वरित न्याय मिल रहा है। साथ ही पीड़ित को अपने साथ हुए अपराध की रिपोर्ट संबंधित क्षेत्र के थाने में दर्ज कराने की बाध्यता से मुक्ति मिली है। श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नवीन आपराधिक कानूनों के राजस्थान में क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार के संबंध में गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण करने और जनता को भयमुक्त माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा नए कानूनों को लागू करने में आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

नए कानूनों का राजस्थान में हो रहा प्रभावी क्रियान्वयन-

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों का प्रदेश में प्रभावी रूप से क्रियान्वयन किया जा रहा है और इनके प्रचार-प्रसार में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है। आमजन को इनकी जानकारी देने के लिए राज्य सरकार कई कदम उठा रही है। राज्य की 11 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से नए कानूनों की जानकारी दी गई है। साथ ही, प्रदेश में महिला एवं बाल सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के बारे में पुस्तकें तैयार करवाकर वितरित की गई है। राजस्थान पुलिस की राजकॉप एप्लीकेशन में भी नए कानूनों के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया तथा पंपलेट और पोस्टर के माध्यम से इनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए कानूनों के बारे में पुलिस के अनुसंधान अधिकारियों को समुचित प्रशिक्षण देने के साथ ही उन्हें स्व अध्यनन के लिए बुकलेट भी वितरित की जाए। प्रदेश के उच्च माध्यमिक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नए कानूनों के संबंध में सामान्य ज्ञान परीक्षा का आयोजन कराया जाए, जिससे युवाओं में इनको लेकर जागरूकता बढ़े।

69 हजार से अधिक कार्मिकों को मिला नए कानूनों का प्रशिक्षण-

श्री शर्मा ने बताया गया कि नए कानूनों को लागू करने हेतु मुख्यालय स्तर पर सात समितियों का गठन किया गया। इन समितियों ने विधिक क्रियान्वयन, प्रक्रिया संशोधन, हितधारकों को प्रशिक्षण, वित्तीय संसाधनों का निर्धारण, फॉरेंसिक दक्षता अभिवृद्धि, डिजिटल अनुसंधान एवं तकनीकी समायोजन जैसे विभिन्न बिंदुओं के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना बनायी। पुलिस, कारागार तथा अभियोजन विभाग एवं विधि विज्ञान प्रयोगशाला के 300 दक्ष कार्मिकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण दिलाकर इनके माध्यम से अब तक 69 हजार से अधिक पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत अब तक लगभग 84 हजार 242 एफआईआर दर्ज की गई हैं। राज्य के सभी कारागृहों के कार्मिकों को प्रशिक्षण दिलाकर 95 कारागृहों में वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) के सुदृढ़ीकरण हेतु 4.86 करोड़ रूपये की राशि से साइबर फॉरेंसिक यूनिट तथा लगभग 3.72 करोड़ रूपये की लागत से डीएनए यूनिट का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही, नए पदों पर भर्ती की जा रही है।

Flying school News: भीलवाड़ा में खुलेगा फ्लाइंग स्कूल —मुख्यमंत्री

0
प्रदेश में सरकार ने विमानन क्षेत्र के विकास और क्षेत्रीय हवाई सम्पर्क को बढ़ाने के लिए अहम कदम उठाया है। भीलवाड़ा की हमीरगढ़ हवाई पट्टी को विकसित कर फ्लाइंग स्कूल खोला जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने जरूरी स्वीकृतियां प्रदान की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस फ्लाइंग स्कूल के खुलने से युवाओं को प्रदेश में ही फ्लाइंग प्रशिक्षण के अवसर प्राप्त होंगे। प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में भी फ्लाइंग स्कूल खोलने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। इस संबंध में निवेशक यहां निवेश के लिए रूचि दिखा रहे हैं। उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा विमानन क्षेत्र के लिए शुरू की गई उड़ान योजना से घरेलू यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है। आपको बतादें कि प्रदेश में विमानन क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का विकास और क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार करने के लिए राज्य सरकार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। इसी क्रम में मंत्रिमंडल से नागरिक विमानन नीति-2024 को मंजूरी मिल चुकी है। इस नीति में विमानन प्रशिक्षण सुविधाओं, विमानन रखरखाव सेवाओं को बढ़ाने और एयरोस्पेस गतिविधियों को विकसित करने पर जोर दिया गया है।

DIPR NEWS: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का नवाचार, योजनाओं प्रचार—प्रसार होगा सोशल मीडिया पर

0
सरकार ने अपनी योजनाओं को सोशल मीडिया पर प्रसार—प्रचार करने के लिये नव प्रसारक नीति जारी की है। योजना के जरीए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएंगे। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार नीति में नव प्रसारकों के लिए दो श्रणियां बनाई गई हैं, श्रेणी ए में एक लाख से अधिक सब्सक्राइबर या फॉलोअर्स वाले सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स और श्रेणी बी में न्यूनतम 7 हजार से 1 लाख तक सब्सक्राइबर अथवा फॉलोअर्स वाले सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स को रखा गया है। जिला स्तर पर प्रत्येक श्रेणी में एक-एक नव प्रसारक और संभाग स्तर पर श्रेणी ए में दो एवं बी में एक नव प्रसारक का चयन किया जाएगा। जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के प्रभारी इन नव प्रसारकों के मेंटर के रूप में इनके कार्य की निगरानी करेंगे। विभाग इन नव प्रसारकों को कंटेट क्रिएशन, वीडियो-ऑडियो एडिटिंग, एसईओ, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और ब्रांडिंग आदि स्किल्स प्राप्त करने में मदद भी करेगा। नव प्रसारक फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब में से अपने कम से कम दो सोशल मीडिया अकाउंट्स पर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और निर्णयों से संबंधित एक पोस्ट प्रतिदिन अपलोड करेंगे। साथ ही, सरकार के विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल्स की पोस्ट्स को प्रतिदिन शेयर अथवा री-पोस्ट कर योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे।

Youth News: युवा शक्ति से भारत बनेगा विश्व गुरू —विधानसभा अध्यक्ष

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पाली जिले की एक दिवसीय यात्रा पर रहे। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति से भारत विश्व गुरू बनेगा और स्वामी विवेकानन्द व अन्य महापुरूषों के आदर्शा पर चलकर आगे बढेगा। अध्यक्ष श्री देवनानी रविवार को पाली के मंडिया रोड स्थित तारकेश्वर रामेश्वर सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में आयोजित अधिवेशन के उद्घाटन के बाद समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने युवाओ से जुडे कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर प्रदेश में युवाओं की भूमिका के महत्व के बारे में प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और युवाओं की भूमिका के बारे बताया। उन्होंने युवाओं से देश को आगे बढाने का आह्वान किया। स्वामी विवेकानन्द के आदर्शो पर चलने के लिये कहा साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही विश्व गुरू बनेगा इसके लिये सहयोग और समन्वय से कार्य किया जाए।

C M NEWS: जनसहभागिता से पेयजल के पारंपरिक स्रोतों का संरक्षण जरूरी —मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की 40 प्रतिशत आबादी को ईआरसीपी-पीकेसी लिंक परियोजना से पेयजल एवं सिंचाई के लिए जल मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल लाने के लिए एमओयू किया गया है। उदयपुर में देवास योजना के माध्यम से जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, माही बांध से बांसवाड़ा-डूंगरपुर को पेयजल और सिंचाई के लिए योजना प्रारंभ की गई है। श्री शर्मा शनिवार को डूंगरपुर के खड़गदा में नदियों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु आयोजित श्रीराम कथा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खड़गदा एवं आस-पास के क्षेत्र के ग्रामीणों ने 9 महीने की कड़ी मेहनत और दृढ़संकल्प से एक किलोमीटर के दायरे में मोरन नदी को चौड़ा और गहरा कर जल की उपलब्धता बढ़ाकर अभूतपूर्व कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सभी को मिलकर गांवों में उपलब्ध पेयजल के पारंपरिक स्रोतों कुएं, तालाब, बावड़ी, नदी आदि के संरक्षण के लिए सहभागिता से काम करना चाहिए, ताकि हम इस पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा सकंे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से खड़गदा वासियों ने प्रदेश को यह संदेश दिया है कि स्थानीय पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण किया जाना बहुत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डूंगरपुर में 44 करोड़ रुपये की लागत से शिल्पग्राम बनाया जाएगा। इससे सोमपुरा मूर्तिकारों, बांसड (बांस की लकड़ियों से कलाकृति बनाने वाले) एवं पारेवा पत्थरों से कलाकृति बनाने वाले स्थानीय कलाकारों एवं अन्य प्रतिभाओं को जिला स्तर पर मंच एवं प्रोत्साहन प्राप्त होगा। साथ ही, जिले में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।