RPSC News: 2025 में दोहरे आवेदन और डमी कैंडिडेट पर लगेगी आधार सत्यापन से लगाम

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राजस्थान लोकसेवा आयोग को राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग से भी अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन की अनुमति प्राप्त हो गई है। 27 नवंबर 2024 को जारी की गई अधिसूचना अनुसार आयोग अभ्यर्थियों के द्वारा किए जाने वाले दोहरे आवेदनों की छंटनी, अभ्यर्थियों के सत्यापन, जालसाजी एवं डमी कैंडिडेट की रोकथाम के लिए आधार सत्यापन प्रणाली का उपयोग कर सकेगा। इससे पूर्व माह सितंबर 2024 में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा भी आधार कार्ड के माध्यम से अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन करने की अनुमति आयोग को प्राप्त हो गई थी। भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों यथा- ऑनलाइन आवेदन जांच, साक्षात्कार, काउंसलिंग, दस्तावेज सत्यापन, लिखित परीक्षा व नियुक्ति में अभ्यर्थी की पहचान का सत्यापन इसके माध्यम से किया जा सकेगा। गत् समय के दौरान सामने आए डमी अभ्यर्थियों के प्रकरणों को देखते हुए आधार बायोमैट्रिक सत्यापन आयोग की विश्वसनीयता तथा कार्य प्रणाली में मील का पत्थर सिद्ध होगा। भर्ती परीक्षाओं के शुचिता पूर्ण आयोजन एवं डमी अभ्यर्थियों की संभावना को रोकने के लिए आयोग द्वारा अभ्यर्थियों के हस्तलेख का नमूना भी अटेंडेंस शीट पर लिया जाना शुरू किया गया है। इसी प्रकार अटेंडेंस शीट पर अभ्यर्थी की स्पष्ट व बड़ी फोटो प्रिंट की जा रही है ताकि परीक्षा केन्द्र पर वीक्षकों द्वारा अभ्यर्थी की पहचान पूर्णतः सुनिश्चित करते हुए डमी अभ्यर्थियों को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा एडमिट कार्ड टेम्परिंग की संभावनाओं को रोकने के लिए क्यूआर कोड का भी प्रावधान किया गया है। इस क्यूआर कोड को स्केन करते ही अभ्यर्थी की जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाती है। आयोग द्वारा जारी प्रवेश-पत्र के साथ अटेंडेंस शीट भी संलग्न होती है। इस शीट को परीक्षा केंद्र पर वीक्षक अभ्यर्थी की पहचान कर स्वयं के, केंद्राधीक्षक एवं अभ्यर्थी के हस्ताक्षर करवाकर प्रवेश-पत्र से अलग कर केन्द्र पर जमा करते हैं। परीक्षा संपन्न होने के उपरांत यह अटेंडेंस शीट परीक्षा सामग्री के साथ आयोग को भेजी जाती है।

जालसाजी पर लगाम के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव—

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षाओं में जालसाजी व फोटों टेंपरिंग कर आवेदन करने वाले व्यक्तियों पर लगाम के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब वन टाइम रजिस्ट्रेशन के दौरान वेब केम के माध्यम से आवेदक की लाइव फोटो कैप्चर की जा रही है। आयोग की इस कार्यवाही से डमी अभ्यर्थियों पर लगाम के साथ ही आवेदन के दौरान गलत फोटों अपलोड होने का बहाना देने वाले अभ्यर्थियों की भी प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित हो सकेगी। संशय की स्थिति में आयोग द्वारा परीक्षा दौरान की गई वीडियोग्राफी में उपस्थित अभ्यर्थी का मिलान ओटीआर में कैप्चर की गई फोटो से किया जा सकेगा। आयोग इस हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल करेगा।

वीडियोग्राफी:- अभ्यर्थी की उपस्थिति का प्रमाण, की जा रही मूल/डमी अभ्यर्थी की पहचान—

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती परीक्षा दौरान सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करते हुए परीक्षा के लिए निर्धारित स्थान पर बैठे हुए प्रत्येक अभ्यर्थी की वीडियोग्राफी करवाई जाती है। इसके लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए निर्धारित किए गए समय के पश्चात् 10 मिनट के भीतर ही परीक्षा कक्ष में अपने स्थान को ग्रहण करने का समय दिया जाता है। 10 मिनट के बाद पूरे परीक्षा केंद्र में प्रत्येक कक्ष में आवंटित स्थान पर बैठे हुए प्रत्येक अभ्यर्थी एवं अनुपस्थित रहे अभ्यर्थियों के रिक्त स्थानों की रोल नंबर के क्रमानुसार वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की जाती है। यह रिकॉर्डिंग बाद में मूल अभ्यर्थी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उपयोग में लाई जाती है। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के संबंध में उच्चतम एवं उच्च न्यायालय द्वारा पारित विभिन्न न्यायिक विनिश्चयों को आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। देश भर में संभवत प्रथम बार इस प्रकार की पहल किसी भर्ती आयोग द्वारा की गई है। आयोग की वेबसाइट के होम पेज पर ’’अदर लिंक्स’’ टैब के अन्तर्गत प्रदर्शित ड्राप डाउन मेन्यू में ’’इम्पोर्टेंट कोर्ट जजमेंटस’’ पर क्लिक कर इन न्यायिक निर्णयों को देखा व डाउनलोड किया जा सकता है। परीक्षा आयोजन प्रक्रिया से संबंधित अनेक विषयों पर कई विधिक प्रकरण विभिन्न माननीय न्यायालयों में प्रायः चलते रहते हैं। आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में देश-प्रदेश के लाखों अभ्यर्थी बैठते हैं। इनमें से कई अभ्यर्थियों द्वारा तथ्यात्मक जानकारी के अभाव में उन समान तथ्य एवं बिन्दुओं पर भी विभिन्न न्यायालयों में आयोग के विरूद्ध वाद दायर कर दिए जाते हैं जिन पर माननीय सुप्रीम कोर्ट एवं हाइकोर्ट द्वारा पूर्व के प्रकरणों में भी आयोग के पक्ष में निर्णय दिया गया है। यह भी देखने में आया है कि अभ्यर्थियों द्वारा दायर वाद के विषय प्रमुखतः उत्तर कुंजी वैधता, स्केलिंग, श्रेणी तथा वर्ग परिवर्तन इत्यादि रहते हैं। इसी कारण आयोग द्वारा विभिन्न न्यायालयों द्वारा निर्णित चुनिंदा निर्णयों का चयन कर आयोग की वेबसाइट पर डाला गया है ताकि संशय की स्थिति में अभ्यर्थी इनका अवलोकन कर सके। इससे अभ्यर्थियों द्वारा विभिन्न न्यायिक वादों के दौरान व्यय किए जाने वाले समय एवं धन की बचत हो सकेगी।

काउंसलिंग दौरान सघन जांच में फर्जी अभ्यर्थी व डिग्रियों का खुलासा—

आयोग द्वारा अभ्यर्थियों की मुख्य सूची जारी करने के पूर्व विचारित सूची जारी कर अभ्यर्थियों की पात्रता जांच का कार्य काउंसलिंग के माध्यम से किया गया। इस दौरान अभ्यर्थी के आयोग कार्यालय में उपस्थित होने पर विस्तृत आवेदन-पत्र में चस्पा की गई फोटो एवं ऑन लाइन आवेदन-पत्र में दी गई फोटो एवं हस्ताक्षर का मिलान किया गया। संदेह के आधार पर की गई सघन जांच में यह सामने आया कि कतिपय अभ्यर्थियों द्वारा कूट रचित तरीके से स्वयं के स्थान पर अन्य व्यक्तियों को परीक्षा में प्रवेश दिलाकर परीक्षा उत्तीर्ण की गई है। ऐसे अभ्यर्थियों की व्यक्तिशः सुनवाई कर परीक्षा में जालसाजी करना पाए जाने पर उनके विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराकर पुलिस हिरासत में भेजा गया। इसी प्रकार पात्रता जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कतिपय अभ्यर्थियों द्वारा चयन पश्चात् फर्जी डिग्री व फर्जी निशक्तता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर दिये जाते हैं। आयोग द्वारा ऐसे ही मामले में फर्जी डिग्री का प्रकरण उजागर करते हुए आरोपी अभ्यर्थियों को पुलिस के सुपुर्द किया गया था।

RPSC News: राजस्थान लोक सेवा आयोग ने घोषित किया वर्ष 2025 का 162 भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर

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नव वर्ष 2025 में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा जनवरी से दिसंबर माह तक 162 परीक्षाओं के 214 प्रश्न-पत्रों की परीक्षाओं का आयोजन 82 दिनों में करवाया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रमानुसार हर 5 वें दिन परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ-साथ ही नियमित रूप से साक्षात्कार आयोजन और विभिन्न भर्तियों के परिणाम जारी करने का कार्य भी किया जाएगा। आयोग द्वारा घोषित प्रस्तावित भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर निम्नानुसार है- 1. असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा-2024 19/01/2025, 2. राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 02/02/2025, 3. लाइब्रेरियन ग्रेड-।। (स्कूल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024 16.02.2025, 4. आरओ ग्रेड-द्वितीय, ईओ ग्रेड-चतुर्थ प्रतियोगी परीक्षा-2024— 23.3.2025, 5. एग्रीकल्चर ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024— 20.04.2025 6. पीटीआई एंड लाइब्रेरियन (संस्कृत कॉलेज एजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024 4 से 6 मई 2025, 7. जियोलोजिस्ट (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024, 7.5.2025, 8. असिस्टेंट माइनिंग इंजिनियर (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024, 07.05.2025, 9. सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 12 से 16 मई 2025 10. असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 18/2024-25 12 से 16 मई 2025, 11. पब्लिक रिलेशन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 17 /05/ 2025, 12. असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (मुख्य) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 1 /06/ 2025, 13. राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा-2024, 17 एवं 18 जून 2025, 14. असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 23/2024-25 23 जून सेे 6 जुलाई 2025, 15. लेक्चरर एंड कोच- (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 23 जून सेे 6 जुलाई 2025, 16. टेक्निकल असिस्टेंट (जियोफिजिक्स) प्रतियोगी परीक्षा-2024 , 7.07.2025, 17. बायोकेमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024, 7.07.2025, 18. जूनियर केमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024, 8.07.2025, 19. असिस्टेंट टेस्टिंग ऑफिसर (पीडब्ल्यूडी) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 8.07.2025 20. असिस्टेट डायरेक्टर (साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 9.07.2025, 21. रिसर्च असिस्टेंट (मूल्यांकन विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 10.07.2025 22. डिप्टी जेलर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 13.07.2025, 23. असिस्टेंट फिशरीज डवलेपमेंट ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 29.07.2025, 24. ग्रुप इंस्ट्रक्टर/सर्वेयर/असिस्टेंट अप्रेंटशिप प्रतियोगी परीक्षा-2024, 29.07.2025, 25. वाइस प्रिंसीपल/सुपरीटेंडेंट आइटीआई प्रतियोगी परीक्षा-2024, 30 जुलाई सेे 1 अगस्त 2025, 26. एनालिस्ट कम प्रोग्रामर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 17/08/2025, 27. सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 7 से 12 सितंबर 2025, 28.प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 13/09/2025, 29. सहायक अभियंता (प्रारंभिक) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024, 28/09/2025, 30. सहायक सांख्यिकी अधिकारी (आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 12/10/2025 31. सहायक कृषि अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024, 12 से 19 अक्टूबर 2025, 32. सांख्यिकी अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024, 33. कृषि अनुसंधान अधिकारी एवं सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024, 34. सब इंस्पेक्टर (टेलीकॉम) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 09/11/2025, 35. असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 1 से 12 दिसंबर, 15 से 19 दिसंबर एवं 22 से 24 दिसंबर 2025।

Industrial News: सरकार ने औद्योगिक विकास के लिये शुरू की कसरत

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‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के सफल आयोजन के एक महीने के भीतर ही राज्य सरकार राज्य के औद्योगिक विकास को एक नयी दिशा देने में लग गयी है। इसके तहत लॉजिस्टिक्स हब, नए औद्योगिक नोड्स और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है और इसके लिए राज्य के अंदर मौजूद उपयुक्त भूखंडों की पहचान की जा रही है, ताकि ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ और अच्छा हो सके और निवेशकों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। इसके मद्देनजर, उद्योग विभाग के प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा और रीको के मैनेजिंग डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने इन परियोजनाओं के लिए रणनीतिक स्थानों की पहचान करने के उद्देश्य से सोमवार को जयपुर के आसपास के औद्योगिक भूखंडों का दौरा किया। राज्य सरकार के अधिकारियों ने मांडा, फुलेरा (जो वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के पास है) और बिचून औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा किया और लॉजिस्टिक्स हब व औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से संबंधित परियोजनाओं के लिए इन क्षेत्रों में उपलब्ध विभिन्न भूखंडों की उपयुक्तता का आकलन किया। इसके अलावा, बागावास गांव में लगभग 67 हेक्टेयर भूमि की उपयुक्तता पर भी विचार किया गया। प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार लगभग 200-250 हेक्टेयर जमीन चिन्हित करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा, अधिकारियों ने मांडा औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार प्रस्तावित लैंड एग्रीगेशन पॉलिसी के तहत करने और बिचून औद्योगिक क्षेत्र के तेजी से विकास पर भी विचार किया। श्री शर्मा ने कहा कि नए लॉजिस्टिक्स पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण से कारोबार के परिचालन में आसानी होगी और व्यापार की लागत कम होगी। दौसा-बांदीकुई क्षेत्र (जो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निकट है) और मांडा एक्सटेंशन (जो वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के निकट है), जो राज्य के दो औद्योगिक क्षेत्र हैं, में विकास और विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। बांदीकुई और मांडा औद्योगिक क्षेत्रों में रीको सरकारी जमीन और एकत्रीकरण के जरिए ली गयी निजी जमीनों पर निवेश और लॉजिस्टिक क्षेत्र विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार व्यापार करने में आसानी बढ़ाने और इन्वेस्टमेंट समिट के समय में हस्ताक्षरित निवेश प्रस्तावों (एमओयू) को परियोजनाओं में बदलने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

C M NEWS: हम ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ की परिकल्पना को पूर्ण रूप से साकार कर सकेंगे -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विधायकगण जनता से जुड़े मुद्दों पर तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का कार्य करें। उन्होने कहा आमजन से जुड़े विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जयपुर संभाग के विधायकों के साथ बजट वर्ष 2024-25 में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पूरी निष्पक्षता के साथ सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में जनता और जनप्रतिनिधियों की मांग अनुरूप बजट घोषणाएं की और उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। विधायक जिला कलक्टर से संवाद कर इन सभी छोटे-बड़े कार्यों की क्रियान्विति सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष जुलाई में प्रस्तुत बजट 2024-25 में विधायकों ने जितना मांगा, उससे ज्यादा दिया। हमारी सरकार आगामी बजट में भी विधायक सहित जनप्रतिनिधियों की मंशा अनुरूप घोषणाएं करते हुए उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश की आठ करोड़ जनता के उत्थान और कल्याण के लिए समर्पित होकर सेवाभाव से निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से जनसेवा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा प्रेषित सभी विषयों पर मंत्रीगण तत्परता से कार्य करें। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से ही हम ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ की परिकल्पना को पूर्ण रूप से साकार कर सकेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदूषण मुक्त सुगम यातायात के लिए प्रदेश के प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी बसों के संचालन की कार्ययोजना को जल्द ही पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप वोकल फोर लोकल को प्रोत्साहित करते हुए हमने पंच गौरव कार्यक्रम की शुरूआत की है। इसकेे तहत एक जिला-एक उपज, एक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल और एक खेल का चिन्हीकरण कर जिले की विशेषताओं को नई पहचान दी जा रही है। उन्होंने विधायकों को पंच गौरव कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Sports News: प्रदेश में 8 से 12 जनवरी तक होगा युवा महोत्सव का आयोजन

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राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन 8 से 12 जनवरी 2025 तक किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों के संबंध में सोमवार को युवा मामले एवं खेल विभाग के शासन सचिव नीरज के. पवन ने एसएमएस स्टेडियम के मीटिंग हॉल में समीक्षा की। श्री पवन ने बताया कि यह चार दिवसीय महोत्सव ‘विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार’ थीम पर आधारित होगा। इसका आयोजन सवाई मानसिंह स्टेडियम में किया जाएगा। महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक और खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर आने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को 50 हजार, द्वितीय स्थान पर 25 हजार और तृतीय स्थान पर 10 हजार रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की उपलब्धियों और योजनाओं की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस संबंध में संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए दिशा निर्देश दिए गए। चार दिवसीय इस कार्यक्रम में प्रत्येक दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा व आमजन भी इस महोत्सव के प्रत्यक्ष साक्षी होंगे।

यूथ आइकॉन अवॉर्ड —

शासन सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कला, संस्कृति, सामाजिक कार्य, विज्ञान और तकनीकी, नवाचार, साहसिक कार्य, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को ‘राजस्थान यूथ आइकॉन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। चयनित युवाओं को एक लाख रुपए और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होने यह भी बताया कि राज्य स्तरीय युवा महोत्सव और यूथ आइकॉन अवार्ड में चयनित प्रतिभागियों को 12 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, युवा दिवस पर आयोजित 28वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2025 में भाग लेने के लिए राजस्थान दल को 9 जनवरी को नई दिल्ली रवाना किया जाएगा। वहीं महोत्सव में राजस्थानी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ एनसीसी, पुलिस और विभिन्न संस्थानों द्वारा बैंड प्रदर्शन भी किया जाएगा।

C M NEWS: विधायक मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों का करें प्रभावी संचालन —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन से सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए आधारभूत विकास के साथ ही प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लक्ष्य समाज के अन्तिम व्यक्ति को राहत पहुंचाते हुए उत्थान और कल्याण सुनिश्चित करना है। श्री शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर जोधपुर, उदयपुर और भरतपुर संभाग के विधायकों के साथ बजट वर्ष 2024-25 में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। इसके लिए जिला प्रशासन के साथ निरन्तर बैठक कर विकास कार्यों की प्रगति का फीडबैक भी लेवें। उन्होंने कहा कि इन घोषणाओं को धरातल पर उतारना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विधायकों से बजट घोषणाओं केे विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृति, जमीन आवंटन और प्रगतिरत कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि आमजन के कल्याण एवं क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप जनहित के विकास कार्यों की सूची बनाकर भेजें ताकि इन्हें आगामी बजट में शामिल किया जा सके। C M NEWS मुख्यमंत्री ने विधायकगणों को मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों के संचालन, अटल ज्ञान केन्द्रों की स्थापना और खेलो इंडिया अभियान की तैयारी के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देंश दिए। साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार के कार्यों, योजनाओं, नीतियों व उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए। श्री शर्मा ने कहा कि विधायकों के कार्यों से ही क्षेत्र में बदलाव आता है और जनता का विश्वास कायम होता है। उन्होंने विधायकों के सुझावों का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत निर्माण कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। श्री शर्मा ने विधायकों से कहा कि प्रत्येक जिले में पंच गौरव कार्यक्रम के तहत एक जिला-एक उपज, एक जिला-एक प्रजाति, एक जिला-एक उत्पाद, एक जिला-एक पर्यटन स्थल और एक जिला-एक खेल की नियमित मॉनिटरिंग कर इन्हें बढ़ावा देवें। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जारी 10 नवीन नीतियों का भी प्रचार-प्रसार किया जाए। लखपति दीदी योजना के तहत लाभार्थियों से संवाद स्थापित कर निरन्तर कार्यक्रम की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी परियोजना का मार्ग प्रशस्त होने से पूर्वी राजस्थान के लोगों में उत्साह का माहौल है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी।

C M NEWS: प्रदेश का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार का एकमात्र ध्येय —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश का सर्वांगीण विकास और प्रदेशवासियों का कल्याण ही राज्य सरकार का एकमात्र ध्येय है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस ध्येय की पूर्ति में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के विधायक की अहम भूमिका है इसलिए एक जनप्रतिनिधि के रूप में विधायकों को समर्पण भाव के साथ जनहित के कार्यों के लिए तत्पर रहना चाहिए। श्री शर्मा शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर कोटा संभाग के विधायकों के साथ पिछले बजट की घोषणाओं के क्रियान्वयन और आगामी बजट की तैयारियों से संबंधित समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक विधायक को उसके विधानसभा क्षेत्र की जनता बहुत आकांक्षाओं और उम्मीदों के साथ चुनकर भेजती है, ऐसे में जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि वह जनता के भरोसे पर खरा उतरे। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले बजट में राज्य के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को ढेरों सौगातें दी हैं और यह आवश्यक है कि आगामी बजट से पूर्व पिछले बजट में की गई घोषणाओं का धरातल पर उतरना सुनिश्चित हो। श्री शर्मा ने कहा कि विधायकगण अपने विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए बजट घोषणाओं से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विधायकों के साथ समन्वय बनाकर आधारभूत विकास के कार्यों में वित्तीय स्वीकृति से लेकर जमीन आवंटन, डीपीआर तैयार होने और निर्माण कार्य प्रारंभ होने तक प्रत्येक चरण पर समयबद्ध रूप से कार्यों की क्रियान्विति सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दूरगामी सोच के साथ पिछला बजट प्रस्तुत किया था, जिसकी हर तरफ सराहना हुई। उन्होंने कहा कि आगामी बजट को भी राज्य की जनता के लिए सार्थक और समावेशी बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। उन्होंने विधायकों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में जनहित से जुड़े कार्यों की प्राथमिकता के आधार पर सूची बनाकर भेजें, ताकि उन कार्यों को आगामी बजट में शामिल किया जा सके।

Road Safety News: जनवरी में चलाया जाएगा सड़क सुरक्षा अभियान, वाहनों की होगी सघन जांच

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प्रदेश में नव वर्ष की शुरुआत के साथ पूरी जनवरी सड़क सुरक्षा माह मनाया जाएगा और इस माह के दौरान वाहनों का सघन निरीक्षण भी किया जाएगा। सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमों की पालना नहीं करने वाले वाहनों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही परिवहन विभाग द्वारा विशेष पहल कर सड़क सुरक्षा अभियान को जन-जन का अभियान बनाया जाएगा। शासन सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्रीमती शुचि त्यागी ने शनिवार को परिवहन भवन में प्रदेश के सभी प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों और अन्य उच्चाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर जनवरी माह में चलाए जाने वाले सड़क सुरक्षा अभियान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परिवहन आयुक्त ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सड़क सुरक्षा के संबंध मे आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए थे। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन हम सभी की जिम्मेदारी है और यातायात नियमों की पालना के साथ नियमों की जानकारी होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा के लिए 6E एजुकेशन, इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, इमरजेंसी केयर, इवेल्यूएशन, एन्गेजमेंट आधारित रणनीति के तहत कार्यवाही प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि जनवरी से सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं तथा इसके अन्तर्गत स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही, जनसाधारण को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने का प्रयास जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान को जन-जन का अभियान बनाते हुए सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी भी दी जाए। साथ ही, जनसाधारण को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। श्रीमती त्यागी ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान वाहनों का सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियमों की पालना सुनिश्चित न करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी प्रादेशिक परिवहन अधिकारियों को वाहनों के दस्तावेजों की जांच के भी निर्देश दिए।‌ उन्होंने ओवरलोडिंग, ओवरहैंगिंग,ओवरक्राउडिंग आदि के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जांच सहित सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, सहित तमाम प्रबंध सुनिश्चित किया जाए जिससे दुर्घटनाओं की रोकथाम की जा सके। अनाधिकृत पार्किंग, सड़कों पर अनाधिकृत कट पर तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन से भी इस संबंध में विशेष अभियान चलाए जाने का आव्हान किया। श्रीमती त्यागी ने कहा कि यातायात नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

Astonishing News: पैसे के अभाव में 250 किलोमीटर का हैरतअंगेज़ सफर

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जबलपुर के रेलवे प्लेटफॉर्म पर एक हैरतअंगेज़ मामला देखने को मिला। मामला दानापुर एक्सप्रेस ट्रेन के S-4 बोगी का है। एक व्यक्ति ने टिकट के पैसे नहीं होने के कारण ट्रेन की बोगी के नीचे पहिये के पास बैठ कर 250 किलोमीटर का हैरतअंगेज़ सफर तय किया। मामले का खुलासा जब हुआ तब जबलपुर में प्लेटफॉर्म पर ट्रेन की रोलिंग परीक्षण करने के लिये रेलवे कर्मचारियों द्वारा S-4 बोगी के नीचे ट्राली पर एक व्यक्ति लेटा हुआ देखा। कर्मचारियों ने उस व्यक्ति को वहां से निकाला और पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया ​की उसके पास टिकट के लिए पैसा नही था। इस कारण उसने सफर के लिए यह हैरतअंगेज़ रास्ता चुना।    

Deep Fake News:डीप फेक से सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने जारी की एडवाइजरी

डीप फेक एवं आर्टि​फिसियल इंटेलीजेंस का दुरूपयोग कर सोशल मीडिया पर गलत खबरें फैलाने की बढ़ती हुई घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने एडवाइजरी जारी की है। इससे आमजन में साइबर सुरक्षा और साइबर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। एजवाइजरी के माध्यम से व्यक्तियों और संगठनों को डीपफेक के संभावित खतरों को पहचानने और उनसे बचाव के लिए सुझाव दिये गए हैं।

क्या है डीपफेक तकनीक—

डीपफेक एक तकनीक है जिसमें एआई का उपयोग कर यथार्थ और विश्वसनीय लगने वाले नकली वीडियो, चित्र और ऑडियो बनाए जाते हैं। इसके माध्यम से गलत सूचनाएं फैलाने, साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय ठगी करने का काम किया जाता है। इसका उपयोग किसी भी व्यक्ति या संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए भी किया जा सकता है। घोटालेबाजों द्वारा डीपफेक तकनीक का उपयोग कर परिवार के सदस्यों या परिचितों का प्रतिरूपण कर धन हस्तांतरण या संवेदनशील वित्तीय जानकारी जुटा कर उसका दुरूपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा डीपफेक के माध्यम से सार्वजनिक हस्तियों या घटनाओं का नकली वीडियो बनाकर आमजन को भ्रमित किये जाने का जोखिम भी है।

कैसे बचें डीपफेक से—

डीपफेक से बचने के लिए उसे पहचानना जरूरी है। असामान्य भावभंगिमाएं, सिंथेटिक रूप रंग, रोबोट जैसी आवाज एवं असंगत प्रकाश व्यवस्था जैसे संकेतों से डीपफेक की पहचान की जा सकती है। डीपफेक से बचाव के लिए जरूरी है कि बिना विश्वसनीय स्रोत के किसी भी डिजिटल सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा नहीं करना चाहिये। किसी भी सूचना की वास्तविकता का आकलन करके ही शेयर करें। इसके अतिरिक्त अनचाहे संदेश या अनुरोध प्राप्त होने पर उसे बिना सत्यापित करे कोई कार्यवाही न करें। साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह भी जरूरी है कि व्यक्ति ऑनलाइन साझा किये जाने वाली सूचनाओं खासकर व्यक्तिगत सूचनाओं की मात्रा को सीमित करें। खास तौर पर हाई रेजोल्यूशन वाली तस्वीरें और वीडियो क्योंकि इनका दुरूपयोग डीपफेक बनाने के लिए आसानी से किया जा सकता है। सोशल मीडिया यूजर्स को सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर गोपनीयता की सेटिंग का उपयोग कर लोगों की पहुंच नियंत्रित करनी चाहिये। साथ ही अपने खातों को हैकिंग प्रयासों से रोकने के लिए मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करना चाहिये।

संगठन ऐसे पा सकते हैं डीपफेक से सुरक्षा—

राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में संगठनों के लिए भी रणनीतियाँ जारी की गई हैं। इसमें ऑनलाइन फोटो, वीडियो अथवा डॉक्यूमेंट जारी करते समय डिजिटल वाटरमार्क का उपयोग करना, डिजिटल संचार के लिए कड़े सत्यापन, प्रोटोकॉल स्थापित करना और संवेदनशील लेन देन के लिए मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन व कॉल बैक जैसी प्रक्रियाएं अपनाने के दिशा-निर्देश दिये गए हैं। इसके अतिरिक्त डीपफेक सामग्री की पहचान के लिए उन्नत पहचान उपकरण काम में लेने और उनके नियमित अपडेशन का सुझाव दिया गया है। संगठन अपनी डिजीटल फोरेंसिक क्षमताओं को बढ़ाकर व संगठन को प्रभावित कर सकने वाली संभावित डीपफेक सामग्री के लिए सोशल मीडिया और सार्वजनिक चैनलों की सक्रिय रूप से निगरानी कर डीपफेक के संभावित खतरे को कम कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त संगठनों को एन्क्रिप्टेड संचार का उपयोग करने और डीपफेक घटनाओं का जवाब देने के लिए संकट प्रबंधन योजना विकसित करने के लिए जागरूक करने का सुझाव दिया गया है।